लू से बचना है तो चुनें सही सत्तू, चना और जौ में कौन ज्यादा फायदेमंद

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भीषण गर्मी और तपते मौसम में खुद को अंदर से कूल और हाइड्रेटेड (तरबतर) रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यही कारण है कि इस सीजन में पारंपरिक देसी ड्रिंक 'सत्तू' की मांग अचानक आसमान छूने लगती है। विशेषकर उत्तर भारत के इलाकों में लू के थपेड़ों और पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) से महफूज रहने के लिए सत्तू का शरबत लोगों का पसंदीदा पेय बन जाता है। हालांकि, अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि चने का सत्तू सेहत के लिए ज्यादा गुणकारी है या जौ का सत्तू।

आयुर्वेद और आहार विशेषज्ञों (डाइटिशियन) के मुताबिक, ये दोनों ही पारंपरिक आहार पोषक तत्वों का खजाना हैं, लेकिन दोनों की तासीर और काम करने का तरीका थोड़ा जुदा है। मौसम के मिजाज और अपनी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार सही सत्तू का चुनाव कर आप गर्मी में होने वाली कमजोरी, थकान और हीट स्ट्रोक से पूरी तरह बच सकते हैं।

चने का सत्तू: प्रोटीन का पावरहाउस

  • प्रोटीन से भरपूर: चने के सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है, जो मांसपेशियों को मजबूती देने के साथ ही शरीर को दिनभर के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। जिम जाने वाले युवाओं और शारीरिक श्रम करने वालों के लिए यह एक बेहतरीन नेचुरल सप्लीमेंट है।

  • मोटापे पर लगाम: इसमें डाइटरी फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे इसे पीने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती। यह बार-बार खाने की आदत (ओवरईटिंग) को नियंत्रित करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

  • इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर: चिलचिलाती धूप के कारण होने वाली सुस्ती और थकान को मिटाने के लिए चने का शरबत तुरंत ताकत देने का काम करता है।

जौ का सत्तू: पेट के लिए रामबाण और परम शीतल

  • भीषण लू से सुरक्षा: जौ की तासीर बेहद ठंडी मानी जाती है। इसका नियमित सेवन शरीर के आंतरिक तापमान को बढ़ने नहीं देता, जिससे लू लगने का खतरा काफी कम हो जाता है।

  • पाचन तंत्र दुरुस्त: जौ का सत्तू पेट की गर्मी को शांत करता है। इसमें मौजूद सुपाच्य फाइबर पाचन क्रिया को सुचारू बनाते हैं और गर्मी में होने वाली गैस, एसिडिटी व कब्ज जैसी दिक्कतों से निजात दिलाते हैं।

  • कम कैलोरी का विकल्प: कैलोरी काउंट कम होने के कारण यह उन लोगों के लिए सबसे उत्तम है जो बिना कमजोरी के अपना फैट बर्न करना चाहते हैं।

फैसला: आपके लिए कौन सा है सबसे बेहतर?

अगर आपका मुख्य लक्ष्य शरीर को भरपूर ताकत देना, प्रोटीन की कमी पूरी करना और पेट को देर तक भरा रखना है, तो आपके लिए चने का सत्तू सबसे मुफीद है। इसके विपरीत, यदि आप मुख्य रूप से चिलचिलाती गर्मी और लू से बचना चाहते हैं, पेट को ठंडा रखना चाहते हैं और डाइजेशन सुधारना चाहते हैं, तो जौ का सत्तू ज्यादा गुणकारी सिद्ध होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सर्वोत्तम परिणामों के लिए आप चाहें तो दोनों सत्तू को बराबर मात्रा में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकते हैं, जिससे शरीर को दोहरा लाभ मिल सके।