डिजिटल युग में मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की दृष्टि को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके साथ ही, अस्वास्थ्यकर खान-पान और आवश्यक पोषण की कमी के कारण बहुत छोटी उम्र में ही बच्चों की आंखें कमजोर होने लगी हैं और उन्हें भारी चश्मे चढ़ रहे हैं। हालांकि, दैनिक आहार में सही पोषक तत्वों और विटामिनों को शामिल करके बच्चों की आंखों की रोशनी को बेहतर बनाया जा सकता है।
दृष्टि सुरक्षा के लिए आवश्यक विटामिन
बच्चों की आंखों की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में विटामिन बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विटामिन-ई और विटामिन-ए आंखों की सेहत के लिए सबसे जरूरी माने जाते हैं। विटामिन-ई के लिए बच्चों के आहार में बादाम, मूंगफली, मक्के का तेल और सरसों के बीज शामिल किए जा सकते हैं। वहीं, विटामिन-ए न केवल आंखों की रोशनी बढ़ाता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है। इसकी कमी दूर करने के लिए बच्चों को दूध, अंडे, हरी सब्जियां, शकरकंद और ताजे रंग-बिरंगे फल देना लाभकारी होता है।
जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड का योगदान
शरीर में जिंक की कमी भी आंखों की रोशनी घटने का एक बड़ा कारण बनती है। इसकी पूर्ति के लिए गेहूं, साबुत अनाज और विभिन्न प्रकार के मेवे (नट्स) बच्चों की डाइट में शामिल करने चाहिए। इसके साथ ही, ओमेगा-3 फैटी एसिड भी आंखों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने में मदद करता है। सूखे मेवे, ठंडे पानी की मछलियां (कोल्ड वॉटर फिश) और ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ ओमेगा-3 के बेहतरीन स्रोत हैं, जो बच्चों की आंखों को पोषण देकर चश्मे की निर्भरता को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।









