नई दिल्ली: देशभर में मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को आपदा के समय सतर्क करने वाली 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सेवा' को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा राज्यों को भेजी गई एक आधिकारिक एडवाइजरी के बाद यह कदम उठाया गया है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें केंद्रीय एजेंसी की तरफ से पत्र मिला है, जिसमें फिलहाल इस अलर्ट सिस्टम के इस्तेमाल को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी और परिचालन समीक्षा के चलते लिया गया फैसला
केंद्र सरकार या एनडीएमए की ओर से इस आपातकालीन सेवा को अचानक बंद करने की कोई ठोस आधिकारिक वजह तो नहीं बताई गई है, लेकिन प्रशासनिक गलियारों से जुड़े संकेतों के अनुसार, संबंधित तकनीकी एजेंसियों के साथ मिलकर इस सिस्टम की 'तकनीकी और परिचालन समीक्षा' (Technical and Operational Review) की जा रही है। अधिकारियों ने यह साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि सेवा पर लगी यह रोक पूरी तरह अस्थायी है। जैसे ही यह आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया पूरी होगी और एनडीएमए की तरफ से नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, इस जन-कल्याणकारी सेवा को देश में दोबारा बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी इसकी कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है।
इंटरनेट के बिना काम करने वाला देश का पहला वार्निंग प्लेटफॉर्म
गौरतलब है कि केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले महीने, यानी मई 2026 में ही इस बेहद आधुनिक सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम को पूरे देश के लिए लॉन्च किया था। यह एक अत्याधुनिक पब्लिक वार्निंग प्लेटफॉर्म है, जो किसी भी प्राकृतिक आपदा (जैसे चक्रवात, बाढ़ या भूकंप) के समय किसी खास प्रभावित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल धारकों को एक साथ इमरजेंसी अलर्ट भेजता है।
इस जीवन-रक्षक सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे काम करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती और आपदा के समय मोबाइल नेटवर्क पर भारी लोड होने या सामान्य संचार व्यवस्था ठप होने पर भी यह पूरी सटीकता से काम करता है। यह अलर्ट मोबाइल स्क्रीन पर एक तेज फ्लैश या पॉप-अप नोटिफिकेशन के रूप में आता है, जिसमें एक विशेष बीप साउंड बजती है और कुछ चुनिंदा डिवाइस पर यह अलर्ट जोर से पढ़कर भी सुनाया जाता है ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।









