कहीं गर्मी का प्रकोप, कहीं बारिश का कहर, देश में बदला मौसम

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नई दिल्ली: जून के मध्य में देश का मौसम एक साथ कई अलग-अलग रूप दिखाने जा रहा है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी हिस्सों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और तेज आंधी का दौर शुरू होने वाला है, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इसी दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे कई नए इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ने से गर्मी एक बार फिर लोगों को परेशान कर सकती है।

पहाड़ी राज्यों में आंधी-बारिश और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं का दौर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान इन राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिसे देखते हुए पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

मैदानी इलाकों की बात करें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 जून तक आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। विशेष रूप से राजस्थान में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है, जहाँ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने सचेत किया है कि इतनी तेज हवाओं के कारण पेड़ों के टूटने, बिजली के खंभे गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

मध्य-पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा और पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों, जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आंधी और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की गंभीर आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे खुले स्थानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।

इसके अतिरिक्त, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ केरल, ओडिशा, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक मूसलाधार बारिश हो सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

मानसून पकड़ेगा रफ्तार, लेकिन उत्तर-पश्चिम में बढ़ेगी गर्मी और उमस

किसानों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून कर्नाटक के बचे हुए हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के कुछ क्षेत्रों और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुंच सकता है। मानसून की इस समय पर हो रही प्रगति से खरीफ फसलों की बुवाई को काफी रफ्तार मिलेगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

इसके विपरीत, उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियों के थमने के बाद गर्मी की तीव्रता बढ़ने के संकेत मिले हैं। 18 जून तक इस क्षेत्र के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के कुछ अंदरूनी हिस्सों में लू (Heatwave) चलने की संभावना है, जबकि ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा में उमस भरा और गर्म मौसम लोगों की परीक्षा लेगा। प्रशासन ने आम जनता को दोपहर के समय सीधे धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी है।