बारिश की पहली बौछार में चमोली में तबाही, सड़कें बनीं नदियां

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चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। जिले के नारायणबगड़ इलाके में भारी बारिश (अतिवृष्टि) के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा, कीचड़ और पत्थर बहकर मुख्य सड़कों पर आ गए हैं, जिससे पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज बहाव के साथ आए इस मलबे ने कई दुकानों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुकानों और दफ्तरों में भरा मलबा

पहाड़ियों से गिरे इस मलबे और पत्थरों के कारण कई स्थानों पर पूरी तरह से आवाजाही रुक गई है। पानी और कीचड़ का बहाव इतना तेज था कि यह लोगों की दुकानों और कार्यालयों के भीतर तक घुस गया, जिससे वहां रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर फैला कीचड़, फंसे हुए वाहन और टूटी दुकानें इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को साफ बयां कर रही हैं।

वाहनों को नुकसान और राहत कार्य शुरू

मलबे की चपेट में आने से सड़क पर खड़े और वहां से गुजर रहे कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ गाड़ियां मलबे के बीच फंस गईं, तो कुछ पर भारी पत्थर गिरने से नुकसान हुआ। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में अभी तक किसी भी तरह की जनहानि (जान माल के नुकसान) की खबर नहीं है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग खुद ही एक-दूसरे की मदद और मलबा हटाने में जुट गए। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है ताकि यातायात को दोबारा शुरू किया जा सके। अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मौसम के खराब मिजाज और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे यात्रा करने से बचें। संवेदनशील और खतरनाक इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से विशेष निगरानी रखी जा रही है और आपदा प्रबंधन की टीमों को चौबीस घंटे अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से कहा है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे तुरंत संबंधित विभागों को इसकी सूचना दें।