रायगढ़ के पास पुलिस की कार्रवाई, शिवसेना यूबीटी नेता हत्याकांड के दो आरोपी गिरफ्तार

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ठाणे | ठाणे शहर में शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेता प्रदीप पूर्णेकर की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने शुक्रवार सुबह तड़के एक त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य कथित शूटर निखिल यादव और उसके सहयोगी नितेश पवार को रायगढ़ जिले के पेन इलाके के पास से धर दबोचा। इन दोनों पर स्व. पूर्णेकर की हत्या की वारदात को अंजाम देने का गंभीर आरोप है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी अत्याधुनिक तकनीकी सर्विलांस (निगरानी) और गुप्त सूचना तंत्र से मिले पुख्ता इनपुट्स के आधार पर संभव हो सकी है। इस गिरफ्तारी से पुलिस को इस सुनियोजित हत्या के पीछे की गहरी साजिश और इसमें संलिप्त अन्य चेहरों के बारे में बेहद अहम सुराग मिलने की पूरी उम्मीद है।

पुलिस ने कैसे दबोचा मुख्य शूटर और उसके साथी को?

हत्या की इस घटना के सामने आने के बाद से ही पुलिस की विशेष जाँच टीमें लगातार आरोपियों की सुरागकशी में जुटी हुई थीं। डिजिटल और तकनीकी निगरानी के माध्यम से संदिग्ध निखिल यादव और नितेश पवार की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान पुख्ता सूचना मिली कि दोनों आरोपी रायगढ़ की सीमा की तरफ छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से पेन के समीप दबिश देकर दोनों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। जाँच के दौरान जहाँ निखिल को इस हत्याकांड का मुख्य शूटर बताया जा रहा है, वहीं नितेश पवार की भूमिका भी इस वारदात में पूरी तरह संलिप्त पाई गई है। फिलहाल पुलिस दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।

प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड के बाद उपजे हालात

गौरतलब है कि शिवसेना नेता प्रदीप पूर्णेकर की मंगलवार की रात ठाणे में ताबड़तोड़ गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और गुस्से का माहौल बन गया था। घटना के अगले दिन यानी बुधवार को पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्णेकर का पार्थिव शरीर कपुर्बावड़ी पुलिस थाने के बाहर लाया गया था। उस दौरान न्याय की माँग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के सैकड़ों कार्यकर्ता, शोकाकुल परिजन तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे और संजय राउत भी घटनास्थल व थाने पर पहुँचे थे। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के सुसंगत प्रावधानों के तहत कुल पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

अब तक कितने आरोपी चढ़े कानून के हत्थे?

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के चलते अब तक कुल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। सबसे पहले पुलिस ने मृतक प्रदीप पूर्णेकर के पूर्व करीबी सहयोगी पप्या शिंदे को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ताजा कार्रवाई में निखिल यादव और नितेश पवार को रायगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले के अन्य दो आरोपी संतोष कनोजिया उर्फ टल्ली और एक अन्य संदिग्ध अभी भी कानून की पकड़ से दूर फरार चल रहे हैं। उनकी तलाश के लिए रायगढ़, ठाणे और आसपास के तमाम पड़ोसी जिलों में लगातार छापेमारी तेज कर दी गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से गहन पूछताछ करके पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

हत्या की असली वजह और हथियारों की तलाश

जाँच एजेंसी अब इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही है कि इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और इस खूनी खेल की पूरी रूपरेखा किसने तैयार की थी। पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ के दौरान वारदात की पूर्व तैयारी, उनकी व्यक्तिगत भूमिका और रची गई साजिश से जुड़े तमाम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस इस वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियारों को बरामद करने के लिए भी लगातार दबिश दे रही है। इस बीच, मृतक प्रदीप पूर्णेकर के बेटे राम पूर्णेकर ने पुलिस को दिए गए अपने आधिकारिक बयान में ठाणे की पूर्व महापौर एवं शिवसेना नेत्री मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे पर इस हत्या की गहरी साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि यह आरोप जाँच का एक अहम हिस्सा है और अनुसंधान के निष्कर्षों के बाद ही इसकी सत्यता की पुष्टि या खंडन किया जा सकेगा।

फरार आरोपियों तक कैसे पहुँचेगी जाँच टीम?

दो प्रमुख आरोपियों के पुलिस गिरफ्त में आ जाने से अब पूरे मामले की जाँच को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है। पुलिस इन दोनों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस जघन्य हत्याकांड की योजना कब और कहाँ बनाई गई थी, इस पूरी साजिश में परदे के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और वारदात में प्रयुक्त हथियार कहाँ से लाए गए थे। इसके साथ ही फरार चल रहे बाकी आरोपियों की धड़पकड़ के लिए भी जाल बिछा दिया गया है। मामले की आगामी जाँच के दौरान सामने आने वाले नए तथ्यों से इस अंध अंधेरे कत्ल के पीछे छिपे हर एक राज से पर्दा उठने की पूरी उम्मीद है।