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तकनीक और चिकित्सा का अद्भुत संगम, AI की मदद से सफल हुई 40 घंटे की सर्जरी

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लंदन। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल और अनोखी सर्जरी (ऑपरेशन) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस सफल ऑपरेशन के जरिए जन्म से सिर से जुड़ी दो सगी नाइजीरियाई बहनों, गुडनेस और मर्सी को एक नया जीवन मिला है। जून 2023 में जन्मीं ये दोनों बच्चियां 'क्रैनियोपैगस ट्विन्स' थीं, जिसका मतलब है कि उनके सिर और दिमाग की कुछ मुख्य खून की नसें आपस में जुड़ी हुई थीं। चिकित्सा जगत में ऐसे मामले बहुत ही दुर्लभ माने जाते हैं, जो लगभग 25 लाख बच्चों में से किसी एक में देखने को मिलते हैं।

चार महीनों में हुए चार बड़े ऑपरेशन

जब ये बच्चियां छह महीने की थीं, तब उनके माता-पिता को लंदन के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉक्टर नूर उल ओवैस जिलानी के बारे में पता चला। उनकी संस्था 'जेमिनी अनट्वाइंड' ने इन बच्चियों के इलाज और ऑपरेशन का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली। साल 2025 में इस बेहद कठिन और लंबी चिकित्सा प्रक्रिया की शुरुआत हुई। डॉक्टरों की टीम ने चार महीनों के दौरान चार बड़े और जटिल ऑपरेशन किए। इन सभी ऑपरेशनों को मिलाकर डॉक्टरों ने लगभग 40 घंटे तक ऑपरेशन थिएटर में लगातार काम किया, जिसके बाद दोनों बच्चियों के सिर को सुरक्षित रूप से अलग करने में सफलता मिली।

एआई तकनीक ने दिखाई राह

इस बेहद मुश्किल ऑपरेशन को कामयाब बनाने में एआई (AI) तकनीक की बहुत बड़ी भूमिका रही। डॉक्टरों ने ऑपरेशन शुरू करने से पहले ही इस आधुनिक तकनीक की मदद से दोनों बच्चियों के सिर, नसों और दिमाग की बनावट का एक सटीक 3D (त्रि-आयामी) मॉडल तैयार कर लिया था। इस मॉडल की वजह से डॉक्टरों को ऑपरेशन की एक-एक बारीकी को पहले से समझने और उसकी सटीक योजना बनाने में बहुत मदद मिली। इस सफल सर्जरी के बाद दोनों बच्चियां अब पूरी तरह से ठीक हैं और सामान्य जिंदगी जी रही हैं। हाल ही में उन्होंने अपने परिवार के साथ अपना तीसरा जन्मदिन भी मनाया है, जिसे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कामयाबी माना जा रहा है।

बदलते राजनीतिक समीकरण: क्षेत्रीय दलों के संकट से कांग्रेस को कितना फायदा?

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कोलकाता। देश की राजनीति में इस समय बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हो गई है और विधानसभा से लेकर संसद तक पार्टी दो हिस्सों में बंट चुकी है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। इन प्रमुख क्षेत्रीय दलों के कमजोर होने के बाद अब देश की राजनीति में यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या क्षेत्रीय पार्टियाँ खत्म हो रही हैं और यदि ऐसा है, तो इससे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को क्या फायदा होगा?

कांग्रेस को मिल सकता है बड़ा सियासी फायदा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि देश में क्षेत्रीय पार्टियों के कमजोर होने का सीधा फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में क्षेत्रीय दल ही मुख्य विपक्ष की भूमिका में हैं, जहाँ कांग्रेस को उनके सहारे की जरूरत पड़ती है। बीजेपी के बाद संसद में कांग्रेस ही सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके लोकसभा में 98 और राज्यसभा में 28 सांसद हैं। यदि क्षेत्रीय दल कमजोर पड़ते हैं, तो बंटा हुआ विपक्ष एक मंच पर आ सकता है। इससे जो वोटर बीजेपी के खिलाफ हैं, वे क्षेत्रीय दलों के बजाय सीधे कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो सकते हैं, जिससे एंटी-बीजेपी (बीजेपी विरोधी) वोटों का बिखराव रुक जाएगा।

राज्यों में संगठन मजबूत करने का मौका

क्षेत्रीय दलों के दबदबे के कारण कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में सपा, बिहार में राजद, महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी और बंगाल में टीएमसी जैसी पार्टियों के सामने झुकना पड़ता है। इन राज्यों में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने पर कांग्रेस को सीट बंटवारे के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है और उसे कम सीटों पर संतोष करना पड़ता है। इतना ही नहीं, जीत के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी भी इन्हीं क्षेत्रीय दलों के पास चली जाती है। ऐसे में यदि ये दल कमजोर होते हैं, तो कांग्रेस को इन राज्यों में अपने दम पर संगठन मजबूत करने, मुख्य विपक्षी दल बनने और भविष्य में अपनी सरकार बनाने का सीधा मौका मिलेगा।

विपक्षी गठबंधन में बढ़ेगी कांग्रेस की ताकत

क्षेत्रीय पार्टियों के कमजोर होने का एक बड़ा असर विपक्षी गठबंधन की राजनीति पर भी पड़ेगा। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी दलों ने मिलकर एनडीए के खिलाफ 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन बनाया था, जिसका मकसद केंद्र की सत्ता से बीजेपी को हटाना था। इस गठबंधन में कई ताकतवर क्षेत्रीय दल शामिल थे, लेकिन समय के साथ आपसी मतभेदों के कारण यह गठबंधन लगभग टूट चुका है और कई दल इससे अलग हो गए हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यदि ये क्षेत्रीय पार्टियाँ आने वाले समय में और कमजोर होती हैं, तो विपक्षी खेमे में कांग्रेस इकलौती सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरेगी और गठबंधन में उसकी मर्जी और मोलभाव करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी।

शराब तस्करी का भंडाफोड़: पति-पत्नी के ठिकाने पर पुलिस की रेड

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मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अवैध शराब के धंधे पर नकेल कसने पहुँची उत्पाद विभाग की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। छापेमारी के दौरान एक महिला शराब तस्कर ने कार्रवाई का विरोध करते हुए महिला पुलिसकर्मी के साथ नोकझोंक और हाथापाई शुरू कर दी। हालांकि, इस भारी हंगामे और विरोध के बावजूद उत्पाद विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए महिला को दबोच लिया और मौके से शराब की एक बड़ी खेप भी बरामद की।

गुप्त सूचना पर पहुँची थी टीम, महिला ने काटा हंगामा

उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र के भीखनपुर गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। इस इनपुट के आधार पर जब टीम भीखनपुर गाँव पहुँची, तो वहाँ मौजूद एक महिला ने टीम को देखते ही हंगामा करना शुरू कर दिया। महिला ने न सिर्फ छापेमारी रोकने की कोशिश की, बल्कि ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी से भी उलझ गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कड़ी मशक्कत के बाद पूजा कुमारी गिरफ्तार

महिला के आक्रामक रुख और विरोध को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को उसे नियंत्रित करने में काफी पसीना बहाना पड़ा। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। पकड़ी गई महिला की पहचान भीखनपुर निवासी रितेश कुमार की पत्नी पूजा कुमारी के रूप में हुई है।

पति-पत्नी मिलकर चला रहे थे सिंडिकेट

मामले की जानकारी देते हुए उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि रितेश कुमार और उसकी पत्नी पूजा कुमारी मिलकर इस अवैध धंधे को ऑपरेट कर रहे थे। शुरुआती जाँच के अनुसार, पति बाहर से शराब की खेप लाकर देता था और आगे ग्राहकों तक इसे पहुँचाने और बेचने का पूरा जिम्मा पूजा कुमारी संभालती थी। टीम ने जब घर के पास छानबीन की, तो वहाँ से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की गई।

जेल भेजी गई आरोपी महिला, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

शराब की बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग ने नियमानुसार जब्ती सूची तैयार की और सरकारी कार्य में बाधा डालने व शराब तस्करी के आरोप में पूजा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। विभाग की महिला गृह रक्षक (होमगार्ड) के साथ हाथापाई करने के बावजूद टीम उसे थाने ले आई, जहाँ पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उत्पाद विभाग अब इस बात का पता लगा रहा है कि यह दंपत्ति कब से इस धंधे में शामिल था और इस अवैध नेटवर्क के तार कहाँ-कहाँ से जुड़े हैं। फरार पति की तलाश में छापेमारी जारी है।

CM विजय ने आलोचकों को दिया जवाब, कहा- जनता का समर्थन हमारी ताकत

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चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने अपना संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी को 'सिर्फ एक एक्टर की पार्टी' बताने वाले विरोधियों को करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी टीवीके (TVK) केवल किसी अभिनेता के नाम पर नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और जमीन पर किए गए कड़े संघर्ष के दम पर सत्ता में आई है। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश के लोगों के दिलों में जगह बनाने के लिए उनकी पार्टी ने लंबा संघर्ष किया है, इसलिए उन्हें इस तरह की राजनीतिक आलोचनाओं की कोई परवाह नहीं है।

दो साल में हासिल किया 35 प्रतिशत वोट

संबोधन के दौरान सीएम विजय ने अपनी पार्टी की बड़ी चुनावी सफलता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी को विधानसभा चुनाव में कुल 35 प्रतिशत वोट मिले हैं। यह बड़ी कामयाबी पार्टी ने महज दो साल के भीतर ही हासिल की है, जिसके पीछे कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का अटूट विश्वास है। हालांकि, यहाँ तक पहुँचने के लिए उन्हें कई तरह की राजनीतिक चुनौतियों और विरोधियों की गहरी साजिशों का सामना भी करना पड़ा है।

हमारी राजनीति विचारधारा का विरोध नहीं

मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक और वैचारिक सोच को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे किसी भी विचारधारा के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पेरियार के धार्मिक आस्थाओं को खारिज करने वाले विचारों को उन्होंने जरूर स्वीकार नहीं किया, लेकिन उनके सामाजिक सुधार और व्यापक सिद्धांतों को पूरी तरह अपनाया है। इसके साथ ही उनकी सरकार डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान अवसर और सामाजिक न्याय के आदर्शों को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें अच्छे से पता है कि उनके राजनीतिक और वैचारिक विरोधी कौन हैं।

करूर भगदड़ का जिक्र कर भावुक हुए सीएम

विधानसभा में करूर में हुई दुखद भगदड़ की घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री विजय भावुक हो गए। उन्होंने नम आँखों से कहा कि उस हादसे में 41 लोगों की मौत की पीड़ा को वे शब्दों में बयां नहीं कर सकते और यह दर्द उनके साथ जिंदगीभर रहेगा। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उस भयानक त्रासदी का दोष भी राजनीति के तहत उनकी पार्टी पर मढ़ने की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीति वाकई इतनी क्रूर हो सकती है?

तमिलनाडु की गौरवशाली विरासत का उल्लेख

अपने भाषण के आखिरी हिस्से में विजय ने तमिलनाडु की महान राजनीतिक विरासत का जिक्र किया। उन्होंने इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि साल 1967 में अन्नादुरै ने और साल 1977 में एमजीआर (MGR) ने आम जनता के कल्याण के लिए सरकार बनाई थी। ठीक उसी तरह, साल 2026 में बनी विजय की यह सरकार भी पूरी तरह से आम लोगों और गरीबों के हक के लिए काम कर रही है।

हत्या के विरोध में चक्काजाम, तीन घंटे तक सड़क पर रखा शव

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समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ बेखौफ बदमाशों ने एक और गिट्टी-बालू व्यवसायी को निशाना बनाते हुए उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक आस-पास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक हमलावर मौके से रफूचक्कर हो चुके थे। आनन-फानन में घायल कारोबारी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र निवासी धीरेंद्र प्रसाद सिंह के पुत्र सोनू सिंह के रूप में की गई है।

शव को सड़क पर रख किया प्रदर्शन, लगा लंबा जाम

इस दुस्साहसिक हत्याकांड से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर फूंककर आगजनी भी की, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्पूरीग्राम, ताजपुर और मुफस्सिल थाने की पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची।

आक्रोशित जनता के निशाने पर आई पुलिस

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम को स्थानीय लोगों के भारी गुस्से और तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग पर अड़े थे। लोजपा (रा.) के जिलाध्यक्ष अनुपम सिंह उर्फ हीरा सिंह के नेतृत्व में चल रहा यह प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक जारी रहा। बाद में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद लोग शांत हुए और जाम खोला जा सका।

दोस्तों के साथ बैठे थे, तभी मारी गोली

मिली जानकारी के अनुसार, कर्पूरीग्राम के रहने वाले सोनू सिंह सोमवार की शाम अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर ताश खेल रहे थे। इसी बीच घात लगाए अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी। परिजन तुरंत उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहाँ नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।

अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम

परिजन उन्हें लेकर एक निजी नर्सिंग होम पहुंचे, लेकिन वहाँ से भी उन्हें पटना के लिए रेफर कर दिया गया। बदकिस्मती से, देर रात पटना पहुंचने से ठीक पहले रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शव गांव लाया गया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।

इकलौते चिराग की बुझी जिंदगी, गांव में दहशत

स्थानीय ग्रामीण हीरा सिंह ने बताया कि सोनू सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनके दो छोटे बच्चे हैं। इस वारदात के पीछे गांव के ही एक शख्स पर शक जताया जा रहा है। हालांकि, दोनों के बीच किस बात को लेकर दुश्मनी थी, यह अभी तफ्तीश का विषय है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।

मुख्य आरोपी की पहचान, धरपकड़ के लिए पुलिसिया दबिश तेज

पुलिस इस पूरे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है। सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे ने बताया कि गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसे दबोचने के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और बहुत जल्द वह सलाखों के पीछे होगा। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मां-बाप और बहन की हत्या, प्रेम संबंध के लिए बेटी बनी परिवार की दुश्मन!

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बेंगलुरु। कर्नाटक के बेंगलुरु से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक अपार्टमेंट में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस तिहरे हत्याकांड का आरोप किसी बाहरी पर नहीं, बल्कि उसी परिवार की बड़ी बेटी श्वेता पर लगा है। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है।

ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने का शक

पुलिस को शुरुआती जांच में शक है कि श्वेता ने इस खौफनाक वारदात को अकेले अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसमें उसके ब्वॉयफ्रेंड केनेथ ने भी उसका साथ दिया है। दोनों ने मिलकर योजना के तहत परिवार के तीनों सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। हत्या की वजह क्या थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।

दोनों आरोपी चल रहे हैं फरार

इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी बेटी श्वेता और उसका ब्वॉयफ्रेंड केनेथ मौके से फरार हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगा दी गई हैं और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री सख्त, शाम 5 बजे LDA उपाध्यक्ष को पेश होने के निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर को एक बेहद दर्दनाक और भीषण अग्निकांड हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग सबसे पहले इस तीन मंजिला इमारत में चल रही एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) में लगी थी, जिसने देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे के वक्त इमारत में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी और गेमिंग जोन भी चल रहे थे, जहाँ मौजूद बच्चों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जब आग लगी, तो जान बचाने के लिए बच्चे खिड़कियों से नीचे कूदने लगे थे।

मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री ने लिया जायजा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए और सीधे घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस लापरवाही के दोषियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद घटनास्थल का दौरा करने के बाद किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) जाकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को घायलों के बेहतर से बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं और पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव (गृह) को खुद मौके पर रहकर पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।

एसआईटी की जांच और ताबड़तोड़ कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी की टीम ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई पूरी कर ली है और वे सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। इस मामले में अब तक व्यावसायिक इमारत के मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नगर निगम, ऊर्जा विभाग और फायर ब्रिगेड के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।

अवैध निर्माण पर प्रशासन का कड़ा रुख

जांच में यह भी सामने आया है कि आवासीय क्षेत्र में बनी यह तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत पूरी तरह से अवैध थी। साल 2016 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इसे गिराने का आदेश भी दिया था, लेकिन रसूख के चलते महज दो महीने के भीतर उस आदेश को निरस्त कर दिया गया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस लापरवाही पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को शाम पांच बजे तलब कर पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, 1 जनवरी से अब तक शहर में जारी किए गए सभी सील नोटिसों और उन पर हुई बुलडोजर कार्रवाई की पूरी डिटेल मांगी है।

उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में भी अलर्ट

लखनऊ के इस बड़े हादसे के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। शासन के निर्देश पर मंगलवार को अलीगढ़ के शिक्षा विभाग ने शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करने और जरूरी कागजात पेश न कर पाने की वजह से नौ कोचिंग सेंटरों को मौके पर ही सील कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

नीतीश की जगह मिलेगी जिम्मेदारी, सूर्यांश शेडगे के लिए सुनहरा अवसर

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आयरलैंड और इंग्लैंड के आगामी महत्वपूर्ण दौरों से पहले भारतीय क्रिकेट टीम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जांघ की मांसपेशी (क्वाड्रिसेप) में खिंचाव और गंभीर चोट के कारण युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी आगामी सीरीज से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। चयनकर्ताओं ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके विकल्प के रूप में मुंबई के घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के स्टार ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को भारतीय मुख्य टीम में शामिल कर लिया है।

नीतीश रेड्डी की चोट ने बढ़ाया संकट; ठीक होने में लगेगा समय

23 वर्षीय होनहार ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को अभ्यास के दौरान जांघ की मांसपेशी में गंभीर चोट लग गई थी। मेडिकल टीम के मुताबिक, इस चोट से पूरी तरह उबरने और मैच-फिट होने में कम से कम चार सप्ताह (एक महीना) का समय लग सकता है। इस वजह से वे आयरलैंड दौरे का हिस्सा नहीं बन पाएंगे, साथ ही उनके इंग्लैंड दौरे पर जाने की उम्मीदें भी लगभग समाप्त हो गई हैं।

हार्दिक पंड्या की अनुपलब्धता के बीच नीतीश कुमार रेड्डी का चोटिल होना भारतीय टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे टीम के सामने तेज गेंदबाज ऑलराउंडर्स का एक नया संकट खड़ा हो गया है।

इंडिया-ए के हीरो सूर्यांश शेडगे की टीम इंडिया में धमाकेदार एंट्री

टीम में पैदा हुए इस ऑलराउंडर संकट के बीच मुंबई के युवा सनसनी सूर्यांश शेडगे के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खुल गए हैं। 23 साल के शेडगे हाल ही में श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए के खिलाफ खेली गई ट्राई-सीरीज जीतने वाली इंडिया-ए टीम के एक प्रमुख स्तंभ रहे हैं।

चयनकर्ता श्रीलंका की सरजमीं पर इस युवा खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन से बेहद प्रभावित दिखे, जहां उन्होंने पांच मैचों में 36.75 के बेहतरीन औसत से 147 रन बनाए और साथ ही अपनी कसी हुई गेंदबाजी से दो महत्वपूर्ण विकेट भी चटकाए।

आईपीएल का अनुभव भी आएगा काम: घरेलू स्तर पर चमकने के अलावा सूर्यांश शेडगे आईपीएल में पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा हैं, जिसकी कप्तानी भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम के नवनियुक्त कप्तान श्रेयस अय्यर संभाल रहे हैं। शेडगे अब तक आईपीएल में कुल 12 मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उनके बल्ले से 163 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ 165 रन निकले हैं, जिसमें एक शानदार अर्धशतक भी शामिल है। आयरलैंड के इस दौरे पर यह युवा ऑलराउंडर टी20 और वनडे दोनों प्रारूपों में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकता है। उनके पास साल 2027 के आगामी वनडे विश्व कप की टीम के लिए भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश करने का यह एक सुनहरा मौका होगा।

घरेलू क्रिकेट में मचा चुके हैं तहलका; फाइनल में बने थे 'प्लेयर ऑफ द मैच'

सूर्यांश शेडगे को पहली बड़ी राष्ट्रीय पहचान साल 2024 के सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट से मिली थी। उस ऐतिहासिक घरेलू सत्र में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए 251 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 131 रन कूट डाले थे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से 9.27 की इकोनॉमी रेट रखते हुए कुल आठ विकेट भी अपने नाम किए थे। इस टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश को हराकर मुंबई ने चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा किया था।

शेडगे की कुछ यादगार और आतिशी पारियां:

  • विदर्भ के खिलाफ: दिग्गज अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली मुंबई की टीम जब 222 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तब सूर्यांश शेडगे ने महज 12 गेंदों में 36 रनों की एक अविस्मरणीय और तूफानी पारी खेलकर टीम की जीत आसान कर दी थी।

  • आंध्र के खिलाफ: आंध्र प्रदेश द्वारा बोर्ड पर टांगे गए 229 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर के जवाब में रहाणे ने जहां 95 रनों की कप्तानी पारी खेली, वहीं पंजाब किंग्स के इस युवा स्टार ने सिर्फ 8 गेंदों पर 30 रन ठोककर टीम को एक ऐतिहासिक और रोमांचक रन-चेज में जीत दिलाई थी।

  • महामुकाबले (फाइनल) का जादू: मध्य प्रदेश के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में शेडगे ने गेंद और बल्ले दोनों से मैच का पासा पलट दिया था। उन्होंने पहले शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन ओवर के स्पेल में वेंकटेश अय्यर का बड़ा विकेट चटकाया और फिर लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 15 गेंदों पर तीन चौकों और तीन गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 36 रन ठोक डाले। उनके इसी ऑलराउंड और मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए उन्हें फाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया था।

शिवसेना में बढ़ी तकरार, संजय राउत ने संजय दीना पाटिल को खुली चुनौती दी

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मुंबई। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए मुंबई उत्तर-पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल और ठाकरे गुट के नेता संजय राउत के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। शिंदे गुट में शामिल होने के बाद संजय दीना पाटिल द्वारा दिए गए एक आक्रामक बयान पर मंगलवार को संजय राउत ने तीखा पलटवार किया। राउत ने न सिर्फ पाटिल को खुली चुनौती दी, बल्कि उन पर करोड़ों रुपये लेकर पार्टी बदलने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

क्या था संजय दीना पाटिल का बयान

दरअसल, पार्टी बदलने के बाद संजय दीना पाटिल ने अपने विरोधियों को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी। उन्होंने हाथ से बंदूक चलाने का इशारा करते हुए कहा था कि अगर किसी ने उनके या उनके परिवार की तरफ गलत नजर से देखा या पंगा लेने की कोशिश की, तो उसे या तो अस्पताल जाना पड़ेगा या फिर सीधे श्मशान घाट पहुंचना होगा। पाटिल ने यह भी कहा कि उन्हें किसी पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं है। उनके इस तीखे और इशारों-इशारों में गोली मारने वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया।

संजय राउत का पलटवार, कहा- 'बंदूक मत दिखाओ'

संजय दीना पाटिल के इस बयान पर मुंबई में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने बेहद कड़े लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि शिवसैनिकों को बंदूक दिखाकर डराने की कोशिश न की जाए। राउत ने सीधे चुनौती देते हुए कहा, "मैं तुमसे पंगा लेता हूँ, मुझे बंदूक मत दिखाओ। मैं यहीं भांडुप में रहता हूँ। गद्दारी करके 50 करोड़ रुपये लिए हैं तो अब चुप बैठो, बंदूक की भाषा मत करो।" राउत ने कहा कि अगर पाटिल को कोई शिकायत या मतभेद था, तो उन्हें 'मातोश्री' जाकर उद्धव ठाकरे के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी, न कि इस तरह पीठ में छुरा घोपकर पार्टी छोड़नी चाहिए थी।

पैसे लेने के गंभीर आरोप

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के पैसों के लेन-देन का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बागी नेताओं के पास 13 जून को 15 करोड़ रुपये और 14 जून को 5 करोड़ रुपये आए, जिसके बाद इन्होंने दिल्ली का व्हिप मानने से इनकार कर दिया। राउत के मुताबिक, बाकी के बचे हुए 35 करोड़ रुपये भी इन्हें बाद में मिल गए। उन्होंने कहा कि पैसों के दम पर यह गद्दारी की गई है।

टिकट और बेटी की उम्मीदवारी पर विवाद

दोनों नेताओं के बीच संजय दीना पाटिल की बेटी राजुल पाटिल के टिकट को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। पाटिल का दावा था कि उन्होंने या उनकी बेटी ने बीएमसी चुनाव के लिए टिकट नहीं मांगा था, बल्कि सिर्फ मनसे को रोकने के लिए उन्हें टिकट दिया गया था। इस पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने कहा कि टिकट के लिए संजय दीना पाटिल ने खुद पार्टी पर भारी दबाव बनाया था और टिकट न मिलने की स्थिति में इस्तीफा देने तक की धमकी दी थी, और अब टिकट मिलने के बावजूद वे सफेद झूठ बोल रहे हैं।

बीमारी और आर्थिक तंगी से टूटा परिवार, चार सदस्यों ने किया सामूहिक सुसाइड

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चित्तूर। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए हैं। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। शुरुआती पुलिस जांच और आस-पास के हालातों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि पूरे परिवार ने आत्महत्या (सुसाइड) की है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

बीमारी और आर्थिक तंगी बनी वजह

पुलिस की शुरुआती जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक तंगी (पैसे की कमी) से जूझ रहा था। इसके साथ ही परिवार की महिला सदस्य लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसके इलाज और अन्य खर्चों के कारण परिवार काफी मानसिक तनाव में था। माना जा रहा है कि बीमारी के दर्द और तंगहाली से परेशान होकर ही परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि परिवार की स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

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