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बीमारी और आर्थिक तंगी से टूटा परिवार, चार सदस्यों ने किया सामूहिक सुसाइड

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चित्तूर। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्य अपने घर में मृत पाए गए हैं। मृतकों में दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। शुरुआती पुलिस जांच और आस-पास के हालातों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि पूरे परिवार ने आत्महत्या (सुसाइड) की है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

बीमारी और आर्थिक तंगी बनी वजह

पुलिस की शुरुआती जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह परिवार पिछले कुछ समय से भारी आर्थिक तंगी (पैसे की कमी) से जूझ रहा था। इसके साथ ही परिवार की महिला सदस्य लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, जिसके इलाज और अन्य खर्चों के कारण परिवार काफी मानसिक तनाव में था। माना जा रहा है कि बीमारी के दर्द और तंगहाली से परेशान होकर ही परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस कर रही है मामले की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके। आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि परिवार की स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

ऋषभ पंत के ट्रेड के बाद फिर निशाने पर संजीव गोयनका, वायरल हुआ पुराना वीडियो

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 के आगाज से पहले ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी और कुलदीप यादव के लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) में जाने के मेगा ट्रेड ने क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया है। इस बेहद हाई-प्रोफाइल अदला-बदली के आधिकारिक होते ही सोशल मीडिया पर एक नया संग्राम छिड़ गया है। लखनऊ सुपर जाएंट्स के मालिक संजीव गोयनका एक बार फिर क्रिकेट फैंस और ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। फैंस उनके पुराने इंटरव्यू, वीडियो और पॉडकास्ट क्लिप्स को जमकर शेयर कर रहे हैं, जिनमें उन्होंने कभी ऋषभ पंत को अपनी फ्रेंचाइजी का 'लंबा भविष्य' बताया था। अब लोग सवाल पूछ रहे हैं कि सिर्फ दो सीजन में ऐसा क्या बदला कि जिस खिलाड़ी को टीम का आधार स्तंभ माना गया था, वह इतनी जल्दी टीम से अलग हो गया।

जब गोयनका ने कहा था— 'धोनी-रोहित के साथ लिया जाएगा पंत का नाम'

ऋषभ पंत के दिल्ली लौटते ही संजीव गोयनका का वह पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पंत को लेकर एक बड़ा दावा किया था। गोयनका ने तब कहा था:

"ऋषभ पंत अगले 12 से 14 साल तक लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेल सकते हैं। आज से 10 साल बाद जब लोग आईपीएल के सबसे सफल कप्तानों की बात करेंगे, तो माही (एमएस धोनी), रोहित शर्मा और ऋषभ पंत का नाम एक साथ सम्मान से लिया जाएगा।"

उस समय लखनऊ फ्रेंचाइजी का पूरा विजन पंत को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का था। लेकिन महज दो साल के भीतर ही इस विजन के बिखर जाने पर सोशल मीडिया यूजर्स अब एलएसजी के मैनेजमेंट पर तंज कस रहे हैं।

₹27 करोड़ का सबसे महंगा दांव और पॉडकास्ट के वो दावे

आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में लखनऊ सुपर जाएंट्स ने ऋषभ पंत को रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बोली लगाकर खरीदा था, जो उस समय लीग इतिहास की सबसे महंगी खरीद थी।

  • रणवीर अल्लाहबादिया पॉडकास्ट का सच: वायरल हो रहे एक वीडियो में गोयनका यह बताते दिख रहे हैं कि ऑक्शन की सुबह कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने उन्हें युजवेंद्र चहल या जोस बटलर को खरीदने की सलाह दी थी। लेकिन गोयनका ने कहा, "हमने तीन अलग-अलग रणनीतियां बनाई थीं और ऋषभ हमारे हर प्लान के लिए जरूरी थे। हमें पता था कि हमें सिर्फ पंत के लिए जाना है, इसलिए हमने उनके लिए ₹25 से ₹27 करोड़ का बजट पहले ही बचाकर रखा था।"

  • राज शमानी के पॉडकास्ट में दिया तर्क: एक अन्य इंटरव्यू में गोयनका ने पंत पर इतना बड़ा दांव लगाने की वजह समझाते हुए कहा था कि टीम को एक ऐसा युवा भारतीय कप्तान चाहिए था जो अगले 10 साल का रास्ता तय कर सके, और जिसमें 'एक्स-फैक्टर' हो। अब फैंस गोयनका को ट्रोल करते हुए लिख रहे हैं कि, "जब एक्सपर्ट्स मना कर रहे थे, तो उनकी बात सुन लेनी चाहिए थी।"

केएल राहुल विवाद से हो रही है तुलना

यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ फ्रेंचाइजी अपने कप्तान के साथ अनबन या जल्दी रास्ते अलग करने को लेकर चर्चा में आई हो। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले की तुलना पूर्व कप्तान केएल राहुल के विवाद से कर रहे हैं।

  • आईपीएल 2024 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद मैदान पर ही संजीव गोयनका और केएल राहुल के बीच तीखी बहस का वीडियो लाइव कैमरे में कैद हुआ था।

  • उस सार्वजनिक विवाद के बाद राहुल और फ्रेंचाइजी के रिश्ते पूरी तरह खराब हो गए और राहुल टीम छोड़कर दिल्ली कैपिटल्स चले गए थे।

  • अब ठीक वैसा ही पंत के साथ होने पर फैंस कह रहे हैं कि लखनऊ अपने कप्तानों को संभालने और लंबे समय तक उन पर भरोसा जताने में लगातार नाकाम साबित हो रही है।

लगातार फ्लॉप प्रदर्शन और कप्तानी की नाकामी बनी वजह?

भले ही कागजों पर इसे दोनों टीमों की आपसी रजामंदी से हुई एक 'ट्रेड डील' बताया जा रहा है और आधिकारिक तौर पर पंत को निकालने की बात नहीं कही गई है, लेकिन पर्दे के पीछे आंकड़ों की कहानी कुछ और ही बयां करती है।

लखनऊ सुपर जाएंट्स का ग्राफ पिछले दो सीजन में लगातार नीचे गिरा है। आईपीएल 2025 में टीम अंक तालिका में सातवें स्थान पर रही थी (14 में से 6 जीत), जबकि इस हालिया सीजन में टीम पूरी तरह फ्लॉप साबित होकर 10वें यानी सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई (14 में से केवल 4 जीत)।

इसके साथ ही बतौर बल्लेबाज भी पंत का प्रदर्शन उनकी कीमत के साथ न्याय नहीं कर सका:

  • सीजन 2025: 14 मैचों में महज 269 रन।

  • आगामी सीजन: 14 मैचों में सिर्फ 312 रन।

दिल्ली में जश्न का माहौल, लखनऊ को मिला कुलदीप का साथ

जहां एक तरफ संजीव गोयनका को सोशल मीडिया पर तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में अपने पुराने 'कप्तान और हीरो' की वापसी से बेहद उत्साह का माहौल है। पंत ने दिल्ली की तरफ से अपने आईपीएल करियर के सबसे यादगार पल बिताए हैं।

दूसरी ओर, इस सौदे के तहत लखनऊ सुपर जाएंट्स को कुलदीप यादव जैसा एक बेहतरीन मैच विनर स्पिनर मिल गया है, जो इकाना स्टेडियम की टर्निंग पिच पर टीम के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। बहरहाल, इस ट्रेड ने खेल के समीकरण तो बदले ही हैं, साथ ही आईपीएल में फ्रेंचाइजी मालिकों के वादों और कप्तानों के सम्मान की एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है।

पिता की प्रताड़ना से परेशान बेटे ने उठाया खौफनाक कदम, मां और मौसा भी शामिल

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सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाले अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है। बीते 12 जून को इलाके में दो बंद बोरियों में बंधी एक अज्ञात लाश मिलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस की कड़ाई से की गई तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पिता की रोज-रोज की प्रताड़ना और बेरहमी से तंग आकर उसके सगे 19 वर्षीय इकलौते बेटे ने ही इस खूनी वारदात को अंजाम दिया था। यही नहीं, कत्ल के बाद लाश को ठिकाने लगाने में लड़के के दोस्त और सगे मौसा ने मुख्य भूमिका निभाई, जबकि उसकी अपनी सगी मां ने घर में फैले खून के धब्बों को साफ कर साक्ष्य (सबूत) मिटाने का काम किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिवार के सदस्यों सहित चारों आरोपियों को धर दबोचा है और उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

दो बोरों में बंद मिली थी लाश; भाई ने कपड़ों से की शिनाख्त

यह खौफनाक मामला सूरजपुर के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तिवरागुड़ी का है। 12 जून को ग्रामीणों ने मैदान में दो संदिग्ध बोरों को देखा, जिसमें से तेज बदबू आ रही थी। पुलिस ने जब बोरे को खोला तो उसमें एक अधेड़ व्यक्ति की सड़ी-गली लाश बंधी हुई मिली। शुरुआती 8 दिनों तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने नियमानुसार और सम्मानपूर्वक उसका अंतिम संस्कार (कफन-दफन) करवा दिया था।

इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया और आसपास के जिलों के थानों में गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाले। आखिरकार, मृतक के छोटे भाई ने कपड़ों और हुलिए के आधार पर शव की पहचान शिवप्रसाद गोंड (45 वर्ष, निवासी चिरमी बचरापोड़ी, थाना बैकुंठपुर) के रूप में की। मृतक की पहचान होते ही पुलिस का शक सीधे उसके परिवार पर गया और जांच की दिशा बदल गई।

बचपन की मारपीट का बदला: मसाला पीसने वाले लोढ़े से किया वार

पुलिस की गिरफ्त में आए 19 वर्षीय मुख्य आरोपी बेटे ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए एक-एक कर कई चौंकाने वाले राज उगले। आरोपी ने बताया कि उसका पिता शिवप्रसाद बचपन से ही उसके साथ बेहद क्रूरता से मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। 10 जून की रात को भी घर में पिता ने विवाद किया। पिता की प्रताड़ना से बुरी तरह आज़िज आ चुके बेटे के सिर पर अचानक खून सवार हो गया। उसने रसोई में रखे मसाला पीसने वाले भारी-भरकम पत्थर के लोढ़े (सिलबट्टे का पत्थर) से सो रहे पिता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही तड़प-तड़प कर शिवप्रसाद की मौत हो गई।

बाइक पर लाश ढोकर पहुंचे मौसा के घर, रात के अंधेरे में फेंका शव

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटे ने खौफनाक साजिश रची:

  • दोस्त की मदद: बेटे ने तुरंत अपने एक पक्के दोस्त को घर बुलाया। दोनों ने मिलकर शिवप्रसाद के शव को मोड़कर दो अलग-अलग बोरियों में ठूंसकर कस दिया।

  • बाइक से सफर: इसके बाद दोनों आरोपी शव को मोटरसाइकिल के बीच में रखकर चिरमी बचरापोड़ी (बैकुंठपुर) से सीधे तिवरागुड़ी स्थित अपने सगे मौसा के घर ले आए।

  • मौसा का साथ: 11 जून की पूरी रात लाश को मौसा के घर में छुपाकर रखा गया। इसके बाद अगले दिन यानी 11 जून की देर रात को मौसा की मदद से दोनों युवकों ने शव को गांव के ही एक सुनसान मैदान में फेंक दिया, ताकि किसी को भनक न लगे और पुलिस इसे हादसा या किसी और की दुश्मनी समझे।

ममता का खूनी फर्ज: मां ने गोबर-मिट्टी से लीप दिया मर्डर सीन

पुलिस की तफ्तीश में यह भी साफ हुआ है कि कत्ल की इस वारदात की पूरी जानकारी मृतक शिवप्रसाद की पत्नी को थी। अपने पति की मौत पर आंसू बहाने के बजाय महिला ने हत्यारे बेटे को बचाने का फैसला किया। बेटे के घर से निकलते ही मां ने कमरे और आंगन में फैले खून के गहरे निशानों और साक्ष्यों को पूरी तरह मिटाने के लिए पूरे घर की गोबर और मिट्टी से अच्छी तरह लिपाई-पुताई कर दी, ताकि पुलिस की फॉरेंसिक टीम को वहां से कोई सुराग न मिल सके।

बहरहाल, रामानुजनगर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर महज 11 दिनों के भीतर इस पेचीदा और अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने साफ किया कि घरेलू हिंसा चाहे कितनी भी गंभीर हो, कानूनन हत्या किसी भी समस्या का अंत नहीं हो सकती। पुलिस अब कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल करने के लिए आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है।

खरीदारी से लौटते वक्त दर्दनाक हादसा, दूल्हे समेत दो की मौत

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बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले के सेड़वा इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ एक भीषण सड़क हादसे ने शादी वाले घर के जश्न को चीख-पुकार में बदल दिया। जिस घर से मंगलवार को धूमधाम से बारात रवाना होनी थी, वहाँ अब सन्नाटा पसरा हुआ है। विवाह के ठीक एक दिन पहले हुए इस हादसे में दूल्हे और उसके चचेरे भाई की जान चली गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर है।

बाजार से शादी का सामान लेकर लौट रहे थे युवक

मिली जानकारी के मुताबिक, सेड़वा गौड़ा के रहने वाले 21 वर्षीय नरपतराम (पुत्र गोकलाराम) का मंगलवार को विवाह होना तय था। घर में शादी की रस्में और तैयारियां आखिरी दौर में थीं। सोमवार को नरपतराम अपने 27 वर्षीय चचेरे भाई सुखदेव (पुत्र वागाराम) और परिवार के कुछ अन्य लोगों के साथ शादी की खरीदारी करने बाड़मेर शहर आया था।

पिकअप ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर

शाम को खरीदारी पूरी करने के बाद दोनों भाई बाइक पर सवार होकर वापस अपने गांव लौट रहे थे, जबकि परिवार के बाकी सदस्य दूसरी गाड़ी में सामान लेकर उनके पीछे आ रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-68 पर लुखु भाखरी के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाई गंभीर रूप से जख्मी होकर सड़क पर गिर गए। पीछे से आ रहे परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को संभाला और आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद सुखदेव को मृत घोषित कर दिया, वहीं गंभीर रूप से घायल दूल्हे नरपतराम को प्राथमिक इलाज के बाद सांचौर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

वाहन छोड़कर भागा चालक, पुलिस जांच में जुटी

حادثे के बाद आरोपी पिकअप चालक अपना वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में गमगीन माहौल है।

उड़ान के दौरान हादसा: अमेरिका में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, 4 घायल

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अलास्का। अमेरिका के अलास्का राज्य से एक बड़े विमान हादसे की खबर आई है। यहाँ अमेरिकी तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) का एक एमएच-60 जयहॉक हेलीकॉप्टर नियमित ट्रेनिंग के दौरान अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार चालक दल के सभी चार सदस्य घायल हो गए, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने काफी कोशिशों के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

ट्रेनिंग के दौरान पहाड़ी इलाके में हुआ हादसा

तटरक्षक बल द्वारा जारी बयान के मुताबिक, यह दुर्घटना सिटका इलाके में स्थित हार्बर माउंटेन (पहाड़ी क्षेत्र) के पास हुई। हेलीकॉप्टर के क्रैश होने के ठीक एक घंटे बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियाँ आईं, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय पर राहत कार्य शुरू कर दिया।

घायलों को पहुँचाया गया अस्पताल

मलबे से सुरक्षित निकाले जाने के बाद, घायल चालक दल के चारों सदस्यों को तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है।

बोर्ड और आयोगों में जल्द हो सकती हैं राजनीतिक नियुक्तियां

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जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) में हाल ही में हुए मनोनयन के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से विभिन्न पदों का इंतजार कर रहे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की उम्मीदें एक बार फिर परवान चढ़ने लगी हैं। करीब 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद हुए इन फैसलों को भजनलाल सरकार द्वारा अन्य बोर्डों और अकादमियों में नई नियुक्तियों के हरी झंडी के रूप में देखा जा रहा है।

सरकार के ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही सत्ता और संगठन, दोनों स्तरों पर सक्रियता बढ़ गई है। प्रदेश के कई महत्वपूर्ण निगमों, प्राधिकरणों और आयोगों में पद खाली पड़े हैं, जिन्हें पाने के लिए दावेदारों ने अपनी पैरवी और लॉबिंग तेज कर दी है।

हालिया नियुक्तियों से बढ़े कदम

हाल ही में सरकार ने प्रोफेसर संतोष आनंद और डॉ. दीपक कुमार शर्मा को आरपीएससी (RPSC) के सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि हनुमान सिंह राठौड़ को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) का नया मुखिया बनाया गया है। इन महत्वपूर्ण निर्णयों के बाद वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा अब तक की गई कुल राजनीतिक व संवैधानिक नियुक्तियों का आंकड़ा बढ़कर 12 तक पहुंच चुका है।

इससे पहले, अगस्त 2025 में पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। उसके बाद से इन पदों पर नियुक्तियों का काम थमा हुआ था, लेकिन अब इस सिलसिले के दोबारा शुरू होने से कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही सूची का अगला हिस्सा भी सामने आ सकता है।

कार्यकाल के मध्य में नियुक्तियों की परंपरा

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राजस्थान की सियासत में अमूमन सरकारें अपने कार्यकाल के बीच के दौर में ही बोर्ड-निगमों के पदों को भरने का काम तेज करती हैं। वर्तमान सरकार भी अब अपने कार्यकाल के मध्य पड़ाव को पार कर चुकी है, लिहाजा रिक्त पड़े पदों पर जल्द ही चेहरों की घोषणा होने की पूरी उम्मीद है। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि वर्तमान में लोकायुक्त समेत कई अहम संवैधानिक संस्थाओं के शीर्ष पद खाली हैं, जिन पर नियुक्तियों को लेकर पूर्व में हाईकोर्ट भी टिप्पणी कर चुका है।

इन बड़े पदों पर टिकी हैं सबकी नजरें

सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा उत्सुकता उन विकास बोर्डों और समितियों को लेकर है, जिनके अध्यक्षों को कैबिनेट या राज्य मंत्री का दर्जा मिलता है। इनमें मुख्य रूप से बीस सूत्री कार्यक्रम (बीसूका), राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और राजस्थान राज्य कृषि उद्योग विकास बोर्ड शामिल हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय इन पदों पर बैठे नेताओं को मंत्रियों जैसी सुविधाएं और अधिकार मिले थे।

अब तक इन संस्थाओं में मिल चुकी है जिम्मेदारी

भजनलाल सरकार अब तक राज्य के कई प्रमुख बोर्डों और समितियों में नियुक्तियां कर चुकी है, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं:

  • राजस्थान हेरिटेज संरक्षण प्राधिकरण

  • राज्य किसान आयोग और पशु कल्याण बोर्ड

  • सैनिक कल्याण सलाहकार समिति

  • अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग

  • देवनारायण बोर्ड और श्रीयादे माटी कला बोर्ड

  • विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड

  • राज्य वित्त आयोग, आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

विपक्ष का हमला और सत्ता पक्ष का पलटवार

इन नई नियुक्तियों को लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा और भर्ती से जुड़े इन महत्वपूर्ण संस्थानों में एक खास विचारधारा (आरएसएस) से जुड़े लोगों को तरजीह दी जा रही है। विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को अब परीक्षाओं की पारदर्शिता से ज्यादा नियुक्तियों के तौर-तरीकों की फिक्र होने लगी है।

दूसरी तरफ, आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता रामलाल शर्मा ने कहा कि सभी संवैधानिक संस्थाओं और आयोगों में रिक्त पदों को पूरी तय प्रक्रिया और शुचिता के साथ भरा जा रहा है। सरकार पूरी तरह से योग्य, अनुभवी और समाज के प्रति जिम्मेदार व्यक्तियों को ही इन पदों पर आगे लाने के लिए संकल्पबद्ध है।

झमाझम बारिश और धूल भरी आंधी, दिल्ली-एनसीआर का मौसम हुआ सुहाना

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दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार दोपहर को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। राजधानी दिल्ली समेत नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई इलाकों में तेज धूल भरी आंधी चली, जिसके कारण चारों तरफ अंधेरा छा गया और सड़कों पर आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आंधी के बाद आसमान में घने काले बादल घिर आए, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से बड़ी राहत मिली है।

आंधी की रफ्तार और बदला मौसम का मिजाज

इस दौरान गुरुग्राम और नोएडा में हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि वहाँ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से धूल भरी आंधी चली, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) बहुत कम हो गई। वहीं, फरीदाबाद में भी दोपहर के बाद अचानक घने बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। मौसम में आए इस अचानक बदलाव की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और वातावरण में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, जिससे क्षेत्र में बारिश होने की उम्मीद काफी बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, दिल्ली के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राजधानी के ज्यादातर इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है और हवाओं की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने दिल्ली के अधिकांश हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जिसका सीधा मतलब है कि मौसम की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और लोगों को घरों से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बारात में अचानक मची अफरा-तफरी, चाकूबाजी में युवक घायल

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जबलपुर। जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सोमवार की देर रात शादी समारोह के जश्न के बीच चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बारात में खाना खाने के बाद पानी पीने गए गनियारी गांव के एक युवक पर गांव के ही दो दबंगों ने घेरकर हमला कर दिया। आरोपियों ने युवक से जबरन शराब पीने के लिए पैसों की मांग की थी, और मना करने पर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। सूचना मिलते ही सिहोरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लहूलुहान युवक को शासकीय अस्पताल भिजवाया और आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

शराब के लिए मांग रहे थे ₹500, मना करने पर दी गालियां

सिहोरा थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित सतीश (निवासी ग्राम गनियारी) ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। सतीश ने पुलिस को बताया कि सोमवार की रात करीब 12:30 बजे वह ग्राम पौड़ा (सिहोरा) निवासी रामजी चौधरी के घर आई एक बारात में शामिल होने गया था। उसी शादी समारोह में उसके अपने ही गांव के दो अन्य युवक— आशीष चौधरी और सूरज चौधरी भी आए हुए थे।

रात करीब 1:30 बजे सतीश बारात में खाना खाने के बाद पास ही पानी पीने के लिए गया था। इसी दौरान आशीष और सूरज ने उसे रास्ते में रोक लिया और जबरन शराब पीने के लिए ₹500 रंगदारी टैक्स की मांग करने लगे। सतीश ने जब पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो दोनों आरोपी भड़क गए और सतीश के साथ सरेराह मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए मारपीट करने लगे।

जांघ में घोंपा चाकू, जान से मारने की धमकी देकर भागे आरोपी

विवाद इतना बढ़ा कि दोनों आरोपियों ने सतीश को अधमरा करने की नीयत से घेर लिया। मारपीट के दौरान आशीष चौधरी ने सतीश को कसकर पकड़ लिया और हाथ-मुक्कों से उस पर वार करने लगा, जबकि उसके साथी सूरज चौधरी ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकाला और सतीश पर हमला कर दिया। चाकू सीधे सतीश की दाहिनी जांघ में जा लगा, जिससे काफी गहरा घाव हो गया और खून का फव्वारा फूट पड़ा।

चीख-पुकार सुनकर जब तक शादी में मौजूद अन्य लोग मौके पर दौड़ते, तब तक दोनों आरोपी सतीश को लहूलुहान हालत में जमीन पर गिराकर और 'आइंदा दिखने पर जान से मारने' की खुली धमकी देते हुए रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए।

पुलिस ने दर्ज किया केस, गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश

शादी के घर में अचानक हुई चाकूबाजी से बारात में हड़कंप मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल सतीश को तुरंत इलाज के लिए सिहोरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उसका उपचार कर रही है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सिहोरा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी आशीष चौधरी और सूरज चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत अवैध वसूली (अड़ीबाजी), गाली-गलौज, जानलेवा हथियार से हमला करने और धमकी देने का आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों और गनियारी गांव में लगातार दबिश दे रही है।

पॉक्सो के तहत केस दर्ज, मदरसा शिक्षक की तलाश में जुटी पुलिस

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नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के ताजबाग इलाके में स्थित एक मदरसे के शिक्षक पर कई नाबालिग छात्रों के साथ यौन शोषण और गलत व्यवहार करने का आरोप लगा है। यह घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

कैसे सामने आया मामला

यह पूरा मामला तब खुला जब मध्य प्रदेश से यहाँ पढ़ने आए एक 16 वर्षीय छात्र ने मदरसा प्रबंधन से इसकी शिकायत की। पीड़ित छात्र अरबी और उर्दू भाषा की शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस मदरसे में आया था और यहीं के हॉस्टल में रह रहा था। छात्र का आरोप है कि शिक्षक ने उसके साथ अनुचित और गलत व्यवहार किया। जब छात्र ने इसकी जानकारी प्रबंधन को दी, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। इसी बीच, आरोपी शिक्षक को पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई और वह वहाँ से भाग निकला। इसके बाद सक्करदरा पुलिस स्टेशन में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई गई।

कई अन्य बच्चे भी हुए शिकार

जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की, तो कई और चौंकाने वाले खुलासे हुए। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी शिक्षक केवल एक बच्चे के साथ ही नहीं, बल्कि कई अन्य नाबालिग छात्रों के साथ भी इसी तरह की घिनौनी हरकतें कर रहा था। अब तक की जांच में लगभग 10 नाबालिग बच्चों के पीड़ित होने की बात सामने आई है। पुलिस अब अन्य छात्रों, मदरसा प्रबंधन और संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

कड़े कानूनों के तहत केस दर्ज

मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सक्करदरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) कानून और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को न्याय दिलाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है, और इस मामले में सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

आरोपी की तलाश जारी

घटना के बाद से ही फरार आरोपी शिक्षक की पहचान अताय रसूल उर्फ तालिफ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया

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बक्सर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई बड़ी लापरवाही को बिहार सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कुमार ऋत्विक को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। विभाग द्वारा जारी ऑफिशियल लेटर के मुताबिक, 23 मई को मुख्यमंत्री के दौरे के समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में यह सख्त कदम उठाया गया है।

हेलीकॉप्टर लैंडिंग में हुई थी दिक्कत, बैठाई गई थी जांच

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के बक्सर दौरे के समय उनका हेलीकॉप्टर किला मैदान में तय की गई जगह पर लैंड नहीं हो पाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने फौरन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) की अगुवाई में एक हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी बनाई थी।

जांच रिपोर्ट में खुली लापरवाही की पोल

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में लगी इस सेंध के लिए कसूरवार पाया। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि अफसर ने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया, ड्यूटी में भारी लापरवाही की और सीनियर अधिकारियों के गाइडलाइंस को भी नजरअंदाज किया। वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी चूक को बेहद गंभीर माना गया।

सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज

बक्सर के जिला अधिकारी (DM) द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने माना कि कार्यपालक पदाधिकारी का यह बर्ताव 'बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976' के नियमों के खिलाफ है। इसके बाद 'बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005' के तहत उन्हें आगामी आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

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