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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया

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बक्सर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बक्सर आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई बड़ी लापरवाही को बिहार सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कुमार ऋत्विक को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। विभाग द्वारा जारी ऑफिशियल लेटर के मुताबिक, 23 मई को मुख्यमंत्री के दौरे के समय सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में यह सख्त कदम उठाया गया है।

हेलीकॉप्टर लैंडिंग में हुई थी दिक्कत, बैठाई गई थी जांच

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री के बक्सर दौरे के समय उनका हेलीकॉप्टर किला मैदान में तय की गई जगह पर लैंड नहीं हो पाया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने फौरन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) की अगुवाई में एक हाई-लेवल इंक्वायरी कमेटी बनाई थी।

जांच रिपोर्ट में खुली लापरवाही की पोल

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में लगी इस सेंध के लिए कसूरवार पाया। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि अफसर ने अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया, ड्यूटी में भारी लापरवाही की और सीनियर अधिकारियों के गाइडलाइंस को भी नजरअंदाज किया। वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी चूक को बेहद गंभीर माना गया।

सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज

बक्सर के जिला अधिकारी (DM) द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग ने माना कि कार्यपालक पदाधिकारी का यह बर्ताव 'बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976' के नियमों के खिलाफ है। इसके बाद 'बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005' के तहत उन्हें आगामी आदेश तक के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

BS 4 कंपनी के गार्ड की सड़क हादसे में मौत, अज्ञात वाहन की तलाश जारी

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जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरेला बायपास ब्रिज पर सोमवार को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने ड्यूटी पर तैनात एक सिक्योरिटी गार्ड को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक सड़क हादसे में गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम (पीएम) के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल भेज दिया है।

गौर नदी ब्रिज पर ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा

बरेला थाना पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, झंडू कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर प्रदीप सिंह तोमर ने पुलिस को इस सड़क दुर्घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंस्ट्रक्शन कंपनी में 'बीएस 4' सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से तैनात सुरक्षाकर्मी राहुल काछी (उम्र- वयस्क), जो कि मूल रूप से दमोह जिले के कछोवा गांव का निवासी था, बरेला बायपास ब्रिज के पास गौर नदी पर ड्यूटी पर तैनात था।

सोमवार को अपनी शिफ्ट के दौरान वह ब्रिज के पास मुस्तैद था, तभी किसी अज्ञात अनियंत्रित वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद चालक वाहन सहित घटना स्थल से तेजी से फरार हो गया।

फरार वाहन चालक की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस ने पीड़ित के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है, जिसके बाद दमोह से मृतक के रिश्तेदार जबलपुर के लिए रवाना हो गए हैं। बरेला थाना प्रभारी के मुताबिक, अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बायपास मार्ग और टोल नाकों के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है, ताकि आरोपी वाहन और उसके ड्राइवर की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

12 करोड़ की सैलरी कटौती के बाद दिल्ली पहुंचे ऋषभ पंत, कुलदीप बने लखनऊ के

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन के शुरू होने में अभी काफी समय शेष है, लेकिन उससे पहले ही खिलाड़ियों के ट्रांसफर बाजार से आई एक बेहद सनसनीखेज खबर ने पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। दिल्ली कैपिटल्स (DC) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) के बीच एक बेहद हाई-प्रोफाइल और ऐतिहासिक 'प्लेयर ट्रेड' हुआ है। इस बड़े सौदे के तहत भारत के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर अपनी पुरानी और पसंदीदा फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स में घर वापसी करने जा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्य मैच विनर और विश्वस्तरीय कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जाएंट्स की जर्सी में नजर आएंगे।

घर वापसी के लिए पंत ने झेला ₹12 करोड़ का भारी-भरकम नुकसान

इस मेगा ट्रेड में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ऋषभ पंत की सालाना फीस को लेकर सामने आई है:

  • दिल्ली में मिलेगी इतनी सैलरी: आईपीएल के आधिकारिक नियमों के मुताबिक, पंत महज 15 करोड़ रुपये की फीस पर दिल्ली कैपिटल्स के साथ दोबारा जुड़ रहे हैं।

  • लखनऊ में थी रिकॉर्ड फीस: लखनऊ सुपर जाएंट्स में पंत की सालाना सैलरी रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये थी। उन्हें आईपीएल के बड़े ऑक्शन में लखनऊ ने रिकॉर्ड 25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाकर खरीदा था, जिससे वे लीग इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बने थे।

  • ₹12 करोड़ की कटौती: अपनी पुरानी टीम दिल्ली में वापस लौटने और वहां से खेलने के लिए पंत ने अपने वित्तीय हितों को पीछे छोड़ते हुए 12 करोड़ रुपये की बहुत बड़ी सैलरी कटौती (पे-कट) को हंसते-हंसते स्वीकार किया है।

  • केएल राहुल जैसा हश्र: लखनऊ ने पंत को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया था, लेकिन पिछले दो सीजन में टीम के असंतोषजनक प्रदर्शन के बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज करने का मन बना लिया था। लखनऊ की टीम इससे पहले अपने एक और पूर्व कप्तान केएल राहुल के साथ भी ऐसा ही कड़ा रुख अपना चुकी है। दिलचस्प बात यह है कि अब लखनऊ द्वारा बाहर किए गए ये दोनों पूर्व कप्तान (राहुल और पंत) दिल्ली कैपिटल्स में एक साथ खेलते नजर आ सकते हैं।

दूसरी तरफ, लखनऊ सुपर जाएंट्स ने इस ट्रेड के बदले में चतुर स्पिनर कुलदीप यादव को उनकी मौजूदा फीस 13.5 करोड़ रुपये में अपने पाले में शामिल कर लिया है। दिल्ली कैपिटल्स में पिछले दो सीजन से अक्षर पटेल टीम की कमान संभाल रहे थे, लेकिन टीम मनमुताबिक नतीजे नहीं दे पा रही थी; ऐसे में माना जा रहा है कि पंत को आते ही दोबारा दिल्ली की कप्तानी सौंपी जा सकती है।

दिल्ली कैपिटल्स में फिर दिखेगा पंत का पुराना जलवा; फ्रेंचाइजी को होंगे ये 4 बड़े फायदे

ऋषभ पंत का दिल्ली की फ्रेंचाइजी के साथ रिश्ता सिर्फ पेशेवर नहीं बल्कि बेहद भावुक रहा है। एक अनकैप्ड युवा खिलाड़ी के रूप में उन्होंने दिल्ली से ही अपने आईपीएल करियर का आगाज किया था। वह साल 2016 से 2024 तक लगातार नौ सीजन तक इस टीम का अभिन्न हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली के लिए रिकॉर्ड 111 मुकाबले खेले, जो इस फ्रेंचाइजी के इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे ज्यादा मैच हैं। इसके अलावा उन्होंने 43 मैचों में टीम का सफल नेतृत्व भी किया था। भीषण कार दुर्घटना और गंभीर चोटों से उबरने के बाद वह लखनऊ चले गए थे, लेकिन अब फैंस के लिए उनकी यह वापसी किसी उत्सव से कम नहीं है।

दिल्ली कैपिटल्स को मिलने वाले फायदे:

  1. अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज की वापसी: मध्यक्रम में तेजी से रन चुराने और लंबे शॉट्स खेलने वाले धाकड़ कीपर की कमी पूरी होगी।

  2. कप्तानी का अचूक विकल्प: पंत के पास दिल्ली की कप्तानी का पुराना और लंबा अनुभव है।

  3. मिडिल ऑर्डर को मजबूती: मैच फिनिश करने और पारी को संभालने में पंत माहिर हैं।

  4. फैंस से अटूट भावनात्मक जुड़ाव: पंत दिल्ली के घरेलू दर्शकों के सबसे चहेते खिलाड़ी रहे हैं।

लखनऊ को मिला कुलदीप यादव जैसा 'एक्स-फैक्टर' गेंदबाज; इकाना स्टेडियम में बरपेगा कहर

ट्रेड के दूसरे छोर पर, लखनऊ सुपर जाएंट्स ने भी कुलदीप यादव को टीम में शामिल करके एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। कुलदीप का दिल्ली कैपिटल्स के साथ सफर बेहद शानदार रहा था। साल 2022 में टीम से जुड़ने के बाद उन्होंने 65 मैचों में अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए कुल 72 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए।

बीच के ओवरों (मिडिल ओवर्स) में रन गति पर अंकुश लगाने और जमे हुए बल्लेबाजों को आउट करने की उनकी कला बेजोड़ है। अब यह विश्वस्तरीय स्पिनर 13.50 करोड़ रुपये में लखनऊ की जर्सी पहनेगा। लखनऊ की घरेलू पिच (इकाना स्टेडियम) को पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल माना जाता है, ऐसे में कुलदीप यादव वहां की पिचों पर विरोधी बल्लेबाजों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम साबित नहीं होंगे।

लखनऊ सुपर जाएंट्स को मिलने वाले फायदे:

  • अनुभवी भारतीय स्पिनर की एंट्री: टीम की फिरकी यूनिट को एक वर्ल्ड-क्लास लीडर मिल गया है।

  • मिडिल ओवर्स के किंग: बीच के ओवरों में विकेट निकालकर मैच का पासा पलटने की क्षमता।

  • घरेलू परिस्थितियों का डबल फायदा: लखनऊ की टर्निंग पिचों पर कुलदीप और भी ज्यादा घातक साबित होंगे।

  • संतुलित बॉलिंग अटैक: तेज गेंदबाजों के साथ स्पिन विभाग का सटीक कॉम्बिनेशन तैयार होगा।

यह ऐतिहासिक ट्रेड सिर्फ दो बड़े खिलाड़ियों की अदला-बदली नहीं है, बल्कि दोनों टीमों की आगामी दीर्घकालिक रणनीतियों में बड़े बदलाव का साफ संकेत है। आईपीएल के आगामी सीजन से पहले इस रणनीतिक सौदे ने टूर्नामेंट के पूरे समीकरण को पूरी तरह बदलकर रख दिया है।

जबलपुर STF की कमान संभालेंगे एवी सिंह, सुरक्षा तंत्र को मिलेगी नई दिशा

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जबलपुर। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भोपाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) के एक शीर्ष और नीतिगत आदेश के तहत वरिष्ठ व अनुभवी पुलिस अधिकारी एवी सिंह को विशेष कार्य बल (STF) जबलपुर का नया पुलिस अधीक्षक (SP) नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) कार्यालय से आधिकारिक आदेश जारी होने के तुरंत बाद उन्होंने जबलपुर पहुंचकर अपना नया पदभार ग्रहण कर लिया है।

अपनी ईमानदारी और बेहद कड़क कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले एवी सिंह इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में लंबी सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद वे भोपाल मुख्यालय में एआईजी (शिकायत) के पद पर तैनात रहे और हाल ही में नर्मदापुरम जिले में अजाक (AJAK) पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। गंभीर और पेचीदा मामलों को सुलझाने के उनके इसी लंबे ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए शासन ने उन्हें एसटीएफ जैसी संवेदनशील विंग की कमान सौंपी है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में रहते हुए उजागर किए थे कई बड़े घोटाले

नवनियुक्त एसटीएफ एसपी एवी सिंह का पिछला प्रशासनिक सेवा रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने पूर्व में जबलपुर में ही आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के मुखिया के तौर पर लगभग 3 साल का एक लंबा और सफल कार्यकाल पूरा किया था। इस दौरान उन्होंने शासकीय धन के गबन, बड़े वित्तीय घोटालों, भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के कई हाई-प्रोफाइल मामलों का पर्दाफाश करते हुए सफेदपोश अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया था।

इसके बाद प्रमोट होकर वे राजधानी भोपाल पहुंचे, जहां उन्होंने एआईजी शिकायत के रूप में आम जनता की समस्याओं और विभागीय जांचों के निपटारे की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया। इसके बाद नर्मदापुरम में अजाक एसपी रहते हुए उन्होंने अनुसूचित जाति-जनजाति के अधिकारों और उनसे जुड़े कानूनी मामलों को जमीनी स्तर पर बेहद संवेदनशीलता व कड़ाई के साथ लागू करवाया। उनके इस बहुआयामी अनुभव का सीधा लाभ अब एसटीएफ की कार्यप्रणाली को मिलने की उम्मीद है।

संगठित माफिया, हथियार तस्कर और साइबर ठग होंगे सीधे निशाने पर

जबलपुर एसटीएफ इकाई के प्रमुख के रूप में अब उनके कंधों पर महाकौशल और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर तथा अंतर-राज्यीय संगठित अपराधों को समूल नष्ट करने की एक बड़ी और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी आ गई है। जैसा कि सर्वविदित है, पुलिस की यह विशेष विंग (एसटीएफ) मुख्य रूप से राज्य में सक्रिय खूंखार आपराधिक गिरोहों, हथियारों व नशीले पदार्थों की तस्करी, जाली नोटों व नकली दस्तावेजों के रैकेट, मानव तस्करी और हाई-टेक साइबर ठगी जैसे खतरनाक नेटवर्कों को ध्वस्त करने के लिए जानी जाती है।

अपनी इस नई और महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर एसपी एवी सिंह ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। वे इन सभी अवैध और समाज-विरोधी गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने, गैंगस्टरों की आर्थिक कमर तोड़ने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित व सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष और आधुनिक रणनीति के तहत काम करेंगे। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बिठाकर जल्द ही बड़े ऑपरेशन्स को अंजाम दिया जाएगा।

लखीसराय के बाद मुजफ्फरपुर में भी मामला सामने आया

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मुजफ्फरपुर: देशभर में हाल ही में आयोजित हुई री-नीट (Re-NEET) परीक्षा को लेकर एक बार फिर हड़कंप मच गया है। सरकार और प्रशासन द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली रोकने के तमाम कड़े दावों के बीच, बिहार में एक बड़े फर्जीवाड़े की आशंका गहराती जा रही है।

लखीसराय में दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने और एक बड़े सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है।

परीक्षा के दिन अचानक गायब हुए 44 मेडिकल छात्र

शुरुआती जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि परीक्षा वाले दिन, यानी 21 जून को मुजफ्फरपुर के स्थानीय श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) के 44 मेडिकल छात्र अचानक कैंपस से गायब थे। इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल छात्रों के लापता होने के बाद यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि ये छात्र किसी बड़े सॉल्वर गैंग के चंगुल में फंसे हो सकते हैं या खुद सॉल्वर बनकर परीक्षा में शामिल हुए थे।

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लगाई गई थी विशेष क्लास

नियमों को ठेंगा: नीट और री-नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में मेडिकल छात्रों के सॉल्वर बनने (दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने) के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा के दिन (21 जून, रविवार) सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्षाएं (स्पेशल अटेंडेंस क्लास) रखी गई थीं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यही था कि कोई भी छात्र कॉलेज परिसर से बाहर न जा सके और परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली का हिस्सा न बने। इसके बावजूद, 44 छात्रों का एक साथ गायब होना सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े करता है।

लोकसभा के बाद संगठन पर फोकस, बीजेपी ने घोषित की 106 सदस्यीय कार्यसमिति

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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार (23 जून 2026) को मध्य प्रदेश के लिए अपनी नई प्रदेश कार्यसमिति की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल सूची में कुल 106 वरिष्ठ नेताओं और कर्मठ कार्यकर्ताओं को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा, पार्टी के नीति-निर्धारण में अहम भूमिका निभाने वाले 'स्थायी आमंत्रित सदस्यों' की सूची में 41 दिग्गज कद्दावर नेताओं को जगह दी गई है। इस नई कार्यसमिति में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित राज्य और केंद्र सरकार के कई कैबिनेट मंत्रियों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। सांगठनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस सूची में मौजूदा विधायकों, पूर्व विधायकों, राज्यसभा सांसदों और कई अन्य बड़े चेहरों को भी अहम तवज्जो दी गई है।

तजुर्बे को प्राथमिकता: सुमित्रा महाजन और जटिया बने स्थायी आमंत्रित सदस्य

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बार अनुभव और वरिष्ठता का विशेष सम्मान किया है। कार्यसमिति के 'स्थायी आमंत्रित सदस्यों' के रूप में बीजेपी के उन मार्गदर्शक नेताओं को शामिल किया गया है, जिन्होंने दशकों तक संगठन को सींचा है। इस सूची में:

  • पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया को शामिल किया गया है।

  • इनके अलावा वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए सुरेश पचौरी, सितारा शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और पूर्व मंत्री जयंत मलैया जैसे दिग्गज नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य के रूप में बड़ी भूमिका सौंपी गई है।

क्षेत्रीय और राजनैतिक समीकरणों का अनूठा तालमेल

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, इस नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन में आगामी संगठनात्मक चुनावों और राज्य के क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी यह साफ करती है कि पार्टी संगठन और सत्ता के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम करना चाहती है। कार्यसमिति में युवाओं के जोश और वरिष्ठों के तजुर्बे का एक बेहतरीन मिश्रण तैयार किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी को और अधिक मजबूती दी जा सके। सूची जारी होने के बाद प्रदेश संगठन में हर्ष का माहौल है और जल्द ही कार्यसमिति की पहली औपचारिक बैठक आयोजित होने की संभावना है।

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टी20 क्रिकेट में नई कहानी लिखने निकली टीम इंडिया, वैभव पर खास नजर

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टी20 विश्व कप 2026 की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम करने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम अब एक नए और रोमांचक अध्याय की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में युवा सितारों से सजी टीम इंडिया सोमवार को चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आयरलैंड और इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल (सीमित ओवरों के) लंबे दौरे के लिए रवाना हो गई। इस दौरे पर भारतीय टीम को सबसे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी है। इसके तुरंत बाद टीम इंग्लैंड के कड़े मिशन पर जाएगी, जहां पांच टी20 और तीन वनडे मैचों की हाई-प्रोफाइल सीरीज खेली जानी है।

सचिन का रिकॉर्ड तोड़ने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी बने आकर्षण का केंद्र

इस पूरे विदेशी दौरे पर जिस एक खिलाड़ी को देखने के लिए क्रिकेट जगत सबसे ज्यादा बेताब है, वह हैं महज 15 साल और 71 दिन के युवा खब्बू बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। वैभव ने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाते ही क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना सबसे युवा खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है।

हाल ही में संपन्न हुए आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से कोहराम मचाने वाले वैभव को पहली बार राष्ट्रीय टीम का टिकट मिला है। यदि उन्हें इस दौरे पर किसी भी मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल होने का अवसर मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे।

तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को पहली बार बुलावा, अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

वैभव के अलावा बिहार और आईपीएल में अपनी तूफानी गति तथा सटीक नियंत्रण से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को छकाने वाले युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव के लिए भी यह दौरा उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट है। आईपीएल 2026 के शानदार सीजन के बाद उन्हें पहली बार भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है, और खेल विशेषज्ञों की नजरें उनकी गेंदबाजी पर टिकी होंगी।

वहीं, विश्व कप की ऐतिहासिक जीत के बाद सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिए जाने के कारण टी20 टीम की कमान संभाल रहे श्रेयस अय्यर के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी होगी। यह सीरीज न केवल मौजूदा दौरों को जीतने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2028 टी20 विश्व कप की भविष्य की मजबूत तैयारियों की नींव रखने के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।

टीम संयोजन में बड़े बदलाव: प्रसिद्ध कृष्णा की एंट्री, हर्षित राणा की वापसी

दौरे पर रवानगी से ठीक पहले भारतीय स्क्वॉड में कुछ बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं। स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को शुरुआत में टीम में जगह दी गई थी, लेकिन कार्यभार प्रबंधन (वर्कलोड मैनेजमेंट) के तहत बाद में उनकी जगह प्रसिद्ध कृष्णा को टीम में शामिल किया गया।

इसके साथ ही, मेनिस्कस सर्जरी के बाद राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में अपना रिहैबिलिटेशन पूरा कर लौट रहे तेज गेंदबाज हर्षित राणा की भी टीम में वापसी हुई है। वहीं, अपनी फिरकी से बल्लेबाजों को नचाने वाले लेग स्पिनर रवि बिश्नोई एक बार फिर भारतीय स्पिन आक्रमण की कमान संभालते नजर आएंगे।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शुभमन गिल कप्तान, किंग कोहली की हो सकती है वापसी

आयरलैंड दौरे के बाद इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए एक अलग टीम चुनी गई है। वनडे प्रारूप में टीम की कप्तानी युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल संभालेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर उपकप्तान की भूमिका में होंगे।

इस वनडे सीरीज की सबसे बड़ी खबर यह है कि स्टार रन-मशीन विराट कोहली की टीम में वापसी हो सकती है। कोहली हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ हुई वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे। हालांकि, मैदान पर उनकी अंतिम उपलब्धता पूरी तरह से उनके आगामी फिटनेस क्लीयरेंस और मेडिकल टीम की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का पूरा शेड्यूल (भारतीय समयानुसार):

भारत बनाम आयरलैंड (टी20 सीरीज)

तारीखमुकाबलास्थानसमय (IST)
26 जूनपहला टी20डबलिनशाम 6:00 बजे से
28 जूनदूसरा टी20डबलिनशाम 6:00 बजे से

भारत बनाम इंग्लैंड (टी20 सीरीज)

तारीखमुकाबलास्थानसमय (IST)
1 जुलाईपहला टी20चेस्टर-ले-स्ट्रीटरात 10:00 बजे से
4 जुलाईदूसरा टी20मैनचेस्टरशाम 7:00 बजे से
7 जुलाईतीसरा टी20नॉटिंघमरात 10:00 बजे से
9 जुलाईचौथा टी20ब्रिस्टलरात 10:00 बजे से
11 जुलाईपांचवां टी20साउथैम्प्टनशाम 7:00 बजे से

भारत बनाम इंग्लैंड (वनडे सीरीज)

तारीखमुकाबलास्थानसमय (IST)
14 जुलाईपहला वनडेबर्मिंघमदोपहर 3:30 बजे से
16 जुलाईदूसरा वनडेकार्डिफशाम 5:30 बजे से
19 जुलाईतीसरा वनडेलंदनदोपहर 3:30 बजे से

क्या है ‘बॉस स्कैम’? कॉरपोरेट जगत में क्यों मचा हड़कंप

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नई दिल्ली: व्हाट्सएप पर 'बॉस' बनकर आ रहा है मैसेज, कंपनियों के खातों से उड़ रहे हैं करोड़ों रुपये; जानें साइबर ठगों की नई चाल

अगर आपको अपने ऑफिस के सीईओ या किसी बड़े अधिकारी के व्हाट्सएप नंबर से अचानक कोई अर्जेंट मैसेज मिले, जिसमें किसी गुप्त प्रोजेक्ट के लिए तुरंत पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया हो, तो सावधान हो जाइए। भले ही वह आपके बॉस का ही असली नंबर क्यों न हो, लेकिन आप 'बॉस स्कैम' (सीईओ इंपर्सनेशन फ्रॉड) नाम की एक बेहद खतरनाक साइबर धोखाधड़ी के जाल में फंस सकते हैं।

अब हैकर्स फर्जी ईमेल भेजने के बजाय सीधे आपकी कंपनी के बड़े अधिकारियों का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर रहे हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने देश की सभी कंपनियों और उनके कर्मचारियों को इस नए और गंभीर खतरे को लेकर आगाह किया है।

क्या है यह 'बॉस स्कैम' और कैसे काम करता है?

यह धोखाधड़ी 'बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज' का ही एक नया और डिजिटल रूप है। पहले साइबर ठग बड़े अधिकारियों जैसी दिखने वाली फर्जी ईमेल आईडी से पैसे मांगते थे। लेकिन अब वे आधुनिक मैलवेयर (सॉफ्टवेयर वायरस) का सहारा लेकर सीधे सीईओ या एमडी के चालू व्हाट्सएप अकाउंट का पूरा एक्सेस अपने हाथों में ले लेते हैं।

इसके लिए हैकर्स को किसी स्मार्टफोन को छूने की भी जरूरत नहीं होती। वे अधिकारियों को आरबीआई (RBI) जैसे बड़े विभागों के नाम पर एक ईमेल या मैसेज भेजते हैं। इस मैसेज में किसी समस्या को सुलझाने के नाम पर एक फाइल (ZIP file) होती है। जैसे ही अधिकारी उस फाइल को अपने कंप्यूटर पर खोलते हैं, एक 'ट्रोजन' वायरस सिस्टम में आ जाता है। यह वायरस कंप्यूटर पर चल रहे 'व्हाट्सएप वेब' के टोकन को चुरा लेता है, जिससे हैकर्स को बिना फोन छुए पूरे व्हाट्सएप का कंट्रोल मिल जाता है।

डर और सम्मान का फायदा उठाते हैं ठग

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह घोटाला तकनीकी से ज्यादा इंसानी मनोविज्ञान पर काम करता है। जब फाइनेंस या अकाउंट्स टीम के कर्मचारियों को अपने असली बॉस के नंबर से "तुरंत और पूरी गोपनीयता के साथ" पैसे भेजने का आदेश मिलता है, तो वे सम्मान और नौकरी के डर से कोई सवाल नहीं पूछते। वे तुरंत बताए गए बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।

ठग अक्सर रिजर्व बैंक या अन्य सरकारी नियामकों का नाम लेते हैं ताकि अधिकारियों के मन में यह डर बैठ जाए कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाया गया, तो कंपनी पर भारी जुर्माना लग सकता है। जबकि I4C ने साफ किया है कि कोई भी सरकारी विभाग व्हाट्सएप पर ऐसे सॉफ्टवेयर या अपडेट नहीं भेजता।

किन कर्मचारियों पर है सबसे ज्यादा खतरा?

इस स्कैम के निशाने पर सबसे ज्यादा नीचे दिए गए विभागों के लोग होते हैं:

  • फाइनेंस और अकाउंट्स टीम: जिनके पास सीधे तौर पर फंड ट्रांसफर करने की पावर होती है।

  • एचआर प्रोफेशनल्स और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट: जो सीधे बड़े अधिकारियों से जुड़े होते हैं।

  • नए कर्मचारी: जिन्हें कंपनी के नियमों और काम करने के तरीकों की पूरी जानकारी नहीं होती।

डीपफेक और एआई (AI) से बढ़ गया है खतरा

भविष्य में यह खतरा और भी ज्यादा खतरनाक रूप लेने वाला है। साइबर अपराधी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वॉयस क्लोनिंग और डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनी के कर्मचारी ने एक डीपफेक वीडियो कॉल (जिसमें हैकर हूबहू अधिकारी जैसा दिख रहा था) के झांसे में आकर लगभग 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ट्रांसफर कर दी थी।

### सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान

I4C और साइबर एक्सपर्ट्स ने इस धोखाधड़ी से बचने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं:

1. हमेशा री-वेरिफिकेशन करें: व्हाट्सएप पर मिले किसी भी वित्तीय आदेश पर आंख बंद करके भरोसा न करें। पैसे भेजने से पहले सीधे फोन कॉल, वीडियो कॉल या आमने-सामने मिलकर इसकी पुष्टि जरूर करें।

2. दोहरी मंजूरी (Double Approval): कंपनियों को बड़े लेन-देन के लिए कम से कम दो स्तर की मंजूरी का नियम बनाना चाहिए।

3. अज्ञात फाइलों से बचें: किसी भी अनजान सोर्स से आई .exe या .dll जैसी फाइलों को कंप्यूटर पर डाउनलोड या रन न करें।

पीयूष गोयल ने बैठक को बताया रचनात्मक और उपयोगी

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नई दिल्ली: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत तेज, दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर सोमवार को भारत पहुंचे, जहां केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत के वाणिज्य विभाग में उनका, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और पूरे प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस आगामी चर्चा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बेहद सार्थक बातचीत होगी।

व्यापार समझौते (Trade Deal) को अंतिम रूप देने की कोशिश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की एक पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि और राजदूत का भारतीय वाणिज्य विभाग में स्वागत है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बैठक से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा मिलेगी।

दूसरी ओर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी मुलाकात पर खुशी जताते हुए लिखा कि नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और यूएस ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ बैठक शानदार रही। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका और भारत के बीच इस ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है।

आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

इससे पहले, राजदूत गोर ने जेमिसन ग्रीर का भारत आगमन पर स्वागत करते हुए उम्मीद जताई थी कि इस महत्वाकांक्षी व्यापार एजेंडे से दोनों देशों के बीच के आर्थिक संबंध एक नए स्तर पर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि हम एक मजबूत द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जिससे दोनों देशों के बाजारों में नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे।

टैरिफ की समयसीमा से पहले बैठकों का दौर

अमेरिकी राजदूत गोर के मुताबिक, ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ कई महत्वपूर्ण दौर की बैठकें करने वाले हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य अगले महीने लागू होने वाली जरूरी टैरिफ समयसीमा (Tariff Deadline) से पहले इस अहम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना और चर्चा को आगे बढ़ाना है।

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के लिए राहत भरी खबर, विवाद से बाहर निकले दो बड़े खिलाड़ी

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इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नाइटक्लब और पब के बाहर हुई कथित लड़ाई के मामले में अब दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ आगे कोई और दंडात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के नियमों के तहत काम करने वाले एक स्वतंत्र जांच निकाय 'क्रिकेट रेगुलेटर' ने इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करने के बाद सबूतों की कमी के कारण मामले को औपचारिक रूप से बंद कर दिया है। जांच टीम को दोनों खिलाड़ियों द्वारा किसी भी नियम के उल्लंघन का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

क्या था पूरा विवाद और क्यों दूसरे टेस्ट से किए गए थे बाहर?

यह पूरा विवाद लॉर्ड्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच के बाद का है। पहले मुकाबले को 115 रनों से जीतने के बाद, 7-8 जून की दरमियानी रात को कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज गस एटकिंसन लंदन के एक नाइटक्लब के बाहर हुए विवाद में शामिल पाए गए थे। इस कथित झड़प में सारासेन्स अकादमी का एक रग्बी खिलाड़ी भी शामिल था।

टीम प्रोटोकॉल और अनुशासन तोड़ने के इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद, ईसीबी ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसके साथ ही उन्हें उनकी संबंधित डोमेस्टिक काउंटी टीमों (डरहम और सरे) की चैंपियनशिप से भी सस्पेंड कर दिया गया था। स्टोक्स की गैर-मौजूदगी में अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने टीम की कमान संभाली थी, जहां इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के हाथों 253 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी।

क्रिकेट रेगुलेटर की जांच में पाक-साफ निकले खिलाड़ी, ईसीबी ने जारी किया बयान

क्रिकेट रेगुलेटर ने अपनी जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। बयान में कहा गया, "क्रिकेट रेगुलेटर का मुख्य काम यह सुनिश्चित करना है कि क्या किसी खिलाड़ी या प्रतिभागी ने ईसीबी के खेल नियमों की अवहेलना की है। जून की शुरुआत में हुई इस घटना के संबंध में साक्ष्य जुटाने के लिए हर स्तर पर गहन पूछताछ और समीक्षा की गई। वर्तमान में उपलब्ध सभी गवाहों और जानकारियों का बारीकी से आकलन करने के बाद, निकाय इस नतीजे पर पहुंचा है कि खिलाड़ियों पर लगे आरोपों की पुष्टि के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद नहीं हैं। इसलिए, इस मामले को यहीं बंद करते हुए दोनों में से किसी भी खिलाड़ी के खिलाफ कोई अग्रिम कार्रवाई नहीं की जाएगी।"

तीसरे निर्णायक टेस्ट में होगी वापसी, 25 जून से ट्रेंट ब्रिज में मुकाबला

स्वतंत्र जांच निकाय द्वारा क्लीन चिट मिलने और मामले को औपचारिक रूप से रफा-दफा किए जाने के बाद दोनों खिलाड़ियों के सिर से कानूनी और अनुशासनात्मक तलवार हट गई है। आरोपों से मुक्त होने के बाद अब कप्तान बेन स्टोक्स और मुख्य तेज गेंदबाज गस एटकिंसन न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे और अंतिम निर्णायक टेस्ट मैच में चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे। तीन मैचों की यह टेस्ट सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। सीरीज का यह तीसरा और अंतिम महामुकाबला नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर 25 जून से खेला जाएगा, जहां स्टोक्स एक बार फिर टीम की कमान संभालते नजर आएंगे।

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