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विश्‍व को भारत का अमूल्‍य उपहार है योग: राष्‍ट्रपति मुर्मु

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भोपाल : राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हम भारत की उस महान योग परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता के लिये स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग प्रदान किया है। योग विश्व को हमारी सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है। आज भारतभूमि से स्वास्थ्य, संतुलन, शांति और आत्मकल्याण का संदेश विश्व में प्रसारित किया जा रहा है। “योग स्वस्थ आयु के लिए” थीम पर राष्‍ट्रीय कार्यक्रम कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मुख्‍य आतिथ्‍य में आयोजित किया गया। प्रदेश में राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्‍य आतिथ्‍य में जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड में राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के कोलकाता से आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा व सुना। कार्यक्रम की शुरूआत व अंत में राष्‍ट्रगीत एवं राष्‍ट्रगान किया गया।

योगाभ्यास में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्‍यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्‍यसभा सांसद सुमित्रा बाल्‍मीक, सांसद आशीष दुबे, विधायक अजय विश्‍नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्‍नू, मुख्‍य सचिव अनुराग जैन, मध्‍यप्रदेश तीर्थ क्षेत्र एवं मेला प्राधिकरण अध्‍यक्ष विनोद गोंटिया, नगर निगम अध्‍यक्ष रिकुंज विज, रत्‍नेश सोनकर, राजकुमार पटेल, अखिलेश जैन, अश्विनी परांजपे, संभागायुक्‍त धनंजय सिंह, कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्‍याय, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा लगभग 5 हजार योग साधकों ने सामूहिक योगाभ्यास में सहभागिता की।

योग, आंतरिक शांति और सामूहिक कल्याण के लिये करता है प्रेरित

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। ‘योग’ शब्द का अर्थ है जोड़ना — व्यक्ति को स्वयं से, समाज को प्रकृति से और सम्पूर्ण मानवता को व्यापक विश्व चेतना से जोड़ना। योग एक सशक्त माध्यम है, जो हमें आंतरिक शांति, संतुलन और सामूहिक कल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है। आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

योग, जीवनशैली का बनता जा रहा है अहम हिस्सा

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस पहल से योग को विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में नई पहचान और व्यापक स्वीकार्यता मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बना रहे हैं। योग अब जीवन शैली का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। विदेशों में भी योग के प्रति लोगों का आकर्षण निरंतर बढ़ रहा है, और यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति का सशक्त उदाहरण है।

योग, बढ़ती आयु में स्वयं को स्वस्थ रखने में सहायक

राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” है। यह थीम समाज के वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, सक्रियता, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन में योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। योग बढ़ती आयु में भी व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में बहुत सहायक है।

योग, मन को शांति और देता है भावनात्मक संतुलन

योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और भावनात्मक संतुलन प्रदान करता है। आज की व्यस्त दिन चर्या और जीवन शैली से जुड़ी बीमारियां हमारे सामने एक बड़ी चुनौती हैं। इनकी रोकथाम और समग्र स्वास्थ्य के लिए योग एक सरल, प्रभावी और सुलभ उपाय है।

योग, को बनाये दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि भारत सरकार योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए योग शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक प्रयासों से योग जन-जन तक पहुंचेगा और सामूहिक मानवता के कल्याण का आधार बनेगा। उन्‍होंने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्‍प दिलाया।

योग, संतुलित, सरल और आनंदमयी जीवन की है पद्धति : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल पटेल ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ बनाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित, सरल और आनंदमयी बनाने की पद्धति है। योग ही स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और योग बने जीवन का धन है। भारतीय ज्ञान परंपरा ने स्वस्थ जीवन का जो मार्ग दिखाया था, आज पूरी दुनिया उसे अपना रही है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भारतीय योग को अंतर्राष्ट्रीय सम्‍मान दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता से ही योग को पूरी दुनिया में अपनाया गया है।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्राणायाम के जरिए हम नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच को अपनाते हैं। ध्यान हमें अपने अंदर झांकने का अवसर देता है और मन की शांति प्रदान करता है। रोजाना केवल 20 से 30 मिनट का योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम हमारे लिए प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सरल माध्यम है। आज योग को आत्मिक उन्नति का माध्यम बनाकर दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लें।

योग, वैश्विक शांति के लिए एकमात्र उपाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम -योग फॉर हेल्दी एजिंग है। योग दिवस वैश्विक शांति और वैश्विक कल्याण को बढ़ावा देता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने पर यह सुखद संयोग बना है, इस वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी कोलकाता से किया गया। दुनिया के करीब 2500 स्थानों पर योगाभ्यास किया , 210 से अधिक दूतावासों ने भी सामूहिक योग में भागीदारी की । भारत ने योग के रूप में दुनिया को मानव कल्याण का उपहार सौंपा है। योग का अर्थ है जोड़ना, भारत ने अपने ज्ञान- विवेक और विचार से सदैव सभी को एक-दूसरे से जोड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा, हमारी आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सनातन संस्कृति का वैश्विक पटल पर परिचय कराया है। प्रधानमंत्री मोदी ने जब वर्ष 2015 में विश्व योग दिवस का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सभा में रखा तो 175 से ज्यादा देशों ने इसका ऐतिहासिक समर्थन किया था। इस वर्ष सामूहिक योग सत्रों में करीब 30 से 35 करोड़ लोग शामिल हो रहे हैं। मध्यप्रदेश के कोने-कोने को योग से जोड़ने के लिए "हर घर योग अभियान" सफलतापूर्वक संचालित किया गया है।

देश ने दिया विश्व को वसुधैव-कुटुम्बकम का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि देव शंकर और आष्टांग योग के प्रणेता महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम संस्कारधानी जबलपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति ने सदैव संसार को एक परिवार के रूप में देखा है। हमने कभी भौगोलिक सीमाओं तक अपनी सोच को सीमित नहीं किया है, अपितु विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम का अमर संदेश दिया , हमारे ऋषियों ने सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामय: की कामना की।

मध्यप्रदेश है योगियों की तपोस्थली

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश योगियों की तपोस्थली रही है। भगवान श्रीकृष्ण को मध्यप्रदेश की धरती पर योग का ज्ञान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपन्नता गौरवशाली इतिहास का अभिन्न हिस्सा रही है। योगेश्वर श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की,यहां उन्होंने 64 कला और 14 विद्याओं का गहन अध्ययन किया, इनमें योग विज्ञान सबसे प्रमुख था। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दुनिया के 200 से अधिक देशों में योगाभ्यास हो रहा है। यह भारत की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। भारत एक बार फिर दुनिया को अपनी समृद्ध संस्कृति से परिचित करा रहा है।

सूर्य देव की कक्षा में परिवर्तन का दिन है 21 जून

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के साथ-साथ सूर्य देव की कक्षा परिवर्तन का दिन भी है। आज से सूर्य देव उत्तरायण से दक्षिणायण की ओर यात्रा प्रारंभ करते है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तथा राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्मृति-चिन्ह भेंट किया।

युवा जोश चैरिटेबल सोसाइटी ने बांटे 1100 तुलसी के पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

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हाथरस।  युवा जोश चैरिटेबल सोसाइटी (रजि.) द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से चलाया गया एक माह का तुलसी वितरण अभियान खाटूश्याम मंदिर परिसर में समापन कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। अभियान के दौरान संस्था ने शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में 1100 तुलसी के पौधे निःशुल्क वितरित किए।संस्था के अध्यक्ष योगेश वार्ष्णेय (सहपऊ वाले) एवं युवा समाजसेवी सौरभ शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का उद्देश्य लोगों को तुलसी के औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व से अवगत कराते हुए प्रत्येक घर में तुलसी का पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना था। स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर पौधे वितरित किए तथा उनके संरक्षण एवं देखभाल की जानकारी भी दी।संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि तुलसी को आयुर्वेद में संजीवनी बूटी का दर्जा प्राप्त है। यह वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ अनेक बीमारियों से बचाव में भी लाभकारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्था पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े ऐसे अभियान निरंतर चलाती रहेगी।अभियान के समापन अवसर पर स्थानीय लोगों ने संस्था की पहल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।इस अवसर पर योगेश वार्ष्णेय, सौरभ शर्मा, चंदन वार्ष्णेय, अनिल वार्ष्णेय, तरुण पंकज, रवि वार्ष्णेय, विशाल दुबे, आशीष गौड़, रामजी लाल, मोहित वार्ष्णेय, पिंटू गुप्ता, विकास कुशवाह, गोपाल अग्रवाल सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
 

 स्कॉर्पियो रिपेयर कराने आए युवकों पर जानलेवा हमला

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जोधपुर । शहर के देवनगर थाना क्षेत्र स्थित बॉम्बे मोटर चौराहे पर देर रात बदमाशों ने दो युवकों पर सरेआम हमला कर दिया। स्कॉर्पियो वाहन की मरम्मत कराने आए सन्नी हंस और विक्की फाइटर पर 5-6 हथियारबंद बदमाशों ने धारदार हथियारों से हमला किया और फायरिंग भी की। हमले में विक्की के सिर तथा सन्नी की पीठ में गोली लगी। दोनों को गंभीर हालत में एमडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान विक्की की मौत हो गई, जबकि सन्नी का इलाज जारी है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना को कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है।
 

भोजपुर एनकाउंटर की होगी न्यायिक जांच, बढ़ते जनाक्रोश के बीच बिहार सरकार का बड़ा फैसला

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पटना। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। बढ़ते जनाक्रोश और पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवालों के बीच बिहार सरकार ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच पटना उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की सच्चाई सामने आ सके। इस एनकाउंटर को लेकर सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि विपक्ष से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि मामला कई गंभीर संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि केवल चार पुलिसकर्मियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे घटनाक्रम की गहन और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी पुलिसकर्मी ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ भी उतनी ही सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जितनी किसी अपराधी के खिलाफ की जाती है। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था और वह निहत्था था, तो फिर उस पर गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गूंज अब बिहार से निकलकर झारखंड तक पहुंच गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भी सरकार को घेरते हुए पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की और मृतक भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से कर दी। बहरहाल न्यायिक जांच की घोषणा के बाद अब सभी की निगाहें जांच प्रक्रिया और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस जांच से एनकाउंटर से जुड़े विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों पर से पर्दा उठ सकता है।
 

अल नीनो का साया, जलाशयों का जलस्तर घटा, बिजली उत्पादन पर असर

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नई दिल्ली: भारत में इस समय सुपर अलनीनो का असर साफ तौर पर दिखने लगा है, जिसकी वजह से मानसून की रफ्तार काफी सुस्त पड़ गई है। देश में अब तक सामान्य के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जिसने आने वाले समय के लिए जल संकट की बड़ी चेतावनी दे दी है। कम बारिश का सीधा असर देश के जल स्रोतों पर पड़ा है और भारत के 166 प्रमुख जलाशयों (बांधों) में पानी का कुल स्टॉक घटकर उनकी क्षमता का महज 27.5 फीसदी ही रह गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि मौजूदा जलस्तर पिछले 10 साल के औसत रिकॉर्ड से थोड़ा बेहतर है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों और जल प्रबंधन के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मानसून की यही सुस्ती जारी रही, तो आने वाले हफ्तों में खेती-किसानी, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए स्थितियां बेहद गंभीर हो सकती हैं।

बिजली उत्पादन और लाइव स्टोरेज पर सीधा असर

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, देश के इन प्रमुख जलाशयों की कुल लाइव पानी रखने की क्षमता लगभग 183.6 बिलियन क्यूबिक मीटर है। जलाशयों का सूखना देश की ऊर्जा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ा खतरा है क्योंकि इनमें से 20 प्रमुख जलाशयों से बड़ी जलविद्युत (हाइड्रोपावर) परियोजनाएं संचालित होती हैं। पानी का स्तर लगातार गिरने से इन केंद्रों में बिजली का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों को गंभीर बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है।

मानसून की सुस्त चाल और घटता जलस्तर

इस वर्ष मानसून की शुरुआत बेहद कमजोर और उम्मीद से काफी धीमी रही है। मानसून ने तय समय से तीन दिन की देरी से केरल में दस्तक दी और उसके बाद भी आगे बढ़ने की इसकी रफ्तार बहुत सुस्त बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि देश के कई हिस्सों में बादल तो छाए हैं लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है। जानकारों के मुताबिक, यदि जून के आखिरी और जुलाई के शुरुआती हफ्तों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खरीफ फसलों की बुवाई, सिंचाई और उद्योगों के काम पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल अब देश की पूरी कृषि और जल भंडारण का भविष्य जुलाई के महीने में होने वाली झमाझम बारिश पर निर्भर करता है।

कुछ राज्यों में हालात बेहतर, कहीं मंडराया संकट

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े बताते हैं कि पानी की यह किल्लत पूरे देश में एक जैसी नहीं है। उत्तर और मध्य भारत के कुछ जलाशयों में पिछले साल की तुलना में बेहतर पानी जमा है, जबकि पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी भारत के राज्यों में स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है।

अगर राज्यवार स्थिति को देखें, तो असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के जलाशयों में पिछले साल के मुकाबले पानी का स्टॉक काफी बेहतर दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, आंध्र प्रदेश, गोवा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जलाशयों का पानी पिछले साल की तुलना में काफी नीचे चला गया है, जिससे इन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में सूखे जैसी स्थिति और जल संकट गहराने की पूरी आशंका है।

पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी, कलेक्ट्रेट में किसानों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र

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हाथरस।  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर (हुगली) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण दिखाया गया, जिसमें योजना की नई किस्त जारी करने के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने की। इस अवसर पर सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंद्राराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, सादाबाद विधायक प्रदीप सिंह (गुड्डू), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण योजना है, जिससे देश के करोड़ों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न कृषि एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने किसानों को 23वीं किस्त जारी होने पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी 10 किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
 

आरएएस ट्रांसफर सूची: जयपुर में 48 अफसरों को मिली पोस्टिंग, चंपालाल जयपुर आरटीओ बने

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जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने आदेश जारी कर 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारियों के ट्रांसफर किए। इसमें जयपुर जिले में 48 अधिकारियों को अलग-अलग डिपार्टमेंट, निगमों और बोर्डों में पोस्टिंग मिली है। इसमें आरटीओ जयपुर फर्स्ट, डिस्ट्रिक्ट आबकारी अधिकारी सहित जयपुर नगर निगम और जेडीए में तैनात कुछ अफसरों को बदला है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और पंचायती राज डिपार्टमेंट के मंत्री ओटाराम देवासी के विशिष्ट असिस्टेंट को भी बदला गया है। जयपुर आरटीओ फर्स्ट पर करीब पौने दो साल से नियुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत को हटाकर उनकी जगह चंपालाल को लगाया गया है। जबकि शेखावत को जेडीए में डिप्टी कमिश्नर लगाया है। इसी तरह डिस्ट्रिक्ट आबकारी अधिकारी के पोस्ट से महिपाल सिंह को हटाकर उन्हें स्टेट महिला आयोग में लगाया है। फिलहाल डिस्ट्रिक्ट आबकारी अधिकारी के पोस्ट को खाली रखा गया है।
अन्य प्रमुख ट्रांसफर में मुकेश कुमार वर्मा को सेक्रेटरी, राज्य सूचना आयोग; गौरव चतुर्वेदी को एमडी, राज्य बीज निगम; प्रवीण कुमार लेखरा को रजिस्ट्रार, राज. सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण; अरविंद सारस्वत को ज्वाइंट सेक्रेटरी, पीएचईडी; सीमा कुमार को ज्वाइंट सेक्रेटरी, मुख्य सचिव ऑफिस; विभु कौशिक को विशिष्ट सेक्रेटरी, स्वास्थ्य मिनिस्टर (गजेन्द्र सिंह खींवसर); हेमंत स्वरूप माथुर को एडिशनल कमिश्नर ई.जी.एस; डॉ. प्रवीण कुमार को एडिशनल डायरेक्टर, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि डिपार्टमेंट; और विनीता सिंह को सीईओ, राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद बनाया गया है।
अरविंद कुमार जाखड़ डिप्टी सेक्रेटरी, न्याय डिपार्टमेंट और बलवंत सिंह लिग्री एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, आरएसबीसीएल होंगे। राजूलाल गुर्जर को रजिस्ट्रार, आरयूएचएस यूनिवर्सिटी तथा मुकेश कुमार कलाल को विशिष्ट असिस्टेंट, स्टेट मिनिस्टर पंचायती राज (ओटाराम देवासी) लगाया गया है। धारा सिंह मीणा को डिप्टी कमिश्नर, जेडीए और चन्दन दुबे को डिप्टी सेक्रेटरी, राज्यपाल का चार्ज मिला है। कुलराज मीणा को एमडी, आर.एस.एल.डी.सी और सोनल मीना को पीसीपीएनडीटी की स्टेट नोडल ऑफिसर बनाया गया है। दिलीप सिंह, मनमोहन शर्मा और श्रद्धा सिंह को नगर निगम में डिप्टी कमिश्नर नियुक्त किया गया है। ये ट्रांसफर राज्य के एडमिनिस्ट्रेशन में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं।
 

बिहार में दूध उत्पादन ने बनाई नई ऊंचाई, एक साल में 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी

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पटना। बिहार में डेयरी क्षेत्र से जुड़ी एक सकारात्मक खबर सामने आई है। राज्य में इस वर्ष दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार बिहार में अब प्रतिदिन करीब 26 लाख लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा लगभग 22 लाख लीटर प्रतिदिन था। इस तरह एक साल के भीतर दूध उत्पादन में करीब 4 लाख लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि के पीछे हरे चारे की बेहतर उपलब्धता, अनुकूल मौसम और दुधारु पशुओं में बड़ी संक्रामक बीमारियों का नहीं फैलना प्रमुख कारण हैं। सामान्य तौर पर गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में गिरावट देखी जाती है, लेकिन इस बार समय-समय पर हुई बारिश और अपेक्षाकृत बेहतर मौसम ने पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव डाला। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष गायों और भैंसों में कोई बड़ी संक्रामक बीमारी नहीं फैली, जिससे पशुपालकों को नुकसान नहीं हुआ और दूध उत्पादन लगातार बना रहा। बेहतर पशु स्वास्थ्य के कारण डेयरी क्षेत्र को भी मजबूती मिली है। हालांकि, राज्य में पशुधन की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई है। 20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार बिहार में लगभग 1 करोड़ 53 लाख गाय और 77 लाख भैंस थीं। वहीं, मार्च 2025 के प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक गायों की संख्या घटकर करीब 1 करोड़ 48 लाख रह गई है। भैंसों की संख्या में भी कमी देखी गई है। इसके अलावा राज्य में पोल्ट्री पक्षियों की संख्या 2.25 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, हालांकि वर्ष 2025 की पशुधन गणना की अंतिम रिपोर्ट अभी जारी नहीं की गई है। विभाग का मानना है कि पशुपालकों द्वारा अपनाए जा रहे बेहतर पशु प्रबंधन, संतुलित आहार और हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता ने दूध उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। इससे न केवल डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के लाखों पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पशुपालन और डेयरी विकास की योजनाओं को इसी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाता रहा, तो आने वाले वर्षों में बिहार देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकता है।
 

राम मंदिर चढ़ावे चोरी में एसआईटी को मिले अहम सबूत, चंपत राय शक के दायरे में

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अयोध्या। अयोध्या में स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच कर रही एसआईटी को अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी रविवार या सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। इस पूरे मामले में एसआईटी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका संदिग्ध पाई है। एसआईटी को सीसीटीवी फुटेज से रकम पार किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। कुछ सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का भी शक है। एसआईटी ने लापरवाही और साजिश इन दोनों पहलुओं की जांच की है। दान राशि की गणना प्रक्रिया की निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टिन्नू यादव, कुछ गरणाकर्मी और बैंक कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। ट्रस्ट के पदाधिकारी के अयोध्या छोड़ने पर एसआईटी ने रोक लगा दी है। एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारी अनिल मिश्रा और निर्माण सहायक गोपाल राव की भूमिका को संदिग्ध बताया है। महासचिव चंपत राय भी सवालों के घेरे में हैं। एसआईटी ने छह दिनों में करीब 150 लोगों से पूछताछ की है। ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों समेत प्रबंधन के 20-25 लोगों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आई है। 6 कर्मचारी एसबीआई के और टीसीएस के 6 कर्मियों से पूछताछ हुई।
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन में बड़े बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा एसआइटी नए सिरे से ट्रस्ट का गठन करने, पारदर्शिता के लिए काशी विश्वनाथ की तर्ज पर कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति, ट्रस्ट के सरकारी पदेन तीन सदस्यों को चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी बढ़ाई जाने, तय समय में चढ़ावे का ऑडिट कराए जाने और उसकी रिपोर्ट शासन को देने, कर्मचारियों की भर्ती को पारदर्शिता बनाए जाने, सिफारिश के आधार पर भर्ती ना करने, बैंक गणना कार्यों में अपने नियमित कर्मचारियों को लगाने और निगरानी तंत्र को और मजबूत करने का सुझाव दे सकती है।
 

एक लाख रुपये के विवाद में समधन की गोली मारकर हत्या, आरोपी समधी परिवार समेत फरार

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पटना। राजधानी पटना के फतुहा थाना क्षेत्र के खरफर गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। महज एक लाख रुपये के विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी समधन की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी समधी अपने परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मृतका की पहचान 45 वर्षीय रानी देवी के रूप में हुई है। मृतका के पति संजय पासवान और पुत्र सोनू कुमार ने आरोप लगाया है कि आरोपी वीरू पासवान अपने दो साथियों के साथ उनके घर पहुंचा था। बकाया रकम को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपी ने हथियार निकालकर गोली चला दी। परिजनों का कहना है कि गोली संजय पासवान को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन वह रानी देवी को लग गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

– भैंस खरीदने के लेन-देन से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले भैंस खरीदने को लेकर ढाई लाख रुपये का लेन-देन हुआ था। इसमें से डेढ़ लाख रुपये वापस किए जा चुके थे, जबकि लगभग एक लाख रुपये बकाया था। इसी रकम को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बकाया राशि लौटाने के लिए 30 जून तक का समय तय किया गया था, लेकिन आरोपी लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था। इतना ही नहीं, हत्या से करीब 15 दिन पहले भी आरोपी पक्ष द्वारा धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

– पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी
मृतका के बेटे सोनू कुमार ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले आरोपी के बड़े भाई ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की थी और गोली मारने की धमकी भी दी थी। हालांकि परिवार ने उस धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार रात वही धमकी हकीकत में बदल गई।गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थ ल पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि रानी देवी घर के अंदर खून से लथपथ पड़ी थीं। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

– एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही पचरुखिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से खोखा समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं, एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की और नमूने एकत्र किए। सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि आरोपी वीरू पासवान और उसके साथियों की तलाश जारी है तथा उन्हें जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
 

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