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 घर में बना रखा था पटाखों का गोदाम

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जयपुर। शहर में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने एक दो मंजिला मकान से बड़ी मात्रा में पटाखे बरामद किए हैं। पानों का दरीबा और चाणक्या मार्ग के बीच स्थित मकान में स्थानीय निवासी रोहित अग्रवाल द्वारा अवैध रूप से पटाखे रखे जाने की जानकारी मिली। बताया गया कि रोहित सीजनल पटाखों की दुकान संचालित करता है और परिवार के साथ इसी मकान में रहता है। मकान के कुछ हिस्सों में किरायेदार भी रह रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि मकान के पास कोयले का गोदाम भी स्थित है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। पुलिस जांच के दौरान रोहित मौके पर नहीं मिला और उसे फरार बताया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
 

बिहार में हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद

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औरंगाबाद। बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजिला हथियार तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तस्कर कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने का काम करते थे। उनकी गिरफ्तारी से हथियार तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपहारा थाना क्षेत्र के झाड़ी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली तथा इश्तेखार आलम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर समेत कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है। सूचना के आधार पर 19 जून को गोह थाना पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार के समीप घेराबंदी कर तीन बाइक पर सवार चार संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तीन लोडेड पिस्टल, दो देशी कार्बाइन, दो कट्टा, एक खराब कट्टा, 159 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, तीन बाइक, चार मोबाइल फोन और दो खोखा बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने अवैध हथियारों की तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की गई, जहां से अतिरिक्त हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से हथियारों की खरीद-बिक्री में सक्रिय था और कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला हुआ था। एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई जारी है। सभी आरोपियों को गोह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खेप कहां से लाई जा रही थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
 

शराब कारोबार में बड़ा बदलाव, तमिलनाडु देगा विदेशी कंपनियों को एंट्री

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चेन्नई: तमिलनाडु में शराब के कारोबार को लेकर एक बहुत बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है, जिसके तहत विदेशी और ग्लोबल कंपनियों को राज्य के बाजार में एंट्री मिल सकती है। विजय सरकार का मानना है कि इस बड़े कदम से न केवल सरकार के आबकारी (एक्साइज) राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि ग्राहकों को भी मनपसंद ब्रांड्स के ढेरों नए विकल्प मिलेंगे। सरकार की योजना इसके जरिए उन ग्राहकों को रोकने की है जो अच्छे ब्रांड्स की चाहत में पड़ोसी राज्यों जैसे बेंगलुरु (कर्नाटक) और पुडुचेरी का रुख करते हैं।

लोकल दबदबा खत्म होने से ग्राहकों को मिलेंगे ज्यादा विकल्प

राज्य का शराब बाजार पिछले कई सालों से पूरी तरह स्थानीय डिस्टिलरियों के कब्जे में रहा है, जिसकी वजह से आम उपभोक्ताओं के पास ब्रांड्स के बेहद सीमित विकल्प मौजूद थे। सरकार को पूरी उम्मीद है कि जैसे ही बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्लोबल ब्रांड्स के लिए खोला जाएगा, वैसे ही पुराने ग्राहकों को राज्य में बनाए रखने और नए शौकीनों को आकर्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी। इस प्रतिस्पर्धा से सीधे तौर पर सरकारी खजाने को फायदा पहुंचेगा।

दुकानों का होगा आधुनिकीकरण और सुधरेगा माहौल

इस नई और आधुनिक नीति के अंतर्गत तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की सरकारी दुकानों की सूरत भी बदली जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन आउटलेट्स का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को खरीदारी का एक सभ्य, बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके।

राजस्व घाटे की भरपाई और भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई

हाल ही के दिनों में राज्य भर के 717 टीएएसएमएसी आउटलेट्स को बंद किया गया था, जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस घाटे की भरपाई करने के लिए ही सरकार अब ग्लोबल ब्रांड्स समेत कई नई कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने की मंजूरी देने जा रही है। इसके साथ ही, आबकारी विभाग ने राजस्व की चोरी और लीकेज को रोकने के लिए एक और कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि राजनीतिक रसूख और सांठगांठ रखने वाले अधिकारियों का तुरंत तबादला किया जाए, ताकि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके। माना जा रहा है कि यह नीतिगत बदलाव राज्य के शराब बाजार को एक नया रूप देगा।

60 दिनों में ईरान से समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका वसूलेगा जहाजों से टोल

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वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया दांव चल दिया है। अब ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले 60 दिनों में ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका खुद होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूल सकता है। हैरानी वाली बात है कि ट्रंप पहले कहते थे कि होर्मुज फ्री रहेगा। वह ईरान की तरफ से टोल वसूलने के भी खिलाफ थे, लेकिन अब ट्रंप ही कह रहे हैं कि वह टोल वसूलेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि फिलहाल 60 दिनों तक जहाजों से कोई फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन अगर इस समय में स्थायी समझौता नहीं हो पाया तो अमेरिका समुद्री सुरक्षा पर हुए अपने खर्च की भरपाई के लिए खुद फीस लगाने पर विचार करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना पश्चिम एशिया के देशों के लिए ‘गार्जियन एंजेल’ की तरह काम कर रही है और उसकी कीमत भी चुकानी होगी।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच टेक्निकल लेवल की बातचीत होने वाली है। इन बातचीतों में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के वरिष्ठ नेता मोहम्मद बागेर कालीबाफ समेत कई बड़े प्रतिनिधि वहां पहुंच रहे हैं। इस बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत, होर्मुज और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अगले दो महीनों के रोडमैप पर चर्चा होगी।
रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत से पहले ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा कर दी। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका और इजराइल ने हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन किया है। खासतौर पर लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को ईरान समझौते का उल्लंघन बता रहा है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अमेरिकी नौसेना पूरे इलाके में सुरक्षा बनाए हुए है।

ब्रिटने में बने पाकिस्तान जैसे हालात, देश में पांच साल में पांच पीएम!

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लंदन। ब्रिटेन की राजनीति में कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया है। पिछले पांच सालों में देश चार पीएम देख चुका है और अब ऐसी अटकलें हैं कि सोमवार को ब्रिटेन पांचवां पीएम भी देख सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम कीर स्टारमर सोमवार को अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं और डाउनिंग स्ट्रीट छोड़ने का औपचारिक कार्यक्रम भी पेश करेंगे।
क्योंकि अक्सर देखा गया है कि ऐसे हालात पाकिस्तान की राजनीति में पैदा होते हैं यहां 5 साल का कार्यकाल कोई भी पीएम पूरा नहीं कर पाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों से सरकार के अंदर लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव और आंतरिक मतभेदों के बाद स्टार्मर ने यह फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि पिछले 48 घंटों के दौरान उन्होंने कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों, राजनीतिक सलाहकारों, लेबर पार्टी के प्रमुख डोनर्स और प्रभावशाली ट्रेड यूनियन नेताओं के साथ बैठकें कीं। इन चर्चाओं के बाद उन्हें लगा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए नेतृत्व जारी रखना संभव नहीं है।
हालांकि, डाउनिंग स्ट्रीट की ओर से अब तक इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि लेबर पार्टी के अंदर सत्ता हस्तांतरण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, ताकि राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से बचा जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक कीर के करीबी सहयोगियों ने उन्हें संकेत दिया कि अब उनके पास बड़े विधायी सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। वहीं पार्टी के बड़े डोनर्स और ट्रेड यूनियन नेताओं ने भी सरकार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और गिरती लोकप्रियता पर चिंता जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक पीएम स्टारमर के संभावित इस्तीफे की खबर के साथ ही नए नेता की चर्चा भी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि सोमवार को यदि वह औपचारिक घोषणा करते हैं तो उसके तुरंत बाद लेबर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नेतृत्व की दौड़ में उतर सकते हैं। यह चुनाव सिर्फ नए पीएम का फैसला नहीं करेगा, बल्कि आने वाले समय में लेबर पार्टी की राजनीतिक दिशा भी तय करेगा। 
ब्रिटेन की संवैधानिक व्यवस्था के तहत यदि स्टारमर कीर इस्तीफा देते हैं तो नया नेता चुने जाने तक वह कार्यवाहक पीएम बने रहेंगे, ताकि सरकार का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे। इसके बाद लेबर पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी नेतृत्व चुनाव की प्रक्रिया, नामांकन और मतदान का कार्यक्रम तय करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी जल्द नया नेता चुनने के पक्ष में है, ताकि लंबी राजनीतिक अनिश्चितता से बचा जा सके।

आत्मनिर्भर भारत की बड़ी उपलब्धि, तीन स्वदेशी युद्धपोत नौसेना के बेड़े में शामिल

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कोलकाता: भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को और अधिक शक्तिशाली बनाते हुए रविवार को तीन पूरी तरह से स्वदेशी युद्धपोतों को नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक विशेष और भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी मौजूदगी में गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'आईएनएस दूनागिरी', एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट 'आईएनएस अग्रय' और सर्वे वेसेल लार्ज 'आईएनएस संशोधक' को औपचारिक रूप से नौसेना में कमीशन किया गया।

रक्षा क्षेत्र में खरीदार से निर्माता बना भारत

इस ऐतिहासिक अवसर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब केवल दूसरे देशों से रक्षा उपकरण खरीदने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि आज हम खुद आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीकों का निर्माण कर रहे हैं और अन्य देशों को इनका निर्यात भी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह बड़ी उपलब्धि देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री ने एक खास संयोग का जिक्र करते हुए बताया कि 21 जून को विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस भी मनाया जाता है, और ठीक इसी दिन भारत के सबसे आधुनिक हाइड्रोग्राफी जहाज 'आईएनएस संशोधक' का नौसेना में शामिल होना देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।

आत्मनिर्भरता की ओर देश की एक नई उड़ान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आईएनएस विक्रांत के निर्माण से शुरू हुई हमारी यह यात्रा केवल नए युद्धपोतों को बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर बनने की एक जीती-जागती कहानी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आईएनएस अग्रय, आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस संशोधक इस अभियान को और अधिक रफ्तार देंगे। सरकार द्वारा शिपबिल्डिंग के क्षेत्र में किए गए बड़े सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देश में जहाजों के निर्माण, उनकी मरम्मत और रख-रखाव (एमआरओ) को अब एक राष्ट्रीय मिशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे न केवल हमारी औद्योगिक क्षमता मजबूत होगी बल्कि देश के लाखों युवाओं को रोजगार के नए और बड़े अवसर भी मिलेंगे।

शांति और सुरक्षा का मजबूत संकल्प

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में भारत के वैश्विक दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि हमारे देश ने हमेशा से ही समुद्र को आपसी सहयोग और शांति का जरिया माना है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस शांति को बनाए रखने के लिए सामर्थ्य और देश की सुरक्षा का मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अटूट विश्वास जताया कि आने वाले सालों में हमारा समुद्री क्षेत्र युवाओं के सुनहरे भविष्य और रोजगार का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा, जो आगे चलकर 'विकसित भारत' के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

योग अपनाएं, राष्ट्र को मजबूत बनाएं: सीएम मोहन यादव

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भोपाल: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के विशेष अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और उनसे योग को अपने जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने का आग्रह किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की इस आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हमारे शरीर और मन दोनों को संतुलित व शांत रखने का सबसे सरल और असरदार जरिया बनकर उभरा है। उन्होंने इस बात पर गहरा संतोष और खुशी व्यक्त की कि भारत की हजारों साल पुरानी यह अनमोल योग परंपरा आज पूरी दुनिया में बड़े सम्मान और स्वीकार्यता के साथ अपनाई जा रही है।

वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता सांस्कृतिक प्रभाव

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कारण ही संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी, जो हर भारतीय के लिए बेहद गर्व की बात है। आज दुनिया के 190 से अधिक देशों में योग का अभ्यास किया जाना भारत की मजबूत सांस्कृतिक पहचान और बढ़ते वैश्विक प्रभाव को साफ तौर पर दर्शाता है। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन के उत्सव या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करें ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

मध्य प्रदेश में 'हर घर योग अभियान' की गूंज

राज्य में योग को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश के गांवों और शहरों में "हर घर योग अभियान" को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है, जिससे आम जनता भारी संख्या में जुड़ रही है। राज्य के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों और सभी सरकारी कार्यालयों में नियमित योग सत्र चलाए जा रहे हैं, जहां प्रशिक्षित योग शिक्षक और योग-दूत लोगों को योग का सही अभ्यास करा रहे हैं। हाल ही में इंदौर की मालवांचल यूनिवर्सिटी में हजारों विद्यार्थियों द्वारा किए गए सामूहिक योग और बने रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह युवाओं में योग की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है, जो उन्हें तनाव, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी आधुनिक बीमारियों से दूर रखने में मदद करेगा।

स्वास्थ्य के साथ प्रकृति को बचाने का अनूठा संकल्प

इस बार योग दिवस के संदेश में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के अंतर्संबंधों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए साफ हवा और स्वच्छ वातावरण उतना ही जरूरी है जितना कि योग का अभ्यास करना। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने योग दिवस के कार्यक्रमों को "एक पेड़ मां के नाम" अभियान से जोड़ा है, जिसके तहत विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर योग दिवस तक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि जनवरी 2027 में मध्य प्रदेश "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतना" विषय पर एक भव्य वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के दिग्गज विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और पर्यावरण व स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक जागरूकता को एक नई दिशा देंगे।

तमिलनाडु की सियासत में नई करवट, मुस्लिम लीग के फैसले ने बढ़ाई हलचल

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चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में नए बड़े समीकरण बनने के संकेत मिल रहे हैं। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की लंबे समय से बेहद भरोसेमंद सहयोगी रही इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने आधिकारिक रूप से डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) से अलग होने का बड़ा फैसला कर लिया है। इस अचानक आए सियासी मोड़ के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा बेहद तेज हो गई है कि क्या डीएमके भविष्य में केंद्र की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बन सकती है। चेन्नई में आयोजित आईयूएमएल की जनरल काउंसिल की बैठक में पार्टी ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए, जिसमें डीएमके गठबंधन से अपना नाता तोड़ने का निर्णय मुख्य था। पार्टी नेतृत्व का साफ कहना है कि राज्य की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ही यह कदम उठाया गया है।

टीवीके सरकार को समर्थन बना गठबंधन टूटने की वजह

आईयूएमएल ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद उसने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार को अपना समर्थन दिया था। पार्टी के अनुसार, यह निर्णय किसी निजी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं बल्कि राज्य में एक मजबूत राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था। पार्टी अध्यक्ष केएम खादर मोहिदीन ने माना कि डीएमके गठबंधन के साथ रहते हुए आईयूएमएल को विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार सफलता मिली थी, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए अब नए और स्वतंत्र राजनीतिक फैसले लेना बेहद आवश्यक हो गया था। बाद में पार्टी विधायक ए.एम. शाहजहां को नई सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाए जाने से भी इन दोनों दलों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं।

कैसे बनी थी टीवीके सरकार और क्या है नया गणित

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी थी, लेकिन वह अपने दम पर पूर्ण बहुमत का जादुई आंकड़ा नहीं छू सकी थी। इसके बाद कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल समेत कई अन्य प्रमुख दलों ने आगे आकर समर्थन दिया और राज्य में सरकार गठन का रास्ता साफ किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पहले कांग्रेस का टीवीके के साथ जाना और अब आईयूएमएल का डीएमके गठबंधन से पूरी तरह अलग हो जाना राज्य की विपक्षी राजनीति में एक बहुत बड़े पुनर्गठन और नए मोर्चे के गठन का साफ संकेत है।

क्या एनडीए की ओर बढ़ रही है डीएमके?

आईयूएमएल के गठबंधन से बाहर होने के बाद सबसे ज्यादा सुगबुगाहट डीएमके की संभावित राजनीतिक दिशा को लेकर हो रही है। सियासी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार संसद में अपने भविष्य के बड़े विधायी एजेंडे और महत्वपूर्ण कानूनों को आगे बढ़ाने के लिए नए सहयोगी दलों का दायरा बढ़ाने पर लगातार विचार कर रही है। इसी कड़ी में डीएमके और एनडीए के बीच संभावित नजदीकियों की अटकलें तेजी से लगाई जा रही हैं। लोकसभा में डीएमके के पास 22 सांसद हैं, ऐसे में यदि पार्टी भविष्य में एनडीए का हिस्सा बनती है तो सत्तारूढ़ गठबंधन की ताकत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की सरकार की रणनीति को भारी मजबूती मिलेगी।

फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

हालांकि, डीएमके के एनडीए में शामिल होने की इन अटकलों को लेकर अभी तक न तो डीएमके के शीर्ष नेतृत्व और न ही भाजपा की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने आई है। फिलहाल यह पूरी चर्चा केवल राजनीतिक सूत्रों के दावों और कयासों तक ही सीमित है। लेकिन आईयूएमएल के इस बड़े फैसले के बाद इतना तो तय है कि तमिलनाडु की धरती पर आने वाले दिनों में एक नई राजनीतिक पटकथा लिखी जा सकती है।

लोकसभा में पास होगा परिसीमन बिल? बीजेपी जुटा रही दो-तिहाई बहुमत

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नई दिल्ली: विपक्षी दलों में लगातार हो रही बड़ी राजनीतिक टूट ने केंद्र की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के हौसलों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। इस सियासी फेरबदल से सरकार के भीतर यह भरोसा काफी बढ़ गया है कि अगले महीने शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र तक वे संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत का जादुई आंकड़ा आसानी से हासिल कर लेंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में एक केंद्रीय मंत्री के हवाले से दावा किया गया है कि सरकार को पूरा विश्वास है कि मॉनसून सत्र के आगाज तक महिला आरक्षण को लोकसभा और विधानसभा सीटों के नए परिसीमन से जोड़ने वाले इस बेहद महत्वपूर्ण विधेयक के लिए आवश्यक संख्या बल जुटा लिया जाएगा।

दो बड़े ऐतिहासिक विधेयकों को पास कराने की तैयारी

केंद्र सरकार संसद के आगामी सत्र में दो बेहद अहम संविधान संशोधन विधेयकों को हरी झंडी दिखाने की पूरी तैयारी में है, जिन्हें कानून बनाने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत मिलना अनिवार्य है। इसके तहत देश में महिला आरक्षण की व्यवस्था को लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने और उनकी सीमाओं को दोबारा तय करने (परिसीमन) की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, बीजेपी साल 2029 के आम चुनाव से काफी पहले पूरे देश में 'एक देश, एक चुनाव' यानी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने का कानून बनाना चाहती है। रणनीतिकारों का मानना है कि एक साथ चुनाव होने से पार्टी को राज्य के चुनावों में भी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव जैसे बड़े मुद्दों पर सीधे वोट मांगने का फायदा मिलेगा।

जादुई आंकड़े का गणित और विपक्ष में बगावत के संकेत

वर्तमान में 540 की प्रभावी संख्या वाली लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी कम से कम 360 वोटों की आवश्यकता है। फिलहाल लोकसभा में एनडीए की अपनी ताकत 293 सीटों की है। रणनीतिकारों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के 28 में से 20 बागी सांसदों और शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 बागी सांसदों के पाला बदलने की उम्मीद है, जिससे यह आंकड़ा 319 तक पहुंच सकता है। हालांकि यह संख्या अभी भी 360 के लक्ष्य से थोड़ी दूर है, लेकिन शीर्ष नेताओं का दावा है कि वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि 37 सांसदों वाली समाजवादी पार्टी समेत कई अन्य विपक्षी दलों में भी अगले कुछ हफ्तों में बड़ी बगावत देखने को मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में विपक्ष के भीतर कुछ ऐसे बड़े राजनीतिक उलटफेर होंगे जो उनकी ताकत को काफी कम कर देंगे।

सीटों के समीकरण बदलने का डर और सरकार का तर्क

दूसरी तरफ, विपक्ष को यह बड़ा डर सता रहा है कि पूरे देश में होने वाला यह नया परिसीमन सत्तारूढ़ दल को एक स्थायी और मजबूत बढ़त दे सकता है। विपक्षी दल इसके लिए असम में हुए परिसीमन का उदाहरण दे रहे हैं, जहां कुछ खास आबादी वाले क्षेत्रों की सीमाओं को इस तरह बदला गया जिससे विपक्ष की पारंपरिक सीटों का पूरा गणित ही बिगड़ गया। लोकसभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी सरकार पर राजनीतिक फायदे के लिए विपक्षी नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों को मनमाने ढंग से बदलने का सीधा आरोप लगाया था। हालांकि, सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती आई है। सरकार का तर्क है कि साल 1971 की जनगणना के बाद से देश की आबादी में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद लोकसभा की सीटें नहीं बढ़ाई गई हैं, इसलिए देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह सुधार अब बेहद जरूरी हो चुका है।

इंदौर के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि, सामूहिक भ्रामरी प्राणायाम में उमड़ा जनसैलाब

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इंदौर:अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर पूरे इंदौर शहर में योग का एक अद्भुत और उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। वैसे तो इस खास दिन पर शहर के कोने-कोने में कार्यक्रम हुए, लेकिन मुख्य शासकीय आयोजन बास्केटबॉल स्टेडियम में संपन्न हुआ। "स्वस्थ जीवन के लिए योग" की विशेष थीम पर आधारित इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग और नगर निगम ने मिलकर आयोजित किया था। आयोजन के दौरान बारिश की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि लोगों को योगाभ्यास में कोई बाधा न आए। इस भव्य कार्यक्रम में तमाम जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जहां देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के योग संदेश का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।

10 हजार साधकों ने बनाया अनूठा रिकॉर्ड

इस साल इंदौर के गोपुर चौराहा पर 'योग मित्र अभियान' के तहत सबसे शानदार और आकर्षक नजारा देखने को मिला। सुबह 6:00 बजे शुरू हुए इस विशाल कार्यक्रम में करीब 10 हजार से अधिक योग साधकों ने एक साथ सुर में सुर मिलाकर भ्रामरी प्राणायाम किया, जो अपने आप में सामूहिक ऊर्जा और अनुशासन की एक बड़ी मिसाल बन गया। इस विशालकाय आयोजन को सफल बनाने के लिए शहर की 70 से ज्यादा योग संस्थाएं और 150 से अधिक सामाजिक संगठन एक साथ मंच पर आए। अनुभवी योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में सभी ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया। इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

जागरूकता के लिए दो दिनी भव्य चित्र प्रदर्शनी

योग दिवस के इस पावन मौके पर इंदौर में केवल योगाभ्यास ही नहीं हुआ, बल्कि लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए अन्य गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इसी कड़ी में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा रेसिडेंसी क्षेत्र के सेंट्रल जिमखाना क्लब में दो दिवसीय विशेष चित्र प्रदर्शनी की शुरुआत की गई। इस ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी का उद्घाटन इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने किया। प्रदर्शनी में योग के प्राचीन इतिहास, उससे शरीर को होने वाले चमत्कारी फायदों और भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य शैली को बेहद खूबसूरती से चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अनूठे प्रयासों से युवाओं में योग के प्रति आकर्षण और तेजी से बढ़ेगा।

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