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अवैध खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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रायपुर : प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 6 वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशानुसार ग्राम मितगई एवं पिपरौल स्थित सेंदूर नदी क्षेत्र में की गई।

खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षण अभियान के दौरान ग्राम मितगई से 4 तथा ग्राम पिपरौल से 2 वाहन अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाए गए। खनिज अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 6 वाहनों को जब्त कर लिया। जब्त वाहनों को पुलिस चौकी विजयनगर एवं तातापानी की अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है।

खनिज अधिकारी श्री राहुल गुलाटी ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों के स्वामियों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निरीक्षण, जांच और प्रवर्तन अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि कहीं भी अवैध खनिज उत्खनन, भंडारण अथवा परिवहन की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर और सख्ती के साथ जारी रहेगा।
 

भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी : राष्ट्रपति मुर्मु

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भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि शिक्षण संस्थान केवल डिग्री देने के केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और रचनात्मक सोच के विकास के प्रमुख केंद्र होते हैं। विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और भाषाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करना भी विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आधुनिकता और परंपरा के संतुलन से ही देश का समग्र विकास संभव है। राष्ट्र्पति मुर्मु रविवार को जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहीं थी।

इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने विभिन्न संकायों में एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किये और उपाधियों का वितरण किया। कार्यक्रम में विश्व्विद्यालय के 141 विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही 182 शोधार्थियों को पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां प्रदान की। महामहिम राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्विविद्यालय परिसर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि जबलपुर विश्वविद्यालय का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर होना गर्व का विषय है। रानी दुर्गावती वीरता, साहस, शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं और नारी शक्ति के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगी। उन्होंने महान वीरांगना की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों को जनजातीय समाज, वंचित वर्गों तथा विशेषकर बेटियों के सशक्तिकरण के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय जिस क्षेत्र में स्थित है, वहां जनजातीय और वनवासी संस्कृति की समृद्ध उपस्थिति है। ऐसे में यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व केवल अपने करियर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने समाज और गांवों तक पहुंचकर वहां के लोगों का मार्गदर्शन भी करना चाहिए।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार जनजातीय और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चला रही है। कई बार लोगों को इन योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया का पता नहीं होता। ऐसे में शिक्षित युवाओं, विशेषकर जनजातीय समाज से आगे बढ़े युवक-युवतियों का कर्तव्य है कि वे अपने समाज के बीच जाकर लोगों को मार्गदर्शन दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 का सपना तभी साकार होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति और पिछड़े समुदायों को भी विकास की मुख्यधारा में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की पहचान, संस्कृति, परंपरा और अस्मिता को बनाए रखना उतना ही आवश्यक है, जितना आधुनिक विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। जनजातीय समाज के कौशल, पारंपरिक ज्ञान और शिल्प को आधुनिक शिक्षा, नवाचार और शोध से जोड़ने की आवश्यकता है। इस दिशा में विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों को विशेष प्रयास करने चाहिए, जिससे जनजातीय ज्ञान परंपरा का व्यवस्थित अध्ययन हो सके और उसका लाभ व्यापक समाज तक पहुंचे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रमों में समाहित करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने तथा डिजाइन इनोवेशन सेंटर के माध्यम से पेटेंट प्राप्त करने जैसे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में बेटियों की संख्या अधिक है, जो महिला सशक्तिकरण और बदलते भारत की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आज का भारत युवाओं का भारत है और देश को उनसे बड़ी अपेक्षाएं हैं। केंद्र और राज्य सरकारें युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। विश्वविद्यालयों को चाहिए कि वे शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्षम बनाएं। उन्होंने कहा कि आज विश्व तेजी से बदल रहा है और जीवनशैली में भी तीव्र परिवर्तन आ रहा है, लेकिन इस बदलते दौर में भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को नहीं भूलना चाहिए। देश के युवाओं को भारत के सांस्कृतिक मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए। सत्य, अहिंसा, करुणा, सेवा और ईमानदारी जैसे मूल्य भारतीय चेतना का अभिन्न हिस्सा हैं। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर युवा न केवल कठिन परिस्थितियों का दृढ़ता से सामना कर सकते हैं, बल्कि आदर्श नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारियां केवल परिवार या विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं हैं। वे राष्ट्र की आकांक्षाओं और भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं के कंधों पर देश का भविष्य टिका है और उनके ज्ञान, ऊर्जा तथा संकल्प से विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज के व्यापक कल्याण के लिए भी करें।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि शिक्षित युवा अपने आसपास के वंचित, ग्रामीण और जनजातीय समुदायों की समस्याओं को समझें, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करें और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज जो विद्यार्थी विश्वविद्यालय से निकल रहे हैं, वे भविष्य में अधिकारी, प्रोफेसर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ऐसे में उनका दायित्व और भी बढ़ जाता है कि वे समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र

राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होना हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने अमर वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन जनजातीय अस्मिता, प्रजा कल्याण, नारी शक्ति, त्याग, पराक्रम, नेतृत्व क्षमता और आत्मगौरव का अमर संदेश है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती आज भी जनजातीय समुदाय सहित देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र हैं।

राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि उनकी डिग्री केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विकसित भारत के निर्माण, नवाचार और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने वाली शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे रानी दुर्गावती सहित देश के महान जननायकों के शौर्य, लोककल्याण और संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने प्रत्येक विश्वविद्यालय से 5-5 पिछड़े ग्रामों को गोद लेने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थी स्वयं इन ग्रामों में जाकर वहाँ की परिस्थितियों को समझें और अनुभव करें कि जनजातीय समाज और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए किन-किन क्षेत्रों में कार्य करने की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों में समाज सेवा की भावना, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का विकास होगा।

राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से पीएम जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अत्यंत पिछड़े जनजातीय समुदायों, विशेषकर बैगा, भारिया और सहरिया समाज के उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐसे लाखों लोग निवास करते हैं और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके लिए हजारों करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र और तहसीलों का ऐसा विकास मानचित्र तैयार करने में सहयोग करें, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि जनजातीय विकास एवं बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कौन-कौन से कार्य अभी शेष हैं। इससे प्रत्येक गरीब और जरूरतमंद जनजातीय परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाया जा सकेगा।

राज्यपाल पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें संस्कार दिए, उनका पालन-पोषण किया और विश्वविद्यालय ने उन्हें शिक्षा एवं आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपनी जड़ों और समाज को कभी न भूलें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ समाज के लिए भी उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थियों के जीवन का एक नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है, तब समय की मांग है कि वे महारानी रानी दुर्गावती से मिली प्रेरणा को अपने जीवन में आत्मसात करें और लोकतांत्रिक मूल्यों, नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत के संकल्प को अपना जीवन ध्येय बनाकर राष्ट्र की उन्नति में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में प्राप्त करेगा नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह को और अधिक गौरवशाली बना दिया है। यह अवसर न केवल विश्वविद्यालय बल्कि सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के लिए गर्व और गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा का संस्थान नहीं है। यह वीरता, स्वाभिमान और बलिदान की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे अमर वीरांगना रानी दुर्गावती ने अपने साहस और अदम्य पराक्रम से स्थापित किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना के विरुद्ध अनेक युद्ध लड़कर अपनी असाधारण वीरता का परिचय दिया और मातृभूमि की स्वतंत्रता तथा सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए अमर प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। यहां से निकलने वाली प्रतिभाएं देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अनेक विद्यार्थियों द्वारा एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करना प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। विशेष रूप से छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की सफलता न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और मध्यप्रदेश भी शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की सकल नामांकन दर राष्ट्रीय औसत से अधिक होकर 28.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्कूल शिक्षा में ड्रॉपआउट दर को शून्य के करीब लाने के प्रयास सफल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने तीन नए शासकीय विश्वविद्यालयों की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, तकनीकी एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने से प्रदेश में किसान कल्यारण वर्ष अंतर्गत कृषि एवं व्यावसायिक शिक्षा के साथ ही नवाचार आधारित अध्ययन को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे युवा आधुनिक तकनीक के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात कुलगुरु प्रो. डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने स्मृति चिन्ह भेंट कर राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। स्वागत भाषण में कुलगुरु डॉ. वर्मा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय ने पहली बार एनएएसी से A+ ग्रेड प्राप्त किया है, जो संस्थान के लिए गौरव का विषय है। स्वर्ण पदक धारकों एवं उपाधि प्राप्तकर्ताओं का राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री के साथ संयुक्त छायाचित्र समारोह का विशेष आकर्षण रहा। विद्यार्थियों ने इसे अपने जीवन की अविस्मरणीय उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार, राज्य सभा सांसद सुमित्रा वाल्मीक, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक सर्वअशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष बरकड़े, लखन घनघोरिया, अखिलेश जैन, संभागायुक्त धनंजय सिंह, कलेक्टार राघवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

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भोपाल : श्रम और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रदेश के श्रमिकों के कल्याण और उनके उत्तम स्वास्थ्य के लिए उन्हें योग से जुड़ने का विशेष आह्वान किया था। मंत्री पटेल के इस प्रेरक आह्वान का असर पूरे प्रदेश में देखने को मिला! अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के औद्योगिक और विभिन्न कार्यक्षेत्रों में श्रमिकों ने बढ़-चढ़कर योगाभ्यास किया। प्रदेश के कुल 337 संस्थानों में 15 हजार से अधिक श्रमिकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

सचिव श्रम रघुराज राजेंद्रन ने कहा कि योग किसी एक दिवस तक सीमित न होकर, श्रमिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि श्रमिक प्रतिदिन योग से जुड़ें, जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रह सकें। एक स्वस्थ और ऊर्जावान श्रमिक ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण और प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

श्रम विभाग और मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल के प्रयासों से आयोजित इस प्रदेश स्तरीय योग कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। श्रम मंत्री पटेल ने स्वयं जबलपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्रमिकों के साथ योग किया। इसी क्रम में, श्रम आयुक्त संदीप जी आर ने इंदौर के एमराल्ड हाइट्स स्कूल में आयोजित मंडल के विशेष कार्यक्रम में भाग लिया। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से प्राप्त तस्वीरों और जानकारियों के अनुसार, सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर श्रमिकों का उत्साहवर्धन किया।
 

गन्ना किसानों को जून में ही शत-प्रतिशत भुगतान

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रायपुर :  देश के सहकारी शक्कर उद्योग में छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लगातार दूसरे वर्ष यह कारखाना पूरे देश में गन्ना किसानों को समर्थन मूल्य और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान जून महीने में ही पूरा करने वाला पहला शक्कर कारखाना बन गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में गन्ना किसानों के खातों में 29.83 करोड़ रुपए की अंतिम किस्त सीधे ट्रांसफर की गई। उप मुख्यमंत्री ने इस मौके पर किसानों को चेक भी वितरित किए।

*सहकारिता और किसानों के भरोसे की जीत- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा*

          गन्ना किसानों को भुगतान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह समयबद्ध भुगतान केवल एक वित्तीय लेन-देन नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और सहकारी मॉडल की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि किसानों का अपना कारखाना है। निजी व्यवस्था में लाभ सीमित लोगों तक पहुंचता है, जबकि सहकारिता का लाभांश सभी हितधारकों में समान रूप से वितरित होता है। यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी जरिया है।
शर्मा ने अपने गुजरात प्रवास के दौरान बनासकांठा सहकारी मॉडल के अध्ययन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की सफलता का आधार भी किसानों की सक्रिय भागीदारी ही है।

*इस सत्र में अब तक कुल 107.10 करोड़ रुपए का भुगतान*

          भोरमदेव शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में इस सत्र में रिकॉर्ड भुगतान सुनिश्चित किया गया है। भुगतान के मुख्य आंकड़े में किसानों के खातों में आज 6.91 करोड़ रुपए की शेष एफआरपी राशि और 22.92 करोड़ रुपए की अतिरिक्त रिकवरी राशि सहित कुल 29.83 करोड़ रुपए एकमुश्त राश्ाि किसानों के खातों में अंतरित किए गए। सत्र 2025-26 का कुल भुगतान इस चालू सत्र में कारखाने द्वारा अब तक कुल 107.10 करोड़ रुपए (84.18 करोड़ रुपए एफआरपी $ 22.92 करोड़ रुपए अतिरिक्त रिकवरी) का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।

*क्रशिंग और किसानों के जुड़ाव का नया लक्ष्य*

         उप मुख्यमंत्री ने किसानों से उन्नत कृषि तकनीक अपनाने और गन्ने का रकबा बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 6 हजार से अधिक किसानों ने कारखाने से अनुबंध किया था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 10 हजार किसान करने का लक्ष्य है। साथ ही कारखाने में 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना क्रशिंग का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की मांग पर बोनस राशि बढ़ाने के संबंध में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष यह विषय रखा गया है और इस पर सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।

*दो वर्षों में हासिल कीं कई बड़ी उपलब्धियां*

        भोरमदेव शक्कर कारखाना पूरे देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी देने वाले कारखानों में शुमार है। पिछले दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां में शुगर रिकवरी लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक (वर्तमान में 12.09ः) की शानदार शुगर रिकवरी दर्ज की गई। किसानों के लिए बलराम सदन कृषक प्रतीक्षालय का निर्माण, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण और रियायती दर पर शक्कर का वितरण किया जा रहा है। लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में उन्नत गन्ना बीज और सीडलिंग की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। कारखाना परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना कैंटीन के माध्यम से श्रमिकों को मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन दिया जा रहा है।

       इस गरिमामय कार्यक्रम में कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 

विधायक नीलकंठ टेकाम ने किया पुनर्वास केंद्र का अवलोकन

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रायपुर : बीजापुर प्रवास के दौरान विधायक नीलकंठ टेकाम ने जिले के पुनर्वास केंद्र का अवलोकन किया और वहां रह रहे पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं की दिनचर्या, प्रशिक्षण गतिविधियों, खान-पान की व्यवस्था तथा पुनर्वास के बाद उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी प्राप्त की।

*युवाओं ने साझा किए अपने अनुभव*

        पुनर्वास केंद्र पहुंचने पर मुख्यधारा में शामिल हो चुके युवाओं ने विधायक टेकाम का स्वागत किया। युवाओं ने बताया कि पुनर्वास नीति और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, कौशल विकास प्राप्त करने तथा आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि शासन और जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन से उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। इसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

*युवाओं का परिवर्तन समाज के लिए प्रेरणा*

         विधायक नीलकंठ टेकाम ने युवाओं से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन शुरू करना साहस, संकल्प और सकारात्मक सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियां समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी हैं। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार से जुड़कर अपने भविष्य को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। विधायक ने कहा कि सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

*पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

        अवलोकन के दौरान विधायक टेकाम ने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पुनर्वासित युवाओं के समग्र विकास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगारोन्मुखी गतिविधियों तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी ली और आवश्यक सुझाव भी दिए।

*पुनर्वास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम*

        इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन झा सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विधायक को पुनर्वास केंद्र की कार्यप्रणाली तथा युवाओं के लिए संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी।

*सकारात्मक बदलाव का प्रेरक उदाहरण*

       विधायक नीलकंठ टेकाम ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। पुनर्वासित युवाओं के साथ उनका संवाद पुनर्वास नीति की सफलता, सामाजिक समरसता और सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत

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भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का ग्वालियर विमानतल आगमन पर आत्मीय स्वागत हुआ। राष्ट्रपति मुर्मु रविवार 21 जून को वायुसेना के विमान से दोपहर 2.40 बजे वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा पर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए।

राष्ट्रपति मुर्मु का ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं जल संसाधन एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने राष्ट्रपति को पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्ज मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने भी पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।

राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल मंगुभाई पटेल कुछ देर रुकने के पश्चात हैलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के कूनों के लिये रवाना हुए।

विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, डीजी होमगार्ड सुप्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

राष्ट्रपति मुर्मु 22 जून को प्रात: 10.40 बजे हैलीकॉप्टर से श्योपुर के कूनों से वायुमार्ग द्वारा ग्वालियर विमानतल महाराजपुरा आयेंगीं। कुछ देर रुकने के बाद वे वायुसेना के विमान से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगी।

12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम लोकभवन में मना

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भोपाल : बारहवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम रविवार को लोकभवन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के वीडियो संदेश का प्रसारण इसके पूर्व किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने योग गुरु राजीव जैन त्रिलोकी को पुष्प-गुच्छ एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया। 

योग स्वस्थ समाज निर्माण की आधारशिला : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने वीडियो संदेश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज संपूर्ण विश्व ने अपनाया है। इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” बढ़ती उम्र में भी लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ, सक्रिय तथा आत्मनिर्भर बनाए रखने का संदेश देना है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करने का समग्र एवं वैज्ञानिक माध्यम है। वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का प्रभावी साधन बनकर उभरा है। कोविड-19 महामारी ने भी यह सिद्ध किया है कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी संपत्ति है। योग स्वस्थ समाज निर्माण की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रदेश में योग एवं आयुर्वेद का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में योग को प्रोत्साहित कर नई पीढ़ी को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यपाल पटेल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक जीवनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएं। प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का नियमित योग व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन में सकारात्मक एवं क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों से योग के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है।

योग के विभिन्न आसनों का हुआ अभ्यास

लोकभवन में योगाभ्यास का प्रारम्भ प्रार्थना एवं ओंकार उच्चारण के साथ हुआ। इसके बाद प्रतिभागियों ने सूक्ष्म व्यायाम के माध्यम से गर्दन, कंधों, भुजाओं, घुटनों एवं टखनों के विभिन्न संचालनों का अभ्यास किया। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वक्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन तथा पवनमुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। शारीरिक स्फूर्ति, श्वसन क्षमता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के लिए कपालभाति, नाड़ीशोधन (अनुलोम-विलोम) एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।

योगाभ्यास के समापन पर ध्यान एवं शांति पाठ कराया गया। सत्र में उपस्थित लोकभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन के लिए लगभग 50 मिनट का योग अभ्यास किया।

ऋषि-मुनियों की अमूल्य विरासत है योग, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

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रायपुर :   12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कबीरधाम जिले के पी. जी. कॉलेज कवर्धा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के रूप में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। जहां उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र छात्राओं और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिनकी पहल से भारत की सदियों पुरानी हमारी स्वस्थ जीवन शैली की यह कला आज पूरे विश्व में अपनायी जा रही है। 12 वर्ष पूर्व अपने निर्वाचित होते ही उन्होंने योगा दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर मनाने का आह्वान किया था, जिसे 170 देशों ने समर्थन दिया है। आज प्रधानमंत्री मोदी 12 वर्षों के कार्यकाल के साथ सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री है, इसी के साथ यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भी 12 वां वर्ष है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
  
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने आगे कहा कि आज हमारे ऋषि मुनियों के पुण्य स्मरण का अवसर है, हम उनके सदा आभारी रहेंगे जिन्होंने सेहत के इस बहुमूल्य कला विकसित किया और हमें विरासत के रूप में सौंपा है। यह एक प्रमाणित विद्या है, जो सदियों से हमारे जीवनशैली का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने नियमित रूप से योगाभ्यास पर जोर देते हुए कहा कि योग निरोगी काया के साथ स्वस्थ चित्त का आधार है। सभी वर्ग के लोगों ने इसे अपनाया है।

पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सुरेश चन्द्रवंशी व अन्य प्रशिक्षकों ने योगाभ्यास कराया। प्रार्थना के साथ योग सत्र का आरंभ हुआ। योग प्रशिक्षकों ने अभ्यास सत्र के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, वक्रासन, भुजंगासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, उत्तानपाद आसन, पवन मुक्तासन, प्राणायाम सहित अन्य विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया और इनके लाभ के बारे में जानकारी दी गई। अंत ध्यान और प्रार्थना के साथ सत्र का समापन हुआ।

इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल, गोपाल साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
 

अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए रोज करें योग – अरुण साव

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रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज दुर्ग जिला मुख्यालय में खालसा पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पद्मसे सम्मानित श्रीमती उषा बारले, महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक सांडिल्य, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और कई स्कूलों के विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया। 

उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष संपूर्ण देश में ’’योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के लिए योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग का जीवन में बड़ा महत्व है। योग ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे शारीरिक एवं बौद्धिक विकास संभव है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को नियमित योग करने की शपथ दिलाई।

सांसद विजय बघेल ने कहा कि योग जीवन जीने की प्राचीन परम्परा है। आज योग को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है। उन्होंने कहा कि 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज विश्व के अनेक देशों में मनाया जा रहा है। 

योग प्रशिक्षक प्राची भट्टाचार्य एवं डिलिमा मजूमदार ने कपालभाति प्राणायाम, अनुलोम-विलोम प्राणायाम, शिति प्राणायाम और भ्रामरी प्राणायाम सहित योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ओम् के सुमधुर उच्चारण और शांति पाठ वाचन के साथ योगाभ्यास का समापन किया।
 

राष्ट्रपति ने किया चीता कमांड कंट्रोल सेंटर का भ्रमण, चीता प्रदर्शिनी भी देखी

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भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुनो नेशनल उद्यान के दो दिवसीय प्रवास के दौरान रविवार को चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। चीता कमांड एवं कण्ट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू को चीतों कि निगरानी और ट्रैकिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी।

राष्ट्रपति ने चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में चीता प्रोजेक्ट की अभी तक की प्रगति पर लगाई गई प्रदर्शिनी का अवलोकन किया। राष्ट्रपति मुर्मु को अवगत कराया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद है, तीन चीते गाँधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए है।

राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा इस दौरान चीतों के लिए की गई आवश्यक सुविधाओं के विषय में जानकारी ली गई। बताया गया कि हर 2 किलोमीटर पर जंगल में वाटर पिट बनाये गए हैँ जिनमें अवश्यकता अनुसार पानी भरवाया जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाये गए चीतों की गतिविधियों की भी जानकारी दी गयी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मु द्वारा अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीते रिसीव किये गए थे जिन्हें कुनो लाया गया है।

इस दौरान सीसीफ उत्तम कुमार, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, डीएफओ आर थिरूकुराल आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मु की कूनो हेलीपैड पर हुई आगवानी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय प्रवास पर रविवार को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचीं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी साथ रहे। इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क स्थित हेलीपैड पर मिनिस्टर इन वेटिंग एवं जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने आगवनी करते हुए पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, प्रमुख सचिव वन संदीप यादव, पीसीसीफ शुभरंजन सेन, कलेक्टर सुशीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल द्वारा भी उनकी आगवनी करते हुए स्वागत किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू कूनो नेशनल पार्क में रात्रि विश्राम करेंगी और भारत में चीतों के पुनर्स्थापन की इस महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा भी करेंगी।
 

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