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हिंसक प्रदर्शन में बढ़ा तनाव, भीड़ ने फूंका अमित शाह का पुतला, हाई कमीशन पर हमला करने की कोशिश

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ढाका। पड़ोसी देश बांग्लादेश में सिर उठा रही भारत विरोधी ताकतों ने एक बार फिर कूटनीतिक हलकों में चिंता पैदा कर दी है। राजधानी ढाका में कट्टरपंथी विचारधारा वाले संगठन जमात-ए-इस्लामी और उसके समवैचारिक घटक दलों के कार्यकर्ताओं ने भारत के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया और वहां स्थित भारतीय उच्चायोग का घेराव करने के उद्देश्य से मार्च निकालने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद सुरक्षा बलों ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से वहां भारत विरोधी भावनाओं और प्रदर्शनों में अचानक आई तेजी ने दोनों देशों के आपसी रिश्तों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीमा विवाद और कथित 'पुश-इन' को बनाया आंदोलन का मुख्य मुद्दा

जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में संचालित 11 राजनैतिक दलों के मोर्चे ने इस भारत विरोधी अभियान को हवा दी है। इस धड़े का तर्क है कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही कथित गोलीबारी और 'पुश-इन' (जबरन सीमा पार धकेलने) की घटनाओं के प्रतिकार में यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया गया है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने मंच से आरोप लगाया कि हालिया महीनों में सीमा सुरक्षा बल द्वारा बांग्लादेशी नागरिकों को प्रताड़ित करने और उन्हें जबरन इस पार भेजने की कोशिशें की गई हैं। इन आरोपों को आधार बनाकर यह संगठन पूरे देश में रैलियां, विरोध मार्च, संगोष्ठियां और बैठकें आयोजित कर जनभावनाओं को भड़काने में जुटा है।

मशाल जुलूस के साथ उच्चायोग की तरफ बढ़ने का प्रयास और पुतला दहन

राजधानी में विरोध की कमान मुख्य रूप से 'बांग्लादेश आजाद पार्टी' के हाथों में दिखी, जिसके कार्यकर्ताओं ने देर शाम एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह हिंसक भीड़ भारतीय उच्चायोग की तरफ कूच कर रही थी, लेकिन कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने गुलशन-1 क्षेत्र में बैरिकेडिंग करके उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। रोके जाने से नाराज प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और भारत विरोधी नारेबाजी करने लगे। इसी स्थान पर केंद्रीय गृह मंत्री का पुतला फूंका गया और विभिन्न धार्मिक व राजनैतिक संगठनों के शीर्ष नेताओं ने भारत पर क्षेत्रीय राजनीति में कथित 'दादागीरी' करने के आरोप लगाते हुए भड़काऊ भाषण दिए।

नया राजनैतिक विकल्प और द्विपक्षीय संबंधों पर मंडराता खतरा

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में रही 'बांग्लादेश आजाद पार्टी' एक नया राजनैतिक दल है, जिसका गठन इसी वर्ष अप्रैल महीने में हुआ था। इस दल का मुख्य एजेंडा कथित तौर पर बांग्लादेश को भारतीय प्रभाव से पूरी तरह मुक्त कराना और संप्रभुता की रक्षा करना है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद वहां का एक बड़ा धड़ा भारत विरोध को एक मजबूत चुनावी और राजनैतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। उच्चायोग जैसे अत्यधिक संवेदनशील कूटनीतिक क्षेत्र की तरफ मार्च करना और शीर्ष भारतीय राजनेताओं को निशाना बनाना दोनों देशों के बीच भविष्य के द्विपक्षीय और व्यापारिक संबंधों के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकता है।

कॉमेडी किंग जॉनी लीवर ने देखा ‘पापा यार’, जाकिर खान को दी खास शाबाशी

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देश के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं और कला की दुनिया में उनका नाम काफी बड़ा हो चुका है। हाल ही में मायानगरी मुंबई में आयोजित उनके लाइव शो के दौरान एक ऐसा भावुक और ऐतिहासिक पल आया, जिसने जाकिर के साथ-साथ वहां मौजूद तमाम दर्शकों का दिल जीत लिया। दरअसल, हिंदी सिनेमा के दिग्गज और सबसे पसंदीदा कॉमिक अभिनेता जॉनी लीवर विशेष रूप से जाकिर खान का लाइव परफॉर्मेंस देखने पहुंचे थे। जाकिर के करियर के लिए यह पल बेहद गौरवशाली और भावुक कर देने वाला था, जिसकी खुशी उन्होंने मंच की कुछ अनमोल तस्वीरों के साथ इंटरनेट मीडिया पर अपने चाहने वालों के साथ साझा की है।

जाकिर खान का नया स्टैंडअप स्पेशल शो 'पापा यार' देखने के बाद जॉनी लीवर इतने प्रभावित हुए कि वे खुद को रोक नहीं पाए और सीधे स्टेज पर पहुंच गए। मंच पर आकर उन्होंने जाकिर खान की कॉमिक टाइमिंग और उनके हुनर की दिल खोलकर सराहना की। अपने आदर्श और इतने बड़े दिग्गज अभिनेता के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर जाकिर खान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे भावुक हो गए। इस दौरान जॉनी लीवर ने जाकिर को बेहद स्नेह के साथ गले लगाया, जिसे देखकर ऑडिटोरियम में बैठे हजारों प्रशंसकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गुंजा दिया।

हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं: जाकिर खान

जॉनी लीवर के साथ मंच साझा करने की इन यादगार और खूबसूरत तस्वीरों को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट करते हुए जाकिर खान ने एक बेहद दिल छू लेने वाला संदेश भी लिखा। उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा, "आदरणीय जॉनी लीवर सर हमारा 'पापा यार' स्टैंड-अप शो देखने के लिए पधारे थे। आज हम सब कॉमेडी की दुनिया में जिस मुकाम पर हैं या जो काम कर रहे हैं, वह उन्हीं के दिखाए रास्ते की बदौलत है। वे सचमुच एक लीजेंड और हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं।"

वर्क फ्रंट: 'वेलकम टू द जंगल' में नजर आएंगे जॉनी लीवर

अगर सिनेमा के बेताज बादशाह जॉनी लीवर के आने वाले प्रोजेक्ट्स और करियर की बात करें, तो वे जल्द ही एक बड़े बजट की कॉमेडी फिल्म में अपना जलवा बिखेरते नजर आने वाले हैं। वे सुपरस्टार अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका से सजी बहुप्रतीक्षित मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' (वेलकम 3) के जरिए दर्शकों को एक बार फिर हंसने-हंसाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के कई अन्य बड़े सितारे भी नजर आएंगे।

‘कोई मिला ही नहीं’— अमिताभ बच्चन की बात का क्या है मतलब? फैंस कर रहे चर्चा

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हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन डिजिटल दुनिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खासे सक्रिय रहते हैं। वे न केवल नियमित रूप से अपना ब्लॉग लिखते हैं, बल्कि सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के जरिए भी अपने फैंस के साथ लगातार संवाद बनाए रखते हैं। हालांकि, कई बार उनके द्वारा साझा किए गए विचार और पोस्ट प्रशंसकों को हैरत और असमंजस में डाल देते हैं। एक बार फिर मायानगरी मुंबई से कुछ ऐसा ही नजारा सामने आया है, जहाँ बिग बी अपने एक ताजा और बेहद पेचीदा (क्रिप्टिक) पोस्ट को लेकर जबरदस्त चर्चा बटोर रहे हैं।

बिग बी ने लिखा— 'अरे यार क्या बताएं… कोई मिला ही नहीं'

सदी के महानायक ने बीते शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बेहद संक्षिप्त संदेश साझा किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, 'सुनो बताते हैं'। इस सस्पेंस के बाद फैंस बड़ी उत्सुकता से उनकी अगली पोस्ट का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद आज रविवार को उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए एक और नया पोस्ट डाला, जिसमें उन्होंने लिखा, "अरे यार क्या बताएं? आए थे बताने, कोई मिला ही नहीं।" अमिताभ बच्चन के इस अजीबोगरीब और अधूरे अंदाज ने इंटरनेट यूजर्स को सिर खुजलाने पर मजबूर कर दिया है।

इंटरनेट यूजर्स रह गए दंग, कुछ को सताई महानायक की चिंता

बिग बी के इस पहेली जैसे पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। जहां एक तरफ उनके कई वफादार प्रशंसकों को यह चिंता सताने लगी है कि आखिर ऐसी कौन सी जरूरी या परेशान करने वाली बात है जिसे महानायक साझा करना चाहते थे, वहीं दूसरी तरफ कमेंट सेक्शन में सवालों की बाढ़ आ गई है। इस बीच, कुछ यूजर्स ने हमेशा की तरह मौज लेते हुए उन्हें ट्रोल करना भी शुरू कर दिया। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, "बच्चन साहब! हमारी तरह आपको भी भला कौन सा गम सता रहा है जो ऐसी बातें कर रहे हैं?"

प्रशंसकों ने कहा— 'करोड़ों लोग हैं आपकी बात सुनने के लिए बेताब'

अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट पर प्यार लुटाते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा, "सर, आपको सुनने और समझने वाले चाहने वालों की तादाद पूरी दुनिया में करोड़ों में है। आप बस हुक्म कीजिए और दिल की बात बताइए तो सही।" वहीं, एक अन्य यूजर ने मजाकिया लहजे में लिखा, "इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है, महानायक अक्सर ऐसे ट्वीट करके इंटरनेट पर हम सब के मजे लेते हैं।" कुछ यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा, "लगता है बच्चन साहब बढ़ती महंगाई या पेट्रोल-डीजल के दाम पर कुछ बोलने आए थे।" जबकि सिनेमा प्रेमियों ने सलाह देते हुए कहा, "सर, आप इन सब बातों को छोड़िए और सिर्फ अपनी आने वाली धांसू फिल्मों के बारे में अपडेट दीजिए।"

वर्क फ्रंट: 'कल्कि 2898 एडी' के अगले भाग की तैयारी में जुटे बिग बी

अगर अमिताभ बच्चन के कामकाजी जीवन (वर्क फ्रंट) पर नजर डालें, तो वे मुंबई में अपनी आगामी बड़ी फिल्मों के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में जी-जान से जुटे हैं। इन दिनों वे मशहूर निर्देशक नाग अश्विन की ब्लॉकबस्टर पौराणिक साइंस-फिक्शन फिल्म 'कल्कि 2898 एडी' के बहुप्रतीक्षित सीक्वल (अगले भाग) की शूटिंग और तैयारियों में काफी व्यस्त हैं। इस ग्रैंड बजट फिल्म में उनके साथ साउथ सुपरस्टार प्रभास, दिग्गज अभिनेता कमल हासन, दीपिका पादुकोण और दिशा पाटनी जैसे बड़े सितारे भी मुख्य किरदारों में नजर आने वाले हैं।

अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज, गोइलकेरा-सोनुआ में दो गिरफ्तार

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चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त और उत्पाद अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में जिले के भीतर अवैध मदिरा के निर्माण और उसकी तस्करी के खिलाफ एक व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने गोईलकेरा तथा सोनुआ थाना क्षेत्रों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संयुक्त दलबल ने गोईलकेरा के हाट बाजार और क्रिश्चियन टोली जैसे संवेदनशील इलाकों में दबिश देकर अवैध रूप से महुआ शराब बेचते हुए एक धंधेबाज को रंगे हाथों दबोच लिया, जबकि बाजार के पीछे सुनसान इलाके में शराब बनाने के उद्देश्य से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में जावा-महुआ मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

सोनुआ के बालजोरी में दबिश और भारी मात्रा में जावा-महुआ नष्ट

कार्रवाई के दूसरे चरण में संयुक्त टीम ने सोनुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बालजोरी गांव में अवैध शराब की बिक्री की पुख्ता सूचना पर घेराबंदी की। पुलिस ने यहां से भी अवैध धंधे में संलिप्त एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। दोनों ही थाना क्षेत्रों में की गई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान कुल 25 लीटर अवैध चुलाई शराब जब्त की गई, जबकि शराब बनाने के काम आने वाला करीब 300 किलो जावा-महुआ मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सरकारी मदिरा दुकान का औचक निरीक्षण और तय दामों पर बिक्री के निर्देश

अवैध अड्डों को ध्वस्त करने के बाद प्रशासनिक टीम ने उपायुक्त के आदेशानुसार लाइसेंसी शराब दुकानों की जांच का अभियान चलाया, जिसके तहत सोनुआ नंबर-2 स्थित कंपोजिट सरकारी शराब दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने दुकान के स्टॉक, बिक्री रजिस्टर और बारकोड की सघन जांच की। दुकान संचालकों को कड़े शब्दों में हिदायत दी गई कि वे आबकारी नियमों का अक्षरशः पालन करें और किसी भी सूरत में ग्राहकों से निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से एक भी रुपया अतिरिक्त न वसूलें।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी और आम जनता से सहयोग की अपील

उत्पाद विभाग ने इस सफल कार्रवाई के बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध और जहरीली शराब के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए ऐसे औचक छापे आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस काले कारोबार को संरक्षण देने वाले या इसमें शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाले शराब के अवैध निर्माण, भंडारण या उसकी बिक्री से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की गुप्त सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समाज को इस लत से सुरक्षित रखा जा सके।

झुमके, बिंदी और ग्रेस… मौनी रॉय का देसी अंदाज सोशल मीडिया पर छाया

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अपनी बेहतरीन अदाकारी और हुस्न के जलवों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वालीं मशहूर अभिनेत्री मौनी रॉय इन दिनों अपनी नई थ्रिलर वेब सीरीज को लेकर लगातार टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई हैं। यह सीरीज हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है, जिसमें उनके साथ अभिनेता शाहीर शेख और अनुभवी कलाकार संजय कपूर भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इस बीच, अपनी सीरीज की सफलता के साथ-साथ मौनी रॉय अपने एक नए और बेहद दिलकश एथनिक लुक के कारण इंटरनेट पर सनसनी बन गई हैं।

साड़ी के प्रति अपना लगाव जताते हुए शेयर कीं मनमोहक तस्वीरें

हॉटनेस और ट्रेडिशनल लुक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करने वालीं मौनी रॉय ने शनिवार को अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी कुछ बेहद खूबसूरत और अट्रैक्टिव तस्वीरें प्रशंसकों के साथ साझा कीं। इन तस्वीरों में वे पारंपरिक भारतीय परिधान साड़ी पहने हुए एक से बढ़कर एक स्टाइलिश और कातिलाना पोज देती नजर आ रही हैं। अपनी इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए अभिनेत्री ने एक प्यारा सा कैप्शन भी लिखा, "मैं हमेशा से ही एक साड़ी वाली लड़की रही हूँ।"

गोल्डन साड़ी, लाल ब्लाउज और माथे पर सजी छोटी सी बिंदी

सामने आईं इन तस्वीरों में मौनी रॉय चमचमाती गोल्डन (सुनहरे) रंग की बेहद खूबसूरत साड़ी में नजर आ रही हैं, जिसे उन्होंने कंट्रास्ट लुक देते हुए गहरे लाल रंग के डिजाइनर ब्लाउज के साथ टीम-अप किया है। अपने इस पारंपरिक श्रृंगार को पूरा करने के लिए उन्होंने माथे पर एक छोटी सी लाल रंग की बिंदी सजाई है और कानों में मैचिंग के खूबसूरत ट्रेडिशनल झुमके पहने हैं। उनका यह सादगी भरा लेकिन बेहद रॉयल अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स को खूब पसंद आ रहा है।

खुली जुल्फों ने लुक में लगाए चार चांद, फैंस हुए दीवाने

इस एथनिक आउटफिट के साथ मौनी रॉय का हेयरस्टाइल और मेकअप भी उनके पूरे लुक को परफेक्ट बना रहा है। उन्होंने अपने बालों को किसी तरह के हैवी बन में बांधने के बजाय खुला (ओपन हेयर) रखा है। कैमरे के सामने अपनी लहराती हुई रेशमी जुल्फों को बिखेरकर पोज देती हुई मौनी इस लिबास में बला की खूबसूरत और ग्रेसफुल लग रही हैं, जिससे चाहने वालों के लिए उनकी तस्वीरों से नजरें हटाना मुश्किल हो गया है।

नेटिजंस ने कहा— 'आपके ऊपर साड़ी की बात ही कुछ अलग है'

मौनी रॉय के इस नए फोटोशूट पर इंटरनेट यूजर्स और उनके फैंस दिल खोलकर प्यार बरसा रहे हैं और तस्वीरों पर लगातार तारीफों भरे कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। जहां कुछ यूजर्स उनकी खूबसूरती की तुलना करते हुए उन्हें 'भारतीय संस्कृति का चमकता चांद' बता रहे हैं, वहीं एक अन्य प्रशंसक ने लिखा, "वैसे तो आपके ऊपर हर तरह के वेस्टर्न और मॉडर्न लिबास अच्छे लगते हैं, मगर साड़ी में आपका जो रूप निखर कर आता है, उसकी बात ही कुछ अलग है।"

निजी जिंदगी में उतार-चढ़ाव: पति सूरज नांबियार से हुईं अलग

अगर मौनी रॉय की पर्सनल लाइफ की बात करें, तो इन दिनों वे अपनी निजी जिंदगी में एक कठिन दौर से गुजर रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पति सूरज नांबियार के साथ उनका अलगाव (सेपरेशन) हो गया है और दोनों अब एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। आपको बता दें कि इस कपल ने साल 2022 में गोवा के एक आलीशान रिजॉर्ट में बेहद धूमधाम से शादी रचाई थी, जिसकी तस्वीरें उस समय काफी वायरल हुई थीं। बहरहाल, निजी जीवन के इन उतार-चढ़ावों के बीच भी मौनी अपने काम और स्टाइल स्टेटमेंट से दर्शकों को प्रभावित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं।

एसएसपी दफ्तर के पास फायरिंग से हड़कंप, पुलिस ने शुरू की जांच

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जमशेदपुर। औद्योगिक नगरी में बेखौफ अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं और कानून व्यवस्था का डर जैसे पूरी तरह काफूर हो चुका है। इसका सबसे ताजा और सनसनीखेज उदाहरण शुक्रवार की रात उस समय देखने को मिला, जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित व्यस्त जुबिली रोड गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। एक दुस्साहसी युवक, जिसने पीली टी-शर्ट और काली टोपी पहन रखी थी, ने अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इस व्यावसायिक क्षेत्र में सरेआम फायरिंग कर पुलिस की चौकसी को खुली चुनौती दे डाली।

भीड़ के बीच अचानक हवाई फायरिंग से मची भगदड़

यह वारदात शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे की बताई जा रही है। जुबिली रोड पर स्थित 'अभिषेक जुबिली' नामक प्रतिष्ठान के समीप अचानक हुई इस गोलाबारी से पूरा इलाका दहल उठा। जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, उस समय दुकान के इर्द-गिर्द करीब 40 से 50 लोगों की मौजूदगी थी, जो रोजमर्रा की तरह वहां चाय-नाश्ते और आपसी गुफ्तगू में मग्न थे। इसी दौरान एक युवक सामान्य रूप से पैदल चलता हुआ दुकान के पास पहुंचा और कमर से कट्टा निकालकर हवा में गोली दाग दी। अचानक हुए इस हमले से वहां मौजूद नागरिकों में अपनी जान बचाने के लिए चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।

दहशत में सिमटा बाजार और सीसीटीवी में कैद हुआ हमलावर

फायरिंग की आवाज से इलाके के व्यापारियों और राहगीरों में इस कदर खौफ फैल गया कि आसपास के चाय दुकानदारों और अन्य ठेला संचालकों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। इधर वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बिना किसी हड़बड़ाहट के बेहद इत्मीनान से पैदल चलते हुए सड़क के पार गया। उसने पहले से ही सड़क के दूसरी ओर एक सुरक्षित दूरी पर अपनी गाड़ी खड़ी कर रखी थी, ताकि भागने में आसानी हो। वह उसी वाहन में सवार होकर रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही साकची थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और घटना स्थल से एक खाली खोखा बरामद कर आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें आरोपी का सुराग मिला है।

एसएसपी दफ्तर के पास वारदात से सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल

जिला पुलिस मुख्यालय यानी एसएसपी कार्यालय और साकची थाने के इतने करीब हुए इस दुस्साहसिक कृत्य ने शहर की रात्रि गश्ती और सुरक्षा दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि जब अपराधी पुलिस के सबसे बड़े दफ्तर के नाक के नीचे ऐसी वारदात करने से नहीं हिचक रहे हैं, तो आम गलियों और मोहल्लों की सुरक्षा का भगवान ही मालिक है। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साकची थाना पुलिस को फुटेज के आधार पर शूटर की पहचान कर उसकी अविलंब गिरफ्तारी के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

ओडिशा को बड़ी सौगात देने पहुंचे पीएम मोदी, हजारों करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण

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रैरंगपुर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने एक दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत ओडिशा राज्य पहुंचे। इस विशेष प्रवास के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राज्य की वर्तमान भाजपा सरकार के सफलतापूर्वक दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह का हिस्सा बनेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को और अधिक यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री राज्य को 47,600 करोड़ रुपये से भी अधिक लागत वाली विभिन्न जनकल्याणकारी और ढांचागत विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इससे पूर्व, पश्चिम बंगाल के कलाइकुंडा वायुसेना स्टेशन से रवाना हुआ प्रधानमंत्री का विशेष एमआई-17 हेलीकॉप्टर मयूरभंज जिले के पहाड़पुर हेलीपैड पर उतरा, जहां ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने फूलों के गुलदस्ते भेंट कर उनका आत्मीय अभिनंदन किया।

राष्ट्रपति के पैतृक गांव में आगमन और वर्षगांठ समारोह का उल्लास

हेलीपैड पर औपचारिक स्वागत के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सीधे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ससुराल के पैतृक गांव पहाड़पुर के लिए प्रस्थान कर गए। पहाड़पुर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एक साथ सम्मिलित हुए, जिसके उपरांत दोनों शीर्ष नेता राज्य सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित मुख्य समारोह के लिए निकटवर्ती क्षेत्र रायरांगपुर पहुंचे। सरकार की इस गौरवशाली यात्रा के उत्सव को "विकास रा धारा, ओडिशा सारा" (अर्थात संपूर्ण ओडिशा में विकास की अविरल धारा) की विशेष थीम के अंतर्गत अत्यंत उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। विशेष बात यह भी रही कि राष्ट्रपति मुर्मू अपने 68वें जन्मदिन के अवसर पर अपने इस पैतृक क्षेत्र में पहुंची थीं, जहां स्थानीय समाज द्वारा पारंपरिक और रंगारंग तरीके से उनका भव्य स्वागत किया गया।

हजारों करोड़ की महापरियोजनाओं की सौगात और औद्योगिक अवसंरचना

इस विकास उत्सव के मंच से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री संयुक्त रूप से ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, परिवहन, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में मुख्य रूप से 600 मेगावाट क्षमता वाली 'अपर इंद्रावती पंप स्टोरेज परियोजना' और 'आईबी थर्मल पावर स्टेशन' का द्वितीय चरण विस्तार शामिल है, जिसके तहत 660-660 मेगावाट की दो नई बिजली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर क्षेत्र में 'भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड' (बीसीजीसीएल) परियोजना की नींव भी रखी जाएगी, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

शहरी विकास, कनेक्टिविटी विस्तार और डबल इंजन सरकार का संकल्प

इन वृहद ढांचागत सुधारों के अंतर्गत भुवनेश्वर में दैनिक 300 टन कचरे की क्षमता वाला सॉलिड वेस्ट-टू-कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने के लिए काठाजोड़ी नदी पर एक नए पुल का निर्माण तथा नुआपड़ा-घाटीपाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-353) का फोर-लेन चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही बौध जिले की आंतरिक सड़कों का सुदृढ़ीकरण, कुसुमदिही मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, इग्नू का क्षेत्रीय केंद्र और रायरांगपुर में एक आधुनिक इनडोर बैडमिंटन परिसर की स्थापना की जाएगी। प्रधानमंत्री की इस यात्रा को राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उड़ीसा के इतिहास में एक नया मील का पत्थर बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की यह 'डबल इंजन सरकार' रिकॉर्ड निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़े बदलावों के जरिए ओडिशा को 'विकसित भारत' का एक अग्रणी और समृद्ध विकास इंजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कनाडा में घर पर हुई फायरिंग को याद कर भावुक हुए गिप्पी ग्रेवाल, बोले- समझ नहीं आया क्यों हुआ हमला

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साल 2023 में कनाडा के मशहूर शहर वैंकूवर में पंजाबी सिनेमा के दिग्गज गायक और अभिनेता गिप्पी ग्रेवाल के आवास के बाहर हुई अंधाधुंध गोलीबारी ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया था। इस सनसनीखेज वारदात के लंबे समय बाद अब खुद सिंगर ने इस खौफनाक हादसे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। गिप्पी ग्रेवाल ने स्वीकार किया कि इस जानलेवा हमले ने उन्हें पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था, क्योंकि इस वारदात के होने से पहले उन्हें किसी भी अज्ञात नंबर या आपराधिक संगठन से कोई धमकी भरा फोन नहीं आया था। उन्होंने बताया कि उन्हें दूर-दूर तक इस बात का अंदेशा नहीं था कि कोई उन्हें या उनके परिवार को इस तरह निशाना बना सकता है।

चैट शो में बयां किया उस खौफनाक रात का सच

एक विशेष टॉक शो के दौरान दर्शकों से रूबरू होते हुए गिप्पी ग्रेवाल ने उस डरावनी घटना की परतें खोलीं। उन्होंने कहा, "जब मेरे वैंकूवर वाले घर के बाहर अचानक गोलियां चलने की आवाज आई, तो सच कहूं तो मैं और मेरा पूरा परिवार गहरे सदमे में थे। हमें बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि कोई हमारे साथ ऐसा क्यों करेगा। न तो मेरे पास रंगदारी (फिरौती) के लिए कोई कॉल आई थी और न ही किसी ने मुझे पहले आगाह किया था।"

फेसबुक पोस्ट के जरिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी जिम्मेदारी

इस खौफनाक वारदात के कुछ समय बाद इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिससे इस हमले के पीछे की वजह साफ हो सकी। घटना के तुरंत बाद सामने आए एक फेसबुक पोस्ट के जरिए कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने इस गोलीबारी की पूरी जिम्मेदारी ली थी। सोशल मीडिया पर प्रसारित उस संदेश में दावा किया गया था कि यह हमला गिप्पी ग्रेवाल के बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के साथ कथित दोस्ताना संबंधों और नजदीकियों के विरोध में एक सीधी चेतावनी था। इसके साथ ही उस पोस्ट में मनोरंजन उद्योग से जुड़े अन्य लोगों को भी सलमान खान से दूर रहने की खुली धमकी दी गई थी।

सलमान खान के साथ करीबी रिश्तों के दावों को किया खारिज

इंटरव्यू के दौरान गिप्पी ने सलमान खान के साथ अपने समीकरणों पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि उनके बीच कोई पारिवारिक या बेहद गहरी दोस्ती नहीं है। गिप्पी ने स्पष्ट करते हुए कहा, "वास्तविकता यह है कि मैं सलमान सर से अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ दो या तीन बार ही मिला हूँ। हमारी मुलाकातें केवल पेशेवर थीं, जैसे जब मैं अपनी फिल्मों के प्रचार के सिलसिले में रियलिटी शो 'बिग बॉस' के सेट पर गया था या फिर एक फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान हम साथ दिखे थे। हमारे बीच कोई निजी करीबी रिश्ता या लगातार बातचीत नहीं होती थी। लेकिन हमलावरों ने हमारी इस औपचारिक मुलाकात को कुछ और ही समझ लिया और इसी गलतफहमी के चलते मेरे घर को निशाना बनाया गया।"

गिप्पी की इन बातों से साफ है कि वे इस पूरी घटना को एक बड़ी गलतफहमी का नतीजा मानते हैं, जिसने उनके और उनके परिवार के मन में सुरक्षा को लेकर गहरे सवाल खड़े कर दिए थे। फिलहाल, इस खुलासे के बाद फैंस और उनके शुभचिंतक कलाकार की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

तेज रफ्तार ट्रक बना काल, स्कूटी सवार भाई-बहनों में दो की गई जान

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लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा-गुमला मुख्य मार्ग पर स्थित मिशन चौक के समीप शुक्रवार की देर रात एक अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। इस भीषण हादसे में स्कूटी पर सवार होकर जा रही दो सगी बहनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद सगा भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गया। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही घायल भाई ने भी दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया।

शादी समारोह की खुशियां मातम में बदलीं

प्राप्त विवरण के अनुसार, लोहरदगा शहरी क्षेत्र के बरवाटोली के रहने वाले स्वर्गीय मुकेश साहू के तीन बच्चे- रोहित कुमार साहू अपनी दोनों बहनों सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी के साथ स्कूटी पर सवार होकर सेन्हा रोड स्थित तेली धर्मशाला में आयोजित एक विवाह उत्सव में सम्मिलित होने के लिए निकले थे। जैसे ही उनकी स्कूटी मिशन चौक के पास पहुंची, तभी सेन्हा की दिशा से बेहद लापरवाही और तेज गति से आ रहे एक बॉक्साइट लदे भारी ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

स्थानीय निवासियों द्वारा रेस्क्यू और अस्पताल में दम तोड़ना

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों भाई-बहन वाहन सहित ट्रक के नीचे फंस गए, जबकि दुर्घटना को अंजाम देने के बाद चालक मौके पर ही ट्रक छोड़कर फरार हो गया। घटना स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया और तीनों को ट्रक के नीचे से निकालकर आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने दोनों बहनों सपना और सृष्टि को मृत घोषित कर दिया, वहीं तड़प रहे रोहित को गंभीर हालत में रिम्स (रांची) रेफर किया गया, परंतु नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही उसकी भी सांसें थम गईं।

पुलिसिया कार्रवाई और समूचे क्षेत्र में पसरा सन्नाटा

आकस्मिक हादसे की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और दुर्घटनाकारित ट्रक को अपने कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक ही घर के तीन चिरागों के इस तरह असमय बुझ जाने से बरवाटोली मोहल्ले सहित पूरे लोहरदगा शहर में गहरा शोक व्याप्त है। शादी वाले घर में जहां कुछ समय पहले तक शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां इस मनहूस खबर के पहुंचते ही कोहराम मच गया और पुलिस आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

राम मंदिर चंदा मामले में बड़ा दावा, डॉ. अनिल मिश्र पर 40% कमीशन लेने का आरोप

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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर से जुड़े निर्माण कार्यों को लेकर समय-समय पर होने वाले विवादों के बीच अब एक नया प्रशासनिक गतिरोध खुलकर सामने आ गया है। राम मंदिर निर्माण कार्यों की तकनीकी देखरेख से जुड़े रहे सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए एक साक्षात्कार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप मढ़े हैं। गौरतलब है कि इससे पहले टिन्नू यादव नामक व्यक्ति भी ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा चुके हैं।

पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने सनसनीखेज दावा किया है कि मंदिर परिसर के भीतर बन रहे आधिकारिक कार्यालय (ऑफिस) में एल्युमिनियम से जुड़े कार्यों को कराने के एवज में एक संबंधित वेंडर से कथित तौर पर 40 फीसदी कमीशन की मांग की गई थी। उनका आरोप है कि इस अवैध हिस्सेदारी को एडजस्ट करने के उद्देश्य से ही वास्तविक कार्य के सरकारी बिल को भी करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ाकर कागजों पर तैयार करवाया गया था।

कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा, शिकायत के बाद काम से हटाने का आरोप

इंजीनियर वर्मा के अनुसार, उन्होंने इस पूरी वित्तीय गड़बड़ी और बढ़े हुए बिल पर कड़ी तकनीकी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने इस मामले की पूरी शिकायत साक्ष्यों के साथ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समक्ष भी उठाई थी। उनका दावा है कि उन्होंने इस कथित सौदेबाजी से जुड़ी एक गोपनीय कॉल रिकॉर्डिंग भी आला अधिकारियों को सुनवायी थी, लेकिन इस पर सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय उल्टे उन्हें ही मंदिर निर्माण के इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह बेदखल कर दिया गया। अपने वक्तव्य में दीनानाथ वर्मा ने उस दौरान जमीनी स्तर पर काम देख रहे एक कर्मी रवि गुप्ता का भी विशेष रूप से नाम लिया।

कथित कर्मी ने सामने आकर आरोपों को नकारा, बताया निराधार

हालांकि, भ्रष्टाचार के ये आरोप सार्वजनिक मंच पर आने के कुछ ही घंटों के भीतर इस मामले में नया मोड़ आ गया। मामले में नामजद कर्मी रवि गुप्ता ने स्वयं इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। रवि गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र पर लगाए जा रहे ये लांछन पूरी तरह से मनगढ़ंत, तथ्यहीन और वास्तविकता से परे हैं। उन्होंने वास्तविक घटनाक्रम बताते हुए कहा कि राम कचहरी मंदिर परिसर में बन रहे ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण कार्य को लेकर प्रशासनिक तौर पर उनसे एक कोटेशन (मूल्य सूची) मांगी गई थी।

नए टेंडर के तहत पारदर्शी तरीके से पूरा हुआ निर्माण कार्य

रवि गुप्ता ने बताया कि शुरुआती कोटेशन जमा करने के बाद कई दिनों तक उन्हें विभाग से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उन्हें पता चला कि तत्कालीन इंजीनियर दीनानाथ वर्मा किसी अन्य एजेंसी के जरिए वह काम करवा रहे हैं। हालांकि, वह कार्य तकनीकी या वित्तीय कारणों से बीच में ही लटक गया, जिसके बाद ट्रस्ट ने उन्हें दोबारा साइट पर बुलाया। वहां नए सिरे से पूरी माप-जोख की गई और पारदर्शी तरीके से नया कोटेशन स्वीकृत होने के बाद ही निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कराया गया।

ठेकेदार रवि गुप्ता ने दो टूक लहजे में कहा, "यह पूरा काम मेरी देखरेख में हुआ है और इसके भुगतान सीधे खाते में आए हैं। पूरे कार्यकाल के दौरान किसी भी अधिकारी या सदस्य द्वारा कभी भी किसी प्रकार की रिश्वत या कमीशन की कोई बात नहीं की गई। यदि पूर्व इंजीनियर के पास अपने दावों को सच साबित करने वाले कोई पुख्ता दस्तावेज या सबूत हैं, तो वे उन्हें छिपाने के बजाय सार्वजनिक करें। मैं उनके इन आरोपों को पूरी तरह झूठ करार देता हूँ।"

फिलहाल, अयोध्या की इस पावन धरा पर बना यह संवेदनशील मामला केवल जुबानी दावों और पलटवार तक सीमित है। यदि भविष्य में किसी अधिकृत जांच एजेंसी द्वारा इन तकनीकी और वित्तीय फाइलों की गहराई से समीक्षा की जाती है, तभी इस पूरे विवाद का सच सामने आ सकेगा।

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