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7 साल का इंतजार खत्म, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए खुला रास्ता

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गंगटोक। आस्था और भक्ति की प्रतीक कैलाश मानसरोवर यात्रा का शनिवार से विधिवत शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं का पहला दल सिक्किम के ऐतिहासिक नाथू ला दर्रे से अपनी अलौकिक यात्रा का आरंभ करेगा। वैश्विक स्तर पर विख्यात इस पावन तीर्थयात्रा की पुनः शुरुआत से शिव भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। तिब्बत स्थित पवित्र माउंट कैलाश और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए जाने वाले इस मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

तीर्थयात्रियों का विभाजन और प्रशासनिक सुरक्षा

इस वर्ष कुल 500 श्रद्धालुओं को नाथू ला मार्ग से यात्रा करने की अनुमति दी गई है, जिन्हें 50-50 के 10 अलग-अलग जत्थों में बांटा गया है। यात्रा के दौरान कुशल समन्वय, स्वास्थ्य देखभाल और आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक दल के साथ एक संपर्क अधिकारी और एक योग्य चिकित्सा सहायक को अनिवार्य रूप से नियुक्त किया गया है। भारत और चीन की सीमाओं पर इमिग्रेशन और सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा यात्रियों की सुगम जांच के बाद उन्हें बसों के माध्यम से तिब्बत के याडोंग काउंटी ले जाया जाएगा, जहां उनके रहने, भोजन और मुद्रा विनिमय (करेंसी एक्सचेंज) की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।

राजनयिक समीक्षा और भारतीय दूतावास का संदेश

चीन में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर सभी तीर्थयात्रियों का आत्मीय अभिनंदन किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, विदेश मंत्रालय और चीनी प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह यात्रा 20 जून को भारतीय सीमा से प्रस्थान कर रही है। तैयारियों को पुख्ता करने के लिए राजनयिक दल ने हाल ही में सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे जैसे प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स का दौरा कर लॉजिस्टिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की थी। दूतावास ने यात्रियों की सहायता के लिए आने वाले दिनों में और भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है।

चार प्रमुख धर्मों की महाआस्था का केंद्र

कैलाश मानसरोवर सिर्फ सनातन धर्मावलंबियों के लिए ही नहीं, बल्कि बौद्ध, जैन और बॉन मत के अनुयायियों के लिए भी परम पूजनीय स्थल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जहां माउंट कैलाश देवाधिदेव महादेव भगवान शिव का अलौकिक निवास स्थान है, वहीं मानसरोवर झील को सृष्टि के सबसे पवित्र जलाशयों में गिना जाता है। दुर्गम रास्तों और विपरीत मौसम के बावजूद, यह यात्रा देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए आंतरिक शांति, असीम सहनशक्ति और अनन्य भक्ति का एक ऐसा अनूठा आध्यात्मिक अनुभव है, जिसे वे अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार अवश्य जीना चाहते हैं।

धमाकों से हिले घर, मुरैना में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई

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मुरैना। जिले के रिठौरा थाना क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री का अवैध प्रयोग कर संचालित किए जा रहे पत्थर खनन माफिया के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। इस छापेमारी के दौरान एक अवैध खदान से कंक्रीट और पत्थर तोड़ने वाली कंप्रेसर मशीन सहित भारी मात्रा में अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस विभाग द्वारा यह त्वरित एक्शन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही गंभीर और निरंतर शिकायतों के आधार पर लिया गया है।

विस्फोटों की गूंज और मकानों में दरारें

प्राप्त विवरण के अनुसार, रिठौरा अंचल के विभिन्न दुर्गम स्थानों पर बिना किसी वैधानिक प्रशासनिक अनुमति के बारूद की मदद से चट्टानों को उड़ाकर अवैध रूप से गिट्टी और पत्थर निकालने का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप था कि खनन स्थल पर होने वाले अत्यधिक क्षमता के शक्तिशाली धमाकों के कारण आसपास के रिहायशी इलाकों और गांवों के मकानों की दीवारों में गहरी दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इस अनवरत प्रताड़ना और संभावित हादसों के डर से पूरी आबादी में दहशत और भारी असंतोष व्याप्त था।

कलेक्टर के कड़े निर्देश और पुलिसिया दबिश

परेशान ग्रामीणों ने इस गंभीर संकट से निजात पाने के लिए कई मर्तबा जिला कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों ने रिठौरा थाना प्रभारी संतोष बाबू गौतम को बिना किसी विलंब के सख्त कदम उठाने के आदेश जारी किए। प्रशासनिक निर्देश मिलते ही थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ चिन्हित अवैध खनन स्थलों पर औचक घेराबंदी की, जहां से पत्थर तोड़ने की भारी-भरकम कंप्रेसर मशीन और अन्य सहायक सामग्रियां बरामद की गईं। पुलिस ने इस अवैध कृत्य में संलिप्त मुख्य आरोपियों और संरक्षकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

स्थानीय निवासियों की चिंता और विभाग का दावा

इस बड़ी कार्रवाई के बाद क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस तो ली है, परंतु उनका यह भी कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों की नियमित और सघन निगरानी नहीं की गई, तो यह अवैध धंधा कुछ दिनों बाद पुनः पैर पसार सकता है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित बनाने के लिए अवैध उत्खनन के खिलाफ यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा और भविष्य में भी नियमों की अवहेलना करने वाले तत्वों पर राष्ट्रीय सुरक्षा व पर्यावरण नियमों के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

नीट री-एग्जाम के चलते भोपाल में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, कई मार्ग होंगे डायवर्ट

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भोपाल। राजधानी में 21 जून को नीट-यूजी की पुनरीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए हैं। यह परीक्षा शहर के 32 निर्धारित केंद्रों पर दोपहर 2.00 बजे से शाम 5.15 बजे तक संचालित होगी। मेट्रो रेल परियोजना के चल रहे निर्माण कार्य और संभावित यातायात के दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों को परिवर्तित (डायवर्ट) किया गया है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने आम जनता और परीक्षार्थियों से रूट प्लान देखकर ही घरों से बाहर निकलने का अनुरोध किया है।

यातायात व्यवस्था और रूट डायवर्जन प्लान

मेट्रो निर्माण और सुगम यातायात के मद्देनजर प्रशासन ने वैकल्पिक रास्तों की घोषणा की है। प्रभात चौराहे से पिपलानी के मध्य जारी निर्माण कार्य के कारण आनंद नगर की ओर जाने वाले वाहनों को चेतक ब्रिज, गोविंदपुरा, भेल (BHEL), महात्मा गांधी चौराहा और पिपलानी पेट्रोल पंप वाले मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसी तरह, शासकीय गीतांजलि कन्या पीजी कॉलेज पहुंचने के लिए परीक्षार्थी नादरा बस स्टैंड, अग्रवाल धर्मशाला, छोला गणेश मंदिर, जेपी ब्रिज तिराहा और डीआईजी बंगला चौराहा होकर गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।

परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े दिशा-निर्देश और प्रतिबंध

प्रशासन ने परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए समय से पूर्व परीक्षा केंद्रों की स्थिति का मुआयना करने का परामर्श दिया है, साथ ही सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी 32 परीक्षा केंद्रों के आसपास लाउडस्पीकर जैसे ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, और केंद्रों के निकट वाहनों की पार्किंग को भी प्रतिबंधित किया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए आज होगी मॉक ड्रिल

सुरक्षा और परीक्षा संचालन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को सभी केंद्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इस पूर्वाभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस बल, केंद्र अधीक्षकों और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ अन्य संबंधित विभाग शामिल रहेंगे, जिसके तहत अभ्यर्थियों के प्रवेश, कड़े कूटबद्ध निरीक्षण और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की प्रक्रियाओं को परखा जाएगा। संपूर्ण परीक्षा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से 400 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

ट्रंप-नेतन्याहू संबंधों में खटास की अटकलें, रुबियो ने दिया लेबनान को भरोसा

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वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच अमेरिका ने लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता को लेकर अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से फोन पर वार्ता कर देश की सुरक्षा के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोहराया। यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब लेबनान अपनी सीमाओं पर इस्राइली सैन्य कार्रवाइयों को थामने की पुरजोर कोशिश कर रहा है, जिसे विशेषज्ञ ट्रंप प्रशासन की क्षेत्रीय रणनीति के एक नए अध्याय के रूप में देख रहे हैं।

अमेरिकी संदेश और सैन्य सहयोग का भरोसा

मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति आउन को आश्वस्त किया कि वाशिंगटन लेबनान की अखंडता का समर्थक है और वह चाहता है कि देश के सभी हिस्सों पर वहां की चुनी हुई सरकार का पूर्ण नियंत्रण हो। अमेरिका ने लेबनान की आधिकारिक सेना और सुरक्षा एजेंसियों को अपनी सहायता जारी रखने का दृढ़ संकल्प जताया है, जो वर्तमान सीमाई चुनौतियों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है।

वार्ता से पूर्व स्थाई संघर्ष विराम की आवश्यकता

अमेरिकी रुख की सराहना करते हुए राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने लेबनान की धरती पर इस्राइली सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन में होने वाली आगामी त्रिपक्षीय बैठक को सार्थक बनाने के लिए जमीन पर शांति होना पहली शर्त है। आउन के अनुसार, यह युद्धविराम केवल अस्थायी व्यवस्था न होकर भविष्य की स्थाई सुरक्षा और संप्रभुता की बुनियादी आवश्यकता है।

क्षेत्रीय शांति प्रयास और युद्धविराम का प्रभाव

इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच हाल ही में प्रभावी हुआ संघर्ष विराम इस दिशा में एक राहत भरा कदम माना जा रहा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रयासों के बाद लागू हुए इस ठहराव से सीमा पर तनाव कम होने की उम्मीद है, जिससे आगामी वाशिंगटन वार्ता के लिए एक सकारात्मक मंच तैयार होगा। वर्तमान में अमेरिका और कतर सहित अन्य मध्यस्थ देश इस संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की नेतृत्व शैली की सराहना की

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक नेतृत्व की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें एक उत्कृष्ट नेता और दृढ़ प्रशासक बताया है। 'एक्सियोस' को दिए एक विशेष साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं का उल्लेख किया जिन्हें वे सबसे अधिक सम्मान देते हैं, जिनमें पीएम मोदी का नाम प्रमुखता से शामिल था। बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक कूटनीति, राजनीतिक सामर्थ्य और अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारतीय प्रधानमंत्री के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया।

राजनीतिक स्थिरता और दूरदर्शी नेतृत्व

हाल ही में संपन्न हुई जी-7 शिखर वार्ता का स्मरण करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रभावशाली उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री एक महान व्यक्तित्व के धनी हैं। जब ट्रंप से एक सफल नेता की परिभाषा पूछी गई, तो उन्होंने पीएम मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल देश में जहां पहले सरकारें और नेतृत्व तेजी से बदलते रहते थे, वहां नरेंद्र मोदी ने एक अभूतपूर्व राजनीतिक स्थिरता दी है। वे पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से सुदृढ़ता के साथ देश का नेतृत्व कर रहे हैं।

शांत स्वभाव के पीछे दृढ़ संकल्प

अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली और उनके व्यक्तित्व के आंतरिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे बाहर से जितने शांत और सौम्य दिखाई देते हैं, वास्तव में वे उतने ही सख्त और निर्णय लेने में अडिग प्रशासक हैं। ट्रंप ने साझा किया कि वे व्यक्तिगत रूप से भारतीय प्रधानमंत्री को बहुत करीब से जानते हैं और उनका यह दृढ़ स्वाभाव ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।

वैश्विक मंच पर सम्मान और आर्थिक प्रगति

साक्षात्कार में ट्रंप ने स्वीकार किया कि करीब डेढ़ अरब की आबादी वाले विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का कुशल संचालन करने वाले पीएम मोदी की वे दिल से इज्जत करते हैं। उन्होंने भारत के हालिया आर्थिक विकास और शानदार प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को देते हुए कहा कि भारत ने आर्थिक मोर्चे पर बेहतरीन आंकड़े पेश किए हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय विवादों और युद्ध जैसी परिस्थितियों से दूरी बनाए रखने की भारतीय नीति को भी उन्होंने एक बेहद समझदारी भरा कदम बताया।

सादगी और सेवा की प्रतीक: द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन पर देशभर से बधाइयाँ

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिवस के विशेष अवसर पर आज संपूर्ण राष्ट्र से उन्हें बधाइयां और शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने देश की प्रथम नागरिक को उनके इस खास दिन पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपनी उत्सुकता व्यक्त करते हुए कहा कि वह आज ओडिशा में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु से भेंट करने के लिए बेहद तत्पर हैं।

प्रधानमंत्री ने सराहा राष्ट्रपति का प्रेरणादायी सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रपति मुर्मु के प्रति अपना आदर व्यक्त करते हुए कहा कि साहस, सरलता, शालीनता और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा के प्रति उनका संकल्प हर भारतीय को प्रेरित करता है। प्रधानमंत्री ने देश के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं का उल्लेख करते हुए ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की प्रार्थना की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शोषितों और वंचितों के उत्थान के लिए राष्ट्रपति का समर्पण पूरे देश के विकास को नई ऊर्जा देता है।

केंद्रीय मंत्रियों ने दीं हार्दिक शुभकामनाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रपति के सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के प्रति दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्हें जनसेवा का सच्चा प्रतीक बताया। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने उनके दृढ़ संकल्प और देश के प्रति निष्ठा को नमन करते हुए उनके सुखद जीवन की कामना की। सभी नेताओं ने एक स्वर में राष्ट्रपति मुर्मु के नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों की मिसाल

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति के जीवन संघर्ष को याद करते हुए कहा कि एक सामान्य पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचना भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उनका यह सफर विशेष रूप से महिलाओं और कमजोर वर्गों को बड़े सपने देखने का हौसला देता है। इसके साथ ही विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी राष्ट्रपति के संवैधानिक मूल्यों के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें जन्मदिन की मंगलकामनाएं दीं।

दान राशि को लेकर विवाद पर VHP की तीखी प्रतिक्रिया

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अयोध्या। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने मंदिरों में भक्तों द्वारा अर्पित की जाने वाली राशि को 'चंदा' संबोधित करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सनातन आस्था का अपमान करार दिया है। संगठन ने अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के समर्पण कोष में हेराफेरी का झूठा दावा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की वकालत की है। यह प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस वक्तव्य के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ तत्व जानबूझकर अयोध्या की पावन छवि को धूमिल करने और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख पर सवाल उठाने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, जिसकी वास्तविकता एसआईटी की जांच से जल्द ही सबके सामने आ जाएगी।

वीएचपी प्रवक्ता की मांग और 'चंदा' शब्द पर आपत्ति

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बिना किसी प्रामाणिक साक्ष्य के धन के दुरुपयोग के आरोप लगाने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मांग की कि विशेष जांच दल (एसआईटी) को ऐसे भ्रामक दावे करने वाले व्यक्तियों को तुरंत नोटिस जारी करना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास में उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश करनी चाहिए। बंसल ने स्पष्ट किया कि हिंदू परंपराओं और धार्मिक शब्दावली में 'चंदा' शब्द का कोई स्थान नहीं है, बल्कि यह श्रद्धापूर्वक दिया गया 'दान' है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के पास गड़बड़ी के वास्तविक प्रमाण हैं, तो वे राजनीति करने के बजाय उसे सीधे जांच एजेंसी को सौंपें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख

राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 88वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित एक गरिमामयी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विरोधियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष टीम पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की तह तक जा रही है। उन्होंने कहा कि आस्था के इस बड़े केंद्र को बदनाम करने की हर साजिश को नाकाम किया जाएगा और दूध का दूध तथा पानी का पानी होकर रहेगा।

विवाद की पृष्ठभूमि और एसआईटी जांच

इस पूरे विवाद की शुरुआत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब होने की आशंका जताई थी और मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। विपक्ष के इन्हीं आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया, जो वर्तमान में आरोपों के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

अदालत के आदेश पर टिकीं निगाहें, निदा खान की जमानत पर अहम सुनवाई

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नासिक। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) से जुड़े कथित उत्पीड़न और जबरन मत परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार कर्मचारियों, निदा खान और दानिश शेख, की जमानत याचिकाओं पर आगामी 25 जून को निर्णय आने की उम्मीद है। अदालत ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कई गंभीर आरोपों और प्राथमिकियों के चलते सुर्खियों में आए इस मामले में न्यायालय का यह आगामी आदेश आगे की कानूनी दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें

नासिक रोड स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय के न्यायाधीश के.जी. जोशी के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता राहुल कसलीवाल ने निदा खान की गर्भावस्था का हवाला देते हुए मानवीय आधार पर जमानत की मांग की, जबकि दानिश शेख के वकील उमेश वालजाडे ने तर्क दिया कि चूंकि जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए अब उनके मुवक्किल को न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। दूसरी तरफ, सरकारी अभियोजक विजय गायकवाड़ ने इन याचिकाओं का कड़ा विरोध करते हुए दलील दी कि जांच में आरोपियों के खिलाफ गंभीर साक्ष्य मिले हैं, जिनमें अनुसूचित जाति की पीड़िता को कथित रूप से धार्मिक पुस्तकें और बुर्का देने जैसी बातें शामिल हैं। अभियोजन ने इसे महज एक आपसी विवाद न मानकर सोचे-समझे वैचारिक व मानसिक दबाव का हिस्सा बताया।

पीड़िता की सुरक्षा और दबाव की आशंका

सरकारी वकीलों और पीड़िता के विधिक प्रतिनिधियों ने अदालत के सामने अपनी मुख्य चिंता सुरक्षा को लेकर जाहिर की। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि इस मोड़ पर आरोपियों को जमानत का लाभ मिलता है, तो वे बाहर आकर पीड़िता को डरा-धमका सकते हैं और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। इसी आधार पर न्यायालय से दोनों ही याचिकाओं को निरस्त करने का आग्रह किया गया, जिसके बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया।

एसआईटी की जांच और कंपनी का रुख

वर्तमान में इस पूरे विवाद से जुड़े कुल नौ मामलों की कमान विशेष जांच दल (एसआईटी) के हाथों में है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस बीच, टीसीएस प्रबंधन ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ 'शून्य सहिष्णुता' (जीरो टॉलरेंस) की नीति अपनाती है, और इसी के तहत आरोपी कर्मचारियों को पहले ही नौकरी से निलंबित किया जा चुका है।

पश्चिम बंगाल दिवस पर पीएम मोदी ने राज्य की ऐतिहासिक भूमिका को किया याद

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता को बधाई संदेश देते हुए राष्ट्र निर्माण में बंगाल के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अवदानों की सराहना की। उन्होंने रेखांकित किया कि साहित्य, संगीत, अध्यात्म, विज्ञान और समाज सुधार जैसे क्षेत्रों में बंगाल की मेधा ने हमेशा देश की चेतना का मार्गदर्शन किया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह दिवस सिर्फ अतीत के वैभव को याद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उन शाश्वत मूल्यों को नमन करने का दिन है जिन्होंने भारतीय पहचान को सुदृढ़ किया।

ऐतिहासिक मोड़ और डॉ. मुखर्जी का योगदान

प्रधानमंत्री ने 20 जून की ऐतिहासिक प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन बंगाल का भारत के अटूट हिस्से के रूप में बने रहना सुनिश्चित हुआ था। इस निर्णायक मोड़ पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अविस्मरणीय और अमूल्य प्रयासों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में देश उनकी 125वीं जयंती मना रहा है, जो उनके राष्ट्र-प्रथम के संकल्पों को समर्पित है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए विकास की गति को और बढ़ाएंगी।

प्रधानमंत्री का बंगाल दौरा और विकास योजनाएं

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री दोपहर पौने चार बजे अपने पहले बंगाल प्रवास पर पहुंच रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री किसान योजना की 23वीं किस्त जारी करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की नींव रखेंगे। राजभवन में रात्रि विश्राम के बाद वह अगले दिन राज्य में ही आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

'योग संगम' अभियान में बंगाल ने रचा इतिहास

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर 'योग संगम' पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले संगठनों का आंकड़ा 6 लाख को पार कर गया है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, इस वैश्विक आंदोलन में पश्चिम बंगाल 2.76 लाख से अधिक संगठनों के पंजीकरण के साथ शीर्ष स्थान पर है, जबकि राजस्थान दूसरे पायदान पर बना हुआ है। वर्ष 2026 के लिए 'Yoga for Healthy Ageing' (हेल्दी एजिंग के लिए योग) की थीम तय की गई है, जो उम्र के हर पड़ाव पर सक्रिय और स्वस्थ जीवन का संदेश देती है। इस अभूतपूर्व जनभागीदारी से 21 जून को एक नया कीर्तिमान स्थापित होने की पूरी संभावना है।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को अभी कुछ दिन और धीरज रखना होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में मानसूनी हवाओं के 25 जून के आसपास सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में प्री-मानसून की हलचलें तेज हो गई हैं, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी के साथ बौछारें गिर रही हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण फिलहाल आम जनता को झुलसाने वाली गर्मी से खासी राहत मिली है।

विगत 24 घंटों में अंधड़ और आंधी का दौर

बीते 1 दिन के दौरान मध्य प्रदेश के 40 से अधिक छोटे-बड़े अंचलों में बादलों की गर्जना और बिजली की कड़क के साथ वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में सर्वाधिक 42 मिमी बारिश धुंधड़का में रिकॉर्ड की गई, जबकि शामगढ़ में 29.2 मिमी, कयामपुर व रौन में 27-27 मिमी तथा सिवनी में 26.6 मिमी पानी बरसा। इसके साथ ही आगर मालवा में 57 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं। जबलपुर, डिंडोरी, cutनी, सतना, रीवा, सिंगरौली, शिवपुरी, शहडोल, सीहोर, सागर, झाबुआ, रतलाम, अशोकनगर, ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में भी धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना रहा।

पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंडक और खजुराहो रहा सर्वाधिक गर्म

तापमान के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो छतरपुर जिले का ऐतिहासिक पर्यटन स्थल खजुराहो शुक्रवार को राज्य का सबसे तप्त इलाका रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके विपरीत, हिल स्टेशन पचमढ़ी (नर्मदापुरम जिला) में मौसम सबसे सुहावना और ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का 'ऑरेंज अलर्ट'

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले 5 दिनों तक वायुमंडल की इस स्थिति में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा। मौसम विभाग ने सीहोर, आगर, अशोकनगर और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ जोरदार बारिश हो सकती हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, खंडवा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, जबलपुर, पन्ना और गुना सहित 30 से अधिक नगरों में मेघ गर्जन के साथ वर्षा होने के आसार जताए गए हैं।

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