Home Blog Page 40

बारिश की पहली बौछार में चमोली में तबाही, सड़कें बनीं नदियां

0

चमोली (उत्तराखंड): उत्तराखंड के चमोली जिले में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। जिले के नारायणबगड़ इलाके में भारी बारिश (अतिवृष्टि) के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा, कीचड़ और पत्थर बहकर मुख्य सड़कों पर आ गए हैं, जिससे पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज बहाव के साथ आए इस मलबे ने कई दुकानों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे स्थानीय लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दुकानों और दफ्तरों में भरा मलबा

पहाड़ियों से गिरे इस मलबे और पत्थरों के कारण कई स्थानों पर पूरी तरह से आवाजाही रुक गई है। पानी और कीचड़ का बहाव इतना तेज था कि यह लोगों की दुकानों और कार्यालयों के भीतर तक घुस गया, जिससे वहां रखे सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर फैला कीचड़, फंसे हुए वाहन और टूटी दुकानें इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को साफ बयां कर रही हैं।

वाहनों को नुकसान और राहत कार्य शुरू

मलबे की चपेट में आने से सड़क पर खड़े और वहां से गुजर रहे कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ गाड़ियां मलबे के बीच फंस गईं, तो कुछ पर भारी पत्थर गिरने से नुकसान हुआ। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में अभी तक किसी भी तरह की जनहानि (जान माल के नुकसान) की खबर नहीं है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग खुद ही एक-दूसरे की मदद और मलबा हटाने में जुट गए। इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। वर्तमान में जेसीबी मशीनों की मदद से सड़कों को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है ताकि यातायात को दोबारा शुरू किया जा सके। अधिकारी नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं।

प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मौसम के खराब मिजाज और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे यात्रा करने से बचें। संवेदनशील और खतरनाक इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से विशेष निगरानी रखी जा रही है और आपदा प्रबंधन की टीमों को चौबीस घंटे अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने लोगों से कहा है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में वे तुरंत संबंधित विभागों को इसकी सूचना दें।

रेलवे का बड़ा फैसला: ट्रेन में स्मोकिंग पर सख्त कार्रवाई, भीख मांगने पर भी रोक

0

नई दिल्ली: भारतीय रेल से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ उनके सफर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नियमों को काफी सख्त कर दिया है। आगामी पहली जुलाई से भारतीय रेल कई बड़े बदलाव लागू करने जा रही है, जो विशेष रूप से स्लीपर और जनरल क्लास में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए बेहद आरामदायक साबित होंगे। नए नियमों के तहत ट्रेनों के भीतर और रेलवे परिसर में अनधिकृत गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने की तैयारी कर ली गई है।

ट्रेन में स्मोकिंग करने पर भारी जुर्माना और टिकट ज़ब्ती

नए सख्त नियमों के मुताबिक, अब अगर कोई भी यात्री ट्रेन के अंदर धूम्रपान (स्मोकिंग) करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। मंत्रालय ने जुर्माने की राशि को बढ़ाकर अब सीधे 2,000 रुपये कर दिया है। इतना ही नहीं, पकड़े जाने पर उस यात्री का टिकट भी ज़ब्त किया जा सकता है और उसे बीच सफर में ही ट्रेन से नीचे उतारा जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति मौके पर जुर्माना देने से इनकार करता है, तो मामला सीधे कोर्ट के समक्ष भेजा जाएगा, जहां अदालत अधिकतम 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।

भीख मांगने और अवैध फेरी लगाने वालों पर सख्त ऐक्शन

स्मोकिंग करने वालों के अलावा, रेल मंत्रालय ने ट्रेनों और स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और बिना लाइसेंस के सामान बेचने वाले फेरीवालों के खिलाफ भी बड़े ऐक्शन की तैयारी की है। नए बदलावों के तहत अब रेलवे परिसर या ट्रेन के भीतर भीख मांगने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। यदि कोई भीख मांगते हुए पाया जाता है, तो रेलवे का कोई भी कर्मचारी उसे तुरंत ट्रेन से उतार सकता है। ऐसे लोगों को अवैध रूप से फेरी लगाने वालों के समान ही कड़ी सजा और जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।

बिना लाइसेंस फेरी लगाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान

सरकार ने जन विश्वास अधिनियम की धारा 144 के तहत बिना आधिकारिक लाइसेंस के ट्रेन में सामान बेचने वाले फेरीवालों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। अब पकड़े जाने पर इन अवैध फेरीवालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की स्थिति में मामला अदालत जाएगा, जहां तीन महीने की जेल और 5,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। नियमों को इतना कड़ा किया गया है कि यदि कोई फेरीवाला चौथी बार बिना लाइसेंस के पकड़ा जाता है, तो उसे एक साल की कैद, 5,000 रुपये का जुर्माना या फिर ये दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं।

जेलेंस्की की बहादुरी के कायल हुए ट्रंप, युद्ध को लेकर दिया बड़ा बयान

0

वाशिंगटन / अंकारा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने यूक्रेनी समकक्ष वोलोडिमिर जेलेंस्की की जमकर सराहना करते हुए उन्हें रूस के खिलाफ जारी युद्ध में बेहद साहसी और बहादुर बताया है। ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की अपनी स्थिति पर मजबूती से डटे हुए हैं और युद्ध क्षेत्र में यूक्रेन काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। व्हाइट हाउस में नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रूटे के साथ एक महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान, जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या यूक्रेन रूस के खिलाफ यह लड़ाई जीत रहा है, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा, "वे काफी अच्छा कर रहे हैं।"

यूक्रेनी सैनिकों की बहादुरी और सैन्य क्षमता की तारीफ

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस भीषण युद्ध की मानवीय कीमत को स्वीकार करते हुए दुख जताया कि दोनों तरफ बहुत से बेकसूर लोग मारे जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन की सैन्य क्षमता और उसके सैनिकों के जज्बे की प्रशंसा की।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मुख्य बयान: "आपको यह मानना होगा कि वे (यूक्रेनी) बेहद हिम्मतवाले हैं। उनके पास न केवल आधुनिक और बढ़िया सैन्य उपकरण हैं, बल्कि बहुत बेहतरीन लोग भी हैं। वे असली फाइटर्स हैं।"

अंकारा नाटो शिखर सम्मेलन से पहले अहम टिप्पणी

डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी अगले महीने तुर्की के अंकारा में होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बीच आई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस सम्मेलन में यूक्रेन को लगातार मिलने वाली वैश्विक मदद एक मुख्य एजेंडा रहेगी।

मुलाकात के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूटे ने भी यूक्रेन की युद्ध क्षेत्र में सुधरती स्थिति की पुष्टि की। रूटे ने कहा कि पिछले पांच-छह महीनों में यूक्रेन का प्रदर्शन पहले से कहीं बेहतर हुआ है और उन्होंने कीव (यूक्रेन) को रूसी सेना का मजबूती से सामना करने में मदद करने के लिए लगातार मिल रही अमेरिकी सहायता को इसका मुख्य श्रेय दिया।

ईरान और यूक्रेन मामलों पर ट्रंप के नेतृत्व की सराहना

नाटो प्रमुख रूटे ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मामलों पर राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान और यूक्रेन दोनों ही संवेदनशील मुद्दों पर मजबूत लीडरशिप दिखाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका द्वारा कीव को आवश्यक सैन्य समर्थन देना जारी है, जिसका वित्तीय भुगतान यूरोपीय और कनाडाई सहयोगी देश कर रहे हैं। आगामी नाटो शिखर सम्मेलन में रक्षा औद्योगिक उत्पादन (डिफेंस इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन) को और मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा होगी, ताकि सभी सहयोगी देश यूक्रेन को लगातार हथियार और रसद की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए अपने स्वयं के सैन्य स्टॉक को भी फिर से भर सकें। नाटो का अंतिम लक्ष्य यूक्रेन में स्थायी शांति स्थापित करना है, और इसके लिए कीव की सैन्य स्थिति को मजबूत बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महाराष्ट्र में बढ़ीं उद्धव की मुश्किलें, अहम बैठक से गायब रहे 23 विधायक

0

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक और बड़े राजनीतिक भूचाल के संकेत मिल रहे हैं, जिससे महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर मची अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। आगामी मानसून सत्र के लिए रणनीति तैयार करने के मकसद से बुलाई गई गठबंधन की एक बेहद अहम और रणनीतिक बैठक से 60 में से 23 विधायकों ने दूरी बना ली। हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने के बाद, अब इतनी बड़ी संख्या में विधायकों और कद्दावर नेताओं की इस गैरमौजूदगी ने अघाड़ी गठबंधन के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शरद पवार समेत कांग्रेस-एनसीपी के दिग्गज बैठक से गायब

इस महत्वपूर्ण बैठक में केवल विधायक ही नहीं, बल्कि गठबंधन के सबसे बड़े चेहरे भी नदारद रहे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP – शरद चंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनके वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया गया। इसके अलावा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार भी इस बैठक से गायब रहे। नेताओं की इस बेरुखी ने गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने के दावों को हवा दे दी है।

पार्टी टूटने के बाद उद्धव ठाकरे का छलका दर्द

लोकसभा सांसदों की बगावत का दंश झेल रहे शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बैठक में अपनी गहरी हताशा और नाराजगी जाहिर की। उन्होंने एकजुटता पर सीधा सवाल उठाते हुए बाकी नेताओं से पूछा, "क्या हम वाकई एक साथ हैं?" उन्होंने कहा, "हम मंच से तो कहते हैं कि हम एक साथ हैं… लेकिन क्या हम सदन में महा विकास अघाड़ी के रूप में एकजुट दिखते हैं? क्या हम सब एक साथ मिलकर जनता के मुद्दे उठाते हैं?"

"जो चले गए… उन्हें जाने दें"

बागी सांसदों का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे ने भावुक अपील की कि अब हमें उन लोगों पर अपनी ऊर्जा और ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो आज भी हमारे साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उन्हें जाने दें, हमें उनके पीछे वक्त बर्बाद नहीं करना चाहिए। बहरहाल, चुनाव और मानसून सत्र से ठीक पहले महा विकास अघाड़ी के भीतर की यह दरार आगामी दिनों में राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकती है।

बेटी के लापता होने की शिकायत लेकर पहुंची महिला से मारपीट, हेड कॉन्स्टेबल निलंबित

0

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। यहाँ नूराबाद थाना क्षेत्र में अपनी गायब बेटी की शिकायत लेकर पुलिस के पास भटक रही एक असहाय महिला की हेड कांस्टेबल ने प्लास्टिक के पाइप से बर्बरतापूर्वक पिटाई कर दी। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने आरोपी हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।

'बेटी के लापता होने पर बालिग बताकर पल्ला झाड़ती रही पुलिस'

यह पूरा मामला नूराबाद थाना इलाके के खरगपुर गांव का है। पीड़ित महिला उषा जाटव ने बताया कि गांव के ही दो दबंग युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गए थे। इस बात की शिकायत उन्होंने पहले गुड़गांव में भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस यह तर्क देकर टालमटोल करती रही कि लड़की बालिग (वयस्क) है, इसलिए वे कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। बाद में जब मां को सूचना मिली कि उसकी बेटी को वापस गांव में ही लाकर छिपाया गया है, तो वह अपने पति के साथ नूराबाद थाने के चक्कर काटने लगी, लेकिन वहाँ भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

घर में घुसकर की बदसलूकी, विरोध करने पर पाइप से किया हमला

पीड़िता का आरोप है कि उचित कार्रवाई करने के बजाय कुछ दिन पहले पुलिसकर्मी अचानक उसके घर आ धमके और उसे जबरन थाने चलने के लिए दबाव बनाने लगे। जब महिला ने बिना किसी वारंट या ठोस वजह के थाने जाने से इनकार किया और अपनी शिकायत पर कार्रवाई का सवाल पूछा, तो पुलिसकर्मी भड़क गए। उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। इसी बीच एक पुलिसकर्मी ने मर्यादा की सारी हदें लांघते हुए घर के अंदर ही महिला पर प्लास्टिक के मोटे पाइप से हमला कर दिया। इस पिटाई का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो तेजी से वायरल हो गया।

एसपी ने वीडियो देखकर लिया त्वरित निर्णय, विभागीय जांच शुरू

इस खौफनाक घटना के बाद सहमा हुआ पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर सीधे मुरैना के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचा। इंटरनेट पर वायरल वीडियो के साक्ष्यों और पीड़ित महिला की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की। उन्होंने महिला से मारपीट और अनुशासनहीनता के दोषी आरोपी हेड कांस्टेबल विक्रम राठौर को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता, विशेषकर महिलाओं के साथ इस तरह का अमर्यादित और हिंसक व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से बदनाम करने का आरोप, युवक ने दर्ज कराई शिकायत

0

जबलपुर: सोशल मीडिया के दुरुपयोग के जरिए किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने और बदनाम करने का एक बेहद गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जबलपुर के शाहपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिपरा के निवासी 33 वर्षीय रूपेश पटेल इस ऑनलाइन साजिश और धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने फेसबुक पर रूपेश की जानकारी का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया है। इस नकली आईडी से रूपेश के खिलाफ लगातार बेहद आपत्तिजनक, अश्लील और भ्रामक बातें पोस्ट की जा रही हैं, जिससे समाज और सगे-संबंधियों के बीच उनकी छवि धूमिल हो रही है। इस प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित ने जबलपुर जिला साइबर सेल के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

'रितेश राय' के नाम से बनाई फेक प्रोफाइल, हफ्ते भर से चल रहा बदनाम करने का खेल

पीड़ित रूपेश पटेल ने अपनी शिकायत में बताया कि पिछले करीब एक हफ्ते से सोशल मीडिया पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अज्ञात जालसाज ने फेसबुक पर 'रितेश राय' नाम से एक फर्जी आईडी बनाई है, जिस पर रूपेश की तस्वीरें और उनसे जुड़ी बातें पोस्ट की जा रही हैं। पीड़ित ने साफ तौर पर कहा कि इस फर्जी प्रोफाइल में जिस रितेश राय नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है, उस नाम के किसी भी व्यक्ति को वे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं। आरोपी का एकमात्र मकसद केवल और केवल उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को पूरी तरह बर्बाद करना है।

फर्जी अकाउंट को तुरंत ब्लॉक करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

लगातार मिल रहे मानसिक तनाव के बाद रूपेश ने साइबर सेल के अधिकारियों से मामले की तत्काल तकनीकी जांच (टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन) करने का अनुरोध किया है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि सबसे पहले इस फर्जी फेसबुक आईडी को तुरंत ब्लॉक या डिलीट कराया जाए ताकि और अधिक भ्रामक सामग्री समाज में न फैले। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की है कि इस साजिश के पीछे छिपे असली चेहरे का पता लगाकर, उसका आईपी एड्रेस (IP Address) ट्रैक किया जाए और उस अज्ञात अपराधी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाकर जेल भेजा जाए।

साइबर पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर तकनीकी पहलुओं की जांच की शुरू

शिकायत मिलने के बाद जबलपुर साइबर पुलिस ने मामले को पूरी गंभीरता से लिया है। पुलिस ने पीड़ित का आवेदन स्वीकार करते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम अब उस डिजिटल फुटप्रिंट और यूआरएल (URL) की पड़ताल कर रही है, जिसके जरिए यह फेक अकाउंट ऑपरेट किया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अकाउंट किस मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से बनाया गया था और इसे करने के पीछे आरोपी का क्या निजी स्वार्थ या पुरानी रंजिश है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य जुटते ही आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पांवटा बॉर्डर पर बढ़ी सतर्कता, निहंगों के जमावड़े के बाद सीमा सील

0

देहरादून: पंजाब से हिमाचल प्रदेश होते हुए उत्तराखंड की सीमा में दाखिल होने का प्रयास कर रहे निहंग सिखों के मामले को लेकर पांवटा साहिब बॉर्डर पर शुक्रवार को भी बेहद कड़ा प्रशासनिक पहरा और सतर्कता देखी गई। उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन सीमा पर लगातार कैंप किए हुए है। इस बीच, किसी भी संभावित टकराव को टालने और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और निहंग समुदाय के प्रमुख प्रतिनिधियों के बीच गुरुद्वारा पांवटा साहिब में एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है।

लाइव अपडेट्स (पल-पल की स्थिति)

  • दोपहर 02:00 बजे: पांवटा साहिब गुरुद्वारा परिसर में चल रही बैठक का पहला दौर सकारात्मक रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्ष शांतिपूर्ण हल निकालने के बेहद करीब हैं।

  • दोपहर 01:15 बजे: उत्तराखंड सीमा में प्रवेश करने वाले हर छोटे-बड़े वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिल रही है।

  • सुबह 11:30 बजे: सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च किया।

  • सुबह 09:45 बजे: जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने बॉर्डर पोस्ट पर पहुंचकर सुरक्षा ग्रिड का मुआयना किया और ड्यूटी पर तैनात जवानों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।

डीएम और एसएसपी ने खुद संभाली कमान, लिया सुरक्षा का जायजा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) डॉ. आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल शुक्रवार सुबह खुद ग्राउंड जीरो यानी पांवटा साहिब बॉर्डर पहुंचे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की स्थिति और बैरिकेडिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड में तैनात पुलिस कप्तानों और प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों को दोटूक निर्देश दिए कि सीमा पर शांति व्यवस्था और नियमों के पालन से किसी भी सूरत में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

बॉर्डर पर बढ़ा पहरा, हर आने-जाने वाले वाहन की चेकिंग

प्रशासनिक अलर्ट के बाद उत्तराखंड को हिमाचल से जोड़ने वाले इस मुख्य सीमा क्षेत्र को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस और सशस्त्र बलों की अतिरिक्त कंपनियों को बॉर्डर लाइन्स पर तैनात किया गया है। उत्तराखंड की सीमा में आने वाले प्रत्येक वाहन की न केवल सघन चेकिंग की जा रही है, बल्कि यात्रियों के पहचान पत्रों की भी जांच हो रही है ताकि कोई भी असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके। हालांकि, इस मुस्तैदी के बीच आम यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

गुरुद्वारे में सकारात्मक बातचीत, जल्द समाधान की उम्मीद

राहत की बात यह है कि सीमा पर उपजे इस गतिरोध को बातचीत के जरिए सुलझाने की कवायद तेज हो गई है। गुरुद्वारा पांवटा साहिब के भीतर जिला प्रशासन के नुमाइंदों और निहंग सिखों के जत्थेदारों के बीच बहुत ही सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में बातचीत का दौर चल रहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से जिम्मेदारी भरा रुख अपनाया जा रहा है और अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि आपसी संवाद के माध्यम से इस पूरे विवाद का जल्द ही कोई बीच का रास्ता और शांतिपूर्ण नतीजा निकल आएगा। फिलहाल सीमा पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य है।

IND W vs BAN W: सेमीफाइनल की दौड़ में भारत बरकरार, शेफाली और श्री चरणी ने मचाया धमाल

0

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 में अपना शानदार सफर जारी रखते हुए सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूती से जिंदा रखा है। गुरुवार को ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान पर खेले गए मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 5 विकेट से करारी शिकस्त दी। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की आतिशी अर्धशतकीय पारी और गेंदबाजों के धारदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने बांग्लादेश से मिले 137 रनों के लक्ष्य को महज 16.5 ओवरों में 5 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। हालांकि, इस मुकाबले में भी भारतीय टीम की खराब फील्डिंग का सिलसिला जारी रहा और खिलाड़ियों ने चार आसान कैच टपकाए, लेकिन गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से विपक्षी टीम को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। इससे पहले भारत ने शानदार वापसी करते हुए बांग्लादेश को 20 ओवर में 136 रनों पर ही रोक दिया था।

राधा यादव की फिरकी में उलझा बांग्लादेश, कप्तान निगार ने दिखाई हिम्मत

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली बांग्लादेशी टीम की शुरुआत बेहद धीमी और निराशाजनक रही। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने विपक्षी टीम को शुरुआती झटका देते हुए दिलारा अख्तर (4 रन) को सस्ते में पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जुआइरिया फर्दौस और सोभाना मोस्टारी ने मिलकर पारी को संभालने का प्रयास किया। जुआइरिया ने आक्रामक रुख अपनाते हुए 30 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 33 रन बनाए और दूसरे विकेट के लिए 51 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

वहीं, कप्तान निगार सुल्ताना ने भी मोर्चे से अगुवाई करते हुए 24 गेंदों में 32 रनों की जुझारू पारी खेली। निगार ने 14वें ओवर में नंदिनी शर्मा के खिलाफ लगातार 4 चौके जड़कर रन गति को तेज किया, लेकिन 17वें ओवर में वे स्टंप आउट हो गईं। उनके आउट होते ही बांग्लादेशी मिडिल ऑर्डर लड़खड़ा गया। भारत की तरफ से वापसी कर रही बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 28 रन देकर 3 मुख्य विकेट चटकाए। इसके अलावा श्री चरणी ने 2, जबकि रेणुका और नंदिनी शर्मा ने 1-1 विकेट हासिल किया।

शेफाली का तूफान और रितु मोनी का संघर्ष

विजयरथ पर सवार होने के इरादे से उतरी भारतीय टीम के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा ने बांग्लादेशी आक्रमण को नेस्तनाबूद करते हुए सिर्फ 34 गेंदों में 53 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। शेफाली के इस अर्धशतक ने भारत की जीत की राह पूरी तरह आसान कर दी, जिसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने सूझबूझ से खेलते हुए टीम को 19 गेंद शेष रहते ही जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। बांग्लादेश की ओर से रितु मोनी सबसे कामयाब गेंदबाज रहीं, जिन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।

21 वर्षीय श्री चरणी ने तोड़ा पूनम यादव का वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान भारतीय टीम की 21 साल की युवा स्पिन सनसनी श्री चरणी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से दर्ज करा लिया। बाएं हाथ की यह जादुई स्पिनर अब महिला टी20 विश्व कप के किसी एक सीजन में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। चरणी ने बांग्लादेशी पारी के आखिरी ओवर में शोरना अख्तर को आउट कर इस टूर्नामेंट में अपना 11वां विकेट लिया और दिग्गज पूनम यादव के 2020 विश्व कप के 10 विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसी ओवर में उन्होंने एक और विकेट झटककर अपने विकेटों की संख्या 12 पहुंचा दी। चरणी ने इससे पहले नीदरलैंड्स के खिलाफ 4 और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट लेकर तहलका मचाया था। वे इस समय आईसीसी महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजी रैंकिंग में दुनिया की नंबर-1 गेंदबाज हैं।

अमेलिया केर के सर्वकालिक रिकॉर्ड के बेहद करीब

एक विश्व कप सीजन में 12 विकेट हासिल करने के साथ ही श्री चरणी अब महिला टी20 विश्व कप इतिहास में संयुक्त रूप से चौथी सबसे सफल गेंदबाज बन गई हैं। अब उनकी नजरें न्यूजीलैंड की अमेलिया केर के 15 विकेटों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को तोड़ने पर टिकी हैं। चूंकि टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबले अभी बाकी हैं, ऐसे में फॉर्म को देखते हुए यह माना जा रहा है कि चरणी बहुत जल्द इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को भी अपने नाम कर सकती हैं।

हिमालयी राज्यों के लिए बड़ी राहत, भूकंप आने से पहले मिलेगी चेतावनी

0

नई दिल्ली: दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत के पास भी फिलहाल भूकंप आने से काफी पहले उसकी सटीक भविष्यवाणी करने वाली कोई वैज्ञानिक तकनीक उपलब्ध नहीं है। हालांकि, देश ने इस दिशा में बड़ी प्रगति करते हुए हिमालयी क्षेत्र में एक मजबूत भूकंपीय निगरानी नेटवर्क और क्षेत्रीय 'अर्थक्वेक अर्ली वार्निंग' (EEW) सिस्टम विकसित कर लिया है। यह आधुनिक प्रणाली भूकंप शुरू होते ही उसके खतरनाक झटके (विनाशकारी तरंगें) रिहायशी इलाकों तक पहुंचने से कुछ सेकंड पहले लोगों और प्रशासन को अलर्ट जारी कर देती है।

आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड सरकार का 'भूदेव' ऐप

इस शुरुआती चेतावनी प्रणाली (अर्ली वार्निंग सिस्टम) को आम जनता के लिए उपयोगी और बेहतर बनाने की दिशा में सबसे सफल प्रयास आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) ने उत्तराखंड सरकार के साथ मिलकर किया है। दोनों ने संयुक्त रूप से 'भूदेव' नाम का एक अत्याधुनिक 'भूकंप पूर्व चेतावनी ऐप' विकसित किया है। यह ऐप आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर भूकंप की आहट मिलते ही स्थानीय लोगों को सतर्क करता है, जिससे उनकी सुरक्षा और आपदा से लड़ने की क्षमता सुनिश्चित होती है।

हिमालयी क्षेत्रों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एल्गोरिदम

सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, पूरे संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में अर्ली वार्निंग सिस्टम को समर्पित एक रियल-टाइम भूकंपीय नेटवर्क शुरू किया गया है। इसके साथ ही, 'नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी' क्षेत्रीय डेटा का उपयोग करके एक प्रोटोटाइप ईईडब्ल्यू (EEW) एल्गोरिदम विकसित और टेस्ट कर रहा है। इस तकनीक के जरिए प्राथमिक तरंगों (P-Waves) की सटीक पहचान, भूकंप की तीव्रता का तेजी से आकलन और मुख्य झटके आने से पहले की सटीक भविष्यवाणी को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

जानिए कैसे काम करता है यह पूरा सिस्टम?

जब भी धरती के अंदर हलचल होती है और भूकंप आता है, तो वहां से सबसे पहले 'पी-वेव्स' (Primary Waves) निकलती हैं। ये तरंगें सबसे तेज गति से यात्रा करती हैं लेकिन इनसे कोई नुकसान नहीं होता। ईईडब्ल्यू सिस्टम भूकंप के मुख्य केंद्र (Episenter) के पास लगे सेंसरों की मदद से इन्हीं शुरुआती तरंगों को तुरंत पकड़ लेता है। इसके बाद, नुकसान पहुंचाने वाली भारी तरंगों के पहुंचने से पहले ही दूर स्थित शहरों में डिजिटल अलर्ट भेज दिया जाता है। इससे प्रशासन को सायरन बजाने और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भागने के लिए कुछ बेहद कीमती सेकंड मिल जाते हैं।

दूरी पर निर्भर करता है चेतावनी का समय

इस प्रणाली से मिलने वाला लाइफ-सेविंग टाइम पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि कोई इलाका भूकंप के केंद्र से कितनी दूर है। अगर कोई शहर भूकंप के केंद्र के बिल्कुल पास है, तो वहां चेतावनी के लिए बिल्कुल समय नहीं मिलेगा। वहीं, केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित इलाकों को बचाव के लिए कुछ अतिरिक्त सेकंड मिल जाते हैं। भारत में इस तरह के सेंसर नेटवर्क मुख्य रूप से उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के सक्रिय फॉल्ट ज़ोन (सक्रिय भूकंपीय दरारों) के पास लगाए गए हैं। वैश्विक स्तर पर देखें तो इस समय जापान, ताइवान और अमेरिका के पास दुनिया की सबसे उन्नत भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणालियां मौजूद हैं।

बिल गेट्स ने किया चौंकाने वाला दावा, एपस्टीन पर लगाए ब्लैकमेल के आरोप

0

वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के समक्ष बंद कमरे में दी गई अपनी गवाही में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। गेट्स के मुताबिक, दिवंगत वित्त कारोबारी और कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स) का फायदा उठाकर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने दावा किया कि एपस्टीन इन संवेदनशील जानकारियों के जरिए उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, हालांकि उसकी यह कोशिश पूरी तरह नाकाम रही।

यह सनसनीखेज विवरण बिल गेट्स की 10 जून को हुई गवाही के सार्वजनिक किए गए ट्रांसक्रिप्ट (लिखित ब्योरे) से सामने आया है। यह गवाही एपस्टीन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दुनिया के प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ उसके संबंधों की चल रही एक व्यापक जांच का हिस्सा है।

दोषी होने के बावजूद एपस्टीन से किया था संपर्क

बिल गेट्स ने संसदीय समिति के सामने स्वीकार किया कि साल 2008 में यौन अपराधों के लिए एपस्टीन को दोषी ठहराए जाने के बावजूद, उन्होंने साल 2011 में उससे संपर्क किया था। हालांकि, गेट्स ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपनी इस गलती का जल्द ही अहसास हो गया था और साल 2014 तक उन्होंने एपस्टीन से अपने सभी तरह के संबंध पूरी तरह समाप्त कर लिए थे।

रूसी महिलाओं से संबंधों के जरिए ब्लैकमेलिंग की कोशिश

गेट्स के अनुसार, जब उन्होंने एपस्टीन से दूरी बना ली, तो एपस्टीन ने उन्हें दोबारा अपने जाल में फंसाने के लिए उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारियों का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। बिल गेट्स ने गवाही में स्वीकार किया कि उनके दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध थे। एपस्टीन इसी जानकारी के आधार पर उन पर दबाव बना रहा था। हालांकि, गेट्स ने मजबूती से साफ किया कि उनका एपस्टीन के किसी भी आपराधिक नेटवर्क या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा।

आपराधिक नेटवर्क और आरोपों को सिरे से नकारा

बिल गेट्स ने एपस्टीन द्वारा लगाए गए या उससे जुड़े उन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें एसटीडी (यौन संचारित रोग), ड्रग्स या महिलाओं से मिलवाने की बातें कही गई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एपस्टीन ने कभी भी उनके लिए ऐसी किसी भी चीज या मुलाकात की व्यवस्था नहीं की थी।

अपनी बात को पुख्ता करते हुए गेट्स ने कहा कि वे अपने पूरे जीवन में कभी भी एपस्टीन के कुख्यात निजी द्वीप (प्राइवेट आइलैंड), उसके रैंच (फार्महाउस) या फ्लोरिडा स्थित उसकी किसी भी अन्य विवादित संपत्ति पर नहीं गए। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि वे एपस्टीन के आपराधिक और बदनाम जीवन से कोसों दूर थे।

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group