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पेरेंट्स की इन आदतों का बच्चों पर पड़ता है बुरा असर…

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बच्चे हर पेरेंट के लिए नए जीवन की तरह होते हैं। पेरेंट एक इंसान के रूप में चाहें कितनी भी गलत आदतों का आचरण या खराब व्यवहार करता हो लेकिन बच्चों के जीवन में आ जाने से उसे बदलना ही चाहिए क्योंकि आपके व्यक्तित्व से बच्चा प्रभावित होता है। ऐसे में अगर आपकी आदतें सही नहीं है, तो कहीं न कहीं बच्चे पर भी इसका असर पड़ता ही है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि कुछ आदतों में बदलाव करें। जैसे, आमतौर पर पेरेंट में कुछ आदतें होती हैं, जो बच्चों पर गलत असर डालती हैं। 

एक-दूसरे पर चिल्लाना
अगर पति-पत्नी एक-दूसरे पर चिल्लाते हैं, तो इसका असर बच्चों पर पड़ता है। बच्चा भी चिल्लाकर बात करना शुरू कर देता है। उसके व्यवहार में रूखापन, गुस्सा देखने को मिलता है। वह दूसरे बच्चों पर रोब जमाने की कोशिश करता है। 

शराब या दूसरा नशा करना 
जिस बच्चे ने हमेशा से अपने पेरेंट को शराब पीते हुए देखा है, उस पर क्या असर पड़ेगा? पेरेंट के ऐसा करने से बच्चा भी इस आदत को सीख सकता है। इसके अलावा उसमें भी उत्सुकता बढ़ती है कि इसे पीने से क्या होता है। 

दूसरों की बुराई करना 
आपने कई बच्चों को देखा होगा, जिनका ध्यान बच्चों के साथ खेलने से ज्यादा बड़ों की बातों पर रहता है। इसका कारण यह है कि वे बड़े की बातों पर ध्यान देते हैं और फिर उन्हें भी गॉसिप करने की आदत लग जाती है। 

भेदभाव भरी बातें करना 
बच्चे जाति, लिंग, भाषा, क्षेत्र आदि के बारे में भेदभाव भरी बातें भी अपने बड़ों से ही सीखते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर बच्चे के पिता उसकी मां को कमतर समझते हैं या फिर हमेशा भला-बुरा कहेंगे, तो बच्चा भी यही सीखेगा। 

हर किसी को बुरे तरीके से ट्रीट करना 
बच्चे अपने पेरेंट को फॉलो करते हैं। ऐसे में अगर आप हर किसी से बुरा व्यवहार करेंगे, तो बच्चा इस व्यवहार को ही सही मान लेगा। ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपने व्यवहार में सुधार लाएं।  

गर्लफ्रेंड सबा आजाद के साथ स्पॉट हुए ऋतिक रोशन…

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बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन हाल ही में अपनी गर्लफ्रेंड सबा आजाद के नजर आए जिसका एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में दोनों व्हाइट आउटफिट में ट्विनिंग करते दिखे। दरअसल, ऋतिक अपने मेकअप आर्टिस्ट के वेडिंग रिसेप्शन में पहुंचे है। इस दौरान कपल ने साथ में पैपराजी को पोज भी दिया। वीडियो में दोनों बेहद क्यूट लग रहे हैं। अब इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस कपल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

खंडवा में लगे सर तन से जुदा के नारे, गृहमंत्री ने कहा पुलिस कर रही रिकार्डिंग की जांच

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खंडवा ।  ईद मिलादुन्नबी का जुलूस मुस्लिम समाजजन द्वारा रविवार को उत्साह से निकाला गया। शहर के अलग-अलग मुस्लिम क्षेत्रों से जुलूस लेकर मजहबी नारे लगाते हुए युवा इमलीपुरा पहुंचे। यहां इमलीपुरा चौराहे से शहर काजी सैय्यद निसार अली के नेतृत्व में ईद का मुख्य जुलूस निकाला गया। बड़ाबम चौराहे से आगे निकलते ही जैन फोटोकापी की दुकान के सामने जुलूस में शामिल युवकों ने नारे लगाना शुरू किए। मजहबी नारे लगा रहे युवक अचानक भड़काऊ नारे लगाने लगे। गुस्ताख-ए-नबी की यही सजा सर तन से जुदा सर तन से जुदा के नारे लगाए। गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने खंडवा में जुलूस में लगे आपत्तिजनक नारों को लेकर कहा कि इसकी सीडी और रिकार्डिंग की जांच की जा रही है।युवकों द्वारा लगाए जा रहे नारे का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया। करीब 52 सेकंड के इस वीडियो में मुस्लिम समाज के युवक भड़काऊ नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं। नारे लगाते हुए युवकों का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर देखा जा रहा है। महादेवगढ़ संरक्षक हिंदू नेता अशोक पालीवाल ने बताया कि इस प्रकार के जुलूसों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। शहर में तीन बार से जुलूस के दौरान भगवान श्रीराम को अपशब्द कहे गए। सर तन से जुदा के नारे लगाए गए। इस तरह के नारे लगाकर हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना और हिंदू समाज को डर का माहौल बनाने का प्रयास निरंतर जारी है। इसलिए ऐसे जुलूसों पर प्रतिबंध लगना चाहिए। शहर काजी के साथ जुलूस में कांग्रेस नेता सलीम पटेल, रियाज हुसैन और अहमद पटेल कार में सवार रहे। वे युवाओं को अमन शांति का पैगाम देते आगे बढ़ाते रहे। जुलूस इमलीपुरा से शुरू होकर परदेशीपुरा, बड़ाबम चौक, रेलवे स्टेशन, बाम्बे बाजार, घंटाघर चौक, नगर निगम, जलेबी चौक, मेडिकल चौराहा से होकर वापस इमलीपुरा पहुंचा। धार्मिक झंडों के अलावा कुछ युवकों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्यज भी ले रखा था। बड़ाबम चौराहे पर जुलूस का कुछ हिस्सा तीन पुलिया की तरफ निकल जाने के बाद कुछ युवक वापस इमलीपुरा की तरफ से आने वाले जुलूस में शामिल होने के लिए जाने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकते हुए वापस अपने जुलूस में जाने के लिए कहा। इस दौरान समाज के लोगों ने पुलिस से बहस कर रहे युवकों को समझाकर आगे बढ़ा दिया। जुलूस में तिरंगे पर बनी चांद सितारे की आकृति आकर्षण का केंद्र रही। केसरिया, सफेद और हरे रंग पर चांद और तारे बने हुए थे। वहीं आकर्षक वेशभूषा में बच्चे भी जुलूस में शामिल हुए। करीब तीन साल बाद निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इधर पुलिस की जुलूस पर नजर रही। जुलूस के समापन तक पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह हर पल की जानकारी लेते रहे। पुलिस कंट्रोल से उन्होंने सीसीटीवी कैमरों से जुलूस पर नजर रखी।

इससे पहले भी लग चुके हैं आपत्तिजनक नारे

शहर में इससे पहले भी आपत्तिजनक नारे लगाए जा चुके हैं। कहारवाड़ी में भगवान श्रीराम को अपशब्द कहते हुए नारे लगे थे। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसके बाद जलेबी चौक में मोहर्रम पर ताजियों के जुलूस में सर तन से जुदा के नारे लगाए गए थे। इस मामले में केस दर्ज किया गया था। इसके साथ ही यहां पर हिंदू नेता अशोक पालीवाल का नाम लेकर सर तन से जुदा के नारे लगाने का भी मामला सामने आया था। इसकी अशोक पालीवाल और उनके समर्थकों ने कोतवाली थाने में शिकायत की थी। इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।

इनका कहना है

– नारे लगाते हुए एक वीडियो सामने आया है। इसमें कुछ आपत्तिजनक नारे लगाए गए हैं तो इसकी जांच की जाएगी। जांच के पश्चात संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।

– विवेक सिंह, पुलिस अधीक्षक

उज्जैन आने वाले चौथे प्रधानमंत्री होंगे नरेन्द्र मोदी, ढाई दशक में पांच बार आए, प्रधानमंत्री के रूप में दूसरी बार आ रहे

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उज्जैन ।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, 11 अक्टूबर को ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर के नवविस्तारित क्षेत्र ' श्री महाकाल लोक" का लोकार्पण करने उज्जैन आ रहे हैं। वे उज्जैन आने वाले देश के चौथे प्रधानमंत्री हैं। उनके पहले सन 1959 में पंडित जवाहरलाल नेहरू, 1977 में मोरारजी देसाई और 1988 में राजीव गांधी आए थे। मोदी, ढाई दशक में पांच बार उज्जैन आ चुके हैं। प्रधानमंत्री के रूप में उनकी उज्जैन यात्रा दूसरी बार हो रही है। इसके पहले वे महाकुंभ सिंहस्थ- 2016 के दरमियान शहर से सटे निनोरा गांव में रखे वैचारिक कुंभ में आए थे। तब उन्होंने विश्व को शांति, अहिंसा, सद्भाव और प्रेम का संदेश दिया था। ग्लोबल वार्मिंग और आतंकवाद को विश्व की सबसे बड़ी समस्या बताया था। हालांकि उस समय वे महाकाल मंदिर नहीं गए थे। नरेन्द्र मोदी पहली बार सन् 1998 में आए थे, तब वे मध्यप्रदेश के भाजपा प्रभारी थे। बाद में जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब साल 2004 में सिंहस्थ के दरमियान पर्व स्नान करने राम घाट आए थे। फिर 2011 में कालिदास संस्कृत अकादमी में रखे स्कूल चलें हम अभियान कार्यक्रम में आए थे। साल 2013 में दो बार, नानाखेड़ा स्टेडियम और टावर चौक पर रखी भाजपा की चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। वे इस दरमियान दो मर्तबा ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में अभिषेक- पूजन भी कर चुके हैं। तय कार्यक्रम अनुसार वे शाम पांच बजे हेलिकाप्टर से उज्जैन आएंगे। सीधे महाकालेश्वर मंदिर जाकर अभिषेक-पूजन करेंगे। तत्पश्चात 'महाकाल लोक" का लोकार्पण कर कार्तिक मेला मैदान पर रखी धर्म सभा को संबोधित करेंगे। उसके बाद अनुकूलता रही तो वे हेलिकाप्टर से इंदौर जाएंगे और अनुकूलता नहीं रही तो वे मार्ग से इंदौर एयरपोर्ट जाएंगे। वे वहां से दिल्ली रवाना होंगे। उनके कार्यक्रम में शिप्रा पूजन भी जोड़ने का प्रस्ताव प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्रसिंह दे चुके हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है। अंतिम कार्यक्रम सोमवार को जारी हो सकता है।

भोपाल मैनिट परिसर में बाघ ने चौथी बार किया गाय पर हमला

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भोपाल ।  मैनिट परिसर के अंदर मौजूद बाघ टी-1234 ने शनिवार-रविवार की रात को चौथी बार एक गाय पर हमला किया है। पूर्व में वह एक बछड़ा व दो गाय पर हमला कर चुका है, जिसमें से एक की मौत हो चुकी थी। इस बार गाय के पिछले हिस्से में पंजे के निशान आए है, वह स्वस्थ्य है। डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि हमला बाघ द्वारा किया जाना प्रतीत हो रहा है लेकिन गाय को मामूली चोट आई है इसलिए पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकते। आमतौर पर बाघ हमला करते हैं तो जख्मी करके ही छोड़ते हैं। ज्यादातर मामलों में मवेशियों की मौत हो जाती है। परिसर के अंदर एक सप्ताह से बाघ की मौजूदगी है। वन विभाग बाघ के स्वत: बाहर निकलने का इंतजार कर रहा है।

पहली बार कोई बार सात दिन से एक ही इलाके में मौजूद

मैनिट परिसर के अंदर तालाब के किनारे सात दिन से युवा बाघ टी-1234 की मौजूदगी है। ऐसा पहली बार हो रहा है जब कोई बाघ एक ही नए ठिकाने पर सात भ्रमण कर रहा है। रविवार सुबह भी इसी ठिकाने पर उसके पगमार्क मिले हैं। इस बाघ ने बीते इतने दिनों में मवेशियों के अलावा किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया है। यह इलाका मैनिट के मुख्य भवन, हास्टल से करीब एक किलोमीटर दूर है। बाघ की मौजूदगी की पहली सूचना सोमवार रात को मिली थी। शनिवार को बाघ की पहचान हुई थी।

खुशीलाल अस्पताल की ओर से दाखिल हुआ है बाघ

यह तालाब खुशीलाल अस्पताल से सटा है और मैनिट की बाउंड्रीवाल के अंदर है। इसी क्षेत्र में बाउंड्रीवाल टूटी है, जहां से यह दाखिल हुआ है। यह सोमवार रात को दिखाई दिया था। बाघ पूर्व में दो मवेशी को जख्मी कर चुका है, एक का शिकार भी कर चुका है।

बार-बार बदलनी पड़ रही पिंजरे की लोकेशन

भोपाल सामान्य वन मंडल के अधिकारियों ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरे का स्थान बदल दिया है। रविवार शाम को भी पिंजरे की लोकेशन बदली जाएगी।

ट्रैप कमरे की संख्या बढ़ाएंगे

बाघ इसकी सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्थानों पर 10 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। मैनिट प्रबंधन के सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

50 वनकर्मी तैनात किए

इसकी सुरक्षा के लिए चार टीमें बनाई है। इनमें से दो दिन में व दो रात में गश्त कर रही है। इनमें 50 वनकर्मी शामिल है।

हांका लगाकर खदेड़ने की कोशिश

बाघ को खदेड़ने के लिए हांका लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में जहां बाघ मौजूद होता है, उसके तीन दिशाओं में वनकर्मी होते हैं, जो आवाजें निकालते हैं, ताकि बाघ खुली हुई चौथी दिशा से बाहर निकल जाए। आमतौर पर इसके लिए हाथी की मदद ली जाती है लेकिन वन विभाग के पास भोपाल में हाथी नहीं है।

मवेशियों को किया जा रहा बाहर

मैनिट के अंदर बड़ी संख्या में मवेशी है, जिसे वन विभाग के अधिकारियों ने परिसर से बाहर करने की सलाह दी है। जिसके बाद मैनिट प्रबंधन ने निगम को लिखा है कि मवेशियों को बाहर किया जाए।

कल से छात्रों का भय दूर करेंगे अधिकारी

बाघ की मौजूदगी को लेकर मैनिट के छात्रों में कई तरह की चर्चा है। कुछ छात्र डरे-सहमे हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से शिविर लगाकर छात्रों के भय को दूर करेंगे। उन्हें बाघ से सतर्क रहने के तरीके बताएंगे।

कक्षाएं बंद नहीं कराएंगे

भोपाल सामान्य वन मंडल ने मैनिट प्रबंधन से कह दिया है कि बाघ की मौजूदगी दूर है, इसलिए भयभीत होने की जरुरत नहीं है। कक्षाएं चालू रहने दी जाए। बस सतर्कता बरते और तालाब वाले हिस्से में किसी को न जाने दें। मैनिट में भ्रमण कर रहे बाघ कि पहचान टी-1234 के रूप में हुई थी। रविवार सुबह भी उसके पगमार्क मिले थे। शाम को उसके द्वारा हमले की जानकारी भी मिली है। इंतजार कर रहे हैं कि वह स्वत: बाहर निकल जाए। निगरानी कड़ी कर दी है। यदि नहीं निकलता है तो आगे की योजना तय की जाएगी।

– आलोक पाठक, डीएफओ, भोपाल सामान्य वन मंडल

शादी के 4 महीने बाद नयनतारा-विग्नेश बने माता-पिता…

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एक्ट्रेस नयनतारा और उनके पति विग्नेस 9 अक्टूबर को ट्विन्स के पेरेंट्स बने हैं। दोनों की शादी  9 जून को हुई थी। शादी के 4 महीने बाद ही नयनतारा के मां बनने पर गॉसिप गलियारों में तरह-तरह के चर्चे हैं। साउथ एक्ट्रेस नयनतारा शादी के 4 महीने बाद ट्विन्स की मां बनी हैं। उनके फैन्स और करीबी इस खबर से काफी खुश हैं। वही कुछ लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि इतनी जल्दी वह कैसे मां बन गईं जबकि इस बीच किसी को उनके प्रेग्नेंट होने की खबर तक नहीं लगी। लोग उनकी पुरानी तस्वीरें भी चेक कर रहे हैं। चर्चा है कि उनके बेबीज सरोगेसी के जरिये हुए हैं। हालांकि विग्नेश या नयनतारा की तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं है। लोगों के नेगेटिव कमेंट्स के बीच कई लोग उनके सपोर्ट भी कर रहे  हैं। 
 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकाल मंदिर में 40 मिनट रहेंगे, गर्भगृह में पूजन करेंगे

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उज्जैन ।  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना करेंगे। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री करीब 40 मिनट मंदिर में रहेंगे। इस दौरान वे गर्भगृह में पूजन तथा नंदी मंडपम् में बैठकर ध्यान लगाएंगे। प्रधानमंत्री परिसर में भी जा सकते हैं। इसको लेकर तैयारी की जा रही हैं। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर में तैयारी अंतिम दौर में है। गर्भगृह में चांदी के दीवार की सफाई हो चुकी है। कोटितीर्थ कुंड तथा परिसर के मंदिरों में रंग रोगन किया गया है। मंदिर में आकर्षक लाइटिंग की जा रही है। सोमवार से मंदिर में पुष्प सज्जा का काम शुरू हो जाएगा। उज्जैन व इंदौर के पुष्प डेकोरेटर मंदिर में नयनाभिराम पुष्प सज्जा करेंगे। बताया जाता है कि महाकाल दर्शन के समय केवल प्रधानमंत्री गर्भगृह में रहेंगे। शासकीय पुजारी पं.घनश्याम शर्मा तथा एक सहयोगी पुजारी पूजा अर्चना कराएंगे। पूजन के पश्चात प्रधानमंत्री कुछ देर नंदी मंडपम् में बैठकर ध्यान लगाएंगे। प्रधानमंत्री वीआईपी अथवा निर्गम गेट से मंदिर में प्रवेश कर सकते है। मंदिर प्रशासन द्वारा दोनों ही द्वारों की साज सज्जा करवाई जा रही है। प्रधानमंत्री के लिए महानिर्वाणी अखाड़े के समीप एक ग्रीन रूप बनाए जाने की भी सूचना है।

चप्पे चप्पे पर सुरक्षा…शनिवार से ही बल तैनात

प्रधानमंत्री के महाकाल दर्शन करने के दौरान चप्पे चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रशासन ने शनिवार से ही मंदिर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। सोमवार से सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी हो जाएगी। फिलहाल मंदिर प्रशासन ने मंगलवार तड़के होने वाली भस्म आरती तथा प्रधानमंत्री के मंदिर में रहने के समय दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन का निर्णय नहीं लिया है।

Weight Loss के लिए घर पर बनाएं देसी कुट्टू मेवा चॉकलेट, जानें रेसिपी…

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आपने कुट्टू के आटे की कई रेसिपीज ट्राई की होगी। पकौड़े, डोसा, पूड़ी और मिठाई कुछ ऐसी डिशेज हैं, जो काफी लोग पसंद करते हैं। आज हम आपको इन डिशेज से अलग एक डिफरेंट रेसिपी बनाना सिखा रहे हैं। कुट्टू मेवा चॉकलेट एक देसी मिठाई है, जिसे आप वेटलॉस के लिए भी खा सकते हैं। बस इसे एक बार बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख लें और फिर जब मन करे, खाते रहें।

सामग्री-

तिल, सूखा नारियल, इलायची पाउडर, दूध, कुट्टू का आटा, गुड़, घी, बटर पेपर, डार्क चॉकलेट

कुट्टू मेवा चॉकलेट बनाने की विधि-
इसे बनाने के लिए सबसे पहले तिल और सूखे नारियल को भून कर पीस कर पेस्ट बना लें। अब गैस मीडियम आंच पर रखते हुए इसपर एक पैन रखें और उसमें तिल भूनें। सूखे नारियल को भी डालें और दोनों को अच्छी तरह भून लें। अब भुने हुए तिल और भुना हुआ सूखा नारियल डालें। इन्हें एक साथ पीसकर चिकना पेस्ट बना लें। इसके बाद मीडियम आंच पर एक पैन रखें और उसमें गुड़ डालें। गरम होने पर इसमें दूध डालें और 5-7 मिनट तक पकाएं। अब इसमें तिल और नारियल का पेस्ट डालें।रोस्ट कुट्टू का आटा, मेल्ट डार्क चॉकलेट और इलायची पाउडर डालें। मिक्सचर को बटर पेपर पर डालें, चपटा करें और ऊपर से मेवे डालें, दूसरे बटर पेपर से ढक दें और फिर सेट होने के लिए रख दें और अपनी पसंद के अनुसार काटकर परोसें।

ढाबा स्टाइल भरवा बैंगन करी बनाने की आसान सी रेसिपी…

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क्या आपने कभी ढाबे वाले भरवा बैंगन करी खाए हैं?  आप सोच रहे होंगे कि ढाबे पर बैंगन कौन-ऑर्डर करता है? लेकिन आपको बता दें कि ढाबे पर बनने वाले बैंगन स्वाद के मामले में पनीर, गोभी और किसी और पॉप्युलर सब्जी तक को फेल कर सकते हैं। यह बैंगन इतने मसालेदार होते हैं कि आप इन्हें रोटी, नान और यहां तक की चावल के साथ भी खा सकते हैं। आइए, जानते हैं कैसे बनाएं ढाबा स्टाइल भरवा बैंगन करी।

सामग्री- 

बैंगन, मूंगफली, साबुत धनिया, हल्दी, लाल मिर्च, गरम मसाला, अमचूर, नमक, हींग, तेजपत्ता, टमाटर, जीरा

भरवा बैंगन करी बनाने की विधि-
सबसे पहले एक बैंगन को धोकर इन्हें एक्स की शेप में चीरा लगाकर काट लें। बैंगन छोटे आकार वाले लें। अब इसे अच्छी तरह साफ करके पानी में भिगो दें। अब एक पैन में मूंगफली, साबुत धनिया, जीरा, सौंफ और मेथी रोस्ट कर लें। आंच कम होनी चाहिए। अब इस मसाले को मिक्सी जार में ठंडा करके डालें। इसमे हल्दी, नमक, लाल मिर्च और अमचूर पाउडर डालकर पीस लें। अब इसका पाउडर एक कटोरी में निकालकर इस सूखे पाउडर को बैंगन में भर दें। अब एक कहाड़ी में घी डालें। इसमें हींग, जीरा और तेजपत्ता डालकर रोस्ट करें। अब इसमें बैंगन डालकर पकने के लिए रख दें। अब बैंगन 15-20 मिनट में पक जाएं, तो इन्हें आराम से पकड़कर एक प्लेट में निकाल लें। अब इसी कहाड़ी में थोड़ा तेल डालें। बारीक कटा प्याज डालकर भूनें। अब हल्दी, नमक, गरम मसाला डालकर भून लें। अब टमाटर प्यूरी डालें। अच्छी तरह पका लें। अब बैंगन को इसमें डाल दें। थोड़ा-पानी डालें। मसालेदार ग्रेवी बना लें। आपकी भरवा बैंगन करी तैयार है।   

 

मुलायम सिंह यादव के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर…

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया है।  उन्होंने आज 82 साल की उम्र में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद बॉलीवुड में भी शोक की लहर है। बॉलीवुड सेलेब्स मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। 

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज बब्बर ने ट्वीट कर लिखा- "उम्मीद की डोर टूट गयी। मुलायम सिंह यादव जी नहीं रहे। समाजवाद का समर्पित पहरेदार चला गया। राहें जुदा हुईं लेकिन परस्पर सम्मान कभी नहीं घटा। वजह थी उनकी सादगी जिसने कभी किसी में प्रतिद्वंदी नहीं देखा। मिट्टी की ख़ुशबु समेटे जीवन पर्यंत संघर्ष के पर्याय रहे नेता जी।" श्रद्धांजलि

अभिनेता अनुपम खेर ने भी मुलायम सिंह यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा- "मुलायम सिंह यादव जी के निधन का सुनकर दुःख हुआ। उनसे अलग अलग आयोजनो में मुलाक़ात हुई थी। हमेशा ख़ुशमिज़ाजी से मिलते थे! प्रभु उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।"

बॉलीवुड अभिनेत्री से राजनीति में कदम रखने वाली उर्मिला मातोंडकर ने ट्वीट कर लिखा- "समाजवाद को जमीन पर साकार करने वाले, वंचित और पिछड़ों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले मुलायम सिंह जी केवल एक नेता नहीं बल्कि विचारधारा थे।" विनम्र श्रद्धांजलि। "अखिलेश यादव जी, उनके परिवार और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना।"

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