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गिरावट के साथ खुले शेयर बाजार

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भारतीय बाजार की शुरुआत गुरुवार को गिरावट के साथ हुई है। सेंसेक्स 150 अंकों तक टूटकर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी में भी 30 अंकों की गिरावट दिख रही है। फिलहाल सेंसेक्स 131.03 अंकों की गिरावट के साथ 57.468.64 अंकों के स्तर पर कारोबार कर रहा है वहीं निफ्टी 26.26 अंकों की गिरावट के साथ 17,081.25 अंकों पर कारोबार कर रहा है।अमेरिका में आने वाले महंगाई दर के आंकड़ों के पहले डाऊ जोंस 250 अंक फिसलकर करीब 30 अंकों के नीचे बंद हुआ। नैस्डेक में 0.09 फीसदी की गिरावट आई। वहीं एसएंडपी 500 0.33 प्रतिशत टूटा। एसजीएक्स निफ्टी में भी 40 अंकों की गिरावट दिख रही है। यह फिलहाल 17063 अंकों के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

‘इंडियन ऑफ द ईयर’ से सम्मानित हुए अल्लू अर्जुन

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अभिनेता अल्लू अर्जुन एक ओर जहां सिनेमाई दुनिया में धमाका कर रहे हैं तो दूसरी ओर उनके खाते में कई सम्मान भी जुड़ते जा रहे हैं। कुछ वक्त पहले अल्लू अर्जुन को न्यूयॉर्क में एनुअल इंडियन डे परेड में ग्रैंड मार्शल के रूप में देश को रिप्रेजेंट करने के लिए इंवाइट किया गया था तो वहीं अब 'पुष्पा' फेम एक्टर को 'इंडियन ऑफ द ईयर' से सम्मानित किया गया है। अल्लू अर्जुन के फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जा रहा है।

दिल्ली में हाल ही में एक इवेंट का आयोजन हुआ, जहां पर अल्लू अर्जुन को एंटरटेनमेंट जगत के लिए 'इंडियन ऑफ द ईयर'से सम्मानित किया गया। इस इवेंट में अल्लू अर्जुन ब्लैक कपड़ों में काफी स्टाइलिश दिख रहे थे। अल्लू अर्जुन के फोटोज और वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस सम्मान को जीतने के बाद अल्लू ने कहा, ''मैं फिल्म उद्योग में 20 साल से काम कर रहा हूं। मुझे दक्षिण में कई पुरस्कार मिले हैं, यह पहली बार है जब मुझे उत्तर से कोई पुरस्कार मिला है, इसलिए यह मेरे लिए बहुत खास है।'

यही नहीं इसके साथ ही अल्लू अर्जुन ने 'पुष्पा' के सुपरहिट डायलॉग, 'पुष्पा… पुष्पराज, मैं झुकेगा नहीं साला' को भी एक नया ट्विस्ट देते हुए कहा, 'इंडियन सिनेमा… इंडिया कभी झुकेगा नहीं।' अल्लू के इस स्वैग को इवेंट में मौजूद लोगों ने काफी पसंद किया। अल्लू का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे फैन्स के साथ ही सेलेब्स भी पसंद कर रहे हैं।

भोपाल में दीपावली से पूर्व हवाई सफर के लिए भी मारामारी बढ़ी, दोगुना तक किराया वसूल रही एयरलाइंस

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भोपाल ।   दीपावली नजदीक आते ही एयर ट्रैफिक भी बढ़ गया है। एयरलाइंस कंपनियों को बड़े शहरों तक 80 फीसदी तक पैसेंजर लोड मिलने लगा है। इस कारण किराये में भी बढ़ोतरी हो गई है। त्योहारी सीजन के कारण पहली बार प्री-बुकिंग फेयर स्पाट फेयर से अधिक हो गया है। भोपाल से विभिन्न शहरों तक जाने का किराया कम है, लेकिन आने का किराया दोगुना तक हो गया है। 20 से 24 अक्टूबर का मुंबई, बेंगलुरु एवं हैदराबाद से आने वाली उड़ानों में एयर फेयर सबसे अधिक बढ़ाया गया है। दिल्ली रूट पर अब भी सबसे कम किराया है। कोरोना संकट समाप्त होते ही देश भर में हवाई यातायात बढ़ा है। वर्षा के कारण कुछ समय तक कंपनियों को अपेक्षित बुकिंग नहीं मिली, लेकिन स्थिति फिर से बदल गई है। त्योहारी सीजन शुरू होने के कारण यात्री विमान में सफर कर रहे हैं। अच्छी बुकिंग के कारण कंपनियों ने डायनामिक फेयर बढ़ा दिए हैं। आमतौर पर स्पाट फेयर अधिक होता है। 15 से 20 दिन पहले बुकिंग कराने पर किराया कम हो जाता है। संभवत: यह पहला मौका है जब प्री-बुकिंग फेयर अधिक हो गया है। इसका मुख्य कारण बड़े शहरों से भोपाल आने वाले यात्रियों की संख्या अधिक होना है।

उड़ानें कम होना भी बड़ा कारण

भोपाल से दिल्ली, मुंबई तक सर्वाधिक उड़ानें हैं। दिल्ली तक पांच एवं मुंबई के लिए तीन उड़ानें हैं। इंडिगो एवं एयर इंडिया दोनों कंपनियों का फोकस दिल्ली, मुंबई पर ही है। यही कारण है कि इन दोनों शहरों तक सामान्य किराये में सीट मिल जाती है। बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, रायपुर रूट पर इंडिगो की एक-एक उड़ान है। इन शहरों का किराया दिल्ली व मुंबई से अधिक है। प्रयागराज एवं आगरा रूट पर कम बुकिंग के कारण किराया भी कम है। पुणे रूट पर भी अच्छी बुकिंग होती थी लेकिन फिलहाल एयर इंडिया इस रूट पर उड़ान अस्थाई रूप से बंद कर रखी है। उड़ानों की सीमित संख्या के कारण भोपाल के यात्रियों को लो-फेयर स्कीम का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने अगस्त माह में लो-फेयर स्कीम शुरू की लेकिन इसका लाभ चुनिंदा यात्रियों को ही मिल सका। इस स्कीम के तहत कंपनियां एक से दो हजार रुपये के बीच में एक माह या इससे अधिक पहले की तारीखों में सीट बुक करती हैं। यात्रा नहीं करने पर रिफंड नहीं मिलता।

भोपाल से विभिन्न शहरों का किराया

शहर स्पाट फेयर प्री-बुकिंग फेयर

दिल्ली 5138 रुपये 7949 रुपये
मुंबई 5114 रुपये 5138 रुपये
बेंगलुरू 10546 रुपये 12640 रुपये
हैदराबाद 8656 रुपये 9742 रुपये

अहमदाबाद 5800 रुपये 5800 रुपये
आगरा 3127 रुपये 3127 रुपये
रायपुर 4252 रुपये 7602 रुपये
इन शहरों से भोपाल आने के लिए किराया
शहर स्पाट फेयर प्री-बुकिंग फेयर
दिल्ली 5114 रुपये 5954 रुपये

मुंबई 11927 रुपये 16242 रुपये
बेंगलुरु 12164 रुपये 18051 रुपये
हैदराबाद 10978 रुपये 27263 रुपये
अहमदाबाद 7866 रुपये 11361 रुपये
आगरा 3127 रुपये 3127 रुपये
रायपुर 14130 रुपये 21091 रुपये

एयरलाइंस कंपनियों में डायनामिक फेयर की व्यवस्था लंबे समय से लागू है। शुरू की कुछ सीटें कम किराये में बुक की जाती हैं। बाद में किराया बढ़ जाता है। दीपावली के कारण अधिकांश उड़ानों में 90 फीसद तक सीटें बुक हो रही हैं। इस कारण किराया बढ़ा है।
 

– श्याम टेकाम, स्टेशन मैनेजर एयर इंडिया

स्पाइसजेट विमान की हैदराबाद में आपात लैंडिंग

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गोवा से आ रहे स्पाइसजेट के एक विमान की बुधवार रात हैदराबाद हवाईअड्डे पर आपात स्थिति में लैंडिंग कराई गई। डीजीसीए के अधिकारियों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया है कि मामले की जांच चल रही है। अधिकारियों ने बताया है कि विमान के केबिन में धुआं दिखने के बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। डीजीसीए की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान यात्रियों को आपातकालीन निकास द्वार से बाहर निकाला गया। 

जन्म कुंडली से पता चलते हैं दाम्पत्य जीवन में कलह और मधुरता के योग

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दाम्पत्य में जीवन साथी अनुकूल हो तो हर तरह की परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है लेकिन यदि दाम्पत्य जीवन में दोनों में से किसी भी एक व्यक्ति का व्यवहार यदि अनुकूल नहीं रहता है तो रिश्ते में कलह और परेशानियों का दौर लगा रहता है। ज्योतिषशास्त्र में जातक की जन्म कुंडली को देखकर, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आपके दाम्पत्य जीवन में कलह के योग कब उत्पन्न हो सकते हैं।
जीवन में कलह के योग बनते हैं- 
कुंडली में सप्तम या सातवाँ घर विवाह और दाम्पत्य जीवन से सम्बन्ध रखता है। यदि इस घर पर पाप ग्रह या नीच ग्रह की दृष्टि रहती है तो वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
यदि जातक की जन्मकुंडली के सप्तम भाव में सूर्य हो तो उसकी पत्नी शिक्षित, सुशील, सुंदर एवं कार्यो में दक्ष होती है, किंतु ऐसी स्थिति में सप्तम भाव पर यदि किसी शुभ ग्रह की दृष्टि न हो तो दाम्पत्य जीवन में कलह और सुखों का अभाव बन जाता है।
यदि जन्म कुण्डली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, द्वादश स्थान स्थित मंगल होने से जातक को मंगली योग होता है इस योग के होने से जातक के विवाह में विलम्ब, विवाहोपरान्त पति-पत्नी में कलह, पति या पत्नी के स्वास्थ्य में क्षीणता, तलाक एवं क्रूर मंगली होने पर जीवन साथी की मृत्यु तक हो सकती है। 
जन्म-कुंडली के सातवें या सप्तम भाव में अगर अशुभ ग्रह या क्रूर ग्रह (शनि, राहू, केतु या मंगल) ग्रहों की दृष्टी हो तो दाम्पत्य जीवन में कलह के योग उत्पन्न हो जाते हैं। शनि और राहु का सप्तम भाव होना भी वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं माना जाता है।
राहु, सूर्य   और शनि पृथकतावादी ग्रह हैं, जो सप्तम (दाम्पत्य)और द्वितीय (कुटुंब) भावों पर विपरीत प्रभाव डालकर वैवाहिक जीवन को नारकीय बना देते हैं।
यदि अकेला राहू सातवें भाव में तथा अकेला शनि पांचवें भाव में बैठा हो तो तलाक हो जाता है। किन्तु ऐसी अवस्था में शनि को लग्नेश नहीं होना चाहिए। या लग्न में उच्च का गुरु नहीं होना चाहिए।
अब इसी प्रकार एक सुखमय और मधुर वैवाहिक जीवन की बात करें तो जातक की जन्म-कुंडली में ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार से होनी चाहिए-
सप्तमेश का नवमेश से योग किसी भी केंद्र में हो तथा बुध, गुरु अथवा शुक्र में से कोई भी या सभी उच्च राशि गत हो तो दाम्पत्य जीवन सुखमय पूर्ण रहता है।
यदि दोनों में से किसी की भी कुंडली में पंच महापुरुष योग बनाते हुए शुक्र अथवा गुरु से किसी कोण में सूर्य हो तो दाम्पत्य जीवन अच्छा होता है।
यदि सप्तमेश उच्चस्थ होकर लग्नेश के साथ किसी केंद्र अथवा कोण में युति करे तो दाम्पत्य जीवन सुखी होता है।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में वैवाहिक जीवन को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो उपाय के लिए सबसे पहले पति-पत्नी की कुंडली का मिलान बेहद जरूरी हो जाता है। दोनों जातकों की कुंडली का एक मिलान करके ही ज्योतिषाचार्य उपाय को बता सकते हैं।
कई बार देखा गया है कि यदि पत्नी की कुंडली में यह दोष मौजूद है और पति की कुंडली अनुकूल है तो समस्या थोड़ी कम हो जाती है और इसी के उल्ट भी कई बार हो जाता है। लेकिन यदि दोनों व्यक्तियों की कुंडली में सप्तम भाव सही नहीं रहता है तो उस स्थिति में जीवन नरकीय बन जाता है। किसी भी परिस्थिति में कुंडली का मिलन समय से कराकर, उपायों को अगर अपनाया जाए तो पीड़ा कम हो जाती है।
 

सभी प्रकार के रोगों और पीड़ाओं से मुक्ति दिलाता है हनुमान यज्ञ 

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‘नासे रोग हरे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा।।‘ हनुमान चालीसा की यह चौपाई बताती है कि बजरंग बली सभी प्रकार रोगों और पीड़ाओं से मुक्ति दिला सकते हैं। इसी प्रकार कलयुग में हनुमान यज्ञ सभी प्रकार की पीड़ा से मुक्ति दिलाने वाला और धन और यश की प्राप्ति के लिए एक उत्तम और चमत्कारिक उपाय के रूप में बताया जाता है। संतों के अनुसार हनुमान यज्ञ में इतनी शक्ति है कि अगर विधिवत रूप से यज्ञ को कर लिया जाए तो यह व्यक्ति की हर मनोकामना को पूरा कर सकता है। इसलिए शायद कई हिन्दू राजा युद्ध में जाने से पहले हनुमान यज्ञ का आयोजन जरूर करते थे।
आइये जानते हैं कैसे होता है हनुमान यज्ञ और यदि कोई हनुमान यज्ञ नहीं करवा सकता है तो हनुमान जी की कृपा प्राप्ति का अन्य उपाय- 
हनुमान यज्ञ को एक सिद्ध ब्राह्मण की आवश्यकता से ही विधिवत पूर्ण किया जा सकता है। यह यज्ञ इंसान को धन और यश की प्राप्ति करवाता है। जो भी व्यक्ति हनुमान यज्ञ से हनुमान जी की पूजा करता है और ध्यान करता है उसके जीवन में सभी समस्याएं निश्चित रूप से समाप्त हो जाती हैं। हनुमानजी को प्रसन्न करने का यह सर्वाधिक लोकप्रिय उपाय है। इस यज्ञ में हनुमान जी के मन्त्रों द्वारा, इनको बुलाया जाता है और साथ ही साथ अन्य देवों की भी आराधना इस यज्ञ में की जाती है। कहा जाता है कि इस यज्ञ में जैसे ही भगवान श्रीराम का स्मरण किया जाता है तो इस बात से प्रसन्न होकर, हनुमान जी यज्ञ स्थल पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में विराजमान हो जाते हैं।  
हनुमान यज्ञ के लिए कुछ आवश्यक वस्तुयें-
लाल फूल, रोली, कलावा, हवन कुंड, हवन की लकडियाँ, गंगाजल, एक जल का लोटा, पंचामृत, लाल लंगोट, पांच प्रकार के फल। पूजा सामग्री की पूरी सूची, यज्ञ से पहले ही ब्राह्मण द्वारा बनवा लेनी चाहिए।
हनुमान यज्ञ के लिए सबसे लिए मंगलवार का दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस यज्ञ को विधिवत पूरा एक ब्राह्मण की सहायता से ही करवाया जा सकता है।
अगर कोई व्यक्ति किसी कारण, पंडित जी से यज्ञ या हवन नहीं करवा सकता है तो ऐसे वह स्वयं से भी एक अन्य पूजा विधान को घर में खुद से कर सकता है।
पूजन विधि
हनुमान जी की एक प्रतिमा को घर की साफ़ जगह या घर के मंदिर में स्थापित करें और पूजन करते समय आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं। इसके पश्चात हाथ में चावल व फूल लें व इस मंत्र (प्रार्थना) से हनुमानजी का स्मरण करें-
ध्यान करें-
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यं।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।
 ऊँ हनुमते नम: ध्यानार्थे पुष्पाणि सर्मपयामि।।
अब हाथ में लिया हुआ चावल व फूल हनुमानजी को अर्पित कर दें।
इसके बाद इन मंत्रों का उच्चारण करते हुए हनुमानजी के सामने किसी बर्तन अथवा भूमि पर तीन बार जल छोड़ें।
ऊँ हनुमते नम:, पाद्यं समर्पयामि।।
अध्र्यं समर्पयामि। आचमनीयं समर्पयामि।।
इसके बाद हनुमानजी को गंध, सिंदूर, कुंकुम, चावल, फूल व हार अर्पित करें। इसके पश्चात् हनुमान जी की उपयोगी और सरल ‘हनुमान चालीसा’ का कम से कम 5 बार जाप करें।
सबसे अंत में घी के दीये के साथ हनुमान जी की आरती करें। इस प्रकार यह यज्ञ और निरंतर घर में इस प्रकार किया गया पूजन, हनुमान जी को प्रसन्न करता है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं को भी पूरा करता है। 
 

माणिक्य पहनने से पहले रखें ये सावधानियां 

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माणिक्य रत्न सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। कहा जाता है कि जिस किसी की कुंडली में सूर्य शुभ प्रभाव में होता है उसे माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए। इसे धारण करने से सूर्य की पीड़ा शांत होती है। यह रत्न व्यक्ति को मान-सम्मान, पद की प्राप्ति करवाने में भी सहायक हैलेकिन माणिक्य पहनने से पहले जान ले कि दोषयुक्त माणिक्य लाभ की अपेक्षा हानि ज्यादा करता है। तो आइए जानते है कि क्या है वो सावधानियां:
रत्न ज्योतिष के अनुसार जिस माणिक्य में आड़ी तिरछी रेखाएं या जाल जैसा दिखाई दे तो वह माणिक्य गृहस्थ जीवन को नाश करने वाला होता है।
जिस माणिक्य में दो से अधिक रंग दिखाई दें तो जान लीजिए कि यह माणिक्य आपकी जिंदगी में काफी परेशानियां ला सकता है।
कहा जाता है जिस माणिक्य में चमक नहीं होती ऐसा माणिक्य विपरीत फल देने वाला होता है। तो कभी भी बिना चमक वाला माणिक्य न पहने। 
धुएं के रंग जैसा दिखने वाला माणिक्य अशुभ और हानिकारक माना जाता है। वहीं मटमैला माणिक्य भी अशुभ होता है। इसे खरीदने से पहले देख लें कि ये इस रंग का न हो। 
 

रोटी बदल सकती है आपकी किस्मत…

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रोटी, कपड़ा और मकान यह इंसान की 3 सबसे पहली जरुरत है। रोटी के कुछ ऐसे उपाय हमें किताबों में मिलते हैं जो आश्चर्य में डाल देते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसे टोटके रोटी के, जो हमारा नसीब भी बदल सकते हैं.
घर की रसोई में पहली रोटी सेंकने के बाद उसमें शुद्ध घी लगाकर चार टुकड़े कर लें और चारों टुकड़ों पर खीर अथवा चीनी या गुड़ रख लें। इसमें से एक को गाय को, दूसरे को कुत्ते को, तीसरे को कौवे को और चौथे को किसी भिखारी को दे दें। इस उपाय के तहत गाय को रोटी को खिलाने से पितृदोष दूर होगा, कुत्ते को रोटी खिलाने से शत्रुभय दूर होगा, कौवे को रोटी खिलाने से पितृदोष और कालसर्प दोष दूर होगा और अंतिम रोटी का टुकड़ा किसी गरीब या भूखे को भोजन के साथ खिलाने से आर्थिक कष्ट दूर होंगे और बिगड़े काम बनने लगेंगे।
यदि आपके जीवन में शनि पीड़ा है या फिर राहु-केतु की अड़चनें हो तो रोटी का यह उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकता है। इन सभी ग्रहों की अशुभता को दूर करने के लिए रात के समय बनाई जाने वाली अंतिम रोटी पर सरसों का तेल लगाकर काले कुत्ते को खाने के लिए दें। यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते के बच्चे को खिलाकर इस उपाय को कर सकते हैं.
हमारे यहां अतिथि को देवता के समान माना गया है फिर वह धनवान हो या फिर आम आदमी यदि कोई निर्धन या भिखारी आपके घर के दरवाजे पर आए तो यथासंभव भोजन अवश्य कराएं। भोजन में भी रोटी जरूर खिलाएं या हाथ से परोसें।
यदि तमाम प्रयासों के बावजूद सफलता आपके हाथ नहीं लग रही है तो आप के लिए रोटी का यह उपाय वरदान साबित हो सकता है। रोटी और चीनी को मिलाकर छोटे-छोटे टुकड़े चीटियों के खाने के लिए उनके बिल के आस-पास डालें। इस उपाय से आपकी बाधाएं धीरे-धीरे दूर होने लगेंगी।
यदि आपके घर की शांति को किसी की नजर लग गई है और आए दिन लड़ाई झगड़ा होता रहता है तो आप रोटी से जुड़े चमत्कारी उपाय को जरूर अपनाकर देखें। दोपहर के समय जब आप अपनी रसोई में पहली रोटी सेंके तो उसे गाय के लिए और अंतिम रोटी कुत्ते के लिए जरूर निकाल लें। उसे भोजन से पूर्व गाय और कुत्ते को खिलाने का प्रयास करें। यदि यह न संभव हो तो बाद में उसे खिला दें।
अगर करियर में रुकावट है, नौकरी नहीं मिल रही है तो यह उपाय आपके लिए है। कटोरदान की नीचे से तीसरे नंबर की रोटी लें, तेल की कटोरी में अपनी बीच वाली अंगुली और तर्जनी यानी पास वाली बड़ी अंगुली को एक साथ डुबोएं अब उस रोटी पर दोनों अंगुलियों से एक साथ लाइन खींचें। अब इस रोटी को बिना कुछ बोले दो रंग के कुत्ते को डाल दें। यह उपाय गुरुवार या रविवार को करेंगे तो करियर की हर बाधा दूर होगी।
 

दूसरे की इन वस्तुओं का उपयोग न करें  

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अगर आपको भी दूसरों की चीजें मांग कर इस्तेमाल करने की आदत है तो इस आदत को तुरंत बदल डालिए। यह आपके लिए मुसीबत और बदकिस्मती की वजह बन सकते हैं। इसका कारण नकारात्मक ऊर्जा होती है। दूसरों की कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जिनका अगर आप उपयोग करते हैं तो उनकी नकारात्मक ऊर्जा आप तक पहुंच जाती है। इसलिए इनके प्रयोग से बचने की सलाह दी जाती है।
घड़ी: कहा जाता है कि दूसरों की घड़ी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घड़ी को व्‍यक्ति के जीवन के समय से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए माना जाता है कि दूसरे की पहनी घड़ी को पहनने से उसका बुरा समय आपके साथ शुरू हो सकता है।
कपड़े: किसी के पहने हुए कपड़े पहनने से दुर्भाग्य आता है। इसलिए किसी के पहने कपड़ों को पहनने से बचना चाहिए। इससे उनकी नकारात्मक ऊर्जा भी आती है। 
अंगूठी: बात सिर्फ रत्नों वाली अंगूठी की ही नहीं है किसी भी धातु की अंगूठी अगर आप दूसरों से अदल-बदल कर पहनते हैं तो अपने लिए मुश्किलों को खड़ा कर रहे हैं। 
चप्पल: अक्सर किसी की पहनी हुई चप्पल या जूते भी हम पहन लेते हैं यह आदत आपको दरिद्रता का शिकार बना सकती है। कहा जाता है कि अगर आप किसी और की चप्पल पहनते हैं तो उसके संघर्ष अपने ऊपर ले लेते हैं।
कंघा: यह बात सेहत के लिहाज से तो कही ही जाती है लेकिन किस्मत की दृष्टि से भी कंघे का इस्तेमाल गलत है। ना सिर्फ कंघे बल्कि जो भी सामग्री सिर से संबंधित है वह शेयर नहीं करना चाहिए। 
पेन: किसी के पेन या पेंसिल अगर आप लेतें है तो उसे वापस लौटाएं। ऐसा नहीं करने पर आपको आर्थिक और करियर में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 अक्टूबर 2022)

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  • मेष :- इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, प्रयास जारी रखें प्रयत्नशीलता से लाभ होगा।
  • वृष :- समय पर सोचे हुए कार्य निपटा लेवें, कार्य तत्परता से लाभ अवश्य ही होगा।
  • मिथुन :- मनोबल उत्साहवर्धक रहेगा, व्यवसायिक क्षमता में वृद्धि होगी तथा कार्य संतोष होगा।
  • कर्क :- परिश्रम से सफलता सम्भव रहे, सामर्थ्य के अनुसार प्रयास अवश्य करें, लाभ होगा।
  • सिंह :- कार्यवृत्ति में सुधार, चिन्ताए कम हों, सफलता के साधन जुटायें, कार्य निपटा लेवें।
  • कन्या :- परिश्रम करने पर भी सफलता नहीं मिले, स्त्री वर्ग से तनाव व कष्ट अवश्य होगा।
  • तुला :- कुछ लोगों से मेल-मिलाप फलप्रद, क्षमता अनुकूल रहे, रुके कार्य अवश्य होंगे।
  • वृश्चिक :- स्वास्थ्य नरम रहे, चोटादि का भय, मनोबल उत्साहवर्धक होगा, कार्य अवश्य बनेंगे।
  • धनु :- कार्यकुशलता से संतोष, दैनिक कार्यगति में सुधार अवश्य ही होगा, कार्य बनेंगे।
  • मकर :- मनोबल उत्साहवर्धक होगा, इष्ट मित्र से परेशानी हो, किसी धोखे से बचकर रहे।
  • कुम्भ :- कार्य-व्यवसाय गति मंद होते हुए साधन सम्पन्नता अवश्य ही बनेगी।
  • मीन :- विघटनकारी तत्वों से परेशानी अवश्य होगी, कुछ अनावश्यक बाधायें सम्भव होंगी।
     
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