भोपाल। उपभोक्ता संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए 12 नवम्बर को उपभोक्ता महा लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस आशय की जानकारी देते हुए श्रीमती अलका श्रीवास्तव रजिस्ट्रार मध्यप्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने बताया कि राज्य उपभोक्ता आयोग एवं जिला उपभोक्ता आयोगों में 17 सितम्बर को आयोजित वृहद लोक अदालत स्थगित की जाकर अध्यक्ष राज्य उपभोक्ता आयोग न्यायमूर्ति श्री शान्तनु एस. केमकर के मार्गदर्शन में 12 नवम्बर को राष्ट्रीय स्तर की महा उपभोक्ता लोक अदालत आयोजित होगी।
राज्य आयोग एवं प्रदेश के जिला उपभोक्ता आयोगों में विचाराधीन बैकिंग, बीमा, विद्युत, चिकित्सा, टेलीफोन, कृषि, आटोमोबाइल्स, हाउसिंग, एयरलाइन्स, रेल्वे सहित विभिन्न सेवाओं और वस्तुओं से संबंधित प्रकरणों के निराकरण की कार्यवाही लोक अदालत के माध्यम से की जायेगी।
12 नवम्बर को उपभोक्ता महा लोक अदालत
व्यापक रूप में मनायी जायेगी बाल्मिक जयंती
मप्र कांग्रेस सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ का एक दिवसीय
सम्मेलन 10 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में
कमलनाथ होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि
भोपाल। मप्र कांग्रेस सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ का एक दिवसीय सम्मेलन सोमवार 10 अक्टूबर 2022 को पूर्वान्ह 11 बजे से बाल्मिकी जयंती के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के राजीव गांधी सभागार में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर व्यापक रूप में बाल्मिकी जयंती मनायी जायेगी। सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अभा कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेश लिलोठिया सम्मेलन के विशिष्ठ अतिथि होंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जयराज सिंह चौहान करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और समस्त प्रकोष्ठों के प्रभारी जे.पी. धनोपिया ने बताया है कि उक्त सम्मेलन में मप्र कांग्रेस सफाई मजदूर कामगार प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और प्रदेश भर से कार्यकर्ता एवं समाजबंधु शामिल होंगे।
कम सैलरी से हैं परेशान, कर्ज भी बढ़ा रहा मुश्किल? आजमाएं ये 5 वास्तु टिप्स
मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. ऐसा कहते हैं कि माता लक्ष्मी की पूजा करने से आर्थिक मोर्चे पर सभी परेशानियों का अंत हो जाता है. इसके अलावा, कुबेर और शुक्र ग्रह से भी लाभ होता है.
कहते हैं कि शुक्रवार को विशेष उपाय करने से भी सरलता से धन लाभ होता है. विशेष स्थितियों में नियमित दान करने से भी रुपये-पैसे की कमी नहीं रहती है. आइए आज जानते हैं कि कौन से चमत्कारी उपाय करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं.
नौकरी में कैसे बढ़ेगा पैसा- शुक्रवार के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे मिठाई और पानी रख दें. इसके बाद वृक्ष की तीन बार परिक्रमा करें. फिर नौकरी में उन्नति की प्रार्थना करें. चाहें तो कुछ पीपल के पौधे भी लगवा दें. ये उपाय करने से नौकरी में आ रही धन से जुड़ी समस्या दूर हो जाएगी.
कर्ज की समस्या से राहत- अगर आपको कर्ज से जुड़ी समस्या परेशान कर रही हैं तो शुक्रवार के दिन नीम की एक लकड़ी घर ले आएं. उसे पानी से धोकर साफ कर लें. इसके बाद शीशे के बर्तन में नमक मिला पानी में रख दें. कर्ज से जुड़ी समस्या अपने आप दूर हो जाएगी.
कैसे मिलेगी संपत्ति- शुक्रवार को लक्ष्मी मां को गुलाबी फूल की माला अर्पित करें. इसके बाद घी का दीपक जलाकर लक्ष्मी जी की आरती करें. इस दिन बालिकाओं को सफेद मिठाई का दान करें. आपको आपकी विरासत का हिस्सा प्राप्त हो जाएगा.
कारोबार में धन- शुक्रवार के दिन गुलाबी फूल पर बैठी हुई लक्ष्मी जी का चित्र स्थापित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी को गुलाब का इत्र अर्पित करें. उसी इत्र को नित्य प्रातः प्रयोग करें और फिर काम पर जाएं. ये उपाय कारोबार से जुड़ी समस्याओं को दूर करेगा. व्यापारिक वर्ग से जुड़े लोगों को भी गुलाब के फूल पर बैठी लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति अपने कार्य स्थल पर रखनी चाहिए.
रुका हुआ धन कैसे पाएं वापस- शुक्रवार के दिन गरीबों में मिठाई और कपड़े बांटें. इस दिन जल में थोड़ा सा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके बाद रुका हुआ धन वापस मिलने की प्रार्थना करें. शुक्रवार के दिन सात्विकता बनाए रखें.
दिवाली के अगले दिन लगने जा रहा है सूर्यग्रहण, 27 साल बाद घटेगी ये अद्भुत घटना
दिवाली का पर्व कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है और इस साल कार्तिक अमावस्या को सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है.
लेकिन अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों दिन रहेगी. ऐसे में दिवाली 24 तारीख की रात को मनाई जाएगी और सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर की शाम को लगेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार सूर्य ग्रहण तुला राशि में लगने जा रहा है.
सूर्य ग्रहण का समय
इस साल सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को शाम 4:29 पर शुरू होगा और शाम 5:42 पर समाप्त हो जाएगा.
सूतक काल का समय क्या रहेगा?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है. ऐसे में इस बार दीपावली व गोवर्धन पूजा के बीच लगने वाले सूर्य ग्रहण का सूतक काल 25 अक्टूबर की सुबह 4 बजकर 22 मिनट से शुरू हो जाएगा.
क्या भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा?
25 अक्टूबर को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण भले ही भारत में आंशिक रूप से दिखाई देगा लेकिन ज्योतिष का मानना है यह समान रूप से प्रभावित करेगा. ऐसे में सूतक काल और ग्रहण के समय सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है.
कब बनती है सूर्य ग्रहण की स्थिति
बता दें कि जब धरती सूर्य की परिक्रमा करती है और धरती की परिक्रमा चंद्रमा करता है, तब कुछ स्थिति ऐसी बन जाती है, जिसमें सूर्य और धरती के बीच में चंद्रमा आ जाता है, जिससे सूर्य की रोशनी को कुछ समय के लिए चंद्रमा ढक लेता है और सूर्य ग्रहण लग जाता है.
27 साल पहले बना था ऐसा अद्भुत संयोग
भारत में ये सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से देखा जा सकेगा. इसका आरंभ 25 अक्टूबर को दिन में 02 बजकर 29 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। ये सूर्य ग्रहण करीब 4 घंटे 3 मिनट का होगा.
शास्त्र के जानकारों के मुताबिक इस तरह की स्थिति 27 साल पहले 1995 में बनी थी जब दिवाली के दिन ही सूर्य ग्रहण पड़ा था.
ये जगह है राधा-कृष्ण के विवाह की साक्षात, शास्त्रों में मिलता है वर्णन
ये जगह है राधा-कृष्ण के विवाह की साक्षात, शास्त्रों में मिलता है वर्णनराधा-कृष्ण के प्रेम के बारे में न केवल पूरे देश में बल्कि विदेश में ही गाथाएं प्रचलित हैं।
कहा जाता है कि राधा रानी श्री कृष्ण के अधिष्ठात्री देवी हैं। कहा जाता है राधा कृष्ण के बीच प्रेम का अटूट रिश्ता था। हर कोई राधा कृष्ण को केवल प्रेम रिश्ता के लिए जानता है। कहने का भाव है कि राधा रानी को कभी श्री कृष्ण के पत्नी का दर्जा प्राप्त नहीं हुआ। लेकिन क्या ये सच है?
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर हम ऐसा क्यों कह रहे हैं तो आपको बता दें हमारे ऐसे कहने का एक मुख्य कारण है। दरअसल बहुत कम लोग जानते हैं कि असल में राधा कृष्ण का विवाह हुआ था। बेशक दुनिया की नजर में राधा रानी श्री कृष्ण की प्रेमिका के रूप में देखी जाती है परंतु शास्त्रों के अनुसार राधा रानी और श्री कृष्ण का विवाह हुआ जिसके साक्षात राधा-कृष्ण के अतिरिक्त स्वयं ब्रह्मा जी थे। तो आज हम आपको उसी स्थान के बारे में बताने जा रहे हैं जहां द्वापर युग में राधा कृष्ण की शादी संपन्न हुई थी। कहा जाता है जिस स्थान पर राधा-कृष्ण दोनों का विवाह हुआ था, वहां के वृक्ष आज भी राधा कृष्ण के प्रेम और मिलन की गवाही देते हैं। आइए जानते हैं इस स्थान के बारे में-
गर्ग संहिता में वर्णित कथाओं व मान्यताओं के अनुसार मथुरा के पास स्थित भांडीर वन में भगवान श्री कृष्ण और देवी राधा का विवाह हुआ था। इस संदर्भ में कथा प्रचलित है एक बार नंदराय जी बालक श्री कृष्ण को लेकर भांडीर वन से गुजर रहे थे। तभी उसे समय आचानक देवी राधा प्रकट हुई। देवी राधा के दर्शन पाकर नंदराय जी ने श्री कृष्ण को राधा जी की गोद में दे दिया। जिसके तुरंत बाद श्री कृष्ण बाल रूप त्यागकर किशोर बन गए। तभी ब्रह्मा जी भी वहां उपस्थित हुए। ब्रह्मा जी ने कृष्ण का विवाह राधा से करवाया। मान्यताओं के अनुसार कुछ समय तक कृष्ण राधा के संग इसी वन में रहे। फिर देवी राधा ने कृष्ण को उनके बाल रूप में नंदराय जी को सौंप दिया।
भांडीर में स्थित मंदिर देता है राधा कृष्ण के विवाह का प्रमाण
बताया जाता है भांडीर वन में श्री राधा और श्री कृष्ण का मंदिर बना हुआ है। बताया जाता है इस मंदिर में स्थित विग्रह अपने आप अनोखा है क्योंकि यह अकेला ऐसा विग्रह है जिसमें श्री कृष्ण भगवान राधा जी की मांग में सिंदूर भरते हुए देखे जा सकते हैं। बता दें सोमवती अमावस्या के अवसर पर यहां मेला लगता है, जिसमें लोग दूर-दूर से शामिल होने आते हैं। किवदंती है कि भांडीर वन के भांडीर कूप में से हर सोमवती अमावस्या के दिन दूध की धारा निकलती है। इस अवसर पर यहां स्नान पूजा करने से निःसंतान दंपत्ति को संतान सुख मिलता है।
सुनाई देती है बंसी की तान
भांडीर वन के पास ही बंसीवट नामक स्थान है। कहते हैं भगवान श्री कृष्ण यहां पर गायों को चराने आया करते थे तब देवी राधा यहां पर श्री कृष्ण से मिलने और बंसी की तान सुनने आया करती थी। यहां मंदिर के वट वृक्ष को लेकर मान्यता है कि अगर कान लगकर ध्यान से सुना जाए तो बंसी की ध्वनि सुनाई देती है।
जीवन : परमात्मा का अनमोल उपहार
जीवन परमात्मा का अनमोल उपहार है। यह स्वयं ही इतना दिव्य, पवित्र और परिपूर्ण है कि संसार का कोई भी अभाव इसकी पूर्णता को खंडित करने में असमर्थ है। आवश्यकता यह है कि हम अपने मन की गहराई से अध्ययन कर उसे उत्कृष्टता की दिशा में उन्मुख करें। ईर्ष्या, द्वेष, लोभ एवं अहम के दोषों से मन को विकृत करने के बजाए अपनी जीवनशैली को बदल कर सेवा, सहकार, सौहार्द जैसे गुणों के सहारे मानसिक रोगों से बचा जा सकता है और मानसिक क्षमताओं को विकसित किया जा सकता है। इसीलिए कहा जाता है कि मनुष्य जीवन चार तरह की विशेषताएं लिए रहता है।
इस संबंध में एक श्लोक प्रस्तुत है –
बुद्धैय फलं तत्व विचारणंच/देहस्य सारं व्रतधारणं च/वित्तस्य सारं स्किलपात्र दानं/वाच: फलं प्रतिकरनाराणाम।
अर्थात्- बुद्धि का फल तभी सार्थक होगा, जब उसको पूर्ण विचार करके उस पर अमल करें। शरीर का सार सभी व्रतों को धारण करने से है।
धन तभी सार्थक होगा, जब वह सुपात्र को दान के रूप में मिले और बात या वचन उसी से करें, जब व्यक्ति उस पर अमल करें। इसी का बेहतर तालमेल जीवन में बिठाना होता है। जो बिठा लेता है, वह भवसागर से पार हो जाता है और जो नहीं बिठा पाता वह दुख में पड़ा गोता खाता रहता है। आप जब तक इस गहराई को नहीं समझेंगे, अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकते हैं। जानना यह भी जरूरी है कि हम अपनी हर धड़कन की रफ्तार को समझें।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (09 अक्टूबर 2022)
- मेष :- धन का व्यर्थ व्यय, अशांति, कुछ विलम्ब से मन दु:खी तथा विक्षुब्ध होगा।
- वृष :- चिन्ताग्रस्त होने से बचें, व्यवसायिक क्षमता अवश्य ही बन जायेगी।
- मिथुन :- तनाव, क्लेश व अशांति, असमर्थता का वातावरण कष्टप्रद अवश्य ही होगा।
- कर्क :- किसी प्रलोभन से बचें, अन्यथा परेशानी में फंस सकते हैं, समय का ध्यान रखें।
- सिंह :- तनाव, क्लेश व अशांति तथा असमर्थता का वातावरण कष्टप्रद निश्चय होगा।
- कन्या :- कुटुम्ब की समस्यायें सुलझें, कार्यगति में सुधार होगा, समय का ध्यान अवश्य रखें।
- तुला :- विवादग्रस्त होने की सम्भावना होगी, सोचे हुए कार्य समय पर ही बन जायेंगे।
- वृश्चिक :- कार्यकुशलता से संतोष, दैनिक-समृद्धि के साधन अवश्य ही बन जायेंगे।
- धनु :- अधिकारियों से तनाव व मित्र वर्ग की उपेक्षा से मन में अशांति का भाव रहेगा।
- मकर :- मान-प्रतिष्ठा में तनाव, मित्र-वर्ग से कष्ट, कार्यगति में बाधा बनेगी, ध्यान दें।
- कुम्भ :- किसी घटना का शिकार होने से बचें, चोटादि का भय अवश्य ही होगा।
- मीन :- स्त्री-वर्ग से सुख व हर्ष मिले, बिगड़े कार्य बनेंगे, समय का लाभ आप अवश्य लेवें।
मौसम तय करेगा प्रधानमंत्री इंदौर से हेलीकाप्टर से उज्जैन जाएंगे या कार से
इंदौर । उज्जैन में महाकाल लोक का शुभारंभ करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर से उज्जैन की यात्रा हेलीकाप्टर से करेंगे या सड़क मार्ग से जाएंगे, यह मौसम के साफ होने पर निर्भर होगा। सुरक्षा एजेंसियां और जिला प्रशासन इसकी तैयारी में जुट गए हैं। जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को इंदौर में मौसम खराब रह सकता है। अब तक के तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री अपने विमान से इंदौर आएंगे। इसके बाद वे वायुसेना के हेलीकाप्टर से उज्जैन जाएंगे और वहां ढाई से तीन घंटे तक रहेंगे। वापसी में शाम हो जाएगी और सुरक्षा की दृष्टि से हेलीकाप्टर रात को सफर नहीं करते, इसलिए प्रधानमंत्री को रात में सड़क मार्ग से इंदौर लाने की तैयारी है। शनिवार को एसपीजी और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें तैयारी पर चर्चा की गई। मामले में रिहर्सल 10 अक्टूबर को की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि बैठक में भी मौसम पर चर्चा हुई है। इसमें कहा गया है कि अगर मौसम ठीक नहीं रहा तो प्रधानमंत्री को इंदौर से उज्जैन सड़क मार्ग से ही लाया ले जाया जाएगा। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय 11 अक्टूबर को ही लिया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस संबंध में भी तैयारी शुरू कर दी है।
11 अक्टूबर को दोपहर दो बजे बंद हो जाएगा इंदौर-उज्जैन मार्ग
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के लिए रोड मैप तैयार हो चुका है। शनिवार को अफसरों ने इंदौर-उज्जैन मार्ग का दौरा किया। इस मार्ग पर यातायात संभालने के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी व अधिकारी तैनात रहेंगे। ट्रैफिक डीसीपी (एसएसपी) महेशचंद जैन के मुताबिक, प्रधानमंत्री महाकाल लोक के लोकार्पण के बाद सड़क मार्ग से इंदौर आएंगे। सुरक्षा की दृष्टि से 11 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से लवकुश चौराहा इंदौर से उज्जैन और उज्जैन से इंदौर के बीच सभी चार पहिया वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। उज्जैन जाने वाले वाहनों को देवास होते हुए जाना होगा। डीसीपी के मुताबिक, परिस्थिति को देखते हुए दोपहिया वाहनों के आने जाने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए अधिग्रहित होंगी 400 बसें
उज्जैन में महाकाल लोक का लोकार्पण करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के लिए परिवहन विभाग 400 बसें अधिग्रहित करेगा। विभिन्न मार्गों पर चलने वाली बसों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों की बसें भी ली जाएंगी। कुछ बसें उज्जैन प्रशासन को भी दी जाएंगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर से 400 बसें अधिग्रहित की जाएंगी। 250 बसें इंदौर से लोगों को लेकर जाएंगी, जबकि 150 बसें उज्जैन जिला प्रशासन को उपलब्ध करवानी है। वहां के प्रशासन को 500 बसें अधिग्रहित करना है लेकिन वहां पर बसें कम होने से यहां से बसें दी जाएंगी। बसें अधिग्रहित करने से मार्गों पर तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना ही पड़ेगा, स्कूलों और कालेजों से बसें लेने पर बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी।
शिव लीला हुई साकार, अवंतिका मना रही उत्सव – शिवराज
धार । शिव लीला साकार हुई है, अवंतिका उत्सव मना रही है। प्रदेश के लिए गर्वित होने का क्षण है। महाकाल लोक महाकाल बाबा के चरणों में लोकर्पित होने के लिए तैयार है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री इस मौके पर प्रदेश आ रहे हैं। यह अद्भुत रचना है, जो महाकाल बाबा के प्रांगण में हुई है। प्रदेशभर के मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं। यह बात मध्य प्रदेश भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन मांडू पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मीडिया कर्मियों से चर्चा में कही। उन्होंने कहा कि आज सरकार पंचायत और वार्डों तक घर-घर जा रही है। पात्र हितग्राही 31 अक्टूबर तक हर हाल में योजना का लाभ लें, इसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 22 लाख हितग्राहियों को इस योजना के माध्यम से लाभ दिलाया गया है। एक नवंबर को इस बार मध्य प्रदेश उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार रात मांडू में ही रुकेंगे। यहां कर्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे और सांस्कृतिक आयोजनों में शिरकत करेंगे। तीसरे दिन रविवार को सुबह प्रशिक्षण वर्ग में एक सत्र को संबोधित करने के बाद मांडू से दोपहर में रवाना होंगे।
नशे के कारोबार पर करेंगे जड़ से प्रहार
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अपराध और अपराधियों पर प्रहार किया जा रहा है। दुराचारियों को हम नेस्तनाबूद कर देंगे। अवैध नशे के कारोबार पर जड़ से प्रहार करेंगे। मध्यप्रदेश की धरती पर नशीली ड्रग्स बेचने वाले नहीं रह सकेंगे। आने वाली पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। अपराधियों के लिए मध्यप्रदेश में कोई जगह नहीं है, किसी हाल में उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
उमा भारती का नाम लेते ही धन्यवाद बोल चल दिए शिवराज
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री चौहान बड़े ही सहज भाव से पत्रकारों के जवाब दे रहे थे। इस बीच एक पत्रकार द्वारा उनसे शराब बंदी के खिलाफ धरने पर बैठी उमा भारती को लेकर प्रश्न करने की कोशिश की गई। जैसे ही पत्रकार के मुंह से उमा भारती शब्द निकला, तत्काल चौहान धन्यवाद बोलकर आगे बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब नहीं दिए।
चाय की दुकान के पास सड़क पर खड़े लोगों से मिले
मांडू में शाम को मीरा की जीरात पर शिवराज का हेलीकाप्टर उतरा। वहां से एक निजी होटल तक शिवराज अपने वाहन से गुजर रहे थे। इस दौरान चाय की एक दुकान के पास सड़क पर खड़े लोगों को देखकर शिवराज ने अपना काफिला रुकवाया। वे वाहन से उतरे। सभी से नमस्कार कर हाथ मिलाया। चाय की दुकान के संचालक कन्हैयालाल प्रजापत के साथ उपस्थित उनके पुत्र राहुल प्रजापत, मनोज बामनिया आदि लोगों से उन्होंने चर्चा की। शिवराज ने उनसे पूछा कैसे हो भाइयों, सबकुछ ठीक चल रहा है न, सब अच्छे हो न। उसके बाद उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री को कमल के फूल भेंट किए। इस पर शिवराज ने कहा कि ये कमल के फूल कहां से लाए तो उन्हें बताया गया कि मांडू के सागर जलाशय से। चौहान ने उपस्थित सभी लोगों के साथ सहज भाव से फोटो खिंचवाए और कहा अपना ध्यान रखना। इसके बाद वे अपने वाहन में बैठकर रवाना हो गए। मुख्यमंत्री का सहज भाव देखकर लोग गदगद नजर आए।
मुख्यमंत्री चौहान ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य-तिथि पर नमन किया
भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।
‘लोकनायक’ के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनेता थे। केन्द्र सरकार ने उन्हें वर्ष 1998 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा। वर्ष 1965 में उन्हें समाज सेवा के लिए ‘मैगसेसे’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। उनका निधन लम्बी बीमारी के बाद पटना में 8 अक्टूबर 1979 को हुआ।















