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क्या है जीवन का सार

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दुख एक मानसिक कल्पना है। कोई पदार्थ, व्यक्ति या क्रिया दुख नहीं है। संसार के सब नाम-रूप गधा-हाथी, स्त्री-पुरुष, पशु-पक्षी, वृक्ष-लता आदि खिलौने हैं। हम अपने को खिलौना मानेंगे तो गधा या हाथी होने का सुख-दुख होगा, अपने को स्वर्ण, मूल्यधातु देखेंगे तो यह मनुष्य देह नहीं रहेंगे। हम विराट् हैं, साक्षात् ब्रह्म है। जो मनुष्य इस जगत प्रपंच को सत्य देखता है, उसे माया ने ठग लिया है। जो पहले भी नहीं थे, आगे भी नहीं रहेंगे, बीच में थोड़ी देर को दिखाई दे रहे हैं, उन्हीं को सब कुछ समझ कर माया मोहित मनुष्य व्यवहार कर रहा है। तत्वज्ञान शिक्षा देता है कि जो कुछ दिखाई दे, उसे दिखाई देने दो, जो बदलता है, उसे बदलने दो, जो आता-जाता है, उसे आने जाने दो। यह सब जादू का खेल है।   
ये हि संस्पर्शजा भोगा दु:खयोनय एव ते। आद्यन्तवन्त: कौन्तेय न तेषु रमते बुध:।  
पुराणों में एक कथा आती है- महाराज जनक के जीवन में कोई भूल हो गई थी। मरने पर उन्हें यमलोक जाना पड़ा। वहां उससे कहा गया- नरक चलो। महाराज जनक तो ब्रह्मज्ञानी थे। उन्हें क्या स्वर्ग, क्या नरक। वे प्रसन्नतापूर्वक चले गए। नरक में पहुंचे तो चारों ओर से पुकार आने लगी- 'महाराज जनक जी! तनिक यहीं ठहर जाइए।'   
महाराज जनक ने पूछा- 'यह कैसा शब्द है?'   
यमदूतों ने कहा-'नरक के प्राणी चिल्ला रहे हैं।'   
जनक ने पूछा-'क्या कह रहे हैं ये?'   
यमदूत बाले-'ये आपको रोकना चाहते हैं।'   
जनक ने आश्चर्य से पूछा-'ये मुझे यहां क्यों रोकना चाहते हैं?'   
यमदूत बोले- 'ये पापी प्राणी अपने-अपने पापों के अनुसार यहां दारुण यातना भोग रहे हैं। इन्हें बहुत पीड़ा थी। अब आपके शरीर को स्पर्श करके पुण्य वायु इन तक पहुंची तो इनकी पीड़ा दूर हो गई। इन्हें इससे बड़ी शांति मिली।'   
जनक जी बोले-'हमारे यहां रहने से इन सबको शांति मिलती है, इनका कष्ट घटता है तो हम यहीं रहेंगे।'  
तात्पर्य यह है कि भला मनुष्य नरक में पहुंचेगा तो नरक भी स्वर्ग हो जाएगा और बुरा मनुष्य स्वर्ग में पहुंच जाए तो स्वर्ग को भी नरक बना डालेगा। अत: देखना चाहिए कि हम अपने चित्त में नरक भरकर चलते हैं या स्वर्ग लेकर। जब हमें लगता है कि समस्त विश्व मेरी आत्मा में है, तब रोग-द्वेष, संघर्ष-हिंसा के लिए स्थान कहां रह जाता है?  
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (08 अक्टूबर 2022)

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  • मेष :- चिन्ताए कम होंगी, सफलता के साधन जुटायें, बिगड़े कार्य बन जायेंगे, प्रयास निश्चय करें।
  • वृष :- तर्क-वितर्क से बचें, दैनिक कार्य में बाधा, असमंजस व असमर्थता अवश्य ही बनेगी।
  • मिथुन :- कार्य-वृत्ति अनुकूल बने तथा कार्य योजना बनेगी, सफलता के साधन अवश्य जुटायेंगे।
  • कर्क :- कुटुम्ब की समस्याए सुलझेंगी, अर्थ-व्यवस्था अनुकूल होगी, कार्ययोजना बनेगी।
  • सिंह :- विशेष कार्य स्थिगित रखें, लेनदेन से हानि होगी, झूठे व्यवहार से बचकर चलें।
  • कन्या :- रुके कार्य बना लेवें, पारिवारिक समस्या सुलझेंगी, स्त्री-वर्ग से हर्ष होगा।
  • तुला :- स्त्री-वर्ग से हर्ष-उल्लास, सुख, लाभ, सामाजिक-कार्यों में प्रतिष्ठा निश्चय बढ़ेगी।
  • वृश्चिक :- मनोवृत्ति-संवेदनशील रहे, कार्य अवश्य बनेंगे, स्त्री-वर्ग से हर्ष-उल्लास सुख होगा।
  • धनु :- तनाव-क्लेश, अशांति, किसी धोखे व आरोप में फंसने से आप बच जायेंगे।
  • मकर :- इष्ट मित्रों से क्लेश व अशांति तथा मन को कष्ट तथा विशेष दु:ख होगा।
  • कुम्भ :- स्त्री-शरीर कष्ट, मानसिक-अशांति तथा मन को कष्ट तथा विशेष दु:ख होगा।
  • मीन :- सामाजिक-कार्यों में मान-प्रतिष्ठा मिलेगी, लोगों से मेल-मिलाप अवश्य होगा।
     

मध्‍य प्रदेश की शिवराज सरकार का चुनावी दांव, हर जिले में बनेगी लाड़ली लक्ष्मी सड़क

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भोपाल ।    विधानसभा चुनाव-2008 में जिस लाड़ली लक्ष्मी योजना ने भाजपा की नैया पार लगाने में खूब मदद की थी वही योजना वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भी अहम भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक जिले में एक आदर्श सड़क 'लाड़ली लक्ष्मी" के नाम से जानी जाएगी। इसके लिए सभी कलेक्टरों से सड़क का चयन कर प्रस्ताव मांगे गए हैं। ऐसा कर सरकार लाड़ली लक्ष्मियों और उनके अभिभावकों का ध्यान खींचना चाहती है। इन सड़कों के नाम की घोषणा आठ अक्टूबर को भोपाल के रवींद्र भवन में प्रस्तावित लाड़ली लक्ष्मी सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करने वाले थे पर मांडू में भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण वर्ग के कारण सम्मेलन टल गया। यह अब 15 अक्टूबर के बाद आयोजित किया जा सकता है। बता दें, प्रदेश में करीब 43 लाख लाड़ली लक्ष्मी हैं। लाड़ली लक्ष्मी शिवराज सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसे देश के दूसरे राज्यों ने भी लागू किया है। इससे न सिर्फ भविष्य के 43 लाख मतदाता (लाड़ली लक्ष्मी) जुड़े हैं। बल्कि उनके अभिभावक भी जुड़े हैं। इनको मिलाकर मतदाताओं की संख्या करीब सवा करोड़ हो जाती है। इसलिए सरकार विधानसभा चुनाव से पहले यह बड़ा दांव खेल रही है। सरकार का मानना है कि जिला मुख्यालय की एक सबसे सुंदर सड़क लोगों का ध्यान आकर्षित करेगी और इसका 'लाड़ली लक्ष्मी" नाम लोगों को सरकार और योजना की याद दिलाएगा। इस सड़क के दोनों ओर आकर्षक सजावट भी की जाएगी। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि सड़कों को कैसे सजाया जाएगा। जिला मुख्यालय की एक सड़क के प्रति लोगों का रुझान देखने के बाद प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों में भी ऐसी सड़कों का चयन किया जाएगा। चुनाव के मद्देनजर आदिवासी, महिला और लाड़ली लक्ष्मी सरकार की प्राथमिकता में हैं। इससे पहले सरकार चुनींदा लाड़ली लक्ष्मियों को बाघा सीमा की सैर करवा चुकी है। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी प्रोत्साहन कानून में संशोधन करके उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली युवतियों को भी योजना में शामिल किया है। मई, 2022 में सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी-2 योजना का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बेटियों को बुलाया गया था। इस सम्मेलन में कई बेटियों ने मुख्यमंत्री को चिट्टी भी लिखी और अपनी जिंदगी खुशहाल बनाने के लिए उनका धन्यवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने फोन पर इनमें से कुछ बेटियों से बात भी की थी। वहीं अब योजना-दो की पात्र बेटियों को राशि वितरित करने के लिए सम्मेलन बुलाया जा रहा था।

नई शराब नीति का प्रारूप जब तक नहीं देख लेती हूं तब तक इसे लागू नहीं होने दूंगी- उमा भारती

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भोपाल ।   शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने स्पष्ट किया है कि जब तक वे नई शराब नीति का प्रारूप नहीं देख लेती हूं, तब तक उसे लागू नहीं होने देंगी। उन्होंने तय किया है कि वे सात नवंबर से 14 जनवरी 2023 तक भवन में निवास नहीं करेंगी। इस अवधि में वे जंगल या किसी अन्य स्थान पर झोंपड़ी बनाकर या टेंट लगाकर रहेंगी। इसकी शुरुआत वे अमरकंटक से करेंगी। भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने शराबबंदी को लेकर कहा कि गुजरात और बिहार का उदाहरण हमारे सामने है। नीतिश कुमार ने हिम्मत करके बिहार में शराब पर रोक लगाई। मध्य प्रदेश में ऐसा प्रयोग हो जाए तो अच्छा है और न हो पाए तो कम से कम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नशामुक्ति अभियान को लेकर जो बात कही है, वह हो जाए। जहां तक बात शराबबंदी से राजस्व के नुकसान की है तो हमें इसके दूसरे विकल्प ढूंढ़ने चाहिए।

शिवराज की प्रशंसा

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं कभी नहीं भूलूंगी कि उन्होंने मेरे अभियान का इतना आदर किया। मैं पूरी तरह से शिवराज जी के साथ हूं। हम नशामुक्ति अभियान के परिणाम की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई आबकारी नीति का प्रारूप विधि विभाग से बनवाए ताकि उसमें कोई कमी न रहे। कल कोई कोर्ट जाए तो हम मजबूती से अपना पक्ष रख सकें। आज मप्र सड़क दुर्घटना में देश्ा में पहले नंबर पर है। महिला उत्पीड़न के मामले भी शायद हमारे यहां अन्य राज्यों से अधिक हैं। जब ये बात न्यायालय में रखेंगे तो वह हमारी बातों को सुनेगा। जब शराबबंदी को लेकर मैंने पार्टी नेताओं से चर्चा की थी तो मुझसे कहा गया था कि अभी यह कोई विषय नहीं है। ऐसे तो अयोध्या भी कोई मुद्दा नहीं था, जो बाद में हो गया। ऐसे ही इसे भी बना लीजिए।

भाजपा सरकार बनाने स्वयं को झोंक दूंगी

उमा ने कहा कि देश और प्रदेश में भाजपा सरकार फिर से बने, इसके लिए मैं स्वयं को झोंक दूंगी। इसके लिए प्रचार करूंगी। अभियान के बहाने सियासी जमीन तलाशने की बात पर उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने मुझे दो बार चुनाव लड़ने का अवसर दिया पर मैंने ही मना कर दिया। शराबबंदी के अभियान के लिए जीवन की आहुति देने के लिए भी तैयार हूं। अधिकारियों के रवैए को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार नेता अपना निकम्मापन छिपाने के लिए अधिकारियों को आगे कर देते हैं। मेरा अनुभव है कि आप दृढ़ निश्चयी हैं तो अधिकारियों को आपकी बात माननी पड़ेगी। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि कोई यात्रा निकाल रहा है तो हम उस पर हंस नहीं सकते हैं। मैं तो बस यही कहूंगी कि पूर्व में जो कर्म किए हैं उनका प्राश्चित करने वाली यात्रा भी हो जाए।

67 वर्षों से बैकफुट पर थी भारत की विदेश नीति- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

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धार ।     केंद्रीय नागर‍िक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में शिरकत करने शुक्रवार रात 8 बजे मांडू पहुंचे। यहां उन्होंने सत्र के विषय मोदी जी की विदेश नीति पर पदाधिकारियों को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति पिछले 67 वर्षों से बैकफुट पर थी। 2014 के बाद मोदी जी के नेतृत्व में विदेश नीति में परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में 2014 के बाद विदेशों में भारत की छवि सुधरी है कांग्रेस शासनकाल की पिछले कई वर्षों में गलत विदेश नीति के कारण भारत से भी आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से पिछड़े राष्ट्र मजबूत हो गए पर भारत पिछड़ता चला गया। सिंध‍िया ने कहा कि आज भारत एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। इसलिए हमें आज विश्व के हर देश से एक नई साझेदारी करने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि विदेश नीति किसी भी देश की प्रगति का एक अहम हिस्सा होता है।विदेश नीति लोकनमुखी होनी चाहिए। विदेश नीति से युवाओं को भी जोड़ना होगा। रोजगार के अवसर पर उपलब्ध करवाने होंगे।लगभग साढ़े तीन करोड़ प्रवासी भारतीय पूरे विश्व में निवास करते हैं, उन्हें भी एक सेतु के रूप में भारत के साथ जोड़ना जरूरी है तभी हम विश्व गुरु के लक्ष्य की प्राप्ति कर सकेंगे।

वसूली कांड से कटघरे में आए सीएसपी प्रमोद शाक्य को ग्वालियर से हटाया, पुलिस मुख्यालय भेजा

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 ग्वालियर ।   रेत से लदे डंपर को छोड़ने के एवज में वाहन मालिक से अवैध वसूली कांड में कटघरे में आने के बाद सीएसपी प्रमोद शाक्य को ग्वालियर से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है। शुक्रवार शाम को पुलिस मुख्यालय से इस संबंध में आदेश जारी हो गया।  इसके बाद शासन ने यह बड़ी कार्रवाई की है। सीएसपी की भूमिका को लेकर जांच भी शुरू हो गई है। एक रिपोर्ट एसएसपी अमित सांघी ने बनाकर बीती रात ही पुलिस मुख्यालय भेजी थी, इसके बाद सीएसपी शाक्य को ग्वालियर से हटा दिया गया दरअसल सोमवार-मंगलवार की रात रेत से भरे डंपरों को पुलिस द्वारा रोका गया फिर इन्हें साठगांठ कर छोड़ दिया गया। बहोड़ापुर थाने के बाहर डंपर एमपी07 एचबी 4786 खड़ा मिला था।  इसमें डंपर मालिक ने रायल्टी और जीएसटी होने के बाद भी डंपर को ओवरलोड बताकर सीएसपी प्रमोद शाक्य द्वारा रोके जाने की बात कही। साथ ही डंपर को थाने पर लाया गया और यहां 10 हजार रुपये लेकर छोड़ने की बात भी बताई। एक दूसरी गाड़ी के मालिक से भी 25 हजार रुपये लेकर गाड़ी छोड़ने की बात कही।

एडीजी ने बैठाई जांच, फुटेज में थाने पर खड़ा दिखा था डंपर

ग्वालियर जोन के एडीजी डी. श्रीनिवास वर्मा ने जांच के आदेश दिए। एसएसपी अमित सांघी ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज दिखवाए, जिसमें डंपर थाने पर खड़ा दिखा। फिर 15 दिन के फुटेज और रिकार्ड तलब किए। एसएसपी ने एएसपी मृगाखी डेका को जांच का जिम्मा सौंपा है। एसएसपी ने बीते रोज फुटेज, मोबाइल लोकेशन डंपरों को छोड़े जाने के मामले की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भी भेजी। पुलिस मुख्यालय रिपोर्ट पहुंचते ही शासन ने सीएसपी प्रमोद शाक्य को हटाने का निर्णय लिया। शुक्रवार को उन्हें आनन-फानन में हटा दिया गया। शाम को आदेश जारी होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

सीएसपी ने किया था सिपाहियों का स्टिंग

सीएसपी प्रमोद शाक्य खुद अवैध वसूली के लिए कटघरे में हैं। इन्होंने ही कुछ समय पहले एंट्री वसूल रहे सिपाहियों का स्टिंग आपरेशन किया था। इस मामले में सिपाहियों पर कार्रवाई भी हुई थी।

अब: शाजापुर डीएसपी संदीप मालवीय बने सीएसपी ग्वालियर

पुलिस मुख्यालय ने सीएसपी को ग्वालियर से हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किया है। जबकि शाजापुर में डीएसपी महिला सुरक्षा के पद पर पदस्थ संदीप मालवीय को सीएसपी ग्वालियर बनाया गया है।

सेवा सदन में प्रिंट मीडिया में लेखन कौशल पर एक कार्यशाला आयोजित की गई

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भोपाल   आर्चडायसीज ऑफ़ भोपाल के नवदीप कम्युनिकेशंस ने  सिगनिस इंडिया के सहयोग से सेवा सदन, तुलसी नगर, भोपाल में प्रिंट मीडिया में रचनात्मक लेखन कौशल पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। फादर मारिया स्टीफन, पीआरओ और आयोजक ने प्रतिभागियों और  प्रशिक्षकों  का स्वागत करते हुए कहा, " इस प्रकार की  कार्यशाला उन सभी के लिए उपयोगी है जो पत्रकारिता, रचनात्मक लेखन में अपना करियर बनाना चाहते हैं, साथ ही साथ जो लोग अपने व्यक्तिगत विकास के लिए लेखन कौशल में सुधार चाहते हैं।  पहले दिन  डा. अम्बेडकर नगर से आये  सुमित धनराज ने क्रिएटिव हेडिंग कंपोजिशन को संभाला,  जिसमे रिपोर्ट लेखन, लेख और फीचर लेखन के बारे में बताया गया  । दूसरे दिन के सत्र को इंदौर की सिस्टर गंगा रावत एसएसपी ने संभाला  जिसमे उन्होंने साक्षात्कार के लिए लेखन शैली और एक संपादक के गुण के बारे में बताया ।  सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक  शलोही सरकार ने इस कार्यशाला के अनुभव को साझा करते हुए कहा, "सत्र मेरे लिए बहुत जानकारीपूर्ण और उपयोगी  रहा "। एक अन्य प्रतिभागी बीजू एंटनी एक पेशेवर ने कहा, "सत्रों में गहराई, विश्लेषण, लेखन कौशल और आज के परिदृश्य में प्रासंगिक शामिल हैं"। कार्यशाला के अंत में सेंट मैरी स्कूल, तुलसी नगर की प्रिंसिपल सिस्टर मारिया जगताप द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और सुमित खलखो द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यशाला में समन्वयक की भूमिका फादर अल्फ्रेड डिसूजा, संजना, सोनिया और सुनील ने निभाई।

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मध्‍य प्रदेश में तीन साल तक ही आरक्षित रखे जाएंगे पदोन्नति के लिए एससी-एसटी के पद

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भोपाल ।     मध्‍य प्रदेश में छह साल बाद अधिकारियों-कर्मचारियों को अब पदोन्नति मिल सकती है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से परामर्श करके पदोन्न्ति नियम-2022 तैयार कर लिए हैं। इसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए तीन साल ही पद आरक्षित रखे जाएंगे। इस अवधि में यदि संबंधित वर्ग के पात्र अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलते हैं तो फिर इन्हें शून्य घोषित कर नए सिरे से गणना की जाएगी। इसी तरह पदोन्नति के पदों प्रतिवर्ष निर्धारित होंगे। आरक्षण उपलब्ध पदों के आधार तय होगा। पदोन्नति नियम 2002 के निरस्त होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग काफी समय से इस प्रयास में था कि नए नियम बनाकर पदोन्नति प्रारंभ कर दी जाए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके लिए गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया था। समिति ने तीन बैठकें की और आरक्षित व अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी संगठनों का पक्ष लिया। इसके आधार पर विभाग ने नियम का प्रारूप तैयार करके विधि विभाग को भेजा था। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित पद पर पदोन्नति के लिए पात्र अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलने पर पद रिक्त रखा जाना प्रस्तावित था। इस पर विधि विभाग ने आपत्ति उठाते हुए था कि आखिर कब तक पदों का रिक्त रखा जा सकता है। इसी तरह पदों की गणना के तरीके को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी थी। सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने विचार-विमर्श करने के बाद अब यह प्रस्तावित किया है कि तीन वर्ष तक ही अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए पदोन्नति के पद रिक्त रखे जाएंगे। यदि इस अवधि में पात्र अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलते हैं तो फिर पद शून्य घोषित कर नए सिरे से पदों की गणना होगा। प्रतिवर्ष एक जनवरी की स्थिति में आरक्षित वर्ग के प्रतिनिधित्व की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर तय होगा कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को कितने प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। गौरतलब है कि पदोन्नति न होने से लगभग 60 हजार कर्मचारी अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए।

संयुक्त सूची बनेगी, न्यूनतम अंक होना रहेगा अनिवार्य

प्रस्तावित नियम के अनुसार प्रतिवर्ष विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक होगी। इसमें रिक्तियों के आधार पर चयन सूची तैयार होगी। पांच वर्ष के गोपनीय प्रतिवेदनों के समग्र मूल्यांकन के आधार पर अंक निर्धारित होंगे। प्रथम श्रेणी के पद पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम 15 अंक होने आवश्यक होंगे। इसी तरह द्वितीय श्रेणी के पदों के लिए 14, तृतीय श्रेणी के लिए 12 अंक की अनिवार्यता रहेगी।

प्रदेश के सभी नेशनल पार्क में प्लास्टिक बोतल और थैलियों पर लगेगा प्रतिबंध: वन मंत्री डॉ. शाह

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भोपाल : वन मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा है कि वन विभाग के सभी नेशनल पार्क में प्लास्टिक बोतल और थैलियों पर एक जनवरी 2023 से प्रतिबंध लगाया जायेगा। डॉ. शाह आज राष्ट्रीय वन विहार उद्यान की विहार वीथिका में वन्य-प्राणी सप्ताह के समापन समारोह में संबोधित कर रहे थे।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि सभी नेशनल पार्क में वाटर एटीएम लगाये जायेंगे, जिनसे पर्यटकों को कम कीमत पर पानी मिलेगा। साथ ही पार्क में खाद्य सामग्री आदि की थैलियाँ ले जाने पर प्रतिबंध लगाया जायेगा, जिससे पर्यावरण-संरक्षण को बल मिलेगा।

वन मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि देश में विलुप्त हो रहे चीतों के पुनर्स्थापन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के सार्थक प्रयासों से 72 साल बाद चीता के रूप में प्रदेश को नायाब तोहफा मिल सका है। उन्होंने कहा कि वन विभाग अफ्रीका से आये चीतों के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति सतत रूप से निगरानी रख रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल के आसपास टाइगर मूवमेंट को देखते हुए इस क्षेत्र को अभयारण्य बनाने पर विचार किया जा सकता है। इसके लिये जन-प्रतिनिधियों, वन्य-प्रेमी और बुद्धिजीवी वर्ग को आगे आना चाहिये।

जेब्रा और ‍जिराफ भी आयेंगे

वन मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि प्रदेश में अफ्रीका से चीता आने के बाद अब जेब्रा और जिराफ को भी 26 जनवरी, 2023 के पहले वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

75 विजेता प्रतिभागी जायेंगे नेशनल पार्क

वन मंत्री डॉ. शाह ने घोषणा की कि राज्य स्तरीय वन्य-प्राणी सप्ताह में हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के 75 विजेता और उप विजेता प्रतिभागियों को नेशनल पार्क बाँधवगढ़, पेंच टाइगर रिजर्व, पन्ना टाइगर रिजर्व और कान्हा टाइगर रिजर्व में वन्य-प्राणियों का अवलोकन कराने विभाग द्वारा नि:शुल्क व्यवस्था की जायेगी। वन मंत्री ने फोटोग्राफी-प्रदर्शनी, चित्रकला, रंगोली, विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन वाद-विवाद, मेहंदी, पॉम पेंटिंग, फैंसी ड्रेस, फेस पेंटिंग और शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आये विजेताओं को पुरस्कृत किया। वन-रक्षकों द्वारा किये गये वन प्रबंधन के उत्कृष्ट कार्य पर केन्द्रित श्रेष्ठ दो लघु फिल्में प्रदर्शित की गई। वन मंत्री ने फिल्मकार और वन-रक्षक  आकाश साहू और  संजय नामदेव को पुरस्कृत किया।

पुस्तक, फोल्डर और पोस्टर का विमोचन

वन मंत्री डॉ. शाह ने वन विहार के वन्य-प्राणी राजू की नजर से बुकलेट, मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा आयोजित “मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता क्विज-2022’’ का पोस्टर जैव-विविधता बोर्ड एवं विश्व प्रकृति निधि भारत द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित ‘ड्रेगन फ्लाई’ पर केन्द्रित पुस्तक एवं डॉ. ए.बी. वास्तव की पुस्तक “जंगली बिल्लियों के पोस्टमार्टम हेतु मेन्युअल’’ और मध्यप्रदेश वनांचल संदेश की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन किया। वन मंत्री ने वन्य-प्राणियों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा के लिये सभी को शपथ भी दिलाई।

वन विहार संचालक मती पद्म प्रिया बालकृष्णन ने वन्य-प्राणी सप्ताह में हुए विभिन्न कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रमुख सचिव वन  अशोक वर्णवाल सहित अधिकारी-कर्मचारी, प्रतिभागी एवं पर्यटक उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने करंज, पीपल और गुलमोहर के पौधे लगाए

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भोपाल : मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में 6 वर्षीय बेटी रिद्धि और जय  कल्याण वेलफेयर एजुकेशन सोसायटी के सदस्यों के साथ करंज, पीपल और गुलमोहर के पौधे लगाए। सोसायटी के सदस्य सर्व यशवंत सिंह राजपूत, योगेश सिंह राजपूत, राहुल गजभिये, टिंकू लाल मंडराई, मुनेंद्र सिंह और संतोष ब्रह्मभट्ट पौध-रोपण में शामिल हुए।

सोसायटी, समाज-कल्याण के कार्यों के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के जीवन स्तर को सुधारने लिये निरंतर प्रयासरत है।
 

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