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जिसको कांग्रेस छोड़कर जाना है जाए: कमल नाथ

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भोपाल । पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने बागियों को लेकर तीखे तेवर दिखते हुए कहा है की जिसको कांग्रेस छोड़कर जाना है जाए, किसी के जाने से कांग्रेस खत्म नहीं होगी। यह बयान कमलनाथ ने पूर्व विधायक अरुणोदय चौबे के कांग्रेस छोड़ने के संदर्भ में कही।  
प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा की जिसको कांग्रेस छोड़कर जाना है जाए और किसी के जाने से कांग्रेस खत्म नहीं होगी। जिस कांग्रेस नेता के विचार बीजीपी से मिलते है उनको मै अपनी मोटर दे दूँगा, उनके पास जाने के लिए। कमलनाथ ने सख्त लहजे मै कहा की जो पार्टी छोड़कर कर जा रहा है तो क्या मैं उसके घर जाकर उसको रोकूंगा नहीं।  
मैं किसी पर दबाव नहीं बनाता। बीजेपी दबाव बना सकती है, पैसे दे सकती है और प्रलोभन दे सकती है। अरुणोदय चौबे को हम पहले ही पार्टी से निष्कासित कर चुके हैं। भाजपा आज दबाव-प्रभाव की राजनीति कर रही है।

साउथ अफ्रीका टी20 लीग में 6 टीमें करेंगी शिरकत

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नई दिल्ली । साउथ अफ्रीका टी20 लीग का पहला सीजन जनवरी 2023 में खेला जाएगा। इसमें 6 फ्रेंचाइजी टीम शामिल होगी जिसमें एमआई केप टाउन, डर्बन सुपर जाएंट्स, जोहानसबर्ग सुपर किंग्स, पार्ल रॉयल्स, प्रीटोरिया कैपिटल्स और सनराइजर्स इस्टर्न कैप शामिल हैं।इन टीमों ने 5-5 खिलाड़ियों को पहले ही साइन कर लिया है लेकिन एक टीम को 17 खिलाड़ी रखना है और बाकी बचे 12 खिलाड़ियों के लिए 19 सितंबर को होने वाले ऑक्शन में टीमें भिड़ेंगी।साउथ अफ्रीका टी20 लीग के पहले सीजन के लिए साउथ अफ्रीका के कन्वेंशन सेंटर में खिलाड़ियों का जमावड़ा लगेगा जिसमें 6 फ्रेंचाइजी मिलकर 318 खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगे। यूं तो 500 से ज्यादा खिलाड़ियों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन किया था लेकिन उसमें से केवल 318 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।हर टीम, 17 खिलाड़ियों को अपने टीम में शामिल कर सकता है। इस टीम में 7 ओवरसीज खिलाड़ियों के अलावा 10 स्थानीय खिलाड़ियों को रखना अनिवार्य होगा।

अपात्र किसानों को भी मिलेगा ब्याज माफी का लाभ

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भोपाल  । राज्य सरकार अपात्र किसानों को भी ब्याज माफी का लाभ देने जा रही है। ऐसे किसानों को फिर से न सिर्फ अल्पावधि कृषि ऋण मिलने लगेगा, बल्कि वे खाद-बीज भी समितियों से ले सकेंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग ने समाधान योजना का प्रस्ताव बनाकर कृषि विभाग को भेज दिया है। इसमें 31 मार्च 2018 के पहले के अपात्र किसानों को शामिल किया जाएगा। मूलधन चुकाने पर ही ब्याज माफी की पात्रता होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से ऋण लेकर समय पर नहीं चुकाने वाले अपात्र किसानों को अब सरकार ब्याज माफी देने जा रही है। मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस एक नवंबर से योजना लागू की जा सकती है। 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सत्ता में आने पर किसानों को दो लाख रुपये की ऋण माफी देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री बनने पर कमल नाथ ने योजना को लागू किया। इसका दूसरा चरण प्रारंभ हो पाता, इसके पहले मार्च 2020 में अल्पमत में आने के कारण कमल नाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई और जिन किसानों ने ऋण माफी की आस में अपना बकाया नहीं चुकाया था, वे अपात्र हो गए। अब इन्हें न तो सहकारी समितियों से अल्पावधि कृषि ऋण मिल रहा है और न ही खाद-बीज। इससे कम जोत वाले किसान ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि इन्हें शिवराज सरकार की ब्याज रहित कृषि ऋण और खाद के अग्रिम भंडारण संबंधी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों के ऊपर पांच हजार 200 करोड़ रुपये का ऋण है। सरकार ने योजना के लिए अनुपूरक बजट में 350 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।किसानों की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ब्याज माफी देने की घोषणा की थी। सहकारिता विभाग ने ब्याज माफी के लिए समाधान योजना का प्रस्ताव भी तैयार करके कृषि विभाग को भेज दिया है।

छिटपुट वर्षा होने की संभावना

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भोपाल। प्रदेश के वातावरण में बड़े पैमाने में नमी मौजूद रहने के कारण धूप निकलने के बाद गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा होने की भी संभावना बनी रहेगी।  मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रणालियों के कमजोर पड़ने और मानसून ट्रफ के भी हिमालय की तरफ खिसकने के कारण अभी दो तीन-दिन तक वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी एसएन साहू के मुताबिक इस सीजन में मध्य प्रदेश में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 1109 मिमी. वर्षा हो चुकी है। यह अभी तक होने वाली सामान्य वर्षा (905.3 मिमी.) की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक हैं। हालांकि अभी भी प्रदेश के तीन जिलों आलीराजपुर, सीधी एवं रीवा में सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। पिछले चार दिनों से अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ जाने के कारण वर्षा की गतिविधियों में कमी आ गई है।पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य में सक्रिय गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तरी उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ गया है। वह कमजोर पड़ने के बाद हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में परिवर्तित हो गया है। मानसून ट्रफ भी अब हिमालय की तरफ खिसकने लगा है। वर्तमान में मानसून ट्रफ गंगानगर, हिसार, मेरठ, लखनऊ, गया, पुरुलिया, दीघा से होकर बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इसी तरह हवा के ऊपरी भाग में एक अन्य ट्रफ अरब सागर से सिर्फ गुजरात तक बना है। मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने से अभी दो-तीन दिन तक वर्षा होने के आसार कम ही हैं। हालांकि तापमान बढ़ने की स्थिति में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद 20 सितंबर से एक बार फिर प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खंडवा में 27, उमरिया में छह, छिंदवाड़ा में एक, सतना में एक, जबलपुर में 0.8 मिलीमीटर वर्षा हुई। ग्वालियर में बूंदाबांदी हुई।

स्कूलों में बताई जाएगी चीतों की खूबियां

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भोपाल । अफ्रीका के नामीबिया से कूनो में बसाए गए चीतों की खूबियों से भोपाल के नागरिक भी रूबरू होंगे। वन विभाग इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाएगा। पहले चरण में स्कूलों में छात्र-छात्राओं को चीतों के आकार, उनके स्वरूप और उनकी खूबियां बताई जाएगी। इसके बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों को भी यही जानकारी दी जाएगी। इस कवायद का उद्देश्‍य कुल मिलाकर चीतों से लोगों को भावनात्मक तौर पर जोड़ना है। यह काम अकेले भोपाल मंडल ही नहीं कर रहा है, बल्कि प्रदेश के सभी मंडलों को यह जिम्मेदारी दी गई है। मालूम हो कि सत्‍तर साल बाद देश में चीते फिर लौट आए हैं। श्‍योपुर के कूनो नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह नामीबिया से लाए गए 08 चीतों को बाड़े में छोड़ा। आम लोगों में भी कूनो में लाए गए इन चीतों को लेकर काफी जिज्ञासा है। मप्र में चीतों की बसाहट से लोगों में खुशी का माहौल है। पड़ोसी राज्यों को भी चीतों से उम्मीदें बंध गई है। महाराष्ट्र के वन्यप्राणी प्रेमी, सामाजिक संगठन व आम नागरिक काफी खुश है। इन्होंने चीतों को लेकर दूसरे लोगों में अलख जगाना शुरू कर दिया है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थान और शहर से लेकर गांव तक लोगों को चीतों की खूबियां बताई जा रही है। चीतों के बसने से पहले इनके स्वरूप व व्यवहार को लेकर लोगों को जागरुक किया गया था। इसके लिए चिंटू चीते को सामने रखा था। यह चीते का प्रतीक है, जिसे भोपाल के युवा रोमी भागवानी ने डिजाइन किया है। मप्र वन विभाग ने इसे चीते के शुभंकर के रूप में स्वीकारा है। वन मंत्री डा. कुंवर विजय शाह ने इसका लोकार्पण किया था। रोमी ने मुंबई के स्कूल आफ आर्ट्स से पढ़ाई की है। चिंटू चीते के बाद शनिवार को लोगों का असली चीते से सामना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र की सीमा मप्र से लगी है। यहां के बाघ व तेंदुए महाराष्ट्र के जिलों में प्रवेश कर चुके हैं। आमतौर पर खुले जंगल में विचरण करने वाले वन्यप्राणी दोनों ही प्रदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे है। वन्यप्राणी विशेषज्ञ रमाकांत दीक्षित का कहना है कि फिलहाल चीतों को बाड़े में रखे जाने की योजना है। भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाना है। उम्मीद है कि मप्र का जंगल इन्हें पसंद आएगा और इनका कुनबा भी बढ़ेगा और ये दूसरे प्रदेशों तक जाएंगे। वन्यप्राणी विशेषज्ञ डा. फैयाज खुदसर का कहना है कि आबादी बढ़ी तो चीते एक से दूसरे जंगल में प्रवेश करेंगे। वह महाराष्ट्र समेत दूसरे राज्यों का जंगल भी हो सकता है। इस बारे में भोपाल सामान्य वन मंडल डीएफओ आलोक पाठक का कहना है कि नागरिकों को चीतों से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। शुरुआत छात्रों से कर दी है। शहर के अलावा गांवों में भी लोगों को चीते की खूबियों से परिचित कराएंगे।

घर में केले का पेड़ होना कैसा माना जाता है?

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हिन्दू धर्म में केले का पेड़ बहुत ही पवित्र माना जाता है। दक्षिण भारत में केले का पेड़ बहुतायत में पाया जाता है। केले का फल, फूल, पत्ते, तना, जड़ और डंडल इन छह चीजों का उपयोग होता है और इनके कई फायदे भी हैं।
उत्तर भारत में खाकरे या पलाश के पत्ते तो दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर प्राचीनकाल से ही भोजन परोसकर खाया जाता रहा है और प्रसाद बांटा जाता है। आओ जानते हैं कि इसे घर में लगाने से क्या होगा।
घर में केले का पेड़ लगाने से क्या होगा | What will happen if you plant a banana tree at home:

1. कहते हैं कि केले का पेड़ जिसके भी घर आंगन में लगा तो समझो साक्षात विष्णु और लक्ष्मी का वास रहेगा।

2. केले के पत्तों पर भोजन करने से आयु और आरोग्य में वृद्धि होती है। इसका उपयोग करते रहने से पेट संबंधी सभी रोग समाप्त हो जाते हैं।

 
3. यह पेड़ जहां भी लगा होता है वहां कभी भी सुख और समृद्धि की कमी नहीं रहती है।

4. केले का पौधा घर में लगाने से बृहस्पति ग्रह का शुभ फल मिलने लगता है।

5. इसके घर में होने से वैवाहिक जीवन की कठिनाइयां दूर होती है। अविवाहित कन्याओं का शीघ्र विवाह हो जाता है।

6. उच्च शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति में यह पौधा सहायक सिद्ध होता है, क्योंकि इसमें से लगातार शांतिमय और सकारात्मक ऊर्जा निकलती रहती है।

7. माना जाता है कि समृद्धि के लिए केले के पेड़ में जल अर्पित करना और इसकी पूजा करना शुभ है।

8. यह पेड़ जहां भी लगा होता है वहां घर में संतान हमेशा सुखी और संकटों से दूर रहती हैं।
 

स्त्री हो या पुरुष, ये 4 काम करने से बाद नहाना जरूर चाहिए

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आचार्य चाणक्य के अनुसार अच्छी सेहत ही सबसे बड़ा धन होती है क्योकि सेहत ठीक रहेगी तो आप किसी भी तरह की परेशानी से लड़ने में सक्षम रहेंगे। आचार्य चाणक्य (Chanakya Niti) इससे संबंधित भी कई नीतियां अपनी पुस्तकों में बताई है।

आचार्य चाणक्य के अनुसार, काफी बीमारियां तो केवल नहाने से ही दूर हो जाती हैं। आचार्य ने अपनी नीतियों में 4 ऐसे कामों के बारे में बताया है, जिन्हें करने के बाद नहाना बहुत जरूरी है। आगे जानिए कौन-से हैं वो 4 काम.

तेल मालिश के बाद
चाणक्य नीति के अनुसार, तेल मालिश सेहत के लिए अच्छी होती है, इससे शरीर के रोम छिद्र खुल जाते हैं और त्वचा भी चमकदार हो जाती है। तेल मालिश से कई तरह के शारीरिक लाभ भी मिलते हैं। तेल मालिश के तुरंत बाद नहाना जरूर चाहिए। नहीं तो सेहत पर इसका बुरा असर हो सकता है। नहाने से शरीर का जो मैल तेल मालिश से निकला है, वह तुरंत दूर हो जाता है।

शवयात्रा से लौटकर
हिंदू धर्म में शवदाह से जुड़े कई नियम बताए गए हैं। उन्हीं में से एक है श्मशान जाने के बाद नहाने का। ऐसा इसिलए किया जाता है क्योंकि शव को जलाने के बाद कई तरह के हानिकारक कीटाणु हमारे बालों में और कपड़ों पर चिपक जाते हैं, यदि इन्हें साफ न किया जाए तो सेहत खराब हो सकती है। अत: शवदाह करके जैसे ही घर आएं, सबसे पहले स्नान जरूर करें।

स्त्री प्रसंग के बाद
स्त्री हो या पुरुष, प्रेम-प्रसंग (काम क्रिया) के बाद दोनों को नहाना चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार, रति क्रिया के बाद स्त्री और पुरुष, दोनों ही अपवित्र हो जाते हैं। इस अवस्था में वे कोई दूसरा काम नहीं कर सकते जैसे पूजा-पाठ आदि। आचार्य चाणक्य के अनुसार रति क्रिया के तुरंत बाद नहा लेना चाहिए या फिर सुबह उठते ही। ऐसा करने से मन में पवित्रता का भाव बना रहता है।

बाल कटवाने के बाद
आचार्य चाणक्य के अनुसार, बाल कटवाना या शेविंग करवाने के बाद भी तुरंत स्नान कर लेना चाहिए। बाल कटवाने के बाद पूरे शरीर पर छोटे-छोटे बाल चिपक जाते हैं जो कि नहाने के बाद ही शरीर से साफ हो सकते हैं। अत: इस कार्य के बाद तुरंत नहाना चाहिए। ये नियम महिलाओं पर भी लागू होता है।

सुख-शांति और धन लाभ के लिए घर में लगाएं इस सुंदर पक्षी की तस्वीर

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उज्जैन. हर घर में तस्वीरें जरूर होती हैं। क्योंकि इससे घर की सुंदरता में चार चांद लग जाते हैं। कुछ लोग ऐसी तस्वीरें घर में लगा लेते हैं जिससे घर में निगेटिविटी बढ़ने लगती है।

ऐसी तस्वीरें भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए। वास्तु शास्त्र (Vastu Tips For Money) में एक ऐसे पक्षी के बारे में बताया गया है, जिसकी तस्वीर घर में लगाना बहुत ही शुभ माना गया है। ये पक्षी है हंस। इसकी तस्वीर ऑफिस या दुकान में भी लगा सकते हैं। ऐसा करने से पॉजिटिविटी बढ़ती है और शुभ फल मिलते हैं। इससे जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली भी आती है। आगे जानिए हंस की तस्वीर का वास्तु शास्त्र में महत्व.

पॉजिटिविटी बढ़ाती है हंस की तस्वीर
हिंदू धर्म ग्रंथों में हंस को एक बेहद ही पवित्र पक्षी माना गया है। ये देवी सरस्वती का वाहन है। भगवान विष्णु ने भी एक बार हंस के रूप में अवतार लिया था, इसका वर्णन श्रीमद्भागवत में मिलता है। इसलिए हंस की तस्वीर घर, ऑफिस या दुकान में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

धन लाभ के लिए यहां लगाएं हंस की तस्वीर
हंस का चित्र घर या कार्यस्थल पर लगाने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और लोग प्रसन्न रहते हैं। अगर आप धन, सुख-समृद्धि की चाह रखते हैं तो आपको घर के हॉल में एक सफेद हंस की बड़ी तस्वीर लगाना चाहिए, क्योंकि एक हंस धन का प्रतीक माना गया है। माना जाता हैं कि हंस की तस्वीर लगाने से धन की देवी माता लक्ष्मी जी वहां रहने वालों पर प्रसन्न होती हैं।

बच्चों की स्टडी टेबल पर भी रख सकते हैं इसे
बच्चों की स्टडी टेबल पर हंस की तस्वीर जरूर रखनी चाहिए, इससे बच्चों का पढ़ाई-लिखाई में लगता है, ऐसी मान्यता है। चूंकि हंस देवी सरस्वती का वाहन है तो इसका प्रभाव बच्चों पर जरूर पड़ता है। अगर आप चाहते हैं कि पति-पत्नी के बीच हमेशा सम्मान, प्रेम बना रहे तो इसके लिए आपको बेडरूम में दो हंसों के जोड़े की तस्वीर लगानी चाहिए।

सम्मान करो संपूर्णता से 

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तुम किसी का सम्मान उसकी ईमानदारी, बुद्धिमत्ता, प्रेम और कार्य कुशलता जैसे सद्गुणों के लिए करते हो परंतु समय के साथ-साथ इन गुणों में परिवर्तन आता है। जिसके कारण तुम उनका सम्मान नहीं कर पाते। तुम केवल सद्गुणों का, महानता का सम्मान करते हो। मैं संपूर्णता से हर एक का सम्मान करता हूं। इसीलिए किसी भी व्यक्ति के लिए मेरा सम्मान कम नहीं होता। सम्मान पाने के लिए किसी को महान होने की आवश्यकता नहीं। जीवन का सम्मान महान बनाता है। दूसरों से सम्मान की अपेक्षा मत करो। यह कमजोर बनाता है। आत्मा का सम्मान करो। तब कोई तुम्हारे आत्म सम्मान को ले नहीं सकता। जब कोई तुम्हें सम्मान देता है, तो इसलिए नहीं कि तुममे कुछ विशेष गुण हैं। यह उनकी महानता और उदारता के कारण है। यदि तुम कहते हो, ईश्वर महान है, यह तुम्हें महान बनाता है। ईश्वर तो महान हैं ही- तुम्हारे कहने से ईश्वर को कोई फर्क नहीं पड़ता। जब तुम किसी को सम्मान देते हो, यह तुम्हारी विशालता दर्शाता है। यदि तुम सबका सम्मान करते हो तो उतना अधिक तुम्हारा मोल है। वह ज्ञानी है, जो सबका सम्मान करता है। सम्मान देना उन्नत चेतना का गुण है। आत्मा के प्रति सम्मान निष्ठा है और निष्ठा है उन्मुक्त होना। जिस प्रकार तुम मुझे सम्मान देते हो, उसी तरह सबको सम्मान दो। परंतु जो अपेक्षा तुम सबसे करते हो, वह सबसे मत करो। प्राय: तुम इसका उल्टा करते हो। तुम सबको वह आदर नहीं देते, जो मुझको देते हो पर आशा करते हो कि वे तुम्हें खुशी दें, तुमसे उत्तम व्यवहार करें। जब उनका व्यवहार तुम्हारी अपेक्षानुसार नहीं होता, तब तुम निराश होते हो और उनको दोषी ठहराते हो, उनकी निन्दा करते हो। निन्दा करने से, अभिशाप देने से, तुम्हारी आध्यात्मिक शक्ति क्षीण होती है। आशीर्वाद तुम्हारी आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाता है। सहनशीलता, धैर्य और विवेक से कुशलतापूर्वक आगे बढ़ो। यदि तुम्हारे आसपास मूर्ख हैं, तो समझो, वे तुम्हें और बुद्धिमान बनाएंगे। तुम कितने केंद्रित हो, यह तुम्हारे आसपास रहने वाले मूर्खों की संख्या से मालूम पड़ता है। मूर्खों को हटाने का प्रयास मत करो। यदि तुम केंद्रित नहीं हो, तो तुममे उनको बर्दाश्त करने का धैर्य नहीं होगा। जब तुम पूर्ण रूप से आत्मस्थित हो, तब पाते हो कि मूर्ख से भी ज्ञान मिल सकता है। वे तुम्हारे ही प्रतिबिम्ब हैं। मूर्ख तुम्हें हताश भी कर सकते हैं, या ज्ञान भी दे सकते हैं, चुनाव तुम्हारा है।  
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (19 सितम्बर 2022)

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  • मेष राशि – इष्ट मित्रों से लाभ होगा, भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, रुके कार्य बनेंगे।
  • वृष राशि – अपनों से तनाव, प्रत्येक कार्य में बाधा होगी, लाभकारी योजना हाथ से निकल जायेंगी।
  • मिथुन राशि – धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, कार्यवृत्ति में सुधार होगा, कार्य बनेंगे।
  • कर्क राशि – कार्य योजना फलीभूत हो, दैनिक सफलता के कार्य संभव होवेंगें।
  • सिंह राशि – इष्ट मित्रों से सुखवर्धक हो, मनोबल उत्साहवर्धक बना ही रहेगा, कार्यगति में सुधार होगा।
  • कन्या राशि – आशानुकूल सफलता से हर्ष होगा, दैनिक व्यवसाय में सुधार होगा, चिन्ता मुक्त होवेंगे।
  • तुला राशि – आर्थिक योजना सफल होंगी, समय पर सोचे कार्य बनेंगे तथा किसी के धोखे से बचेंगे।
  • वृश्चिक राशि – दूसरों के कार्य में भटकना पड़ेगा, समय को बचाकर चलने से लाभ ही होगा।
  • धनु राशि – दैनिक कार्यगति में सुधार होगा, कार्ययोजना फलीभूत होगी, कार्य का ध्यान रखें।
  • मकर राशि – किसी का कार्य बनने से संतोष होगा, चिन्ता निवृत्ति होगी, व्यवसायिक स्थिति में सुधार होगा।
  • कुंभ राशि – स्त्री शरीर कष्ट, मानसिक बेचैनी रहेगी, उद्विघ्नता व विद्या बाधा, कार्य बाधा बनेगी।
  • मीन राशि – भाग्य का सितारा प्रबल हो, बिगड़े कार्य बनेंगे, मित्र सहयोगियों से लाभ होवेंगा।
     
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