कूनो नेशनल पार्क में पहले दिन चीतों ने भैंसे के मीट का नाश्ता किया। बता दें, अफ्रीका के नामीबिया से आए चीतों को शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश वर्मा के अनुसार चीते पिछले 3 दिन से भूखे थे तो पीएम के कार्यक्रम का समापन हो जाने के बाद बाड़े में छोड़े गए। चीतों को भैंसे के मांस का सेवन कराया। वहीं, उन्होंने बताया कि अभी चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें यही भोजन दिया जाएगा। उसके बाद उन्हें चेकअप के बाद बड़े बाड़े में छोड़ा जाएगा। फिलहाल चीतों से मिलने के लिए पर्यटकों को 3 महीने इंतजार करना पड़ेगा।
गुड़हल के फूलों से दूर होगी बालों की कई सारी समस्याएं
घने बाल चेहरे की सुंदरता बढ़ा देते हैं। लेकिन कई बार गलत जीवनशैली और केमिकल के इस्तेमाल की वजह से बाल रूखे और बेजान होने लगते हैं। वहीं धूल-मिट्टी. प्रदूषण बालों के झड़ने का कारण बन जाते हैं। आप चाहें तो देसी नुस्खों से भी बालों की सेहत तो सुधार सकते हैं। अगर बालों की चमक खो गई है और बाल झड़ रहे हैं तो गुड़हल के फूल को इस्तेमाल करें। ये बालों को फिर से लंबा और घना बनाने में मदद करेंगे। तो आइये जानते है। कैसे इस्तेमाल करें गुड़हल के फूल।
बालों की चमक वापस पाने के लिए
अगर बालों की चमक और नमी खो गई है तो गुड़हल के फूल की पंखुड़ियों को पीस लें। फिर इसके पेस्ट को एलोवेरा जेल में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस हेयर मास्क को बालों की जड़ों से लेकर सिरे तक लगाएं और सूखने दें। करीब एक घंटे बाद धो लें। सप्ताह में कम से कम दो बार इस हेयर मास्क को लगान से बालों की चमक और नमी लौट आएगी।
शैंपू की जगह करें इस्तेमाल
अगर बालों में शैंपू करने से बाल टूटते और झड़ते हैं तो केमिकल वाले शैंपू की बजाय गुड़हल से बालो को धोएं। इसके लिए गुड़हल के फूल को सुखाकर पाउडर बना लें। फिर इस पाउडर को बेसन में मिलाकर बालों को धोएं। इससे बाल साफ भी होंगे और उन्हें मजबूती भी मिलेगी।
रूसी होगी दूर
अगर आप रूसी की वजह से परेशान हैं तो गुड़हल के फूल को पीस लें। इस पेस्ट को मेहंदी के पाउडर और नींबू के रस को मिला लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों पर लगाकर छोड़ दें। करीब एक घंटे बाद बाल धो लें। सप्ताह में दो से तीन बार लगाने से बालों की रूसी कम हो जाएगी।
अगर आप अपने बालों को बढ़ाना चाहती हैं तो आंवला के पाउडर में गुड़हल के फूल को मिलाकर बालों में लगाएं। इस पेस्ट को लगाने से बालों को पोषण मिलता है। साथ ही बालों की ग्रोथ भी होती है।
चाइनीज सोया चिली बनाने की आसान सी रेसिपी…..
ट्राई करें चटपटी इंडो चाइनीज सोया चिली। इस रेसिपी का चटपटा स्वाद बारिश के मौसम का मजा डबल कर सकता है। तो आइए जानते हैं कैसे बनाई जाती है ये स्ट्रीट स्टाइल सोया चिली रेसिपी।
सामग्री-
सोयाबीन-1 कप, नमक-स्वादानुसार, कॉर्नफ्लोर-4 चम्मच, हल्दी पाउडर-1 चम्मच, गरम मसाला-1 चम्मच, काली मिर्च-1 चम्मच, लाल मिर्च पाउडर-1 चम्मच, अदरक-लहसुन का पेस्ट-1 चम्मच, हरी मिर्च-2 (बारीक कटा हुआ), ब्लैक सोया सॉस-2 चम्मच, रेड चिल्ली सॉस-2 चम्मच, टोमैटो केचप-2 चम्मच, हरे प्याज-2 (बारीक कटा हुआ), तिल-1 चम्मच, तेल-जरूरत अनुसार
सोया चिली रेसिपी बनाने का तरीका-
सोया चिली बनाने के लिए सबसे पहले सोया को गर्म पानी में 10 मिनट के लिए भिगोकर रखें। इसके बाद सोयाबीन से पानी अलग करके उसमें सारे मसाले डाल दें। अब इसमें कॉर्नफ्लोर और अदरक और लहसुन का पेस्ट डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स करते हुए फ्राई कर लें। अब एक पैन में तेल, प्याज, हरी मिर्च के साथ सभी सब्जियां डालकर हल्का फ्राई कर लें। इसमें सभी तरह से सॉस मिक्स करें। अब इसमें कॉर्नफ्लोर और पानी मिलाकर इसमें सोयाबीन डालें। सोया चिली बनकर तैयार है। आप इसे गर्मा गर्म एक प्याली चाय के साथ सर्व कर सकते हैं।
कॉरपोरेट के चक्कर में घाटे के जंजाल में फंसी बिजली कंपनियां
भोपाल । मध्य प्रदेश की सियासत में बिजली बड़ा मुद्दा रही है। प्रदेश सरकार ने बिजली कंपनियों की स्थिति को सुधारने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किया है, लेकिन स्थिति यह है कॉरपोरेट के चक्कर में कंपनियां लगातार घाटे के जंजाल में फंसती जा रही है। दरअसल, बड़े कॉरपोरेट ने बिजली कंपनी के नियमों का गलत फायदा लेकर करोड़ों रुपए का घाटा पहुंचाया। सीएजी ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व कर्मी का प्रबंधन करने भारत सरकार से अधिक मात्रा में आंतरिक ऋण एवं कर्ज लेकर किया है। पिछले वर्ष की तुलना में 2020-21 के दौरान आंतरिक ऋण 54.242 करोड़ बड़ा है। साथ ही केंद्र से 10929 करोड़ रुपए अग्रिम भी लिया गया कर्ज एवं अग्रिम में वृद्धि ऋण प्राप्त के रूप में प्रदान किए गए वस्तु एवं सेवा कर मुआवजे के बदले थी। इसी तरह लोकप्रिय 6471 करोड़ रुपए था जो पिछले वर्ष की तुलना में 89.65 प्रतिशत अधिक रहा। बजट अनुमानों में राजस्व घाटा वन 17514 करोड़ अपेक्षित था लेकिन प्राप्त नहीं किया जा सका। को विद महामारी के दौरान सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में 1430 करोड़ों रुपए खर्च किए जो लॉक डाउन की अवध में 2199 करोड़ तक बढ़ा है। जबकि महामारी से संबंधित उपायों पर 256.82 करोड़ों रुपए खर्च किए।
4 साल में घाटा 17302 करोड़ बढ़ा
विधानसभा में पेश की गई सीएजी की रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले 4 साल में बिजली कंपनियों का घाटा 17302 करोड रुपए बढ़ गया। 31 मार्च 2016 को यह घाटा 35667 करोड़ था 31 मार्च 2020 में बढ़कर 52978 करोड रुपए हो गया। मंडीदीप की एचईजी का मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के साथ 44000 केवीए का अनुबंध था। जनवरी 2018 तक कंपनी की एचटी टैरिफ अनुसूची की टैरिफ श्रेणी एच वी 3.1 में बिलिंग की जा रही थी। उपभोक्ता के अनुरोध पर कंपनी ने उद्योग की टैरिफ श्रेणी को एचवी 3.4 में बदल दिया। इन दोनों श्रेणियों में उपभोक्ता के लिए जाने बिजली प्रभार में अंतर था। बिजली कंपनी ने बिलिंग की श्रेणियों में बदलाव करने के लिए जरूरी अनुमति तक नहीं ली। इसके कारण कंपनी को फरवरी 18 से सितंबर 20 तक कुल 61.81 करोड़ का नुकसान हुआ। जल संसाधन विभाग राजगढ़ को बिजली उपकरण उपलब्ध कराने में मध्य क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी को 11.55 करोड़ का नुकसान हुआ। ओ एस पी नगर मंडल धामनोद को बिजली कनेक्शन देने में विलंब हुआ। इससे मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को 19.44 करोड़ का नुकसान हुआ। बिजली का बिल ना देने के बाद भी दो कंपनियों हिंदी सिंटेक्स लिमिटेड और मे. वैष्णव फाइबर लिमिटेड के बिजली कनेक्शन नहीं काटने से 10.89 करोड़ का नुकसान हुआ।
लाइन लॉस से बिगड़ी हालत
दूसरी तरफ प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने माना कि लाइन लॉस और घाटे में कंपनियां बिगड़ रही हैं। लेकिन सुधार कार्यक्रमों के जरिए बिजली कंपनियों की व्यवस्था बदलने की कोशिश की जा रही है। ट्रिपिंग में कमी आई है। मेंटेनेंस के समय में भी कमी आई है। सुधार की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। बिजली कंपनियों में गुजरात मॉडल लागू करने की मांग पर ऊर्जा मंत्री ने कहा तकनीकी अमले की कमी को पूरा किया जाएगा, ताकि प्रदेश की बिजली कंपनियों की रेटिंग में सुधार हो सके।
छात्रवृत्ति के लिए कालेजों को 15 अक्टूबर तक देना है विद्यार्थियों की जानकारी
भोपाल । प्रदेश सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजना के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने आवेदन मांगे है। विश्वविद्यालय व कालेजों को विद्यार्थियों की जानकारी देना है। विभाग ने 15 अक्टूबर तक का समय रखा है। अधिकारियों के मुताबिक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं का डाटा देना है। हालांकि, मेधावी और संभल योजना में भी विद्यार्थियों को राशि आवंटित की जाएगी। सत्र 2022-23 में कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें बीए, बीकाम, बीएससी, एमए, एमकाम और एमएससी पाठ्यक्रम शामिल है। सरकारी और निजी कालेजों में करीब 85 से 90 प्रतिशत सीटें फुल हो चुकी हैं। आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या करीब 45 प्रतिशत है, जिन्हें छात्रवृत्ति योजनाओं का फायदा मिलना है। पिछले साल से उच्च शिक्षा विभाग ने छात्रवृत्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव कर दिया था। विद्यार्थियों के बजाए अब कालेजों को आवेदन करना है। अधिकारियों के मुताबिक, सेकंड और फाइनल ईयर के विद्यार्थियों का डाटा भी कालेजों को देना है। प्रत्येक छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड अनिवार्य से देना है। उसके बिना योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा।
नहीं मिली राशि
बीते सत्र छात्रवृत्ति आवंटन में गड़बडिय़ां भी सामने आई हैं। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं को राशि नहीं मिली है। इसके पीछे कई वजह रही है, जिसमें कालेजों से पर्याप्त जानकारी नहीं मिलना। साथ ही विद्यार्थियों के दस्तावेज अधूरे होना। वहीं शासन ने भी छात्रवृत्ति समय पर आवंटित नहीं की। इसके चलते सैकड़ों विद्यार्थियों ने सीएम हेल्पलाइन पर छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत दर्ज करवाई है।
बढ़ सकती है तारीख
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने की तारीख आगे बढ़ सकती है, क्योंकि अभी तक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय समेत कई विश्वविद्यालयों में प्रवेश नहीं हुए हैं। अगले कुछ दिनों में काउंसलिंग रखी है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में विद्यार्थियों को सीटें आवंटित होंगी। अधिकारियों की माने तो 30 से 45 दिन आवेदन के लिए और मिलेंगे।
पीसीसी चीफ के चयन का फैसला सोनिया गांधी पर छोड़ा
भोपाल । मानस भवन में कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर बैठक आयोजित हुई। बैठक में मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने कहा मैं जिंदा कांग्रेस देखना चाहता हूं। अगर कोई फेसबुक, व्हाट्सएप पर चार लोगों के साथ फोटो भेज देंगे तो ये नहीं चलेगा। जमीन पर काम करना पड़ेगा। सड़क पर आएंगे, लाठी खाएंगे, जेल जाएंगे तब कांग्रेस जिंदा होगी। दिल्ली से आने वाले कार्यक्रम सड़कों पर दिखना चाहिए न कि बंद कमरों में। उन्होंने कहा कि मैं हर जिले में जाकर एक-एक व्यक्ति को पहचानूंगा। मैं खुद देखूंगा कि जिला कांग्रेस कमेटी, हमारे विधायक और पदाधिकारी क्या काम कर रहे हैं। कौन क्या काम कर रहा है। कितनी मेहनत कर रहे है और किस तरह से काम कर रहे हैं। इस बैठक में मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल, कांग्रेस निर्वाचन अधिकारी रामचंद्र खुटिया, पीसीसी चीफ कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविन्द सिंह सहित कांग्रेस के तमाम आला नेता इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में प्रदेश भर से 800 डेलीगेट्स संगठन चुनाव के लिए पहुंचे। इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने बैठक में कहा एआईसीसी से जो प्रोग्राम आता है वो सड़क का प्रोग्राम होता है सड़क का प्रोग्राम नहीं होता। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी ने कहा मैं हर जिले में जाकर एक-एक व्यक्ति को पहचानूंगा। मैं खुद देखूंगा कि जिला कांग्रेस कमेटी, हमारे विधायक और पदाधिकारी क्या काम कर रहे हैं। कौन क्या काम कर रहा है। कितनी मेहनत कर रहा है किस तरह से आप काम कर रहे हैं। हमारी मप्र में सरकार नहीं गिरती लेकिन कुछ जयचंदों के कारण सरकार चली गई। कोई बात नहीं राजनैतिक पार्टियों के सामने चुनौतियां आती रहती हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए हम मप्र में फिर से सरकार बनाएंगे।
हम फिर सरकार बनाएंगे
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि हमारी मप्र में सरकार नहीं गिरती लेकिन कुछ जयचंदों के कारण सरकार चली गई। कोई बात नहीं राजनैतिक पार्टियों के सामने चुनौतियां आती रहती हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए हम मप्र में फिर से सरकार बनाएंगे। अग्रवाल ने कहा आज सभी प्रतिनिधियों से मिलने आया हूं। हम बैठकर बातचीत करेंगे। राजनीति में डायलॉग्स होने जरूरी हैं। संवाद होता रहना चाहिए।
पीसीसी का निर्णय सोनिया पर छोड़ा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी डेलीगेट्स की बैठक में कांग्रेस के संगठन चुनाव प्रभारी रामचंद्र खुटिया की मौजूदगी में सीएलपी लीडर डॉ. गोविन्द सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के चयन का निर्णय सोनिया गांधी पर छोडने का प्रस्ताव रखा। प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल और पीसीसी चीफ कमलनाथ की मौजूदगी में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ।
27 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव
बैठक में प्रदेश भर से 800 डेलीगेट्स संगठन चुनाव के लिए पहुंचे। बता दें इसी माह 27 सितंबर को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है। प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव इसी सप्ताह होने की तैयारी थी, लेकिन इसके लिए किसी ने नामांकन नहीं भरा। अब पीसीसी चीफ के चयन का निर्णय भी सोनिया गांधी करेंगी।
हे कागदेव ! पितृपक्ष में सद्बुद्धि दीजिए
हे ! कागदेव आप कलयुग के पितृदेव हैं। हम आपकी श्रेष्ठता को नमन करते हैं। हम समदर्शी सृष्टि का भी अभिनंदन करते हैं, जिसने आपको पितृपक्ष यानी पखवारे भर के लिए श्रेष्ठ माना है। लेकिन आपका सम्मान देख इहलोकवासी पिताम्हों को ईर्ष्या होती है। कागदेव आप नाराज मत होइएगा। लेकिन धरती पर जीवित उन लाखों पिताम्हों की पीड़ा स्वर्गवासी पितरों को जरुर पहुंचा देना। कहा जाता है कि आप पितरों के प्रतिरुप हैं, लेकिन आजकल आप भी गायब हो चलें हैं। श्राद्ध की बलि के लिए आपको लोग खोजते फिर रहे हैं, लेकिन आप गायब हैं। इंसान खुद नहीं बता पा रहा कि आपके के गायब होने कि वजह क्या है। आप अगर यूँ ही गायब रहते हैं तो बाजारबाद बेहद खुश हो जाएगा। वह आपका प्रतिरुप बाजार में उतार कर पितृपक्ष में अपना बाजार चमकाएगा। हे! कागभुसूंडी जी आप बजारवाद के सिद्धांत को जानिए और पितरों की आत्मशांति के लिए प्रगट होइए।
हे कागदेव जी! धरती लोकवासी घोर कलयुग में अपने जिंदा पिताम्हों को घास भले न डालते हों, लेकिन पितृपक्ष में स्वर्गवासी पितरों की आत्ममाओं का तर्पण अवश्य करते हैं। धरा पर सशरीर मौजूद पिताम्हों की उपेक्षा और पीड़ा का ख्याल नहीँ रखते हैं। आपसे यह कहते हुए मुझे बेहदपीड़ा हो रही है कि आप कौवे के रुह में भी पितृपक्ष में जिंदा इंसानों से अधिक सम्मान पाते हैं। हे श्रेष्ठ चार्तुय !निवेदन है कि धरती पर हमारे जो सदेह माता-पिता हैं, जो परित्यक्त और उपेक्षित हैं उन्हें भी सम्माननीय बनाइए। अधुना पीढ़ी को कुछ ज्ञान दीजिए।
हे काग स्वरुप में अवरित पितरदेव। आप तो पखवारे भर हलुवा-पूड़ी मेवा-मिश्री और खोए से बनी मिठाइयों के साथ भांति-भांति के पकवान छक कर खाते हैं। पूरे पखवारे भोज और सम्मान उड़ाते हैं। आप खुद के तर्पण के लिए खोवे की व्यवस्था कराते हैं। गंगा जल की तिलांजलि से प्यास बुझाते हैं। ब्राहमणों पर धन की वर्षा करवाते हैं। वैदिकमंत्रों के बीच पिंड़दान लेते हैं, लेकिन धतरतीवासी अपने वंशजों का जरा सा ख़याल नहीँ करते हैं। वह बेचारे जर्जर शरीर में धरतीलोक में जिंदालाश की तरह पड़े हैं। कोई वृद्धा आश्रम में पड़ा है तो कोई सीलन भरे कमरे में। पितर पखवारे में भी उन्हें कोई घास नहीं डालता। इनकी संख्या दो-चार नहीं लाखों में है। वृद्धा आश्रमों में जीवन गुजारते हैं। संताने देश-विदेश में स्वांतः सुखाय का जाप करती हैं और मां-बाप को बोझ समझती हैं। परलोकवासी होने के बाद झूठे सम्मान में तेरहवीं पर देशी घी का भोज करते हैं। हे कागदेव ! ऐसे प्राणियों को आप कब सद्बुद्धि दोगे।
राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 सितम्बर 2022)
मेष राशि – इष्ट मित्रों से लाभ, स्त्री वर्ग से भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, रुके कार्य एक-एक करके बनेंगे।
वृष राशि – आपके प्रत्येक कार्य में बाधा होगी, लाभकारी कार्य हाथ से निकल सकते हैं, सावधानी से आगे बढ़ें।
मिथुन राशि – धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष कार्य में सुधार, कार्य अनुकूल होवें, ध्यान देवें।
कर्क राशि – योजनायें फलीभूत होंगी, ध्यान देवें, दैनिक सफलता के साधन जुटायेंगे, प्रलोभन से बचें।
सिंह राशि – प्रतिष्ठा बाल-बाल बचे, अनेक समस्याओं से मन असमंजस में रहेगा, तथा कार्य से बैचेनी होगी।
कन्या राशि – स्त्री वर्ग से तनाव के बाद शांति तथा भाग्य का सितारा साथ देगा, चित्त प्रसन्न रहेगा।
तुला राशि – भाग्य का सितारा साथ देगा, समय अनुकूल है, कार्य कुशलता से संतोष अवश्य ही होगा।
वृश्चिक राशि – आर्थिक योजना सफल होगी, समय पर सोचे हुए कार्य बनेंगे, कार्य योजना पर विचार होगा।
धनु राशि – अर्थ लाभ, कार्य कुशलता में बाधा, स्वास्थ नरम रहेगा, पराक्रम उत्साहवर्धक होगा।
मकर राशि – उद्विघ्नता बनी ही रहेगी, किसी उत्तम समाचार से हर्ष होगा तथा प्रसन्नता बनी ही रहेगी।
कुंभ राशि – विरोधियों से परेशानी, चिन्ता व व्याग्रता बनी रहे, विपरीत परिस्थितियों का सामना करना होगा।
मीन राशि – आय-व्यय सामान्य रहेगा, शारीरिक कष्ट, कार्य क्षमता मंद रहेगी, कार्य में रुकावट बनेगी।
आत्मा का दिव्य भाव
जो व्यक्ति दिव्य पद पर स्थित है, वह न किसी से ईष्या करता है और न किसी वस्तु के लिए लालायित रहता है। जब कोई जीव इस संसार में भौतिक शरीर से युक्त होकर रहता है, तो समझना चाहिए कि वह प्रकृति के तीन गुणों में से छूट जाता है। लेकिन जब तक वह शरीर से बाहर नहीं आ जाता, तब तक उसे उदासीन रहना चाहिए। उसे भगवान की भक्ति में लग जाना चाहिए जिससे भौतिक देह से उसका ममत्व स्वत: विस्मृत हो जाए। जब मनुष्य भौतिक शरीर के प्रति सचेत रहता है तो वह केवल इन्द्रियतृप्ति के लिए कर्म करता है, लेकिन जब चेतना कृष्ण में स्थानान्तरित कर देता है, तो इन्द्रियतृप्ति स्वत: रुक जाती है। मनुष्य को इस भौतिक शरीर की आवश्यकता नहीं रह जाती है और न उसे भौतिक शरीर के आदेशों के पालन की आवश्यकता रह जाती है। शरीर के भौतिक गुण कार्य करेंगे, लेकिन आत्मा ऐसे कार्य से पृथक रहेगी। वह न तो शरीर का भोग करना चाहती है, न उससे बाहर जाना चाहती है। इस प्रकार दिव्य पद पर स्थित भक्त स्वयमेव मुक्त हो जाता है। उसे प्रकृति के गुणों के प्रभाव से मुक्त होने के लिए किसी प्रयास की कोई आवश्यकता नहीं रह जाती। भौतिक पद पर स्थित व्यक्ति शरीर को मिलने वाले तथाकथित मान-अपमान से प्रभावित होता है, लेकिन दिव्य पद पर आसीन व्यक्ति ऐसे मिथ्या मान-अपमान से प्रभावित नहीं होता। वह इसकी चिन्ता नहीं करता कि कोई व्यक्ति उसका सम्मान करता है या अपमान। वह उन बातों को स्वीकार कर लेता है, जो कृष्णभावनामृत में उसके कर्त्तव्य के अनुकूल हैं, अन्यथा उसे किसी भौतिक वस्तु की आवश्यकता नहीं रहती। वह प्रत्येक व्यक्ति को जो कृष्णभावनामृत के सम्पादन में उसकी सहायता करता है, मित्र मानता है और तथाकथित शत्रु से भी घृणा नहीं करता। वह समभाव वाला होता है और सारी वस्तुओं को समान धरातल पर देखता है, क्योंकि वह इसे भलीभांति जानता है कि उसे इस संसार से कुछ लेना-देना नहीं है।
शेन बॉन्ड को बनाया गया MI अमीरात का कोच
मुंबई इंडियंस के स्वामित्व वाली एमआई अमीरात टीम ने संयुक्त अरब अमीरात के इंटरनेशनल लीग टी20 के उद्घाटन संस्करण के लिए न्यूजीलैंड के शेन बॉन्ड को मुख्य कोच बनाया है। बॉन्ड आईपीएल में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी कोच हैं। उनके सहयोग के लिए भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल को बल्लेबाजी, पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार को गेंदबाजी और न्यूजीलैंड के पूर्व ऑलराउंडर जेम्स फ्रैंकलिन को एमआई अमीरात का फील्डिंग कोच बनाया गया है।मुंबई इडियंस के पूर्व कोच रॉबिन सिंह का एमआई अमीरात का जनरल मैनेजर नियुक्त किया गया है। 47 वर्षीय बॉन्ड ने कहा, ''नई टीम बनाना हमेशा रोमांचक होता है और मैं मुंबई इंडियंस की विरासत को आगे बढ़ाने और अपने खिलाड़ियों को खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरित करने के लिए उत्सुक हूं।''















