Home Blog Page 5015

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (22 सितम्बर 2022)

0
  • मेष राशि :- तनाव, क्लेश व अशांति, मानसिक विभ्रम, किसी घटना का शिकार होने से बचें।
  • वृष राशि – असमंजस की स्थिति क्लेशप्रद रखे, विरोधी तत्व परेशान करेंगे ध्यान रखें।
  • मिथुन राशि – समय की अनुकूलता से लाभांवित होंगे, विरोधी तत्व परेशान अवश्य करेंगे।
  • कर्क राशि – इष्ट-मित्र सुखवर्धक हों, व्यावसायिक क्षमता अनुकूल होगी, समय का ध्यान रखें।
  • सिंह राशि – कुटुम्ब की समस्यायें सुलझें, स्त्री-वर्ग से हर्ष-उल्लास हो, कार्य पर ध्यान दें।
  • कन्या राशि – अर्थ-लाभ, कुटुम्ब की समस्यायें सुलझें, स्त्री-वर्ग से हर्ष-उल्लास होगा।
  • तुला राशि – विवादग्रस्त हेने से बचें अन्यथा संकट में फंस सकते हैं, धैर्य से काम लें।
  • वृश्चिक राशि – अधिकारी वर्ग सहायक बनेंगे, कार्यवृत्ति में सुधार होगा, सफलता मिलेगी।
  • धनु राशि – व्यर्थ विवाद, अनावश्यक विभ्रम, धन का व्यय, स्थिति कष्टप्रद बनेगी।
  • मकर राशि – योजनायें फलीभूत हों, कार्य कुशलता से संतोष, समृद्धि के साधन जुटायें।
  • कुंभ राशि – विरोधी तत्व परेशान करेंगे, व्यर्थ विभ्रम, मानसिक बेचैनी बनेगी।
  • मीन राशि – सोचे हुये कार्य समय पर पूरे होंगे किन्तु अधिक ढीलेपन से परेशानी होगी।
     

पूर्व क्षेत्र कंपनी ने अनुकंपा नियुक्तियों में दी बड़ी राहत

0

भोपाल : म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिवंगत बिजली कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने में बड़ी राहत दी गई है। यदि दिवंगत बिजली कर्मी के परिवार का आश्रित सदस्य 12 वीं कक्षा उत्तीर्ण है, तो उसे कार्यालय सहायक के तृतीय श्रेणी के पद पर नियमानुसार अनुकंपा नियुक्ति दे दी जायेगी। इस पद के लिए आवश्यक योग्यता हासिल करने के लिए उसे तीन वर्ष का समय भी दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि पहले आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता प्राप्त करने के लिए तीन वर्ष का समय दिया जाता था तथा योग्यता प्राप्त करने के बाद आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाती थी। प्रदेश की तीनों वितरण कंपनियों में यह सुविधा सर्वप्रथम पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दी जा रही है।

कंपनी के एम.डी. श्री अनय द्विवेदी ने बताया कि बिजली कर्मियों के दिवंगत हो जाने पर उनके आश्रितों को भरण पोषण के लिए तत्काल नौकरी की जरूरत रहती है। पूर्व में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवश्यक योग्यता हासिल करने के लिए उन्हें तीन वर्षो तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे अनुकंपा नियुक्ति का उद्वेश्य पूर्ण नहीं हो रहा था। श्री द्विवेदी ने कहा कि कंपनी के इस निर्णय से दिवंगत कर्मियों के परिवार को निश्चित रूप से राहत मिलेगी तथा वे निर्धारित की गई अवधि में वांक्षित योग्यता हासिल करने में भी सक्षम होंगे।

कंपनी द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार दिवंगत कंपनी सेवक के आश्रित को कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए कम्प्यूटर डिप्लोमा तथा कम्प्यूटर टाइपिंग दक्षता प्रमाण-पत्र परीक्षा मान्यता प्राप्त संस्था से उत्तीर्ण किए जाने के लिए तीन वर्ष का समय दिया जायेगा। यह प्रावधान सभी लंबित पात्र आवेदनों पर भी लागू होंगे तथा लंबित आवेदनों का निराकरण संशोधित अनुकंपा नियुक्ति नीति-2018 के प्रावधानों के अनुरूप किया जायेगा।

विदित हो कि कंपनी द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त 939 पात्र आवेदनों में से 552 आवेदनों का निराकरण करते हुए तृतीय श्रेणी के पद पर 265 एवं चतुर्थ श्रेणी के पद पर 287 अनुकंपा नियुक्तियाँदी जा चुकी हैं। शेष 387 आवेदनों पर कार्यवाही की जा रही है।
 

प्रोजेक्ट मुस्कान से लौटा बच्चों का स्वास्थ्य और माँ की मुस्कान

0

भोपाल : सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण एवं बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल ने जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में संचालित नवीन पोषण पुनर्वास केन्द्र का सोमवर को निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्री पटेल ने केन्द्र से उपचार के बाद स्वस्थ हुए 30 बच्चों को खिलौने और मेडिकल किट के साथ उन्हें घर रवाना किया। माताओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। श्री पटेल ने प्रोजेक्ट मुस्कान में किये जा रहे कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की और कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह सहित पूरी टीम को बधाई दी।

मंत्री श्री पटेल ने माताओं से कहा कि वे स्वस्थ हुए बच्चों के पोषण आहार और साफ-सफाई का आगे भी ध्यान रखें। केन्द्र में डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जो समझाईश दी गई है, उसका प्रचार-प्रसार अपने आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी करें, जिससे हर बच्चा स्वस्थ रहे और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़े।

कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह ने बताया कि जब ये माताएँ 14 दिन पहले अपने बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र लेकर आयी थीं, तो उनके चेहरे पर चिंता और घबराहट की लकीरें साफ देखी जा सकती थीं। आज इनके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान देखने को मिल रही है, जो प्रोजेक्ट मुस्कान के नाम और उद्देश्य को सार्थक बना रहीं है।
 

150 करोड़ की लागत से लगेंगे ऑटोमेटेड मोटर फिटनेस सेंटर : परिवहन मंत्री राजपूत

0

भोपाल : परिवहन एवं राजस्व मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों पर लगभग 150 करोड़ रूपये की लागत से कॉमर्शियल वाहनों की फिटनेस के लिये ऑटोमेटिव व्हीकल फिटनेस सेंटर की स्थापना की जाना प्रस्तावित है। सेंटर्स की स्थापना से फिटनेस प्रमाण-पत्र देने के पूर्व वाहनों की फिजिकल चेकिंग एक ही स्थान पर हो जायेगी। वाहन दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में ऑटोमेटिव मोटर फिटनेस सेंटर की स्थापना के निर्देश दिये हैं।

परिवहन मंत्री श्री राजपूत मंगलवार को मंत्रालय में प्रमुख सचिव परिवहन श्री फैज अहमद किदवई, परिवहन आयुक्त श्री संजय कुमार झा एवं कंसलटेंसी कम्पनी आई-केट के अधिकारियों के साथ प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वाहनों का फिटनेस मेन्युअली किया जा रहा है।

संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि एक सेंटर की स्थापना पर लगभग 15 करोड़ रूपये का व्यय होगा। एक सेंटर की स्थापना से एक साल में लगभग 40 हजार वाहनों की फिटनेस एवं जाँच की जा सकेगी। फिटनेस सेंटर में वाहन की चेकिंग के दौरान पॉल्यूशन, ऑइल लीकेज, ब्रेक, लाइट्स, व्हील अलाइनमेंट, स्पीड गवर्नर आदि की मशीनों से जाँच के बाद ही फिटनेस प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने पंडित श्रीराम शर्मा की जयंती पर नमन किया

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गायत्री परिवार के संस्थापक आध्यात्मिक लेखक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की 111वीं जयंती पर मुख्यमंत्री निवास सभाकक्ष में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने बादाम, टिकोमा और गुलमोहर के पौधे लगाए

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट पार्क भोपाल में आहान शिक्षा संस्कृति और समाज कल्याण समिति, भोपाल के पदाधिकारियों के साथ बादाम, टिकोमा और गुलमोहर के पौधे लगाए। पौध-रोपण में श्री आलोक चटर्जी, श्री प्रतीक संचेती, सुश्री ममता चंद्रशेखर और श्री बलवीर सिंह राजपूत शामिल थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ दो नन्हीं बच्चियों सानवी और श्रेया बघेल ने भी पौधे लगाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान को डा. ममता ने "स्वदेश" पुस्तक भेंट की। पौध-रोपण में मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष एवं विधायक बालाघाट श्री गौरीशंकर बिसेन भी शामिल हुए।

पौधों का महत्व

आज लगाए गए गुलमोहर की सुव्यवस्थित पत्तियों के बीच बड़े-बड़े गुच्छों में खिले फूल इस वृक्ष को अलग ही आकर्षण प्रदान करते हैं। यह वृक्ष औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। टिकोमा को चमकीले पीले फूलों के लिए जाना जाता है। फूलों के गुच्छे सुगंधित होते हैं। बादाम एक मेवा है जो तकनीकी दृष्टि से बादाम के पेड़ के फल का बीज है। बादाम के पेड़ में गुलाबी और श्वेत रंग के सुंगधित फूल लगते हैं।
 

आईटीआई विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देने पहली बार राज्य स्तरीय दीक्षांत समारोह की पहल

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आज प्रदेश में पहली बार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं का राज्य स्तरीय दीक्षांत समारोह हुआ है। हजारों विद्यार्थियों को समारोह पूर्वक प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप कुछ विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। तकनीकी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क के विकास के साथ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के बाद आवश्यक सुविधाएँ दी जा रही हैं। हमारे विद्यार्थी विदेश में उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए जा रहे हैं। राज्य के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। तकनीकी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार क्षेत्र में निरंतर प्रयास बढ़ाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी आएंगे महाकाल की नगरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की हाल ही प्रदेश यात्रा में श्योपुर जिले में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के प्रवेश के कार्यक्रम और कराहल में महिला स्व-सहायता सम्मेलन के प्रति प्रदेशवासियों में काफी उत्साह रहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी अगले माह पुनः मध्यप्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने उज्जैन में महाकाल महाराज कॉरिडोर "शिव सृष्टि" के उद्घाटन के लिए सहमति प्रदान की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी कॉरिडोर के प्रथम चरण के शुभारंभ के लिए 11 अक्टूबर को आयेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि सोमवार को उज्जैन में कॉरीडोर के प्रथम चरण में संपन्न कार्यों का उनके द्वारा अवलोकन किया गया।
 

मुख्यमंत्री ने महाकाल कोरिडोर का किया निरीक्षण, बोले-11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे

0

उज्जैन ।   सोमवार 11 बजे सीएम शिवराज उज्जैन पहुंचे। सबसे पहले नृसिंह घाट के समीप समन्वय परिवार के आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां पर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया।महाकाल कारिडोर का निरीक्षण उन्हे गोल्फ कार्ट वाहन में बैठाकर कलेक्टर ने करवाया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। सोमवार पूर्वान्ह उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री ने दोपहर में 750 करोड़ की लागत से निर्मित किए गए महाकाल कोरिडोर का निरीक्षण किया।उन्हें पूरे कोरिडोर में गोल्फ कोर्ट वाहन से कलेक्टर आशीषसिंह ने कार्यों का विस्तार से निरीक्षण करवाया। इस दौरान सांसद अनिल फिरोजिया एवं उच्च शिक्षामंत्री मोहन यादव भी उनके साथ थे।कोरिडोर अवलोकन के बाद मिडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण के कार्य पूर्णता की और हैं। प्रधानमंत्री जी सांस्कृतिक पताका भी लेकर चल रहे हैं। पूरे कार्य देखें हैं कार्य से संतुष्ट हुं। 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी महाकाल महाराज की नगरी में पधारेंगे, प्रथम चरण के कार्यों का लोकार्पण करेंगे। हम आज से ही लोकार्पण कार्यक्रम की तैयारियां प्रारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम से प्रदेश का हर शहर, गांव गांव जूडे इसकी भी योजना बना रहे हैं। आज में मुख्य रूप से इसलिए आया था कि एक बार खूद इन कार्यों को अपनी आंखों से देख लूं। इसके बाद ही हमने ये फैसला लिया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री एक निजी होटल में संतों के कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां वैदिक बटुको ने मंत्रोच्चार कर साथ ही आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंदजी सहित सभी उपस्थित संतों को नमन कर आशीर्वाद लिया। 

महाकालेश्वर कॉरिडोर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकालेश्वर कॉरिडोर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उज्जैन दर्शन के लिये देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु यहां से उनके मन में भगवान महाकालेश्वर और मन्दिर के कॉरिडोर की अमिट छाप लेकर जायें। मुख्यमंत्री द्वारा महाकालेश्वर कॉरिडोर में निर्मित नवग्रह मूर्तियों, भगवान शिव से सम्बन्धित कथाओं पर आधारित चित्रों का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्बन्धित चित्र के नीचे सरल भाषा में उसका विवरण लिखवाया जाये, ताकि आमजन को आसानी से सम्बन्धित कथा की जानकारी प्राप्त हो।महाकाल कोरिडोर के प्रथम चरण में 316 करोड़ के कार्य क्रियान्वित किए गए हैं।उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ आशीष पाठक के अनुसार 316 करोड़ में मुख्य रूप से 224 करोड़ से कोरिडोर डेवलमेंट,20करोड़ से रूद्रसागर सीवेज नेटवर्किंग,16 करोड़ से सरफेज पार्किंग सोलर पैनल,,3.25 करोड़ से महाकाल द्वार ,इसके साथ ही फसाड़ लाईटिंग महाकाल मंदिर एवं बाहर ,आडियो गाईड एवं ई-कार्ट के कार्य शामिल हैं।

लाल पुल – हरसिद्धि मार्ग अब ‘ब्रह्मलीन पद्मभूषण गिरी महाराज’ होगा

मुख्यमंत्री निजी होटल में सद्गुरूदेव ब्रह्मलीन पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने श्री सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज के श्रीचरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि उनका तेज ओजस्वी था। उनकी वाणी सुनते थे तो साक्षात स्वामी विवेकानन्द जैसी वाणी सुनाई देती थी। एक नई ऊर्जा का प्रवाहमान था। ऐसे ओजस्वी एवं सनातन धर्म की ध्वजा को फहराने में अग्रणी श्री गिरि महाराज को श्रद्धा सहित नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने के तीन मार्ग हैं- ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग तथा कर्म मार्ग। ये तीनों त्रिवेणी स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरिजी महाराज में थी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि लाल पुल से हरसिद्धि मन्दिर तक के सड़क मार्ग का नाम अब ब्रह्मलीन श्री सत्यमित्रानन्द गिरिजी के नाम से होगा। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रह्मलीन श्री सत्यमित्रानन्द गिरि महाराज हमेशा जगत के हित के कल्याणकारी कामों में सदैव लगे रहते थे। उन्होंने समाज में अच्छे कार्यों की जागरूकता फैलाने का काम किया। भारत माता का मन्दिर उन्होंने बनाया है, जो अद्भुत है। आज उनकी प्रतिमा का उज्जयिनी में अनावरण हुआ है। वे सदैव हमारे मन में रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरिजी महाराज की मूर्ति बनाने वाले नरेश भारद्वाज का सम्मान किया। इस अवसर पर एक पुस्तक का विमोचन भी अतिथियों के द्वारा किया गया।

युवाओं के कौशल निखारने के लिये आईटीआई सर्वश्रेष्ठ: मुख्यमंत्री चौहान

0

भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा के तीन उद्देश्य है। ज्ञान देना, कौशन देना और नागरिकता के संस्कार देना। कौशल शिक्षा की आत्मा है, इसके बिना कोई भी शिक्षा अधूरी है। ज्ञान हमें बताता है कि हमें क्या करना है और कौशल यह सिखाता है कि उसे कैसे करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा िक अगर युवाओं के हाथ में हुनर रहेगा तो रोजगार भी आसानी से मिलेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को अगर हमें संवारना है तो वह स्किल के माध्यम से ही होगा। युवा जनसंख्या हमारे देश में सबसे अधिक है और यही हमारी ताकत बन कर उभरेगी। उन्होंने कहाकि युवाओं के हाथों में केवल कौशल दे दिया जाएँ तो चमत्कार कर सकते है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब तक हमने कॉलेज और यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन पूरा होने पर दीक्षांत समारोह के आयोजन देखे है, लेकिन आज मध्यप्रदेश संभवत: देश का पहला राज्य है जहाँ आईटीआई के विद्यार्थियों के कोर्स पूरा होने पर दीक्षांत समारोह हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आज पूरी दुनिया में यदि सबसे ज्यादा किसी की मांग है तो कौशल की है। हजारों प्रकार की ऐसी सेवाएँ है, जिनकी लोगों को रोज जरूरत पड़ती है और इसके लिये विशेष कौशल की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि देश में जिस प्रकार की कौशल की आवश्यकता है उसकी आपूर्ति हमारे आईटीआई करते है। भोपाल का ग्लोबल स्किल पार्क, सिंगापुर का स्किल पार्क देखने से प्राप्त प्रेरणा का परिणाम है। आज बच्चों के हाथ में यदि कौशल है तो वह बेरोजगार नहीं रहेंगे। कौशल विकास पर हमने निरंतर ध्यान दिया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं की कौशल प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका है। हम अपने आईटीआई को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ संचालित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की संस्थाओं में नए ट्रेड भी शुरू किए जा रहे। संभाग स्तर पर सभी आईटीआई सुविधा युक्त भवन में संचालित हो, इसके लिए कार्य प्रारंभ किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुसार जरूरी ट्रेड प्रारंभ करने में कोई कसर छोड़ी नहीं जाएगी। बच्चों को अधिक से अधिक काम मिले उसके अनुरूप आवश्यक तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह के लिए तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और विभाग के अधिकारी बधाई के पात्र हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योगों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं को जोड़ने का प्रयास है। युवा अपना उद्यम प्रारंभ करें इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से आवश्यक सहयोग दिया जा रहा है। योजना में अपने उद्यम की स्थापना के लिए युवाओं को 50 लाख रूपए तक का ऋण देने का प्रावधान है। राज्य शासन द्वारा लोन की गारंटी भी दी जाएगी। हमारे प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा है। छात्र शिवम, जापान में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के लिए जा रहे। ऐसे सभी विद्यार्थियों को बधाई।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि रोजगार दिवस के आयोजन से तकनीकी शिक्षा प्राप्त बच्चों को प्लेसमेंट मिले, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इस माह भी 29 सितंबर को रोजगार दिवस मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के हर ब्लॉक में कम से कम एक आईटीआई होगी, जिससे प्रशिक्षण लेने लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। आईटीआई प्रमाण-पत्र किसी भी डिग्री से कम नहीं है।

ग्रामीण इंजीनियर योजना

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य स्तरीय आईटीआई दीक्षांत समारोह में रिमोट का बटन दबा कर केन्द्र शासन की संकल्प योजना में 'ग्रामीण इंजीनियर योजना' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में ग्रामीण इंजीनियर पदस्थ करने से नल जल योजना के संधारण, जल सप्लाई लाइन के सुधार, प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों के लिए मार्गदर्शन और अन्य कार्यों में ऐसे इंजिनियर्स भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि हम ग्रामीण इंजीनियर की परिकल्पना पर काम करेंगे। हर ग्राम पंचायत में कम से कम 4 ग्रामीण इंजीनियर होंगे, जो वहाँ की सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, निर्माण कार्यों आदि में अपना योगदान देंगे।

19 आईटीआई को 3 स्टार और 96 को 2 स्टार रेटिंग

प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में 237 विकासखण्डों में 262 शासकीय आईटीआई संचालित है। आईटीआई विहीन 46 विकासखण्डों में इस सत्र से 25 नवीन शासकीय आईटीआई प्रारंभ ‍किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि आईटीआई 57 कौशल आधारित व्यवसायों में 46 हजार 8 युवाओं को प्रवेश देने की क्षमता उपलब्ध है। भारत सरकार द्वारा आयोजित आईटीआई परीक्षा में प्रदेश के 82 हजार 271 प्रक्षिणार्थियों ने 71 हजार 838 प्रशिक्षणार्थी उत्तीर्ण हुए है। इस वर्ष अभी तक लगभग 4 हजार 507 प्रशिक्षणार्थियों का विभिन्न नियोजक कम्पनियों द्वारा प्राथमिक चयन किया गया है। साथ ही विगत एक वर्ष में विभिन्न नेशनल अप्रेन्टीसशिप मेले में 14 हजार 330 अभ्यर्थी चयनित हुए है। प्रदेश के 19 आईटीआई को देश में 3 स्टार और 96 आईटीआई को 2 स्टार रेटिंग मिली है। मध्यप्रदेश शासकीय आईटीआई संख्या के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है।

प्रमाण-पत्र और पारितोषिक राशि का वितरण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम में वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं पारितोषिक राशि का वितरण किया। उन्होंने राज्य स्तर पर मेरिट अनुसार 10 प्रशिक्षणार्थियों को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने वाले और प्लेसमेंट प्राप्त 5-5 प्रशिक्षणार्थियों को भी प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने राज्य स्तर पर प्लेसमेंट के लिये उत्कृष्ठ कार्य करने वाले 2 उत्कृष्ठ अधिकारियों को प्रमाण-पत्र दिये। "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन मुख्यमंत्री श्री चौहान और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने "स्किल गेप एनालिसिस" बुकलेट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष श्री शैलेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं निर्माण बोर्ड श्री नरेन्द्र बिरथरे और संचालक कौशल विकास श्री हरजिंदर सिंह उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
 

अगले महीने पीएम मोदी से मिल सकते हैं फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो

0

फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा (FIFA) प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो के अगले माह भारत दौरे पर आने की संभावना है। यह बात सोमवार को हुई अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान सामने आई।

जियानी इन्फेंटिनो 11 से 30 अक्तूबर तक भारत में होने वाले अंडर-17 महिला फुटबॉल विश्वकप के अंतिम चरण में भारत आ सकते हैं। एआईएफएफ के महासचिव शाजी प्रभाकरन ने बताया कि अध्यक्ष कल्याण चौबे ने बैठक के दौरान जानकारी दी कि फीफा अध्यक्ष के भारत दौरे पर आने और उनके प्रधानमंत्री से मिलने की संभावना है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर भारतीय फुटबॉल के विकास को लेकर चर्चा कर सकते हैं। 

उम्मीद है कि फीफा अध्यक्ष जब पीएम मोदी से मिलेंगे तो इस दौरान कुछ खास घोषणाएं भी की जा सकती हैं। एआईएफएफ के नए अध्यक्ष चौबे ने दूसरी बार कार्यकारी समिति की बैठक ली।

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group