भोपाल । गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार सरोवर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश से इस साल अब तक 2,142 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन हुआ है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त के महीने में सरदार सरोवर डैम में सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, गुजरात और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश दोनों में इस मानसून के मौसम में अच्छी बारिश हुई है और बांध में पानी ज्यादा होने के कारण ज्यादा बिजली का उत्पादन हुआ है। नर्मदा नदी के कुल बेसिन क्षेत्र 97,410 का 85,858 वर्ग किमी क्षेत्र मध्य प्रदेश में और 9,894 वर्ग किमी गुजरात में स्थित है।
सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड द्वारा साझा किए गए डेटा (एसएसएनएनएल) के अनुसार, केवडिय़ा में स्थित बांध पर रिवर बेड पावर हाउस (आरबीपीएच) टर्बाइनों से, इस साल 20 सितंबर तक 2,142 एमयू बिजली का उत्पादन किया गया है, जबकि 2021 में सितंबर के अंत तक 1,129 एमयू बिजली का उत्पादन हुआ था। आरबीपीएच की स्थापित क्षमता 1,200 मेगावाट है।
सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड द्वारा साझा किए गए डेटा में बताया गया कि 2,142 एमयू बिजली में से, कुल 1,849 एमयू जुलाई, अगस्त और सितंबर के मानसून महीनों में बनाई गई है। एसएसएनएनएल द्वारा साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार इस साल अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन किया गया है। अगस्त महीने में 901.298 एमयू बिजली का उत्पादन सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड द्वारा किया गया है।
एसएसएनएनएल के इंजीनियर आर पारिख ने बताया कि, बहुत अच्छी बारिश के कारण मध्य प्रदेश से पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा मात्रा में पानी छोड़ा गया है। 2017 से बांध की ऊंचाई में वृद्धि ने भी बिजली उत्पादन बढ़ाने में योगदान दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान बिजली 923.7 एमयू उत्पन्न हुई थी। पूरे 2021 में, आरबीपीएच ने 1,265.28 रू बिजली का उत्पादन किया। आरबीपीएच ने वित्त वर्ष 2013-14 में 5,216.80 एमयू का का सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन किया गया था। पारिख ने कहा, जहां तक इस साल सबसे ज्यादा बिजली के उत्पादन का सवाल है वो पानी की मात्रा पर निर्भर करता है। इस साल डैम में पानी की मात्रा ज्यादा थी इसलिए ज्यादा बिजली का निर्माण हुआ है। सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन के 2013-14 के रिकॉर्ड को तोडऩे के सवाल पर पारिख ने कहा कि, हम यह नहीं कह सकते कि मध्य प्रदेश से पानी कब तक आता रहेगा और कब तक ओवरफ्लो जारी रहेगा। ऐसा कुछ पहले से पता नहीं है, इसलिए हम आरबीपीएच बिजली उत्पादन के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोडऩे के बारे में निश्चित रूप से नहीं कह सकते हैं। सरदार सरोवर जल विद्युत परियोजना (एसएसएचईपी) में क्रमश: 1,200 मेगावाट और 250 मेगावाट की स्थापित क्षमता वाले आरबीपीएच और कैनाल हेड पावर हाउस (सीएचपीएच) शामिल हैं। आंकड़ों में कहा गया है कि सीएचपीएच ने इस साल 20 सितंबर तक 589.3 एमयू बिजली का उत्पादन किया।
मध्य प्रदेश एसएसएचईपी कॉम्प्लेक्स द्वारा उत्पन्न ग्रीन बिजली का सबसे बड़ा लाभार्थी है, जिसकी कुल स्थापित क्षमता 1,450 मेगावाट है। मध्य प्रदेश कुल ऊर्जा उत्पादन का 57 प्रतिशत हिस्सा लेता है, इसके बाद महाराष्ट्र 27 प्रतिशत और गुजरात 16 प्रतिशत का नंबर आता है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश के अलावा, गेट की स्थापना के साथ बांध की ऊंचाई (शीर्ष स्तर पर पानी जमा किया जा सकता है) को 138.68 मीटर तक बढ़ाने से भी इसकी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिली है। इस साल, बांध अपनी ऊंचाई में वृद्धि के बाद 17 सितंबर, 2017 को राष्ट्र को समर्पित होने के बाद तीसरी बार, 15 सितंबर को 138.68 मीटर के अपने पूर्ण जलाशय स्तर (एफआरएल) पर पहुंच गया। नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) ने 2014 में 121.92 मीटर से बांध की ऊंचाई लगभग 17 मीटर बढ़ाकर 138.68 मीटर करने के लिए गुजरात सरकार को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी थी। बांध पर रेडियल गेट 2017 में तैयार हो गए थे, और सभी गेट 2019 में पहली बार खोले गए थे। बांध 15 सितंबर, 2019 को अपने पहले एफआरएल पर पहुंच गया, फिर 17 सितंबर, 2020 को।
सरदार सरोवर डैम से दोगुना हुआ बिजली का उत्पादन
मुख्यमंत्री चौहान ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर किया पौध-रोपण
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनकी स्मृति में श्यामला हिल्स स्थित स्मार्ट सिटी उद्यान में मौलश्री का पौधा लगाया। साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना के 24 सितम्बर को संपन्न स्थापना दिवस के संदर्भ में योजना के स्वयंसेवकों के साथ बरगद, गुलमोहर और सप्तपर्णी के पौधे भी लगाए।
पौध-रोपण में पिछले गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में आयोजित परेड में प्रदेश का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के श्री ऋषभ शर्मा, यूथ फेस्टीवल लखनऊ में प्रदेश का नेतृत्व करने वाले श्री केशव मिश्रा, राज्य स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार प्राप्त श्री राहुल सेन, राष्ट्रीय एकता शिविर जयपुर में प्रदेश का नेतृत्व करने वाले श्री ऋत्विज शर्मा तथा राष्ट्रीय एकता शिविर अगरतला त्रिपुरा में प्रदेश का नेतृत्व करने वाली सुश्री नुपुर सोंधिया शामिल हुईं।
"माँ तुझे प्रणाम" योजना में देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा हुसैनीवाल से लौटे श्री राहुल लोधी ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को वहाँ की मिट्टी भेंट की। सुश्री नुपुर सोंधिया ने आयुष्मान योजना में उनकी माँ के हुए इलाज के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार माना। पौध-रोपण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री पीयुष त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
पौधों का महत्व
आज लगाए गए गुलमोहर की सुव्यवस्थित पत्तियों के बीच बड़े-बड़े गुच्छों में खिले फूल इस वृक्ष को अलग ही आकर्षण प्रदान करते हैं। यह वृक्ष औषधीय गुणों से भी समृद्ध है। बरगद का धार्मिक औषधीय और पर्यावरणीय महत्व है। सप्तपर्णी और मोलश्री सदाबहार औषधीय वृक्ष है, जिसका आयुर्वेद में बहुत महत्व है।
मुख्यमंत्री चौहान ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर नमन किया
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा के नगला चन्द्रभान गाँव में हुआ। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चिंतक, संगठनकर्ता थे और भारतीय जनसंघ के सह संस्थापक भी रहे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद की दृष्टि दी। वे एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। राजनीति के साथ उनकी साहित्य में भी गहरी रूचि थी। उनका अवसान 11 फरवरी 1968 को हुआ।
नर्मदा मैया के घाटों पर उमडा श्रदालुओं को सैलाब
सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर आज सुबह से ही नर्मदापूरम में मां नर्मदा के घाटों पर श्रदालुओं का सैलाब उमड पडा। श्रदालु नदी में स्नान करने के बाद विधिवत पितरों का तर्पण करते हुए उन्हें विदाई दे रहे हैं। रविवार को तड़के 4 बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। शहर के सेठानीघाट, पर्यटन घाट, कोरी घाट पर लोगों ने पितरों के निमित्त पूजन व स्नान किया। सुरक्षा को देखते हुए शहर के हर्बल पार्क, पोस्ट आफिस घाट पर लोगों की आवाजाही पर प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया है, लिहाजा वहां सन्नाटा पसरा है। घाटों पर सुरक्षा के लिए प्रशासन ने समुचित इंतजाम किए हैं। तमाम घाटों पर होमगार्ड, नगरपालिका कर्मियों, व गोताखोरों के साथ पुलिस का अमला भी तैनात। सर्व पितृ अमावस्या पर नर्मदापुरम में मां नर्मदा के घाटों पर सुबह से ही लोगों का तांता लगा है। लोग वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पितरों का तर्पण कर रहे हैं। गौरतलब है कि ज्योतिषियीय गणना के अनुसार चार विशेष योगों के संयोग के साथ आज सर्वपितृ अमावस्या पर विशेष तर्पण के आयोजन हो रहे हैं। भादौ माह की पूर्णिमा से शुरू हुए सोलह श्राद्ध का समापन आज पितृ मोक्ष अमावस्या को हो रहा है। जिन लोगों को अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि याद नहीं है, वे भी सर्वपितृ अमावस्या पर तर्पण करते हैं। इसके अलावा जो नियमित 16 दिन श्राद्ध पक्ष में तर्पण करते हैं, उनके द्वारा भी आज तर्पण का समापन किया जा रहा है। राजधानी के आचार्यों के अनुसार, पितरों के मोक्ष की कामना से जौ, काला तिल, कुश आदि से मंत्रोच्चार के साथ श्राद्ध कर्म करना चाहिए। इसी तरह पूर्वजों के निमित्त तर्पण का सही तरीका या विधि भी पता होना चाहिए और उसी के मुताबिक तर्पण कर्म करना चाहिए। पितृ पक्ष में हर दिन पितरों के लिए तर्पण करने का विधान है। अमावस्या पर सभी भूले-बिसरे, ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों को याद कर उनका तर्पण करें। सबसे पहले देवताओं के लिए तर्पण करते हैं। इसके बाद ऋषियों के लिए तर्पण किया जाता है और अंत में पितरों की खातिर तर्पण करने की परंपरा है। सबसे पहले पूर्व दिशा में मुख करें और हाथ में कुश व अक्षत लेकर जल से देवताओं के लिए तर्पण करें। इसके उपरांत जौ और कुश लेकर उत्तर दिशा में मुख करते हुए ऋषियों के लिए तर्पण करें। आखिर में आप दक्षिण दिशा में मुख कर लें और काले तिल व कुश से पितरों का तर्पण करें। तर्पण करने के बाद पितरों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें, ताकि वे संतुष्ट हों और आपको आशीर्वाद दें।
10 साल की हुई अक्षय कुमार की बेटी नितारा
बॉलीवुड के खिलाड़ी यानी अक्षय कुमार अपने काम के साथ परिवार को भी पूरा समय देते हैं। उन्हें अक्सर अपने दोनों बच्चों के साथ वक्त बिताते देखा जाता है। हर माता-पिता की तरह अक्षय कुमार अपने दोनों बच्चों बेहद प्यार करते हैं लेकिन बेटी नितारा के साथ कई बार उनकी खास बॉन्डिंग देखने को मिलती है। आज अक्षय कुमार की बेटी दस साल की हो गई है और इस मौके पर उन्होंने खास पोस्ट साझा की है, जो किसी भी बेटी के पिता के दिल को छू जाएगी।
पिता का हाथ थामे रेत पर चलती दिखीं नितारा
अक्षय कुमार ने बेटी नितारा के जन्मदिन पर अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल से एक छोटा सा वीडियो क्लिप साझा किया है, जिसमें उन्हें अपनी लाडली बेटी का हाथ थामे रेगिस्तान में चलते देखा जा सकता है। ये वीडियो किसी ट्रिप का लग रहा है। अभिनेता ने पोस्ट साझा करने के साथ ही दिल छू लेने वाला नोट भी लिखा है।
लिखा दिल छू लेने वाला नोट
अक्षय कुमार ने अपनी बेटी नितारा के दसवें जन्मदिन की पोस्ट साझा करते हुए लिखा- "मेरा हाथ पकड़ने से लेकर अब अपना शॉपिंग बैग रखने तक, मेरी बच्ची बहुत तेजी से बड़ी हो रही है। आज पूरे 10 साल के हो गए. इस जन्मदिन के लिए मेरी शुभकामनाएं और हमेशा. आप दुनिया में सबसे अच्छी हैं। पापा आपसे प्यार करते हैं"।
किसान की फसल हुई खराब, सदमा लगने से हो गई मौत
भोपाल । बीते कई दिनों से जारी अनवरत वर्षा के कारण किसान की फसल खराब हो गई। इससे सदमे में आकर किसान की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने इंजन बेचकर किसान का अंतिम संस्कार किया। यह मामला है प्रदेश के अशोकनगर जिले के राजपुर क्षेत्र के छीपोन गांव का। यहां तीन दिन पहले खेत में एक किसान की मौत हो गई। परिजनों ने मौत का कारण वर्षा से उड़द की फसल खराब होने से सदमा लगना बताया है। उन्होंने बताया कि घर में रुपये नहीं थे तो खेत में रखे पंप सेट इंजन का बेचकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को यह मामला जब सामने आया तो प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 25 हजार रुपये पहुंचाए तथा पटवारी व नायब तहसीलदार को मामले की जांच के निर्देश दिए। गुरुवार को ग्राम छीपोन निवासी 40 वर्षीय किसान लल्लीराम कुशवाह की खेत में मौत हो गई थी। उनके भतीजे मुनेश कुशवाह ने बताया कि चाचा के पास लगभग आठ बीघा जमीन थी। सोयाबीन का बीज महंगा होने के कारण उन्होंने उड़द की बोवनी की थी। लगातार हो रही वर्षा से खेत में कटी रखी फसल खराब हो गई। यह देखकर चक्कर आने से चाचा गिर गए और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि लल्लीराम की कोई संतान नहीं है। उनकी पत्नी के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी नहीं थे। भतीजा मुनेश का कहना है कि संकोच के कारण हमने किसी से अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक मदद नहीं मांगी। खेत में रखे इंजन को छह हजार रुपये में कबाड़ी को बेचकर चाचा के अंतिम संस्कार व अन्य क्रियाकर्म की व्यवस्था की। तहसीलदार गजेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि किसान की मौत की जानकारी मिलने पर उसके स्वजन को तत्काल सहायता पहुंचाई गई। मामले की जांच कराई जा रही है कि किसान की मौत की वजह क्या है। सरपंच आयशा बानो का कहना था कि लल्लीराम के स्वजन बताते कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं है तो हम जरूर आर्थिक मदद करते। जानकारी लगी तो मृतक किसान के दस्तावेज लेकर राजस्व अधिकारियों को भिजवाए गए।
भारी भीड़ को देखते हुए ट्रेनों की 576 बर्थ बढ़ी
भोपाल । रेलवे ने दशहरा और दीपावली के पर्व को देखते हुए 8 ट्रेनों के कोच की संख्या बढ़ा दी गई है। ताकि त्योहार के मौसम में लोग आसानी के साथ अपने गंतव्य स्थान में आ – जा सके। बिलासपुर भोपाल एक्सप्रेस, भोपाल बिलासपुर एक्सप्रेस, दुर्ग भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस, भोपाल दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस, कोरबा छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस,अमृतसर बिलासपुर एक्सप्रेस मैं अस्थाई कोच लगाने की व्यवस्था रेलवे द्वारा की गई है। इससे यात्रियों की वेटिंग लिस्ट कब होगी लोग आरक्षित कोच में अपनी यात्राएं कर सकेंगे।
मप्र में लम्पी वायरस के 26 जिलों में 9955 मामले
भोपाल । मध्यप्रदेश के 26 जिलों में अब तक लम्पी वायरस के 9955 मामले प्रकाश में आ चुके है। वहीं अभी तक 128 पशुओं की मौत हो चुकी है। एक दिन पहले प्रभावित पशुओं की संख्या 8600 थी। इस तरह एक दिन में एक हजार 355 मामले बढ़ गए हैं। गोवंश में लंपी वायरस संक्रमण रोग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। रोग को फैलने से रोकने के लिए कम से कम 20 प्रतिशत पशुओं (गोटपाक्स) का टीकाकरण करना आवश्यक है, ताकि उनमें रोग से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सके। इस लिहाज से कम से कम 36 लाख डोज की जरूरत है, जबकि तीन लाख डोज ही उपलब्ध हैं। अब तक दो लाख 86 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जरूरत के मुताबिक वैक्सीन भी नहीं मिल रही है। इसका कारण यह है कि केवल दो कंपनियां हेस्टर और इंडियन इम्यूनोलाजिकल वैक्सीन बना रही हैं, जिससे आवश्यकता के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। जिन राज्यों में संक्रमण ज्यादा है, वहां ज्यादा वैक्सीन दी जा रही है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और ग्वालियर संभाग के बाद अब जबलपुर में लंपी बीमारी के दो संदिग्ध पशु मिले हैं। इनमें एक सीहोर और दूसरा बरेला में है। दोनों के रक्त और स्वाब के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित उच्च सुरक्षा पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने बताया कि जहां संक्रमित पशु मिल रहे हैं वहां पांच किमी के दायरे में सभी गोवंशी पशुओं को और बाकी जगह 20 प्रतिशत को टीका लगाने का लक्ष्य है। वहीं गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने बताया कि अभी टीकाकरण को लेकर ज्यादा ध्यान गोशालाओं पर दिया जा रहा है, क्योंकि गोशालाओं में बीमारी फैली तो वहां के सभी गोवशी पशु प्रभावित हो जाएंगे। टीका खरीदने के लिए राशि भारत सरकार से मिल रही है, लेकिन खरीदी पशु चिकित्सा संचालनालय द्वारा की जा रही है। इसके अलावा जिले में पशुपालक समितियों को भी टीका खरीदने के लिए कहा गया है। टीका एक डोज लगाया जाता है जो एक साल के लिए प्रभावी होता है। हर दिन करीब 20 हजार पशुओं का टीकाकरण हो पा रहा है। इस बारे में प्रदेश के पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल का कहना है कि टीका की कमी नहीं है। कहीं से पशुपालकों ने यह शिकायत नहीं की है उनके पशुओं को टीका नहीं लगाया जा रहा है। सभी जिलों में स्टाक है। मांग के अनुसार मिल भी रहा है।
गरबा एक्सप्रेस कर रही मप्र के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग
भोपाल । मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा द्वारा पश्चिम रेलवे के सहयोग से गुजरात के गांधीधाम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलने वाली गरबा एक्सप्रेस पर प्रदेश के पर्यटन स्थलों, आयोजनों, मेलों की ब्रांडिंग करवाई गई है। मध्य प्रदेश के सुरम्य पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार करने और देश के लोगों को मप्र पर्यटन के प्रति आकर्षित करने के लिए एमपी पर्यटन विभाग ने एक और नवाचार किया है। प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर गांधीधाम से नए कलेवर में सजी गरबा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाते हुए इसका अनावरण किया। इस अवसर पर गांधीधाम स्टेशन पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यटन व संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश पूरे देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजता है। अब मध्यप्रदेश के सांकृतिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और मन भावन पर्यटन स्थलों की झलक गरबा एक्सप्रेस पर पूरे देश को दिखाई देगी। अगर आप सभी ने हिंदुस्तान का दिल मध्यप्रदेश नहीं देखा तो आपने कुछ नहीं देखा। मध्यप्रदेश में 33 करोड़ वर्ष पुरानी विश्व की प्राचीनतम नदी मां नर्मदा, दो ज्योतिर्लिंग, त्रेता युग का मंदिर राजेश्वर, सतयुग की नगरी जानापाव सहित प्राचीन बौद्ध स्मारक भी मौजूद है। इन सभी स्थलों सहित प्रदेश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को दर्शाती गरबा एक्सप्रेस देशभर के पर्यटकों को मध्यप्रदेश आमंत्रित करेगी।कार्यक्रम में शामिल अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड विवेक श्रोत्रिय ने कहा कि गरबा एक्सप्रेस पर मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों और नैसर्गिक सौंदर्य को विनाइल रैपिंग के माध्यम से दर्शित किया गया है। यह प्रदेश के पर्यटन स्थलों को भारत की जनता तक पहुंचाने की पहल है। मध्यप्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है। जैसे दिल में शरीर का सारा रक्त पहुंचता है वैसे ही मध्यप्रदेश में सभी राज्यों की संस्कृति और धरोहरों का अद्भुत संगम है। इसलिए पर्यटकों को कम से कम एक बार मध्यप्रदेश जरूर आना चाहिए। उन्होंने गुजरात एवं देश के सभी पर्यटकों को मध्यप्रदेश आने के लिए आमंत्रित भी किया। साप्ताहिक ट्रेन गरबा एक्सप्रेस गांधीधाम से शाम 6:10 पर निकलेगी औऱ गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों से गुजरते हुए हावड़ा स्टेशन पर तीसरे दिन दोपहर 12.55 पर पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन मध्यप्रदेश सहित 6 राज्यों से गुजरेगी। इन राज्यों में मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों सहित जल महोत्सव, मांडू उत्सव, स्काय डाइविंग, हॉट एयर बलून जैसी गतिविधियों का भी प्रचार होगा’।मंत्री उषा ठाकुर ने गांधीधाम विधायिका मालती बेन महेश्वरी और पश्चिम रेलवे के एआरएम आदिश पठानिया के साथ हरी झंडी दिखाकर गरबा एक्सप्रेस को रवाना किया। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा पश्चिम रेलवे के सहयोग से गुजरात के गांधीधाम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच चलने वाली गरबा एक्सप्रेस पर प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों, आयोजनों, मेलों की ब्रांडिंग करवाई गई है।
राजधानी में रुक-रुक कर जारी रहेगा बारिश का दौर
भोपाल । राजधानी में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। रविवार को भोपाल के कुछ इलाकों में छुट-पुट वर्षा मौसम सुहाना करेगी, तो दूसरी तरफ लोग धूप व गर्मी से परेशान होंगे। अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में कुछ नमी आ रही है। इससे ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में कहीं-कही छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं। शेष जिलों में धीरे-धीरे मौसम अब साफ होने लगेगा। इससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। प्रदेश के शेष संभागों के जिलों में बादल छंटने लगे हैं। धूप निकलने के कारण अब दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होने लगेगी। हालांकि वातावरण में नमी मौजूद रहने के कारण तापमान बढ़ने की स्थिति में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा होने की भी संभावना बनी रहेगी। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डा. ममता यादव के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर उत्तर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पाकिस्तान और उसके आसपास बना हुआ है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के तट पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। अलग-अलग स्थानों पर बनी इन चार प्रणालियों के असर से मप्र में कुछ नमी आ रही है। विशेषकर राजस्थान से लगे ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में मिल रही नमी से वहां छिटपुट वर्षा की संभावना अभी बनी हुई है। आंध्रा कोस्ट पर बने चक्रवात के कम दबाव के क्षेत्र में बदलकर आगे बढ़ने की स्थिति में तीन-चार दिन बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है। उधर शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक ग्वालियर में 6.3, पचमढ़ी में पांच, शिवपुरी में दो, मंडला में सतना में 0.6, गुना में 0.4, बैतूल में 0.4 एवं खजुराहो में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई।















