नई दिल्ली । वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी बनी हुई है। क्रूड ऑयल लंबे समय से 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है। इसके बाद भी भारतीय ऑयल कंपनियों ने रविवार 25 सितंबर को भी पेट्रोल और डीजल के भाव में कोई बदलाव नहीं किया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कुछ दिन पहले ही जानकारी दी थी कि तेल कंपनियां अपने पिछले नुकसान की भरपाई करने के लिए अभी पेट्रोल-डीजल के भाव में कटौती नहीं कर रही हैं। बता दें कि अप्रैल में रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के दौरान कच्चा तेल रिकॉर्ड ऊंचाई पर था जिसकी वजह से राष्ट्रीय तेल कंपनियों को काफी नुकसान हुआ था। देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल 96.57 रुपए और डीजल 89.96 रुपए प्रति लीटर है। गुरुग्राम में पेट्रोल का 97.18 रुपए और डीजल का भाव 90.05 रुपए प्रति लीटर पर है। वहीं लखनऊ में पेट्रोल का भाव 96.57 रुपए और डीजल की कीमत 89.76 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर है।
दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपए और डीजल 89.62 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपए और डीजल 94.27 रुपए प्रति लीटर, चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपए और डीजल 94.24 रुपए प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपए और डीजल 92.76 रुपए प्रति लीटर, नोएडा में पेट्रोल 96.92 रुपए और डीजल 90.08 रुपए प्रति लीटर हो गया है। गाजियाबाद में 96.58 रुपए और डीजल 89.75 रुपए प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपए और डीजल 89.76 रुपए प्रति लीटर है। पटना में पेट्रोल 107.24 रुपए और डीजल 94.04 रुपए प्रति लीटर है। पोर्टब्लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपए और डीजल 79.74 रुपए प्रति लीटर है।
कच्चे तेल में गिरावट के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमत नहीं हुई कम
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने झूलन को जीत के साथ विदायी दी
लंदन । भारतीय महिला महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में मेजबान इंग्लैंड टीम को हराकर अपनी अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी को शानदार विदायी दी है। झूलन ने इस मैच के साथ ही खेल को अलविदा कह दिया। झूलन ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह इस मैच के बाद संन्यास ले लेंगी। इस तीसरे एकदिवसीय में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा के अर्धशतक की सहायता से 169 रन बनाये। इस प्रकार मेजबान इंग्लैंड को जीत के लिए 170 रन का लक्ष्य दिया था। इसका पीछा करते हुए मेजबान टीम 153 रनों पर ही सिमट गयी। अपने अंतिम मैच में झूलन ने 30 रन देकर दो विकेट जबकि रेणुका सिंह ने 29 रन देकर चार विकेट लिए। दीप्ति ने 106 गेंदों में सात चौकों की मदद से 68 रन बनाए
इस पहले बल्लेबाजी के दौरान भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मेजबान टीम की गेंदबाज केट क्रॉस ने शुरुआती 4 विकेट लेकर भारत को करारा झटका दिया। केट ने शैफाली वर्मा को और यास्तिका भाटिया को खाता खोले बिना ही पेवेलियन भेज दिया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर को 4 और हरलीन देओल को रनों पर ही आउट कर दिया। इसबीच अनुभवी बल्लेबाज स्मृति मंधाना क्रीज पर जमी रही और उसने अर्धशतक लगाकर टीम को संभाला।
मध्यक्रम बल्लेबाज दीप्ति शर्मा ने इसके बाद टीम को संभाला। दीप्ति ने 106 गेंदों में सात चौकों की मदद से नाबाद 68 रन बनाए। दीप्ति के अलावा पूजा वस्त्राकार ने 38 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 22 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करने करते हुए मेजबान टीम की शुरुआत सामान्य रही। सलामी बल्लेबाज टेली 8 जबकि इमा लेम्ब 21 रन बनाकर आउइ हुई। इन दोनो के पेवेलियन लौटने के बाद मध्य क्रम ढ़ह गया। सोफिया 7, एलिसा 5 और डेनियल व्हाइट 8 रन बनाकर पेवेलियन लौटीं। एमी जोंस ने 28 रन बनाये जबकि सोफिया इस्सेलस्टोन खाता भी नहीं खेल पायीं। गई। चार्लोट डीन ने 47 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने का प्रयास किया पर दीप्ति शर्मा के एक शानदार थ्रो पर वह रन आउट हो गयीं।
मूनलाइटिंग को लेकर एक और उद्योगपति ने कहा- डेटा की सुरक्षा से समझौता करना पाप होगा
नई दिल्ली । मूनलाइटिंग पर मचे घमासान में आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने विप्रो और स्विगी की तुलना करने वाले लोगों को कहा है कि आप स्विगी और विप्रो की तुलना नहीं कर सकते हैं। विप्रो के क्लाइंट्स फॉर्च्यून 500 कंपनियां हैं जिनके डेटा की सुरक्षा से समझौता पाप होगा। अगर इन कंपनियों को थोड़ा भी संदेह हुआ कि उनके डेटा की सुरक्षा खतरे में है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यह बात लिखी। गौरतलब है कि हाल में विप्रो ने मूनलाइटिंग के आरोप में 300 कर्मचारियों को कंपनी से निकाल दिया था। इससे पहले विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने मूनलाइटिंग को चीटिंग कहा था। केवल विप्रो ही नहीं इन्फोसिस और टीसीएस ने भी मूनलाइटिंग के खिलाफ अपना मत दिया है। इन्फोसिस ने कर्मचारियों को ई-मेल भेजकर यहां तक कहा है कि इस पद्धति को बिलकुल स्वीकार नहीं किया जा सकता है और कोई भी कर्मचारी मूनलाइटिंग करता है तो उसे कंपनी से निकाल दिया जाएगा। हालांकि स्विगी ने अपने कर्मचारियों को मूनलाइटिंग की अनुमति दे दी थी।
आईटी व स्किल डेवलपमेंट मिनिस्टर राजीव चंद्रशेखर ने मूनलाइटिंग के पक्ष में बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आज का युवा अपने कौशल को लेकर आत्मविश्वास से भरपूर है, जो इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। कंपनियों को इनके सपनों को बांधने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कंपनियों का युवाओं को इस तरह रोकने का प्रयास विफल होगा वह भी तब जब इनमें से अधिकांश खुद के स्टार्टअप के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा भी आएगा जब लोग अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के हिसाब से अपने समय का बंटवारा करेंगे जैसे वकील या सलाहकार करते हैं। जब कोई कर्मचारी अपनी मुख्य जॉब के अलावा किसी और नौकरी को भी अपना समय देता है तो इसे मूनलाइटिंग कहा जाता है। यानी एक नौकरी दिन के उजाले में और दूसरी रात की रोशनी में. यहीं से मूनलाइटिंग शब्द का जन्म हुआ है।
अवनीत कौर साड़ी में लग रही हैं बला की खूबसूरत
मुंबई। टीवी एक्ट्रेस अवनीत कौर ने हाल ही में अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की.इन तस्वीरों में वो साड़ी वाले लुक में नजर आ रही हैं. अवनीत अक्सर अपनी तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करती रहती हैं.
अवनीत कौर की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. अवनीत इस समय इंटरनेट सेंसेशन बनी हुई हैं. अवनीत एथनिक लुक में नजर आ रही हैं. अवनीत की इन ट्रैडिशनल तस्वीरों को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं.
अवनीत कौर सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव रहती हैं. बहुत ही छोटी उम्र में अवनीत ने अपना करियर शुरू कर दिया था. उनकी इंस्टाग्राम अकाउंट पर जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. उनके 33 मिलियन के आस-पास फॉलोअर्स हैं.
अवनीत कौर ने ब्लू कलर की साड़ी में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. इन तस्वीरों में उनका ट्रैडिशनल अवतार देखने को मिल रहा है. अवनीत ने अपने हाथों में बड़े कड़े, अंगूठियां, गले में मैचिंग हार और कानों में बड़े ईयररिंग्स कैरी किए हैं.
अवनीत कौर ने इस फोटोशूट के लिए मिनिमल मेकअप, आई शैडो और ग्लॉसी लिप कैरी किया. उनकी तस्वीरें आपकी रातों की नींदें चुरा सकती हैं. वो इस साड़ी में गजब की खूबसूरत लग रही हैं. उनकी तस्वीरें फैंस की धड़कने बढ़ा रही हैं.
महिला टी20 विश्व कप के लिए जिम्बाब्वे और थाईलैंड सहित दस टीमें को मिला प्रवेश
अबू धाबी । बांग्लादेश और आयरलैंड ने अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2023 के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। इन दोनो ही टीमों ने अबू धाबी में खेले गए क्वालीफार में जिम्बाब्वे और थाईलैंड को हराकर विश्वकप के लिए जगह बनायी। इसी के साथ ही उन 10 टीमों के नाम अब तय हो गये हैं। जो अगले साल विश्वकप के इस आठवे संस्करण में शामिल होंगी।
मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया और मेजबान दक्षिण अफ्रीका के साथ ही भारत, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज सहित कुल 8 टीमों ने इस टूर्नामेंट के लिए रैंकिंग के आधार पर पहले ही प्रवेश हासिल कर लिया था जबकि आयरलैंड और बांग्लादेश ने अब अपनी जगह पक्की की है।
साल 2020 में अंतिम बार टी20 विश्व कप ऑस्ट्रेलिया में खेला गया था। इसके बाद कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो साल यह टूर्नामेंट नहीं हुआ था।
प्राइम सब्सक्रिप्शन ग्राहकों को चार घंटे के अंदर सामान डिलेवर करेगी अमेजन, 50 शहरों में सेवा शुरु
मुंबई । ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन पर सालाना सेल शुरू हो चुकी है। इस बीच कंपनी ने भारत के 50 शहरों में अपनी ‘सेम-डे डिलीवरी’ सर्विस शुरू करने की घोषणा की है। इस सर्विस के अंतर्गत आने वाले शहरों के प्राइम मेंबर्स को केवल चार घंटे के अंदर प्रोडक्ट डिलीवर किए जाएंगे।
अमेजन चार घंटों में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, किताबें, खिलौने, लग्जरी, स्पोर्ट्स, वीडियो गेम्स और पर्सनल केयर जैसे प्रोडक्ट्स ग्राहकों तक पहुंचाएगी। गौरतलब है कि कंपनी ने इस सेवा को पिछले साल शुरू किया था। उस समय कंपनी 14 शहरों में यह सुविधा दे रही थी। हालांकि, अब यह सर्विस देशभर के 50 शहरों में उपलब्ध रहेगी।
इस सेवा के शुरू होने के साथ ही सूरत, मैसूर, मैंगलोर, भोपाल, नासिक, नेल्लोर, अनंतपुर, वारंगल, गाजियाबाद, फरीदाबाद और पटना जैसे शहरों में रहने वाले ग्राहकों को अब अपना प्रोडक्ट पाने के लिए लंबा इंतेजार नहीं करना होगा। उल्लेखनीय है कि अमेजन की यह नई सर्विस केवल अमेजन प्राइम सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। बाकी ग्राहकों को उनका प्रोडक्ट पहले की तरह डिलीवर होगा।
इस सर्विस की खास बात यह है कि इसके लिए प्राइम सब्सक्रिप्शन लेने वाले ग्राहकों को कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। यह सर्विस बिल्कुल फ्री है। बता दें कि प्राइम सब्सक्रिप्शन वाले ग्राहकों के पास पहले से ही फ्री वन-डे डिलीवरी का ऑप्शन मौजूद है। इसके तहत कंपनी अपने प्राइम मेंबर्स को एक दिन में प्रोडक्ट डिलीवर करती है।
दीप्ति के चार्ली को रन आउट करने के तरीक पर हुआ विवाद
लंदन । इंग्लैंड के खिलाफ यहां लॉर्ड्स मैदान में हुए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय क्रिकेट मैच में भारतीय टीम टीम की दीप्ति शर्मा ने जिस प्रकार स्ट्राइकर एंड पर गेंद फेंककर मेजबान टीम की चार्ली डीन को आउट किया उससे मैदान में विवाद भी हुआ। आउट करार दिये जाते ही चार्ली ने गुस्से में अपना बल्ला फेंक दिया और रोने लगी। चार्ली जब आउट हुई तो वह 47 रनों पर खेल रहीं थीं। दीप्ति के इस रन आउट करने के तरीके को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कुछ लोगों ने इसे खेल भावना के विपरीत बताया है जबकि कुछ ने सही करार दिया है। पहले इस तरह के रन आउट को ठीक नहीं माना जाता था पर मार्च में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने इसे अनफेयर कैटेगेरी से निकालकर रन आउट में डाल दिया और हाल के दिनों में आइसीसी ने भी इसे सही करार देकर है। यह नियम यह 1 अक्टूबर से लागू भी कर दिया जाएगा। इसलिए दीप्ति के इस रन आउट करने के तरीके का पूर्व भारतीय क्रिकेटरों आकाश चोपड़ा और वसीम जाफर ने भी बचाव किया है। चार्ली के आउट होते हुए भारतीय टीम ने यह मैच जीतने के साथ ही सीरीज भी अपने नाम कर ली। इस विवाद से भारतीय टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी के विदायी मैच में भी अनावश्यक विवाद पैदा हो गया। झूलन ने अपने इस विदायी मैच में 10 ओवर गेंदबाजी करते हुए 30 रन देकर दो विकेट लिए। इस के साथ ही उनके कुल एकदिवसीय विकेटों की संख्या 255 तक पहुंच गयी।
अब 9 की जगह 5 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया जाएगी भारतीय टीम, कंडीशनिंग के लिए खेलेगी अभ्यास मैच
नई दिल्ली । हिटमैन रोहित शर्मा की अगुआई वाली टीम इंडिया की नजरें टी20 वर्ल्ड कप पर लग गई हैं। भारतीय टीम अपनी तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती। टी20 वर्ल्डकप टूर्नामेंट से पहले टीम इंडिया अपनी कमजोरियों और ऑस्ट्रेलिया की कंडीशंस में ढलने के लिए खास तैयारी करने की योजना बनाई है। इसके लिए भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में पर्थ को अपना बेस बनाने का निर्णय लिया है। बीसीसीआई ने भी इसके लिए हरी झंडी दे दी है। पर्थ को बेस बनाने की सबसे बड़ी वजह वहां के विकेटों में अतिरिक्त उछाल का होना है।
टी20 विश्व कप से पहले भारतीय बल्लेबाज यहां प्रैक्टिस कर उछाल और अतिरिक्त गति से तालमेल बिठा लेना चाहते हैं। ताकि विश्व कप में उन्हें तेज रफ्तार गेंदों को खेलने में कोई दिक्कत न हो। जानकारी के मुताबिक, टीम इंडिया पर्थ में 2 हफ्ते तक अभ्यास करेगी और विश्व कप के वार्म अप मैच से पहले इंट्रा स्क्वॉड मुकाबले खेलेगी। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि भारतीय टीम वर्ल्ड कप के लिए दो या ढाई हफ्ते पहले ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाएगी। टीम पर्थ में ट्रेनिंग और प्रैक्टिस करेगी। इतना ही नहीं, वहां कुछ प्रैक्टिस मैच भी खेले जाएंगे।
टीम इंडिया पहले 9 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन कोच राहुल द्रविड़ ने बीसीसीआई से टीम के लिए अतिरिक्त प्रैक्टिस मैच कराने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। इसे बीसीसीआई ने स्वीकार करते हुए टीम को कुछ दिन पहले ऑस्ट्रेलिया भेजने का फैसला किया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया कि हम कुछ टीमों के साथ बातचीत कर रहे हैं, जो आईसीसी द्वारा रखे गए वॉर्म अप मैच के अलावा हमारे साथ प्रैक्टिस मैच खेल सकें।
टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टी20 की सीरीज के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी इतने ही मैच की टी20 सीरीज खेलनी है। इसका आखिरी मुकाबला 4 अक्टूबर को इंदौर में खेला जाना है। अब भारतीय टीम इस मैच के खत्म होने के बाद 5 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी। पहले टीम की योजना 9 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया जाने की थी।
ऑस्ट्रेलिया के लिए जल्दी उड़ान भरने के साथ ही भारतीय टीम नेट बॉलर और स्टैंडबाय खिलाड़ियों को लेकर साथ जाएगी। वहीं, आईसीसी द्वारा टीम इंडिया के लिए शेड्यूल किए गए दो वार्म अप मैच न्यूजीलैंड (17 अक्टूबर) और ऑस्ट्रेलिया (18 अक्टूबर) के अलावा बीसीसीआई ऑस्ट्रेलिया में टीम के लिए कम से कम 3 अभ्यास मैच की योजना पर काम कर रही है। भारतीय टीम टी20 विश्व कप में पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी।
इस प्रकार बच्चों को संक्रमण से बचायें
बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमजोर होने पर बीमारियों का असर जल्दी होता है, इसकी मुख्य वजह यह है कि शरीर कमजोर हो जाता है और हम जल्दी-जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं।
हालाँकि, कई विशेषज्ञों का यह मानना है कि अधिकतर बच्चो को जुकाम खांसी और बुखार की समस्या मौसम बदलने के कारण होती है, लेकिन अगर आप अपने बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ावा दें तो ऐसी संक्रमण वाली बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। ऐसे में बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए निम्न आदतों को अपनाना बहुत जरूरी है, जिनमें निम्न शामिल हैं-
बच्चे को स्तनपान करायें- मां के दूध में रोग प्रतिरोधी सारे गुण मौजूद होते है। माँ का दूध बच्चों के लिए अमृत समान होता है, इतना ही नहीं यह बच्चों में संक्रमण, एलर्जी, दस्त, निमोनिया, दिमागी बुखार, और अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम के खिलाफ लड़ने के लिए भी मजबूत बनाता है। ऐसे में बच्चे को जन्म लेने के साथ-साथ ही स्तनों से बहने वाले गाढे पतले पीले दूध को कम से कम 2-3 महीने तक जरुर कराएं।
बच्चे को ग्रीन वेजिटेबल खिलाएं- अपने बच्चे को खाने में गाजर, हरी बीन्स, संतरे, स्ट्रॉबेरी जैसे सभी को चीज़ों को शामिल करें, क्योंकि यह विटामिन सी और कैरोटीन युक्त होते हैं। जो आपके बच्चे की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में बच्चों को अधिक से अधिक फल और सब्जियों को उनके खाने में शामिल करें, ताकि बच्चे को संक्रमण से लड़ने में मदद मिल सके।
बच्चे को भरपूर नींद लेने दें- बच्चों में नींद की कमी होने पर इम्युनिटी तो कमजोर होती ही साथ ही आपका बच्चा बीमारी का अधिक शिकार होने लगता है। जिससे कि नवजात में स्वास्थ्य मुश्किलें बढ़ जाती है। हालाँकि, नवजात बच्चों को एक दिन में 18 घंटे की नींद तो वही छोटे बच्चों को 12 से 13 घंटे की नींद की आवश्यकता पड़ती है। इसके अलावा युवा बच्चे को रोजाना 10 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
धूम्रपान के धुएं से बचाएं- आपके घर में कोई सदस्य धूम्रपान करता है तो बच्चों की सेहत का ध्यान रखते हुए उसे छोड़ दें। सिगरेट के धुआं शरीर में कोशिकाओं को मार सकते हैं। इसके अलावा सिगरेट बीड़ी में कई अधिक विषाक्त पदार्थों शामिल होते है जो अतिसंवेदनशील बच्चों के रोग नियंत्रण शक्ति को प्रभावित कर इम्युनिटी को कमजोर करते है।
बच्चों को कम से कम दवा दें- कई बार पेरेंट्स अपने बच्चों को लेकर अधिक सवेंदनशील हो जाते हैं। खासकर जब बच्चे को सर्दी, फ्लू या गले में हल्की खराश होने पर डॉक्टर को एंटीबायोटिक देने को कहते है। अधिकतर एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया की वजह से होने वाली बीमारियों का इलाज करते हैं जबकि बचपन में अधिकतर बिमारियां वायरस के कारण होती हैं।
संक्रमण के खतरों से बचाएँ- अपने बच्चे को बीमारियों से बचाने के लिए संक्रमण वाले जीवाणु से हमेशा बचा कर रखें। आप बच्चों को कीटाणुओं से बचाने के लिए बचपन से ही हाथ धोने के बाद ही हाथों को होठों के पास लाने और कुछ खाने के बारे में बताएं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित, टूथब्रश आदि के साथ-साथ बच्चों के तौलिया रुमाल और खिलौनों की सफाई हमेशा समय-समय पर करते रहें।















