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मुख्यमंत्री चौहान ने पीपल, गुलमोहर और खिरनी के पौधे लगाए

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाल्मीकि युवा एकता संगठन भोपाल के कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट सिटी उद्यान में पीपल, गुलमोहर और खिरनी के पौधे लगाए। संगठन के संदीप कल्याणे, अतुल घेंघट, गौतम चौहान, मोनिश चौहान और आकाश परोचे भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री चौहान को संगठन की ओर से अंग-वस्त्र, वाल्मीकि रामायण की प्रति तथा महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र भेंट किया गया। वाल्मीकि युवा एकता संगठन, समाज सेवा तथा पर्यावरण-संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय है। संगठन द्वारा पौध-रोपण के लिए लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
 

मुख्यमंत्री चौहान ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महान समाज सेवक, भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री निवास में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।

स्व. देशमुख समाजसेवी तथा भारतीय जनसंघ के नेता थे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एकात्म मानववाद की संकल्पना को मूर्त रूप देने के लिये नानाजी ने 1972 में दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना की। केन्द्र सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वावलम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण प्रदान किया। वर्ष 2019 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। नानाजी का जन्म महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कडोली कस्बे में 11 अक्टूबर 1916 में हुआ था। नानाजी ने राष्ट्र की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पित कर दिया। भारत के पहले ग्रामीण विश्वविद्यालय- चित्रकूट ग्रामीण विश्वविद्यालय की स्थापना नानाजी देशमुख द्वारा ही की गई थी। विश्वविद्यालय में ही उन्होंने 27 फरवरी 2010 को अंतिम सांस ली।
 

भारत की सांस्‍कतिक, आध्‍यात्मिक चेतना का नया शिलालेख है ‘श्री महाकाल लोक’

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उज्‍जैन ।   ज्‍योतिर्लिंग महाकालेश्‍वर की नगरी उज्‍जैन में मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नवनिर्मित वैभवशाली 'श्री महाकाल लोक' देश को अर्पित किया। इस 'लोक' में भव्‍य प्रतिमाओं में वर्णित भगवान महादेव की गाथाओं को देखने के बाद प्रधानमंत्री ने जनता-जनार्दन को संबोधित किया। उन्‍होंने 'श्री महाकाल लोक' को भारत की सांस्‍कतिक व आध्‍यात्मिक चेतना का नया शिलालेख बताते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत का सांस्‍कतिक वैभव देखकर चकित है कि हमारे महान ऋषि-मुनियों, पूर्वजों ने बिना तकनीक के ऐसे विराट मंदिर कैसे बनाए। अब नया भारत अपने इन्‍हीं मंदिरों को, उसी आध्‍यात्मिक गौरव को पुन: सहेज रहा है। वे बोले – 'महाकाल का बुलावा आया, तो यह बेटा (मोदी) बिना आए कैसे रह सकता था।' इससे पूर्व उन्‍होंने महाकाल मंदिर के गर्भगह में ज्‍योतिर्लिंग का पूजन-अर्चन किया व मौन साधना कर ध्‍यान लगाया। मंगलवार 11 अक्‍टूबर का सूर्य जब पूरब में उदित हुआ, तब उसने देखा उज्‍जयिनी के राजाधिराज और इस सष्टि के अधिपति महाकालेश्‍वर ज्‍योतिर्लिंग का अद्भुत वैभव। शाम होते-होते यह वैभव तब और बढ़ गया जब राष्‍ट्रनायक व शिवभक्‍त प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी नवनिर्मित 'श्री महाकाल लोक' का लोकार्पण करने महाकाल नगरी पहुंचे। पूरी दुनिया में बसे सनातन धर्मावलंबियों की दष्टि उज्‍जयिनी पर थी। इसी मंगल क्षण में प्रधानमंत्री ने पहले महाकाल मंदिर में पहुंचकर ज्‍योतिर्लिंग की पूजा-अर्चना की और फिर भव्‍य श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया। उज्‍जयिनी की धरा पर ऐसा अद्भुत दश्‍य उपस्थित हुआ मानो श्री महाकाल लोक में सभी मंत्र सिद्ध हो गए हों और उज्‍जयिनी का हजारों वर्षों की साधना का पुण्‍य फलित हो गया हो। कार्तिक मास के शुक्‍ल पक्ष की द्वितिया तिथि का यह दिन उज्‍जैन व भारतवर्ष के इतिहास में दर्ज हो गया। हिमालय की गोद में विराजित केदारनाथ, मां गंगा के किनारे स्थित काशी विश्‍वनाथ के बाद अब मोक्षदायिनी शिप्रा की नगरी उज्‍जैन में विराजित स्‍वयंभू ज्‍योतिर्लिंग महाकाल के नवनिर्मित 'लोक' को देखकर सनातन धर्म का वैभव और बढ़ गया।

शिव को लगाया त्रिपुंड, गर्भगह में किया मंत्र जाप

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी उज्‍जैन पहुंचने के बाद सबसे पहले महाकालेश्‍वर मंदिर पहुंचे। यहां मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्‍यपाल मंगु भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने उनका स्‍वागत किया। धवल वस्‍त्र पहले, सोला डाले मोदी ने गर्भगह में प्रवेश किया, जहां मुख्‍य पुजारी घनश्‍याम पुजारी ने प्रधानमंत्री के हाथों में पवित्र जल देकर मंत्रोच्‍चार के साथ पवित्रीकरण करवाया। इसके पश्‍चात मुख्‍य पुजारी के नेतत्‍व में पुजारी दल ने मंगल मंत्रों के साथ देवाधिदेव का पूजन करवाया। प्रधानमंत्री ने ज्‍योतिर्लिंग को त्रिपुंड तिलक लगाकर शीश नवाया। शाम 5 बजे बाद महाकाल मंदिर में जलाभिषेक निषेध होने के कारण षोडशोपचार पूजन अर्थात 16 प्रकार के मंगल द्रव्‍यों से राजाधिराज का पूजन किया गया। मोदी पूरे पूजन के दौरान किसी योगी की भांति आदियोगी महाकाल के समक्ष साधना मुद्रा में बैठे रहे। चंदन, अबीर, गुलाल, पुष्‍प, बिल्‍वपत्र सहित नानाविध द्रव्‍यों से प्रधानमंत्री ने पूजा की। पुजारी दल ने प्रधानमंत्री को अंगवस्‍त्र भेंट कर बाबा महाकाल का आशीर्वाद दिया।

'जोगी' ने साधा गहन मौन, गर्भगृह में लगाया ध्‍यान

प्रधानमंत्री मोदी जब गर्भगह में थे, तब वे राष्‍ट्रनायक की जगह महादेव की साधना में रत जोगी अधिक लगे। वे गर्भगह में ही माला लेकर जाप करने बैठे और शिव की आराधना की। उन्‍होंने करीब पांच मिनट तक सुखासन में बैठकर गहन मौन साधा और ध्‍यान लगाया। तत्‍पश्‍चात माला को पांच बार नेत्रों से लगाकर उसे हाथ में कलावा (रक्षासूत्र) की तरह वैसे ही लपेट लिया, जैसे विरक्‍त साधु लपेटते हैं। ध्‍यान के पश्‍चात उन्‍होंने बाबा महाकाल को पुन: प्रणाम किया और आशीर्वाद लेकर नवनिर्मित 'श्री महाकाल लोक' के लोकार्पण के लिए प्रस्‍थान कर गए।

धरती पर साकार हुआ 'शिव का लोक'

प्रधानमंत्री 'श्री महाकाल लोक' का लोकार्पण करने पहुंचे तब तक शाम का झुटपुट अंधेरा हो चुका था। इस अंधेरे में लोक का उजास चमक उठा। अद्भुत अत्‍याधुनिक लाइटिंग से सुसज्जित 'श्री महाकाल लोक' में प्रधानमंत्री ने एक-एक प्रतिमा, भित्ति चित्र, कमलताल, मानसरोवर भवन, त्रिपुरासुर वध प्रतिमा, आनंद तांडव, समुद्र मंथन आदि को देखा। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरे समय प्रधानमंत्री को प्रतिमाओं की जानकारी देते रहे। नव्‍य और भव्‍य लोक जब अपने संपूर्ण सौन्‍दर्य व वैभव के साथ लोकार्पित हुआ, तो ऐसा लगा मानो साक्षात शिव का संपूर्ण लोक इस धरती पर 'श्री महाकाल लोक' के रूप में अवतरित हो आया है। इस दौरान देशभर से आए 700 से अधिक कलाकारों ने शिव की विभिन्‍न गाथाओं व लीलाओं का सजीव मंचन किया।

रक्षासूत्र शुभता का प्रतीक, ऊंचाई वास्‍तुशास्‍त्र सम्‍मत

श्री महाकाल लोक के प्रवेश द्वार पर प्रधानमंत्री मोदी ने कलावा (रक्षासूत्र) से बनाए गए 16 फीट ऊंचे शिवलिंग का अनावरण भी किया। विद्वानों के अनुसार रक्षासूत्र शुभता का प्रतीक है। यह सुरक्षा का कारक है और धर्म में एकाग्रता को बढ़ाता है। इसका लाल रंग अशुभ को हटाता है, पीला ज्ञान की वद्धि करता है, हरा रंग समद्धि देता है और नीला रंग मानसिक अवसाद को दूर करता है। यही कारण रहा कि भव्‍य प्रवेश द्वार पर ही रक्षासूत्र से बने शिवलिंग को रखा गया। इसकी ऊंचाई भी वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार रखी गई। वास्‍तु का शास्‍त्र कहता है कि 11, 13 व 16 फीट ऊंचाई के शिवलिंग शुभ माने जाते हैं। यह एक तरह से ऊर्ध्‍वगामी शिवलिंग है, जो धर्म को उत्‍तरोत्‍तर ऊर्ध्‍व दिशा में ले जाता है। यही कारण रहा कि इसकी ऊंचाई 16 फीट रखी गई।

काल के कपाल पर अस्तित्‍व का शिलालेख

प्रधानमंत्री ने जनता से जय महाकाल का नारा लगवाते हुए कहा – 'आज नया भारत अपने प्राचीन मूल्‍यों के साथ आगे बढ़ रहा है। जहां इनोवेशन है, वहीं पर रिनोवेशन भी है। गुलामी के काल में हमने जो खोया आज पुन: उस अपने गौरव की, वैभव की पुनर्स्‍थापना हो रही है। आज श्री महाकाल लोक के रूप में भारत ने काल के कपाल पर कालातीत अस्तित्‍व का शिलालेख लिख दिया। उज्‍जैन आज भारत के सांस्‍कतिक अमरत्‍व की उद्घोषणा कर रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर किया नमन

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया।

स्वतंत्रता के पश्चात राजनैतिक परिवर्तन के लिए सम्पूर्ण क्रांति की अलख जगाने वाले लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण का जन्म 11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सारण जिले के सिताबदियारा ग्राम में हुआ था। वर्ष 1998 में उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्हें समाजसेवा के लिए वर्ष 1965 में मैगसेसे पुरस्कार भी मिला। लोकनायक का निधन पटना में 8 अक्टूबर 1979 को हुआ।
 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंदौर आगमन पर आत्मीय स्वागत

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भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंदौर एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री का राज्य शासन की ओर से गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी "महाकाल लोक" के लोकार्पण के लिए विशेष हेलीकाप्टर द्वारा उज्जैन के लिये रवाना हुए। 

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सांसद शंकर लालवानी, सांसद कविता पाटीदार तथा सांसद गजेन्द्र पटेल, विधायक रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना, संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक राकेश गुप्ता, पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र, कलेक्टर मनीष सिंह सहित अन्य अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे तथा राजेश सोनकर ने भी आत्मीय स्वागत किया।
 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने महाकाल लोक लोकार्पण के बाद जनसभा को किया संबोधित, ये हैं प्रमुख बातें

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 उज्‍जैन ।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को भगवान महाकाल के दर्शन और पूजा कर महाकाल लोक का लोकार्पण किया। उन्‍होंने कार्तिक चौक मैदान पर जनसभा को भी संबोधित किया। पढ़‍िये प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशभर से आए साधुसंतों के साथ आम जनता का अभिवादन किया। इस नगर में स्‍वयं भगवान श्रीकृष्‍ण ने आकर शिक्षा ग्रहण की थी। उज्‍जैन के पलपल में इतिहास सिमटा हुआ है। कणकण में आध्‍यात्‍म समाया हुआ है और कोनेकोन में ईश्‍वरीय ऊर्जा संचालित होते हैं। उज्‍जैन में 84 शिवलिंग हैं। नवग्रह हैं। इस तीर्थ क्षेत्र के केंद्र में महाकाल विराजमान हैं।

मोदी बोले- महाकाल की नगरी भारत के केंद्र में है। यहां प्रलय भी कुछ नहीं कर पाता। इस नगरी के वास्तु, शिल्प आदि के दर्शन कालिदास की रचना मेघदूत में होते हैं। आजादी के अमृत काल में भारत ने गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और अपनी विरासत पर गर्व जैसे पंचप्राण का आह्वान किया है। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरी गति से हो रहा है। काशी में विश्वनाथ धाम सांस्कृतिक गौरव बढ़ा रहा है। सोमनाथ, केदारनाथ में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। सोमनाथ, केदारनाथ, बदरीनाथ धाम में नवनिर्माण, अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण तथा चारधाम निर्माण प्रोजेक्ट में ऑल वेदर रोड बन रही। भारत अपनी सांस्कृतिक व आध्यात्मिक चेतना के स्थलों का पुनर्निर्माण कर रहा है। जब हम उत्तर से दक्षिण तक, पूरब से पश्चिम तक अपने प्राचीन मंदिरों को देखते हैं, तो उनका सांस्कृतिक वैभव, उनकी विशालता व वैज्ञानिकता हमें आश्चर्य से भर देती है। महाकाल लोक अतीत के गौरव के साथ भविष्य के स्वागत के लिए तैयार हो गया है। हम उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम तक अपने प्राचीन मंदिर को देखते हैं तो उनकी विशालता, उनका वास्तु हमें आश्चर्य से भर देता है। यह भारत का अमृत महोत्सव का हाल है। इस अमृत काल में यह राष्ट्र अपनी सांस्कृतिक चेतना का पुनः आह्वान कर रहा है। महाकाल लोक में महाकाल दर्शन के साथ ही महाकाल की महिमा और महत्व के भी दर्शन होंगे। हमारे ऋषि-मुनियों, विद्वानों ने प्राचीन काल में बिना तकनीक और आधुनिकता के ही ऐसे विराट निर्माण कैसे किए होंगे, यह देखकर दुनिया चकित होती है। भारत के लिए धर्म का अर्थ है हमारे कर्तव्यों का सामूहिक संकल्प। हमारे संकल्पों का ध्येय है विश्व का कल्याण। मानव मात्र की सेवा। पिछले कुंभ मेले में यहां आने का स्वभाव मिला। बाबा महाकाल का बुलावा आया था। ये बेटा आए बिना कैसे रह सकता था। हमारे संकल्पाें का ध्येय है। विश्व का कल्याण, मानवमात्र की सेवा।

प्रधानमंत्री ने रिमोट से किया ‘श्री महाकाल लोक’ का लोकार्पण

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उज्जैन ।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रिमोट का बटन दबाकर श्री महाकाल लोक का लोकार्पण किया। मोदी मंगलवार शाम 7 बजे ‘श्री महाकाल लोक’ पहुंचे। कार से उतर वे सीधे नंदी द्वार पहुंचे। उन्होंने यहां मौजूद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी सहित 150 संतों का अभिनंदन किया। 111 ब्राह्मण बटुकों ने स्वस्ति वाचन कर और केरल, ओडिसा, बनारस, असम, मणिपुर, हरदा, डिंडोरी के कलाकारों ने पंच वाद्य, शंख, डमरू, मंजीरे, काठी, मांदल बजाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। स्वागत उपरांत प्रधानमंत्री ने नंदी द्वार के नीचे स्थापित रक्षा सूत्र से बनीं शिवलिंग की 16 फीट ऊंची प्रतिकृति का अनावरण रिमोट का बटन दबाकर किया। इसी के साथ ‘श्री महाकाल लोक’ का लोकार्पण हुआ। तत्पश्चात वे महाकाल पथ पर पैदल चले। उन्होंने 25 फीट ऊंची और 500 फीट लंबी दीवार पर उकेरे शैल चित्रों को निहारा। फिर कमल सरोवर होकर सप्त ऋषि मंडल पहुंचे। उन्होंने सप्त ऋषियों की विग्रह मूर्तियों, 25 फीट ऊंचे शिव स्तम्भ को देखा। यहां भोपाल के कलाकारों ने भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम, बंगाल और झारखंड के कलाकारों ने पुरलिया छाऊ, केरल के कलाकारों ने तैय्यम, कथकली नृत्य कर, कर्नाटक के कलाकाराें ने यक्षगान कर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। रुद्रसागर के समानांतर पथ पर हरियाणा के कलाकारों ने डेरू जंगम, उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने शिव तांडव, शिव बारात की नृत्य नाट्य का मंचन किया। तेलंगाना के कलाकारों ने पेरिनी शिव तांडव, झारखंड के कलाकाराें ने खरसवा छाऊ, आंध्रप्रदेश के कलाकारों ने ओडूगुलू, गुजरात के कलाकारों ने मेवासी, कर्नाटक के कलाकारों ने ढोलकुनीथा, मध्यप्रदेश के कलाकारों ने गणगौर, मटकी, असम के कलाकारों ने सत्रिया, भोपाल के कलाकारों ने कथक, कुचिपुड़ी, ओडीसा के कलाकारों ने गोटीपुआ, मणिपुर के कलाकारों ने मणिपुर रास, गोआ के कलाकारों ने समई नृत्य की प्रस्तुति दी।मानसरोवर (फेसिलिटी सेंटर) भवन के सामने उज्जैन के खिलाड़ियों ने मलखंभ का प्रदर्शन किया। यहां मंगलवाद्य यंत्र बजाए गएं। प्रधानमंत्री ने सभी कलाकारों की प्रस्तुति को सराहा। उन्होंने इलेक्ट्रिक कार (ई कार्ट) में बैठ परिसर में स्थापित भगवान शिव सहित विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों और दीवाराें पर बनाए शैल चित्रों का अवलोकन किया। तीनों शंख द्धार पहुंचे और अपनी कार में बैठ कार्तिक मेला मैदान पर रखी सभा स्थल की ओर रवाना हुए।

अगले माह सेवानिवृत्त होंगे मुख्य सचिव बैंस, नए सीएस को लेकर चर्चा शुरू

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भोपाल ।  मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस का कार्यकाल नवंबर 2022 को समाप्त हो रहा है। उनका स्थान लेने वाले अधिकारी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मुख्य सचिव पद का प्रबल दावेदार 1989 बैच के अधिकारी अनुराग जैन को माना जा रहा है, वह फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली विकास प्राधिकरण में पदस्थ हैं। इसी बैच के अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान भी हैं। यदि जैन केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से नहीं लौटते हैं तो सुलेमान को मौका दिया जा सकता है। मंत्रालय के उच्‍च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि नए प्रशासनिक मुखिया को लेकर संभावनाएं टटोली जाने लगी हैं। क्योंकि वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए मैदानी जमावट नए अधिकारी के हिसाब से ही जमाई जाएगी। प्रशासनिक हल्कों में बैंस का कार्यकाल छह माह बढ़ाए जाने की बातें भी चल रही हैं, पर अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से ऐसे संकेत नहीं मिले हैं। जिससे माना जा रहा है कि उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। ऐसे में आसन्न चुनाव को देखते हुए सरकार की पहली पसंद अनुराग जैन हो सकते हैं। क्योंकि वे वित्त के अच्छे जानकार माने जाते हैं और मुख्य सचिव पद के प्रबल दावेदार भी हैं दो बार वित्त विभाग में रहकर मुख्यमंत्री के साथ काम भी कर चुके हैं। कमल नाथ सरकार ने भी जैन को वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी। जैन पहले भी केंद्रीय वित्त मंत्रालय व प्रधानमंत्री कार्यालय में पदस्थ रहे हैं।

मध्य प्रदेश लौटने की संभावना नहीं

प्रदेश के 1987 बैच के अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं अजय तिर्की और 1988 बैच के संजय बंदोपाध्याय केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें से किसी के भी मध्य प्रदेश लौटने की संभावना नहीं है। संजय कुमार सिंह इसी साल दिसंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, तो अजय तिर्की के सामने सवा साल है। वे दिसंबर 2023 में सेवानिवृत्त होंगे। संजय बंदोपाध्याय जरूर अगस्त 2024 तक रहेंगे।

रायसेन में सीएमएचओ के शासकीय आवास में आग लगी

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रायसेन !  जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ दिनेश खत्री के शासकीय आवास में मंगलवार को अचानक आग लग गई। आग दोपहर करीब सवा तीन बजे लगी। गनीमत रही कि घटना के वक्‍त सीएमएचओ के शासकीय आवास में कोई नहीं था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही कोतवाली से फायर बिग्रेड मौके पर भेजी गई और आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक आवास में काम करने वाला लड़का 10 मिनट पहले ही ताला लगाकर गया था। भवन के अंदर से आग जलने की बदबू पहले से ही आ रही थी। आग धीरे-धीरे घर के अंदर फैल गई, जिससे पर्दे, गद्दे, तकिए इत्यादि सामान जलकर राख हो गया। सीएमएचओ दिनेश खत्री का कहना है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। उनके कपड़े, बिस्तर वगैरह जल गए हैं। वे जब शासकीय कार्य से जिले में निरीक्षण के लिए गए थे, तब उनके आवास के कर्मचारी ने कमरे में आग लगने की सूचना दी थी। नगरपालिका को सूचना देने पर तत्काल फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची व आग को बुझा लिया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सकों के शासकीय आवास काफी पुराने हैं। उनमें बिजली की लाइनें भी पुरानी हैं।
 

कांग्रेस अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे कल भोपाल में कांग्रेस प्रतिनिधियों से मिलेंगे

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भोपाल ।  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले इस पद के उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे बुधवार को भोपाल आ रहे हैं। वे विशेष विमान से आएंगे और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और निर्वाचित प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधियों से मिलकर चर्चा करेंगे। खड़गे करीब साढ़े तीन घंटे भोपाल में रुकने के बाद दोपहर तीन बजे दिल्ली लौट जाएंगे। वहीं इस पद के दूसरे दावेदार शशि थरूर शुक्रवार (14 अक्टूबर) को भोपाल आ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मतदान कराया जाएगा। इसमें प्रदेश कांग्रेस के 502 प्रतिनिधि अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 15 मनोनीत सदस्य हैं। इसके अलावा 487 प्रतिनिधि वोट डालेंगे। इनमें कांग्रेस के 95 विधायक भी शामिल हैं। जबकि खंडवा लोकसभा के उप चुनाव के समय अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बड़वाह से कांग्रेस विधायक सचिन बिरला भाजपा में शामिल हो गए थे। इसलिए वे मतदान नहीं करेंगे। कांग्रेस तीन बार उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा को आवेदन दे चुकी है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने यह मामला छीनबीन समिति को सौंपा था। समिति की रिपोर्ट आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस का आवेदन निरस्त कर दिया।

खड़गे का पलड़ा भारी

चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। वे सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के पसंद के उम्मीदवार माने जा रहे हैं। इसलिए पूरी संभावना है कि सभी वोट उन्हें ही मिलेंगे। वैसे भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ भोपाल में मीडिया से बात करते हुए साफ कर चुके हैं कि उनका वोट खड़गे को ही जाएगा। वहीं खड़गे के चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कदम पीछे खींच लिए थे। यहां तक कि वे नामांकन जमा कराने खड़गे के साथ गए थे। प्रदेश में इन दोनों नेताओं के इर्द-गिर्द ही कांग्रेस की राजनीति घूमती है। हालांकि कांग्रेसियों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी पहले ही तय कर चुकी है कि इस चुनाव में कोई किसी का पक्ष नहीं लेगा। यानी, ऊपर से जो लाइन तय की गई है। उसी आधार पर मतदान होगा।

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