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बाघ प्रिंट प्राकृतिक रंगों और हाथ की कारीगरी की अद्भुत कला – मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बाघ प्रिंट की अदभुत कला प्रकृति के बहुत नजदीक है। मांडू प्रवास के दौरान मुझे स्व-सहायता समूह की बहनों की बाघ प्रिंट से जुड़ी गतिविधियों को निकट से देखने-समझने का सौभाग्य मिला है। साथ ही मुझे प्राकृतिक रंगों और हाथ की कारीगरी के जादू से मनमोहक कलाकृति को उकेरती यह कला, प्रयोग कर सीखने को मिली है। स्व-सहायता समूह की बहनों और बाघ प्रिंट से जुड़े सभी कलाकारों को मेरी शुभकामनाएँ।

मुख्यमंत्री चौहान धार जिले के माण्डू में बाघ प्रिंट के कलाकारों की कलाकृति और महिला स्व-सहायता समहों के उत्पाद का अवलोकन कर कलाकारों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान एक जिला-एक उत्पाद, दीनदयाल अन्त्योदय योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में हुए कार्यों से भी अवगत हुए। उन्होंने माण्डव के ऐतिहासिक महल, स्मारक और पर्यटन-स्थल देखे। मुख्यमंत्री, माण्डू के दो दिवसीय प्रवास पर थे।

मुख्यमंत्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों द्वारा जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उत्पादों से निर्मित रंगों से की जा रही बाघ प्रिंटिंग को देखा। मुख्यमंत्री ने बाघ प्रिंट के कार्य को समझा और उसे कपड़े पर उकेरा। मुख्यमंत्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की सदस्यों, स्थानीय शिल्पियों के द्वारा किये जा रहे कार्यों, उनके द्वारा निर्मित उत्पाद के संबंध में उनसे संवाद किया और बेहतर प्रगति के लिये तारीफ भी की। जिला पंचायत द्वारा स्व-सहायता समूह के सदस्यों को बाघ प्रिंट के कार्य के लिये प्रशिक्षित किया गया है। बाघ प्रिंट की माँग बढ़ने से कलाकारों की आय बढ़ी है। उत्सव, प्रदर्शनी और एक्सपो आदि से भी बाघ प्रिंट शिल्पियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।

माण्डू के प्राचीन ऐतिहासिक महलों का अवलोकन

मुख्यमंत्री चौहान ने माण्डू में प्राचीन ऐतिहासिक जहाज महल परिसर और हिंडोला महल को देखा। उन्होंने चतुर्भुज राम मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर के अन्य मंदिर में भी दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने रेवा कुण्ड में पूजा-अर्चना की। ऐतिहासिक स्थलों पर मौजूद गाइड से बातचीत कर स्थलों के इतिहास के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पर्यटकों से भी बात की।

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, पूर्व मंत्री रंजना बघेल,जन-प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
 

बड़ी झील में मिली दो दिन पहले लापता हुए युवक की लाश

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भोपाल। पुराने शहर की श्यामला हिल्स पुलिस ने बड़ी झील से युवक की लाश बरामद की है। बताया गया है की मृतक दो दिन पहले गायब हो गया था, पुलिस को आंशका है की उसने आत्महत्या की है। मर्ग कायम कर पुलिस ने आगे की पड़ताल शुरु कर दी है। पुलिस से मिली जानाकरी के अनुसार जेपी नगर, गौतम नगर में रहने वाला 21 वर्षीय हर्ष अहिरवार पिता संतोष अहिरवार कपड़े की दुकान पर काम करता था। दो दिन पहले वो मोबाइल घर पर ही छोड़कर नारियलखेड़ा मे रहने वाली अपनी बुआ के घर जाने का कहकर गया था, जिसके बाद वापस नही लौटा। काफी देर तक उसके वापस नहीं आने पर जब परिजनो ने बुआ को फोन कर हर्ष के बारे में पूछताछ की तो बुआ ने बताया की हर्ष उनके घर आया ही नहीं है। इसके बाद परिवार वालो ने उसके दोस्तों और रिश्तदारी में खोजबीन की लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का शव तालाब मे पड़ा है। सूचना पाकर पहुचीं पुलिस की शुरुआती छानबीन मे शव की शिनाख्त लापता हर्ष के रुप मे हुई। परिवार वालो ने पुलिस को बताया की बीते करीब दो महीने से हर्ष काफी गुमसुम रह रहा था, ओर कई बार कारण पूछने पर भी उसने कुछ नहीं बताया था। वहीं मृतक के पिता का आरोप है की हर्ष की मोहलले मे रहने वाले एक युवक से करीबी दोस्ती थी, लेकिन डेढ़ महीने पहले उनके बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। ओर सागर ने एक पार्टी में हर्ष को बुलाकर उसके साथ सबके सामने दुर्व्यवहार करते हुए किसी तरह की धमकी दी थी, जिससे वो डिप्रैशन मे रहने लगा था। वहीं पुलिस का कहना है की मृतक के पास से सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या का कारण साफ नहीं हो सका है। मर्ग कायम कर पीएम के बाद शव परिवार वालो को सौंपते हुए पुलिस ने आगे की छानबीन शुरु कर दी है।

मैक्सिको में अगले दो सालों में 1300 लोगों को नौकरी देगी आईटी दिग्गज एचसीएल

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नई दिल्ली । आईटी क्षेत्र की दिग्गज भारतीय कंपनी एचसीएल अगले दो साल में बड़ी संख्या में लोगों को नौकरियां देने वाली है। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा कि वह अगले दो साल में 1300 लोगों को मैक्सिको में जॉब देगी। इतने लोगों की हायरिंग के बाद मैक्सिको में एचसीएल के कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 2,400 हो जाएगी। कंपनी मैक्सिको में अपने कर्मचारियों के बेस को मजबूत करने के प्लान पर काम रही है।
मैक्सिको में अपने कारोबार के 14 साल पूरे होने पर आयोजित एक समारोह में कंपनी ने अपने विस्तार का मॉडल पेश किया है। एचसीएल ने कहा कि नए साल में वह मैक्सिको में अपना छठा टेक्नोलॉजी सेंटर भी खोलेगी। बयान में कहा गया कि कंपनी के हाइब्रिड ऑपरेटिंग मॉडल के अनुरूप सेंटर एक शानदार और मुस्तैद ऑफिस होगा। एचसीएल टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट (अमेरिका और कार्यकारी स्पॉन्सर, मेक्सिको) अजय बहल ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि अपने ग्राहकों और पार्टनर्स के साथ मजबूत साझेदारी है। हम मैक्सिको में विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मीशो एप से शांपिग करना पड़ा महंगा, सायबर ठग ने लगा दी 34 हजार की चपत

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भोपाल। राजधानी के बैरागढ़ इलाके मे रहने वाले एक व्यक्ति को शांपिग ऐप मीशो से ट्राउजर मंगाना महंगा पड़ गया। इस दौरान अज्ञात सायबर ठग ने उसे अपने जाल मे फंसाते हुए खुद को कोरियर सर्विस वाला बताकर ओटीपी भेजा, उसे क्लिक करते ही फरियादी के एकांउट से 34 हजार की रकम निकल गई। फरियादी ने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच मे की थी। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने केस डायरी थाना पुलिस को भेज दी। पुलिस के अनुसार बैरागढ़ इलाके मे रहने वाले 32 वर्षीय दीपक शर्मा पिता मदनलाल शर्मा ने अपनी शिकायत मे बताया की बीते मार्च माह मे उन्होने ऑनलाइन शापिंग ऐप मीशो से एक ट्राउजर मंगाया था। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने उससे कोरियर सर्विस वाला बनकर संपर्क किया और पैमैंट करने का कहते हुए उन्हें एक लिंक भेज दी। शातिरो ने उन्हे अपने झांसे में लेकर केवल पांच रूपए ट्रांसफर करने को कहा। दीपक ने जब ऐसा किया तो उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया जिसे आरोपियों ने पूछ लिया। इसके बाद फरियादी के एकाउंट से 34 हजार रूपए निकल गए। पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात आरोपियो की सुरागशी के प्रयास कर रही है।

“श्री महाकाल लोक” : संस्कृति और आध्यात्म का स्वर्णिम संयोजन

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भोपाल : शिव सर्वगत अचल आत्मा है, शिव की आराधना शक्ति की आराधना है। शिव अव्यक्त है, उनके सहस्त्रों रूप है। भारत की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को "श्री महाकाल लोक" में जिस सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया है वह अतुलनीय है। यहाँ शांति और निश्चिन्तता के साकार रूप शिव ही शिव है। "श्री महाकाल लोक" सनातन संस्कृति की पौराणिकता,ऐतिहासिकता और गौरवशाली परम्परा का अद्भुत संगम और अद्वितीय नूतन रूप है। इसे जिस भव्यता और सुंदरता से प्रदर्शित किया गया है, वह चमत्कृत कर देता है।

 दरअसल प्राचीन पुण्य सलिला माँ क्षिप्रा के तट पर बसी प्राचीनतम नगरी उज्जैन का "श्री महाकाल लोक" भगवान शिव के भक्तों के स्वागत के लिए तैयार है। महाकाल मंदिर के नवनिर्मित कॉरिडोर को 108 स्तंभ पर बनाया गया है, 910 मीटर का ये पूरा महाकाल मंदिर इन स्तंभों पर टिका होगा। महाकवि कालिदास के महाकाव्य मेघदूत में महाकाल वन की परिकल्पना को जिस सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया था, सैकड़ों वर्षों के बाद उसे साकार रूप दे दिया गया है। दुनिया भर से उज्जैन आने वाले शिव भक्तों के लिए यह शिव महिमा का सम्पूर्ण अनुभव देने का अनूठा और अद्भुत प्रयास है।  

"श्री महाकाल लोक" आधुनिक व्यवस्थाओं और संसाधनों से भी परिपूर्ण बनाया गया है। इसकी व्यवस्था इतनी उत्कृष्ट है कि भक्तों और पर्यटकों को अभिभूत कर देगी। मंदिरों के साथ ही पूजा सामग्री और हार-फूल की दुकानों को भी विशिष्ट तरीके से लाल पत्थर से बनाया गया है,जिन पर सुंदर नक्काशी की गई है। "श्री महाकाल लोक" के निर्माण से भगवान शिव की जिन कथाओं का महाभारत, वेदों तथा स्कंद पुराण के अवंती खंड में उल्लेख है, उनका जीवंत अनुभव शिव भक्त धर्मनगरी उज्जैन में कर पाएंगे। महाकाल ज्योतिर्लिंग एक मात्र ज्योतिर्लिंग है जो दक्षिणमुखी है। सनातन धर्म में महाकाल के दर्शन जीवन का एक महत्वपूर्ण और आवश्यक भाग माना जाता है, जिससे शांति मिलती है। इसलिए लाखों भक्त नित्य इस देव स्थान पर आते हैं। "श्री महाकाल लोक" के जरिए शिव के सभी स्वरूप एक स्थान पर लाना मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार का ऐसा दुर्लभ कार्य है जिसकी और कोई मिसाल नहीं हो सकती।

शिव मंगल, शुभ और सौभाग्यसूचक देव है, वे सदाशिव है, जो ब्रह्मा से सृष्टि रचवाते है, विष्णु से उसका पालन करवाते है तथा रूद्र से उसका नाश करवाते है। "श्री महाकाल लोक" में शिव, शम्भू, शशिशेखर के सहस्त्रों रूप और उनकी महिमा को सुंदर ढंग से उकेरा गया है। शिवलिंग सार्वभौमिक रूप से सृजन का प्रतीक है और "श्री महाकाल लोक" भारतीय सांस्कृतिक विरासत को साक्षात् प्रतिबिम्बित कर रहा है। यहाँ शिव का मृत्युंजय रूप भी है, जिसकी उपासना से मृत्यु को भी मात दी जा सकती है। यहाँ महादेव भी है जिसकी उपासना से हर ग्रह नियंत्रित रहता है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं शिव भक्त है, वे सावन माह की शाही सवारी में कई वर्षों से शामिल होते रहे है। उनके कार्यकाल में वर्ष 2016 में उज्जैन में ऐतिहासिक सिंहस्थ सम्पन्न हुआ था। व्यवस्थाओं और संसाधनों की दृष्टि से इसे भारत का अब तक का सबसे सफलतम धार्मिक आयोजन माना जाता है। वे उज्जैन को धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में उभारने को लेकर प्रतिबद्ध रहे और इसी के दृष्टिगत सिंहस्थ के ठीक बाद वर्ष 2017 में "श्री महाकाल लोक" की योजना बनी। यह करोड़ों भारतीयों का सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी शिव भक्त है और उनके नेतृत्व में देश भर में आध्यात्मिक और धार्मिक स्थानों का निरंतर कायाकल्प हो रहा है। इस प्रकार प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यकुशलता से ही "श्री महाकाल लोक" का सपना साकार हो सका है।

हम सभी जानते हैं कि महाकाल दर्शन का बड़ा धार्मिक महत्व है। इसे मोक्ष प्रदान करने वाला स्थल माना जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार इसे मंगल ग्रह की उत्पत्ति का स्थान माना जाता है। उज्जैन का इतिहास अनादि काल से माना जाता है और राजनीतिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक दृष्टि से भी इसे उत्कृष्ट स्थान माना जाता है। भारत की पौराणिक और धार्मिक महत्व की सात प्रसिद्ध पुरियों या नगरियों में उज्जैन प्रमुख स्थान रखता है बल्कि यहाँ साक्षात दैवीय शक्तियों का आज भी वास है। उज्जयिनी को विशाला, प्रतिकल्पा, कुमुदवती, स्वर्णश्रंगा और अमरावती के नाम से भी जाना जाता है तथा यहाँ स्थित महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। पुराणों, महाभारत और कालिदास जैसे महाकवियों की रचनाओं में इस मंदिर का मनोहर वर्णन मिलता है।

उज्जैन में "श्री महाकाल लोक" के निर्माण का फायदा न केवल शिव भक्तों को मिलेगा बल्कि रोजगार और पर्यटन की दृष्टि से भी यह फलदायी होगा। "श्री महाकाल लोक" में लाखों लोग एक साथ भ्रमण कर सकते हैं और रुकने की दृष्टि से भी इसे सर्व सुविधायुक्त बनाया गया है। अब शिव भक्त यहाँ महाकाल के दर्शन के लिए आएंगे भी और आराम से वे रुक भी सकेंगे। ऐसे में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उज्जैन के पास मंदसौर का प्रसिद्ध पशुपतिनाथ का मंदिर, मांडू और ओंकारेश्वर भी है। अत: मध्य प्रदेश में मालवा का यह सम्पूर्ण क्षेत्र धार्मिक कॉरिडोर के रूप में पहचान बनाने में निश्चित ही सफल होगा। मालवा के क्षेत्र को शांत और मौसम के लिहाज से उत्कृष्ट माना जाता है, अब "श्री महाकाल लोक" की लोकप्रियता और आकर्षण से इस क्षेत्र में नये-नये उद्योग भी बढ़ेंगे। बहरहाल उज्जैन में नवनिर्मित "श्री महाकाल लोक" भारत के धार्मिक और आध्यात्मिक स्थानों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण बनने जा रहा है। सांस्कृतिक विरासत,रोजगार और पर्यटन के अदभुत केंद्र के रूप में दुनिया भर में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में यह सफल होगा, इसकी स्वर्णिम संभावनाएं है।

जम्मू-कश्मीर पर पाक और जर्मनी की टिप्पणियों पर भारत ने दिया करारा जवाब

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नई दिल्ली| कथित मानवाधिकार उल्लंघन की बात बोलकर पाकिस्तान हर जगह जम्मू-कश्मीर का राग अलापता रहता है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने जर्मन विदेश मंत्री एनालेना बारबॉक के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान फिर से मानवाधिकार उल्लंघन का दावा दोहराया। जिस पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि, वैश्विक समुदाय के सभी गंभीर और कर्तव्यनिष्ठ सदस्यों की अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार से आतंकवाद को खत्म करने की भूमिका और जिम्मेदारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शनिवार को एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर दशकों से इसी तरह के और निरंतर आतंकवादी अभियान का गवाह रहा है। बागची ने बयान में कहा, विदेशी नागरिक वहां और भारत के अन्य हिस्सों में भी इससे पीड़ित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और एफएटीएफ अभी भी 26/11 के भीषण हमलों में शामिल पाकिस्तानी आतंकवादियों के पीछे लगे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जब राज्य स्वार्थ या उदासीनता के कारण ऐसे खतरों को नहीं पहचानते हैं, तो वे शांति के उद्देश्य को कमजोर करते हैं, उसे बढ़ावा नहीं देते हैं और आतंकवाद के पीड़ितों के साथ गंभीर अन्याय करते हैं।

बागची का यह बयान जर्मन और पाकिस्तानी विदेश मंत्रियों की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणियों पर मीडिया के सवालों के जवाब में आया है।

सीतारमण ने टोकरी में खुद चुनीं सब्जियां

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को अचानक चेन्नई के मायलपुर मार्केट पहुंचीं। यहां उन्होंने सब्जियां खरीदीं और लोगों से बात भी की। सोशल मीडिया पर निर्मला सीतारमण के ऑफिशियल हैंडल से इसका वीडियो और फोटोज शेयर किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री को देख वहां लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से फोटो भी खींची। वित्त मंत्री की शॉपिंग लिस्ट में सुंदक्कई (टर्की बेरी), पिडी करनई (जंगली रतालू), मुलई कीराई (एक तरह का ऐमारैंथ) और मनाथक्कली कीराई (ब्लैक नाइट शेड) शामिल थी।

केंद्रीय मंत्री के साथ मौजूद भाजपा विधायक वनथी श्रीनिवासन ने कहा कि वित्त मंत्री थंडू कीरई खरीदने के लिए रुकी थीं, लेकिन उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्होंने अन्य सब्जियां खरीदीं। उन्होंने कहा, शुरुआत में वेंडर हाथ में गन लिए सिक्योरिटी पर्सनल्स को देखकर घबरा गए, लेकिन जब हमने बताया कि वह वित्त मंत्री हैं तो एक वेंडर ने कॉफी के लिए उन्हें इनवाइट किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से सब्जी मंडी का यह दौरा ऐसे समय किया गया है, जब देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है। देश में खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छु रहे हैं। कई यूजर्स ने वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा कि वित्त मंत्री से GST लेना न भूलें।

 

मेथी तेल से बालों की समस्या आसानी से करे दूर

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मेथी तेल के लगातार इस्तेमाल से आप बालों की कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। मेथी के बीज में प्रोटीन की अच्छी-खासी मात्रा मौजूद होती है, जो बालों को हेल्दी रखने और उनकी ग्रोथ के लिए बहुत ही जरूरी तत्व है। इसके अलावा मेथी में लेसिथिन भी होता है, जो बालों को मजबूत बनाने और उन्हें मॉइस्चराइज करने में भी मदद कर सकता है।

बालों का झड़ना करता है कम

बाल झड़ने की समस्या से निजात पाने के लिए मेथी दाने को नारियल तेल में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पहले मेथी दाने को पीसकर पाउडर बना लें और फिर इसमें नारियल तेल मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें। हफ्ते में दो दिन इसे यूज करें। वैसे बाजार में मेथी का तेल भी उपलब्ध है आप चाहें तो उसका भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

बाल बढ़ाने में मददगार

बालों को मजबूत, चमकदार और लंबा बनाने के लिए मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रख दें। फिर इसे पीसकर बारीक पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों में लगाकर आधे घंटे के लिए छोड़ दें और फिर शैंपू कर लें।

मेथी तेल इस्‍तेमाल का तरीका

स्‍कैल्‍प पर इस तेल से अच्छी तरह मालिश करें। तेल को स्कैल्प से लेकर बालों की लंबाई तक पूरा लगाएं। 2 घंटे या कोशिश करें रात भर लगा रहने दें। सुबह शैम्पू कर लें। जल्द रिजल्‍ट पाने के लिए हफ्ते में 2 बार इसका इस्‍तेमाल करें।

मेथी तेल के अन्य फायदे

  • मेथी तेल के लगातार इस्तेमाल से बाल घने होने लगते हैं।
  • मेथी के बीज आयरन और प्रोटीन से भरपूर होते हैं और ये दोनों ही तत्व बालों को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरूरी हैं।
  • मेथी तेल लगाने से बालों को विटामिन सी भी मिल जाता है जो बालों की ग्रोथ में मददगार है।
  • मेथी का तेल लगाने से डैंड्रफ की समस्या से भी निजात मिलता है।

घी असली है या नकली?  यूं करें पहचान…

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दाल से पूड़ी-पराठे बनाने तक के लिए घी का इस्तेमाल किया जाता है। घी में खाना पकाने से लेकर उसके साथ ढेर सारी मिठाइयां बनाने तक, घी हेल्दी फैट माना जाता है  हर घर की किचन में यूज होने वाला घी इन दिनों मिलावटी भी मिलने लगा है। शुद्ध देसी घी में मिलावट है या नहीं इसकी जांच आप घर में ही कर सकते हैं। 

डबल बॉइलर प्रोसेस का करें इस्तेमाल
देसी घी में अक्सर नारियल का तेल मिलाया जाता है। ऐसे में मिलावट चेक करने के लिए एक कांच के कटोरे में थोड़ा घी डालें और इसे डबल-बॉयलर प्रोसेस का इस्तेमाल करके पिघलाएं। अब इस मिश्रण को किसी जार में डालकर कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें। थोड़ी देर बाद अगर घी अलग-अलग परतों में जम जाए तो घी में मिलावट होती है। 

हथेली पर रखकर करें चेक
देसी घी की जांच करने का एक और अच्छा तरीका है हथेली से जांच करना। अपनी हथेली में एक चम्मच घी डालें और इसके पिघलने तक कुछ देर इंतजार करें। घी पिघलने लगे तो शुद्ध है,नही पिघले बरकरार रहे तो मिलावटी है। 

केमिकल का करें इस्तेमाल
आप टेस्टिंग ट्यूब में एक बड़ा चम्मच घी डालकर गरम करें। अब एक चुटकी चीनी के साथ समान मात्रा में सांद्र एचसीएल मिलाएं। टेस्टट्यूब को हिलाएं और सभी चीजों को मिक्स करें। अगर निचली परतों में गुलाबी या लाल रंग के दाने दिखाई दें, तो घी में मिलावट है।

पैन में पिघलाएं
शुद्ध देसी घी चेक करने का सबसे आसान तरीका है इसे पैन में पिघलाना। मीडियम आंच पर एक पैन रखें और इसे कुछ देर के लिए गर्म होने दें, अब इसमें एक चम्मच घी डालें। अगर घी तुरंत पिघल कर गहरे भूरे रंग का हो जाए तो वह शुद्ध घी है। अगर इसे पिघलने में समय लगता है और हल्के पीले रंग में बदल जाता है, तो यह मिलावटी है।

नाश्ते में बनाएं आलू-गोभी की टिक्की, जानें रेसिपी…

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मौसम जब सुहावना होता है, तो मन कुछ स्पेशल खाने का करने लगता है। ऐसे में आप घर पर कुछ स्पेशल बना सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे आलू-गोभी की टिक्की बना सकते हैं। जी हां, आलू-गोभी की सब्जी तो आपने कई बार खाई होगी लेकिन आलू-गोभी की टिक्की खाने का मजा ही कुछ और है। यह काफी पौष्टिक भी होती है। आइए, जानते हैं कि कैसे बनाएं- 

सामग्री- 
आलू- 4 
गोभी-एक 
बेसन-दो कटोरी
तेल- आधा कटोरी  
अजवाइन-एक चुटकी  
कॉर्नफ्लोर-आधा चम्मच  
हल्दी-आधा चम्मच  
नमक-आधा चम्मच  
मिर्च-आधा चम्मच 

आलू-गोभी टिक्की बनाने की विधि- 
सबसे पहले आलू और गोभी को उबाल लें। अब इसे एक बाउल में मैश कर लें। अब इसमें अजवाइन, हल्दी, नमक और मिर्च डालकर मिला लें। अब इसमें बेसन डालकर टिक्की का मिक्सचर तैयार कर लें। ऊपर से दो चम्मच कॉर्नफ्लोर डाल दें। अब इसे अच्छी तरह से मिला लें। एक तवे पर तेल डालें और टिक्की सेंक लें। चाय और कॉफी के साथ सर्व करें। 

इस रेसिपी को बनाते समय याद रखें कि आलू और गोभी के मिक्सचर में ज्यादा पानी न जाए, वरना टिक्की सही से सेट नहीं हो पाएगी। आप चाहें, तो इसमें उअबले मटर भी डाल सकते हैं। इससे स्वाद और भी बढ़ जाएगा। टिक्की को ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए आप ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।  टिक्की में आप हरा धनिया भी डाल सकते हैं। इससे स्वाद और भी बढ़ जाता है। 

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