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मानव सेवा ही सबसे बड़ी तपस्या है

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सत्यनगर के राजा सत्यप्रताप सिंह न्याय प्रिय शासक थे। एक बार उन्हें पता चला कि सौम्यदेव नामक एक ऋषि अनेक वर्षों से लोहे का एक डंडा जमीन में गाड़ कर तपस्या कर रहे हैं और उनके तप के प्रभाव से डंडे में कुछ अंकुर फूट कर फूल-पत्ती निकल रहे हैं।

जब वह अपनी तपस्या में पूर्ण सफलता प्राप्त कर लेंगे तो उनका डंडा फूल-पत्तों से भर जाएगा।

सत्यप्रताप ने सोचा कि यदि उनके तप में इतना बल है कि लोहे के डंडे में अंकुर फूट कर फूल-पत्ते निकल सकते हैं तो फिर मैं भी क्यों न तपस्या करके अपना जीवन सार्थक बनाऊं? यह सोचकर वह भी ऋषि के समीप लोहे का डंडा गाड़ कर तपस्या करने लगे। संयोगवश उसी रात जोर का तूफान आया। मूसलाधार बारिश होने लगी। राजा और ऋषि दोनों ही मौसम की परवाह न करके तपस्या में लीन रहे। कुछ देर बाद एक व्यक्ति बुरी तरह भीगा हुआ, ठंड से कांपता हुआ वहां पर आया। उसने ऋषि से कहीं ठहरने की जगह के बारे में पूछा। ऋषि ने आंख खोलकर भी नहीं देखा। निराश होकर वह राजा सत्यप्रकाश के पास पहुंचा और गिर पड़ा।
राजा ने उसकी इतनी बुरी हालत देखकर उसे गोद में उठाया। उन्हें नजदीक ही एक कुटिया नजर आई। उन्होंने उस व्यक्ति को उसमें लिटाया और उसके समीप आग जलाकर गर्माहट पैदा की। गर्माहट मिलने से वह व्यक्ति होश में आ गया। इसके बाद राजा ने उसे कुछ जड़ी-बूटी पीसकर पिलाई। कुछ देर बाद वह व्यक्ति ठीक हो गया।

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सुबह होने पर जब राजा उस व्यक्ति के साथ कुटिया से बाहर आए तो यह देखकर हैरान रह गए कि लोहे का डंडा जो उन्होंने गाड़ा था, वह ताजे फूल-पत्तों से भरकर झुक गया था। इसके बाद राजा ने ऋषि के डंडे की तरफ देखा। ऋषि के थोड़े बहुत निकले फूल-पत्ते भी मुरझा गए थे। राजा समझ गए कि मानव सेवा से बड़ी तपस्या और कोई नहीं।
 

करवा चौथ व्रत कब है? तिथि, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत विधि

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करवा चौथ व्रत कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल करवा चौथ व्रत 13 अक्टूबर, बृहस्पतिवार को रखा जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस दिन महिलाएं संपूर्ण शृंगार के साथ अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जल व्रत रखती हैं और चांद निकलने पर जल ग्रहण कर उपवास तोड़ती हैं। करवा चौथ के दिन धातु के करवा का पूजन श्रेष्ठ माना जाता है। यदि आपके पास धातु का करवा उपलब्ध नहीं है तो आप मिट्टी के करवा की पूजा का भी विधान है।

करवा चौथ पूजा मुहूर्त

चतुर्थी तिथि शुरू – 13 अक्टूबर को रात 01 बजकर 58 मिनट
चतुर्थी तिथि समाप्त – 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 07 मिनट पर
पूजा मुहूर्त: शाम 6 बजकर 01 मिनट से 07 बजकर 15 मिनट तक
चांद निकलने का समय: रात 8 बजकर 10 मिनट पर

करवा चौथ व्रत विधि

ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की परंपरा के अनुसार सरगी आदि ग्रहण करें। स्नानादि करने के पश्चात निर्जल व्रत का संकल्प करें। शाम के समय तुलसी के पास बैठकर दीपक प्रज्वलित कर करवाचौथ की कथा सुनें। चंद्रोदय से पहले ही एक थाली में धूप-दीप, रोली, पुष्प, फल, मिष्ठान आदि रख लें। एक लोटे में अर्घ्य देने के लिए जल भर लें। मिट्टी के बने करवा में चावल या फिर चिउड़ा आदि भरकर उसमें दक्षिणा के रुप में कुछ पैसे रख दें। एक थाली में शृंगार का सामान भी रख लें।

चंद्र दर्शन कर पूजन आरंभ करें। सभी देवी-देवताओं का तिलक करके फल-फूल मिष्ठान आदि अर्पित करें। शृंगार के सभी सामान को भी पूजा में रखें और टीका करें। अब चंद्र देव को जल का अर्घ्य दें। छलनी में दीप जलाकर चंद्र दर्शन करें, अब छलनी से अपने पति के दर्शन करें। इसके बाद पति के हाथों से जल पीकर व्रत का पारण करें। अंत में शृंगार की सामाग्री और करवा को अपनी सास या फिर किसी सुहागिन स्त्री को दें।
 

पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, भूल से भी न करें ये गलतियां

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पापांकुशा एकादशी व्रत रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। इस दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति पापांकुशा एकादशी व्रत का पालन सच्चे मन से करता है, उसे विष्णु लोक की प्राप्ति होती है। लेकिन शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि एकादशी के दिन कुछ कार्यों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसे कार्यों को करने से जीवन में परेशानियां और कष्ट बढ़ जाते हैं। आइए जानते हैं उन कार्यों के बारे में, जिन्हें एकादशी के दिन नहीं करना चाहिए…

न करें ये गलतियां
ज्योतिष के अनुसार, पापांकुशा एकादशी व्रत रखने के एक दिन पहले से ही मांसाहार का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं तो इस दिन मांस मदिरा के सेवन से बचें।

कहा जाता है कि एकादशी व्रत के दिन साबुन, तेल, शैंपू आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही महिलाओं को इस दिन बाल धोने से भी बचना चाहिए और घर के पुरुषों को दाढ़ी, बाल, नाखून आदि नहीं काटना चाहिए।

पापांकुशा एकादशी व्रत के दिन चावल, बैंगन, मसूर की दाल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही घर में झाड़ू लगाने से बचना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान
पापांकुशा एकादशी व्रत के दौरान शाम को भगवान विष्णु के समक्ष दीपक जलाना न भूलें। कहा जाता है कि दीपक जलाने से मृत्यु के बाद सूर्य लोक में स्थान प्राप्त होता है।
 

राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन (06 अक्टूबर 2022)

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  • मेष राशि – विघटनकारी तत्वों से क्षतिग्रस्त होने से बचिये, समस्यायें बनी ही रहेंगी।
  • वृष राशि – कार्य सफलता से संतोष, स्त्री-वर्ग से उल्लास तथा आपकी चिन्तायें कम अवश्य होंगी।
  • मिथुन राशि – आशानुकूल सफलता मिलेगी, व्यवसायिक क्षमता अनुकूल बनेगी, समय का ध्यान रखें।
  • कर्क राशि – अशुद्ध गोचर रहने से विशेष कार्य स्थगित रखें, अधिकारियों से तनाव बन सकता है।
  • सिंह राशि – आर्थिक योजना फलीभूत होगी, विरोधी परेशान करेंगे, कार्य की चिन्ता बनेगी।
  • कन्या राशि – स्वभाव में अशांति, मानसिक बेचैनी, कार्य तीक्रता के कुछ प्रयास अवश्य सफल होंगे।
  • तुला राशि – अर्थ व्यवस्था कुछ अनुकूल होगी, सफलता का हर्ष अवश्य ही होगा।
  • वृश्चिक राशि – इष्ट मित्र सहायक रहेंगे, बड़े-बड़े लोगों से मेल-मिलाप अवश्य ही होगा, कार्य बनेंगे।
  • धनु राशि – मान-प्रतिष्ठा बालबाल बचे, कार्यवृत्ति में सुधार होगा, रुके कार्य शीघ्र निपटा लें।
  • मकर राशि – व्यवसाय में व्यग्रता, तनाव, क्लेश से हानि, कार्य स्थगित रखें, समय का ध्यान रखें।
  • कुंभ राशि – सफलता के साधन जुटायें, धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा ध्यान रखें
  • मीन राशि – बिगड़े कार्य बनेंगे, योजना फलीभूत होगी तथा इष्ट मित्र सुखवर्धक अवश्य हेंगे।

मुख्यमंत्री चौहान ने रानी दुर्गावती की जयंती पर नमन किया

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भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर नमन कर निवास स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने ट्वीट संदेश में कहा कि- "रानी दुर्गावती “चन्देलों की बेटी, गौंडवाने की रानी और दुर्गा भवानी थी। बाज बहादुर की सेना को धूल चटाने और मुगलों की सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर देने वाली शौर्य एवं साहस की प्रतिमूर्ति वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर कोटिश: नमन करता हूँ।" मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मातृ-भूमि की रक्षा के लिये उनका अमूल्य बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने दशहरा पर्व पर निवास में की पूजा-अर्चना

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशहरा पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में पूजा-अर्चना की। उन्होंने विजयादशमी पर हवन, शस्त्र और वाहन पूजन कर अधिकारी-कर्मचारियों को दशहरा के पावन पर्व की बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक दशहरा पर्व की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सभी के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की है। मुख्यमंत्री चौहान की धर्मपत्नी  साधना सिंह, निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी सहित सुरक्षा स्टाफ शामिल हुआ।

एमपीपीईबी व एमपीपीएससी में 5 साल से नहीं हुई भर्ती, छात्रों ने निकाली रैली

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खंडवा ।  एमपीपीईबी व एमपीपीएससी में लंबित भर्ती व रिवाइज्ड परिणामों की घोषणा की मांग को लेकर छात्रों ने शुक्रवार को रैली निकाली। लगभग तीन किलोमीटर पैदल चलकर नगर निगम चौराहे से कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां पर कलेक्टर अनूप कुमार सिंह के नहीं होने पर अन्य अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे। नाराज छात्रों ने ज्ञापन कलेक्टर को ही देने की बात कह कर धरना शुरू कर दिया। तेज धूप में छात्र और छात्राएं धरने पर बैठ गए। शहर के अलग-अलग कोचिंग संस्थानों में व्यापमं के तहत एमपीपीएससी के तहत सब इंस्पेक्टर, पटवारी, फारेस्ट, जेल प्रहरी, वनरक्षक, शिक्षक संवर्ग सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी करने वाले 500 के लगभग छात्र सुबह 11 बजे नगर निगम पर एकत्रित हुए। यहां से हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शांति पूर्ण रुप से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट भवन पहुंचे। ज्ञापन लेने के लिए अपर कलेक्टर अशोक जाधव पहुंचे जिस पर छात्रों ने कलेक्टर महोदय को ही ज्ञापन देने की बात कही। अपर कलेक्टर जाधव ने उनके शहर में नहीं होने की जानकारी दी। इस पर छात्रों ने शाम चार बजे तक इंतजार करने की बात कही व धरना शुरू कर दिया। रैली में शामिल निजी कोचिंग संस्थान के संचालक गौरव चौहान ने बताया मध्यप्रदेश में भर्तियों को लेकर प्रक्रिया रुकी हुई है। इससे कोचिंग लेने वाले बच्चे मानसिक रूप से भी परेशान हैं। चार से पांच सालों से यह सतत तैयारियां कर रहे हैं लेकिन इसका उन्हें सकारात्मक परिणाम परीक्षाओं के रूप में नहीं मिल पा रहा है। छात्रा दीप्ति सोनी ने बताया पिछले चार साल से हम ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन इसका कोई भी सकारात्मक परिणाम नजर नहीं आ रहा। भर्ती प्रक्रिया को लेकर कैलेंडर जारी किया जाता है लेकिन जब परीक्षा की तारीख नजदीक आती है तो उसे निरस्त कर दिया जाता है।

यह है छात्रों की प्रमुख मांग

– मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2019 के रोस्टर केस में हाई कोर्ट के निर्णय अनुसार रिवाइज्ड परिणाम घोषित कर प्रक्रिया अति शीघ्र पूरी की जाए।

– राज्य सेवा परीक्षा 2020 के परिणाम घोषित कर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

– राज्य वन सेवा परीक्षा 2019-2020 व 2021 की राज्य इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा पूर्ण की जाए।

– 2020 की सभी परीक्षाओं के नोटिफिकेशन जारी किए जाए।

– एमपी कांस्टेबल की 15% वेटिंग के साथ मेरिट लिस्ट जारी की जाए।

– पीईबी द्वारा आयोजित के बेकलॉग पदों सहित आगामी परीक्षा का कैलेंडर जारी किया जाए।

– संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया अधिकतम 10 माह में पूर्ण पर चयनित अभ्यार्थी को नियुक्ति दी जाए।

– खाली पदों पर स्थाई नियुक्ति हो, आउटसोर्स कॉन्ट्रैक्ट और संविदा नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

– बढ़ाई गई सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष से कम कर 58 वर्ष किया जाए।

क्या फ्लॉप फिल्मों के बाद आयुष्मान खुराना ने घटाई फीस?

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साल 2022 हिंदी सिनेमा के लिए कुछ खास नहीं रहा। बॉक्स ऑफिस पर साउथ की फिल्मों के बढ़ते वर्चस्व का नुकसान बॉलीवुड फिल्मों को उठाना पड़ा।कई बड़े सुपरस्टार्स की इस साल रिलीज हुई फिल्में बुरी तरह फ्लॉप रहीं।वहीं,अभिनेता आयुष्मान खुराना की फिल्में भी इस साल बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास नहीं कर पाई। इसी बीच लीक से हटकर फिल्में करने के लिए मशहूर आयुष्मान से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है।

दरअसल, आयुष्मान खुराना ने अपनी फीस में कटौती कर दी है। बता दें कि आयुष्मान साइनिंग फीस के रूप में 25 करोड़ के अपने प्राइस पॉइंट को बनाए हुए हैं, लेकिन उन्होंने प्रोड्यूसर्स के हित के लिए महामारी के दौरान इस फी स्ट्रक्चर को बदल दिया है। उन्होंने महामारी के दौरान या उसके ठीक बाद जिन फिल्मों को साइन किया है, उनके लिए आयुष्मान ने साइनिंग शुल्क के रूप में 25 की जगह सिर्फ 15 करोड़ रुपये ही फीस ली है। बाकी शेष 10 करोड़ रुपये और लाभ का हिस्सा फिल्म के परिणाम पर निर्भर करेगा। अगर फिल्म ब्लॉकबस्टर होती है और अधिक मुनाफा कमाती है तो उसके निर्माता भी लाभान्वित होंगे, क्योंकि आयुष्मान की पूरी लागत एक प्रोजेक्ट की शुरुआत पर बोझ नहीं डालती है।कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आयुष्मान खुराना ने अपनी पिछली फिल्मों के खराब प्रदर्शन को देखते हुए अपनी फीस में कटौती कर दी है। दरअसल, आयुष्मान खुराना की 'अनेक' और 'चंडीगढ़ करे आशिकी' का प्रदर्शन उम्मीद के हिसाब से नहीं रहा था। ऐसे में दावा किया जाने लगा कि आयुष्मान ने अपनी फीस 10 करोड़ रुपये घटा दी है, जबकि यह बात सही नहीं है।

जबलपुर आर्डनेंस फैक्ट्री में आग से झुलसे गंभीर नंद किशोर को एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाने की तैयारी

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जबलपुर  ।  आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के एफ-6 फिलिंग सेक्शन में हुए अग्नि-हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल नंद किशोर सोनी को एयर एम्बुलेंस से मुंबई भेजा जा रहा है। मुंबई की नेशनल बर्न यूनिट में उनका इलाज कराया जाएगा। नंदकिशोर के अलावा शेष सभी का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।ओएफके प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बताया कि नंद किशोर का शुक्रवार की दोपहर दो बजे एयर लिफ्ट कर मुबई ले जाया जाएगा। उनके लिए निर्माणी प्रबंधन ने दिल्ली से एयर एम्बुलेंस बुलवाई है। फैक्ट्री के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि आहत कर्मचारियों के इलाज के लिए जो भी जरूरी होगा किया जाएगा। मामले की जांच के लिए बोर्ड आफ इंक्वारी का भी गठन किया जा चुका है। गौरतलब है कि गुरुवार की दोपहर ओएफके के एफ-6 सेक्शन में बारूद का मिश्रण बनाते समय हादसा हो गया था। इस हादसे के चलते अचानक बारूद में आग लग गई, जिसकी वजह से वहां मौजूद नंद किशोर सोनी, श्याम देव राजभर, करन आर्या, अंकित तिवारी, विजय कुमार और कालू राम मीणा आग में झुलस गए थे।

दूसरे संस्थान से मंगाई एम्बुलेंस

एक एंबुलेंस फिलिंग फायर स्टेशन में हमेशा खड़ी रहने का प्रावधान है, किंतु श्रमिक नेताओं का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण वहां एंबुलेंस नहीं रहती। इसी के चलते गुरुवार को भी दुर्घटना होने पर एंबुलेंस आने में देरी हुई एवं दूसरी निर्माणियों से एंबुलेंस मंगाना पड़ी।

श्रमिक संगठनों के आरोप

निर्माणी में सुरक्षा नियमों की सरेआम अवहेलना की जा रही है नकली प्लांट व मशीनरी खरीदी गई है एवं पुराने मशीनों व प्लांटों में काम होता है। आईएनडीडब्ल्यूएफ उपाध्यक्ष अरूण दुबेका कहना है कि यहां अधिकारी- अनुभवी व योग्य की जगह सेटिंग के आधार पर पदस्थ किए जाते रहे हैं। फायर आफिसर एक ऐसे नान टेक्निकल जेडब्ल्यू को बनाया गया है, जिसे फायर के बारे में कुछ पता नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी प्रशासन के बारे में नहीं जानते। नान फिलिंग के नए कर्मचारियों को फिलिंग-सेक्शन में पदस्थ किया जाता है और उनसे जबरन काम कराया जाता है। उन्हें रिस्क अलाउंस भी नहीं दिया जाता। ऐसी तमाम अनियमितताओं की शिकायत उच्च अधिकारियों से की जा चुकी हैं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

कर्मचारियों का चल रहा है उपचार

घायल कर्मचारियों का उपचार चल रहा है। इस मामले में बोर्ड आफ इंक्वारी का गठन कर दिया गया है। गंभीर रूप से घायल नंदकिशोर को मुंबई ले जाने की तैयारी है।

-दिनेश कुमार, डीजीएम-ओएफके

सीएम शिवराज ने किया होनहार विद्यार्थियों का सम्‍मान, लैपटाप के लिए दी राशि

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भोपाल ।  मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक लाने वाले करीब 91 हजार विद्यार्थियों को एक कार्यक्रम में लैपटाप के लिए 25 हजार रुपये की राशि का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम राजधानी के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कन्‍या पूजन के उपरांत दीप पज्‍ज्‍वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार और जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग मंत्री मीना सिंह और भोपाल की महापौर मालती राय भी कार्यक्रम में उपस्‍थित हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत प्रदेश के मेधावी विद्यार्थी, जिन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें इस योजना से लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक संभाग से मंडल की प्रावीण्य सूची से सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दो-दो विद्यार्थियों को प्रतीक स्वरूप 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया।

भोपाल संभाग के सभी व शेष संभागों से चयनित विद्यार्थी होंगे शामिल

भोपाल संभाग के जिलों के 12,261 एवं शेष 44 जिलों से प्रत्येक जिले से 45 विद्यार्थी, 2-2 महिला एवं पुरुष शिक्षक भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इन विद्यार्थियों में भोपाल जिले के करीब चार हजार विद्यार्थी शामिल हैं। दूसरे संभाग से आने वाले विद्यार्थियों को राजधानी के एक निजी होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को ही दूसरे संभाग के विद्यार्थी राजधानी पहुंच गए थे।

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