Home Blog Page 66

ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए हाईकोर्ट का बड़ा कदम, जारी हुई नई गाइडलाइन

0

जबलपुर। देश में ईंधन संसाधनों के कुशल और बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ अदालती कामकाज को बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलाने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा पूर्व में जारी कार्यालय ज्ञापन को आधार बनाकर तैयार की गई इस नई एडवाइजरी को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

यह नए नियम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर की खंडपीठों सहित राज्य की तमाम जिला अदालतों, सभी न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वकीलों पर समान रूप से लागू होंगे। इस नई नियमावली के जरिए अदालतों में उपलब्ध शासकीय वाहनों के इस्तेमाल को पूरी तरह से नियंत्रित, सीमित और सुव्यवस्थित किया जाना तय किया गया है।

पूल वाहनों का संचालन और व्यक्तिगत सुविधा पर नियंत्रण

नए आदेश के अनुसार, न्यायालय के पूल वाहनों का उपयोग अब केवल बेहद जरूरी न्यायिक और प्रशासनिक दायित्वों को पूरा करने के लिए ही किया जा सकेगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने वाले क्षेत्रों व निवास स्थान को ध्यान में रखकर रूट-वाइज और लोकैलिटी-वाइज एक विशेष वाहन योजना तैयार की जाएगी, ताकि गाड़ियों की अधिकतम बैठने की क्षमता का पूरा लाभ उठाया जा सके। किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी को व्यक्तिगत तौर पर गाड़ी की सुविधा केवल आपातकालीन परिस्थितियों, सुरक्षा कारणों, विशिष्ट प्रोटोकॉल या फिर गंभीर चिकित्सीय जरूरत होने पर ही प्रदान की जाएगी।

कार-पूलिंग को बढ़ावा और साझा परिवहन की व्यवस्था

उच्च न्यायालय ने पर्यावरण और ईंधन संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वकीलों और न्यायालयीन स्टाफ को कार-पूलिंग अपनाने की विशेष सलाह दी है। कोर्ट प्रशासन ने सभी से सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और टू-व्हीलर शेयरिंग को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, ज्यादा आवाजाही वाले और व्यस्त रूटों पर जरूरत के हिसाब से स्टाफ के लिए मिनी बस, ट्रैवलर या अन्य बड़े कमर्शियल साझा वाहनों का इंतजाम करने की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम किया जा सके।

वर्चुअल सुनवाई की अपील और ईंधन खपत की दैनिक निगरानी

नई गाइडलाइन में वकीलों से विशेष तौर पर यह अनुरोध किया गया है कि जहां तक संभव हो, वे अदालती मामलों की पैरवी और सुनवाई के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से ही शामिल हों। इसके अतिरिक्त, सभी प्रशासनिक बैठकें, विभागीय चर्चाएं और बार व बेंच के बीच के संवाद भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ही आयोजित किए जाएंगे, ताकि बेवजह की यात्राओं को रोककर ईंधन की हर संभव बचत की जा सके। हाईकोर्ट ने संबंधित प्रभागों को प्रतिदिन गाड़ियों के उपयोग और डीजल-पेट्रोल की खपत की कड़ी निगरानी करने तथा समय-समय पर इसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं। हालांकि, रजिस्ट्री ने साफ किया है कि ईंधन बचाने की यह मुहिम फिलहाल अस्थायी तौर पर लागू की गई है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस अभियान में न्यायपालिका भी अपना अहम योगदान दे सके।

कावेरी नदी में मातम: सेल्फी के दौरान चार महिलाएं और चालक डूबे

0

मांड्या: कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुत्तथी में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ कावेरी नदी के किनारे सेल्फी लेने के चक्कर में एक ही परिवार की चार महिलाओं और उनके कार ड्राइवर समेत कुल पांच लोगों की नदी में डूबने से मौत हो गई है। पुलिस ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जान गंवाने वालों में विजयम्मा, उनकी बेटी प्रियंका, श्वेता, चैत्रा और कार चालक महेश शामिल हैं। ये सभी लोग बेंगलुरु के पास चन्नापटना तालुका के जगदापुरा गाँव के रहने वाले थे। इस घटना के बाद से पूरे गाँव और पीड़ित परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पूजा के बाद घूमने गए थे पीड़ित, बचाने के चक्कर में डूबे सभी

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह परिवार बुधवार शाम को एक पारंपरिक भोज में शामिल होने और पूजा-अर्चना करने के लिए कब्बालू मंदिर गया था। मंदिर के दर्शन करने के बाद वे सभी पास ही मलावल्ली तालुका में स्थित मुत्तथी पर्यटन स्थल पर घूमने चले गए। नदी के किनारे तस्वीरें (सेल्फी) खींचने के दौरान अचानक विजयम्मा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गईं। उन्हें डूबता देख परिवार की अन्य महिलाओं ने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे सभी बहने लगीं। महिलाओं को तड़पता देख उनके कार चालक महेश ने भी जान की परवाह न करते हुए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन अफसोस वह भी खुद को नहीं बचा सका और सभी की डूबने से मौत हो गई।

तैराकों ने निकाले शव, प्रशासन ने दी चेतावनी

हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और कुशल तैराकों की मदद से बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद बुधवार शाम करीब सात बजे तक सभी पांचों शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। मांड्या की पुलिस अधीक्षक वी जे शोभा रानी ने बताया कि दिखने में भले ही नदी का जलस्तर कम लग रहा था, लेकिन अंदर पानी का बहाव बेहद खतरनाक और तेज था, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए मांड्या के उपायुक्त डॉक्टर कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया। इस हादसे को लेकर हलासुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

माहरंग बलूच को उम्रकैद की सजा, पाकिस्तान की मुश्किलें हुईं दोगुनी

0

क्वेटा/इस्लामाबाद: बलूचिस्तान में मानवाधिकारों और स्थानीय अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) की प्रमुख नेता माहरंग बलूच और उनके साथी कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद पूरे प्रांत में भारी उबाल है। इस फैसले के विरोध में बुधवार को बलूचिस्तान के कोने-कोने में ऐतिहासिक और पूर्ण चक्का जाम व बंद देखा गया। इस दौरान सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजार व व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह ठप रहे। एक तरफ बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आंतरिक असंतोष गहराता जा रहा है, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस न्यायिक फैसले को लेकर पाकिस्तान सरकार और वहां के सैन्य नेतृत्व की कड़ी निंदा शुरू हो गई है।

बंद से पाकिस्तान की आर्थिक रीढ़ पर सीधा असर

क्षेत्रफल के लिहाज से बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक नजरिए से बेहद खास महत्व रखता है। यह क्षेत्र भले ही विकास के मामले में काफी पिछड़ा हो, लेकिन इसे पाकिस्तान की आर्थिक रीढ़ माना जाता है। बलूचिस्तान के सुई इलाके से निकलने वाली प्राकृतिक गैस पूरे पाकिस्तान के घरों और उद्योगों को ऊर्जा देती है, जबकि रेको दिक जैसी जगहों पर सोने और तांबे के विशाल भंडार मौजूद हैं। इस ऐतिहासिक बंद के कारण खदानों में काम रुक गया है और माल की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। जानकारों के मुताबिक, इस बड़े चक्का जाम से आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को हर दिन करोड़ों रुपये का सीधे तौर पर नुकसान झेलना पड़ रहा है, जिससे चीनी निवेश और आंतरिक सुरक्षा पर भी गहरा असर पड़ने की आशंका है।

फ्रंटियर कॉर्प्स अधिकारी की हत्या का मामला और बंद कमरे में सुनवाई

यह पूरा विवाद सोमवार को पाकिस्तान की एक आतंकवाद रोधी अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद शुरू हुआ। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह मामला फ्रंटियर कॉर्प्स के एक सैन्य अधिकारी की कथित हत्या से जुड़ा हुआ था। इस मामले में अदालत ने बीवाईसी की फायरब्रांड नेता माहरंग बलूच, बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (BSO) के अध्यक्ष बलाच कादिर, केंद्रीय नेता अबू बकर कलांची और बीवाईसी के एक अन्य नेता सिबगतुल्लाह शाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। बीवाईसी ने इस फैसले को पूरी तरह 'अन्यायपूर्ण' और 'राजनीतिक बदले की भावना' से प्रेरित बताया है। संगठन का आरोप है कि क्वेटा जेल के अंदर बंद कमरे में हुई यह सुनवाई पूरी तरह अपारदर्शी थी, जिसका मकसद केवल बलूचिस्तान की लोकतांत्रिक आवाजों को दबाना था।

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने जताई गंभीर चिंता

इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान की किरकिरी शुरू हो गई है। एमनेस्टी इंटरनेशनल और इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स फाउंडेशन जैसे वैश्विक मानवाधिकार संगठनों ने इस न्यायिक प्रक्रिया की कड़ी आलोचना करते हुए इसे निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का खुला उल्लंघन बताया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की दक्षिण एशिया की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने अपने बयान में कहा कि यह फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि पाकिस्तान किस तरह अपने आतंकवाद विरोधी कानूनों का दुरुपयोग कर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने वाले राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाजों को कुचलने का प्रयास कर रहा है।

पुलिस पर हमले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, गिरफ्तारी के बाद निकाला गया जुलूस

0

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) पर जानलेवा चाकूबाजी करने वाले तीन शातिर बदमाशों को पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने क्षेत्र में कानून का खौफ पैदा करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए तीनों आरोपियों का बीच सड़क पर पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान बदमाशों से सार्वजनिक रूप से उठक-बैठक लगवाकर माफी मंगवाई गई। जुलूस के दौरान आरोपी सरेराह हाथ जोड़कर चिल्लाते हुए नजर आए कि 'अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।' इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो रहा है।

यह पूरी वारदात कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त आजाद चौक इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, बीते 22 जून की देर रात्रि को पुलिस को एक महिला के साथ सरेराह छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत मिली थी, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। वहां मौजूद उपद्रवी युवकों—गणेश उर्फ गन्नू रजक, अभिलाष सेन और पारस बर्मन ने पुलिस टीम को देखते ही उनके साथ बदतमीजी शुरू कर दी। जब ड्यूटी पर मौजूद आरक्षक रूपेश यादव ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और देखते ही देखते उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया।

वायरल वीडियो के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

आरक्षक पर हमले की इस सनसनीखेज वारदात का वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, पुलिस महकमे में खलबली मच गई। कोतवाली थाना प्रभारी (टीआई) राखी पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और वायरल वीडियो के फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों नामजद आरोपियों को चंद घंटों के भीतर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है।

आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस की प्रारंभिक जांच और क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालने पर यह बात सामने आई है कि पकड़े गए तीनों आरोपी क्षेत्र के आदतन अपराधी हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से ही कोतवाली सहित अन्य थानों में मारपीट, डराने-धमकाने और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी पृष्ठभूमि के कारण पुलिस ने इलाके में आम जनता के भीतर से इनका डर खत्म करने के लिए इनका जुलूस निकालने का कड़ा कदम उठाया।

कोर्ट में पेशी के बाद भेजे गए जेल

सड़कों पर सरेआम माफी मंगवाने और भविष्य में कभी भी अपराध न करने की कसम खिलवाने के बाद पुलिस टीम तीनों आरोपियों को वापस थाने लेकर आई। यहां जरूरी कागजी कार्रवाई और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिसकर्मी पर हुए हमले को देखते हुए तीनों बदमाशों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत जेल दाखिल कर दिया गया।

बारिश में बह गए प्रशासन के दावे, जलभराव और जाम ने खोली तैयारियों की पोल

0

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गुरुवार को भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा। लगातार चौथे दिन मानसून की इस मेहरबानी से शहरवासियों को भीषण गर्मी और उमस से तो बड़ी राहत मिली है, लेकिन शुरुआती तेज बौछारों ने ही नगर निगम और प्रशासनिक दावों की पूरी तरह हवा निकाल दी। शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, जल निकासी के पुख्ता इंतजाम और करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आ गई है। पिछले चार दिनों से शहर के कई मुख्य चौराहों और अंदरूनी रास्तों पर भारी जलजमाव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी व यातायात पुलिस सड़कों से पूरी तरह नदारद दिखाई दे रहे हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वर्ष मध्य प्रदेश के मौसम में एक बेहद दुर्लभ नजारा देखने को मिला है। राज्य में मानसून ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ही दिशाओं की शाखाओं से एक साथ दस्तक दी है, जो करीब दो दशकों के बाद होने वाला एक अनोखा संयोग है। हालांकि, इस बार मानसून अपनी निर्धारित तारीख 18 जून के मुकाबले छह दिन की देरी से आया है। वर्तमान में जबलपुर और मंडला के पास बंगाल की खाड़ी का वेदर सिस्टम सक्रिय है, जबकि मालवा-निमाड़ अंचल में अरब सागर की नमी का असर बना हुआ है, जिसके चलते आगामी सप्ताह भर तक पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा के आसार हैं।

प्रमुख चौराहों का बुरा हाल और घंटों लगा लंबा जाम

शुरुआती बारिश के कारण शहर का पूरा यातायात तंत्र छिन्न-भिन्न हो गया है। रोबोट चौराहा, बंगाली चौराहा, निपानिया, देवास नाका, रेडिसन और विजय नगर सहित लगभग 20 से अधिक व्यस्त इलाकों में जलभराव के चलते घंटों गाड़ियां थमी रहीं। कई प्रमुख रास्तों पर तो दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया है, जिससे सड़कें छोटी नदियों और तालाबों जैसी दिखने लगी हैं। राहगीर और दोपहिया वाहन चालक इस घुटने भर पानी के बीच घंटों फंसे रहने को मजबूर हैं और उन्हें रास्ता पार करने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।

विकास कार्यों और अधूरी खुदाई ने बढ़ाई जनता की मुसीबत

शहर को जलजमाव से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से चलाई जा रही स्टॉर्म वाटर लाइन, सीवरेज नेटवर्क और जीर्णोद्धार की योजनाएं पहली ही बारिश में नाकाम साबित हुई हैं। नगर के जिन हिस्सों में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए सड़कों को खोदा गया था, वहां के हालात सबसे ज्यादा बदतर हो चुके हैं। गड्ढों और मलबे के कारण सड़कों पर कीचड़ का साम्राज्य फैल गया है, जिससे वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है और आम जनता का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

रिंग रोड पर रेंगते वाहन और आगामी 24 घंटे का पूर्वानुमान

रिंग रोड के अंतर्गत बंगाली चौराहे से खजराना और वहां से रोबोट चौराहे की तरफ जाने वाली सर्विस लेन पर वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है। मेट्रो प्रोजेक्ट, नए फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पाइपलाइन के अधूरे कामों ने इस रूट की स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही भारी नमी के कारण अगले 24 घंटों में भी इंदौर और उसके आसपास के जिलों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में गिरावट बनी रहेगी और उमस से राहत मिलेगी।

कमाई नहीं, सिर्फ कर्ज! MP सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन पर रोज़ 23 करोड़ ब्याज

0

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के साथ-साथ राज्य के सरकारी संस्थान भी इन दिनों भारी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन (एससीएससी) की वित्तीय स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। कॉरपोरेशन की अपनी कोई खास कमाई नहीं हो रही है, लेकिन इसके बावजूद उसे हर दिन सिर्फ ब्याज के तौर पर 23 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान करना पड़ रहा है। इस समय कॉरपोरेशन पर कुल 103 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज है।

सीजन की कमाई भी ब्याज में हो रही है खत्म

कॉरपोरेशन को मुख्य रूप से धान और गेहूं की खरीदी के सीजन में कमीशन के जरिए अच्छी आमदनी होती है। हालांकि, यह कमाई इतनी भी नहीं है कि इससे कर्ज का मूलधन (वास्तविक कर्ज) चुकाया जा सके। जब रोज का करोड़ों रुपया सिर्फ ब्याज देने में ही चला जा रहा है, तो ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि कॉरपोरेशन इस भारी कर्ज को कब और कैसे चुका पाएगा।

महज दो साल में ढाई गुना बढ़ा ब्याज का बोझ

आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2024 में कॉरपोरेशन को हर दिन करीब 9 करोड़ रुपये का ब्याज चुकाना पड़ता था। लेकिन पिछले 28 महीनों में यह स्थिति और बिगड़ गई और साल 2026 आते-आते हर दिन दिया जाने वाला यह ब्याज बढ़कर 23.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसे मैनेजमेंट की लापरवाही कहें या मजबूरी, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि आने वाले जुलाई महीने तक यह कर्ज 50 करोड़ रुपये और बढ़ सकता है। इस बीच, सत्ता पक्ष के ही भाजपा विधायक विनोद विश्नोई ने बारदाने (बोरे) की खरीदी में भ्रष्टाचार होने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

अधिकारी का दावा: वित्तीय प्रबंधन में कोई कमी नहीं

दूसरी तरफ, लगातार बढ़ते कर्ज और ब्याज के इस मामले पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) रश्मि अरुण शमी का एक अलग पक्ष सामने आया है। उनका कहना है कि कॉरपोरेशन के वित्तीय प्रबंधन में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है और मैनेजमेंट पूरी तरह सही ढंग से काम कर रहा है। उन्होंने दलील दी कि कॉरपोरेशन अब पहले के मुकाबले बहुत बड़े पैमाने पर फसलों की खरीदी कर रहा है। चूंकि यह पूरी खरीदी कर्ज लेकर की जाती है, इसी वजह से कुल कर्ज और उसका ब्याज बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

रेलवे संपत्ति पर हाथ साफ करने वाले चोर गिरफ्तार, बड़ा खुलासा

0

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दो अलग-अलग बडी कार्रवाइयों में रेल संपत्ति चोरी करने वाले तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथों दबोचा है। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजीव खरब के कुशल नेतृत्व में गठित टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। पहली कार्रवाई में सुरक्षा बल ने ओल्ड सिक लाइन स्टोर के पास जाल बिछाकर दो चोरों को उस समय दबोच लिया, जब वे 37 किलोग्राम रेलवे का लोहा एक ऑटो में लादकर भागने की फिराक में थे। जब्त किए गए लोहे की अनुमानित कीमत 1,480 रुपये आंकी गई है।

एसी का कॉपर पाइप काट रहा था तीसरा आरोपी; कुल ₹2,330 का माल बरामद

इसी क्रम में आरपीएफ की टीम ने दूसरी सफलता टीटीई (TTE) रेस्ट हाउस में हासिल की। यहाँ मुस्तैद जवानों ने रेस्ट हाउस में लगे स्प्लिट एसी का कॉपर पाइप काटते हुए एक अन्य आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा। पकड़े गए इस आरोपी के पास से 900 ग्राम वजनी कॉपर का पाइप बरामद हुआ है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 850 रुपये है। आरपीएफ ने दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 2,330 रुपये मूल्य की रेल संपत्ति सहित चोरी की वारदात में इस्तेमाल किए जा रहे ऑटो रिक्शा को भी अपने कब्जे में ले लिया है।

आरपीएफ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज; पंचनामा तैयार करने के बाद मिली सशर्त रिहाई

रेलवे सुरक्षा बल ने पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत कर लिया है। आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर मौजूद स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब्ती का आधिकारिक पंचनामा तैयार कर चोरी किए गए पूरे माल को आरपीएफ ने अपनी सुरक्षित कस्टडी में रख लिया है। इसके पश्चात, न्यायालय के स्थापित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। अंत में, आरोपियों को बंधपत्र (बॉन्ड) की विधिक शर्तों व नियमों से अच्छी तरह अवगत कराते हुए अग्रिम कार्रवाई तक रिहा कर दिया गया है।

बागी सांसदों पर कार्रवाई की घड़ी करीब, ओम बिरला जल्द सुनाएंगे निर्णय

0

नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला जल्द ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना (यूबीटी) के बागी सांसदों के दल-बदल मामले पर अपना बड़ा फैसला सुना सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र से पहले इस मामले पर कोई महत्वपूर्ण निर्णय आ सकता है, जिसका देश की राजनीति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। स्पीकर ओम बिरला ने इस मुद्दे पर दोनों मूल पार्टियों और बागी गुटों के नेताओं से मुलाकात कर उनका पक्ष सुन लिया है। लिया जाने वाला फैसला कानूनी रूप से पूरी तरह मजबूत हो, इसके लिए संसद के कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञ दल-बदल विरोधी कानून से जुड़े पुराने मामलों और नियमों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।

टीएमसी के 20 सांसदों की बगावत और अयोग्यता की मांग

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने लोकसभा चुनाव में 29 सीटें जीती थीं, जिनमें से एक सांसद के निधन के बाद फिलहाल एक सीट खाली है। पार्टी के 29 में से 20 सांसदों ने बगावत करते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा की एक रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) का दामन थाम लिया है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग बैठने की जगह मांगी है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (NDA) को अपना समर्थन देने की इच्छा जताई है। इस बगावत के बाद टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से मुलाकात कर सभी 20 बागी सांसदों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित करने के लिए अलग-अलग याचिकाएं सौंपी हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को भी ऐसे ही संकट का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के टिकट पर जीते 9 सांसदों में से 6 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इस मामले में उद्धव गुट के नेता अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने स्पीकर ओम बिरला से मिलकर संविधान के नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बागी सांसदों द्वारा दिए गए किसी भी लिखित पत्र की कॉपी मांगी, जिस पर स्पीकर ने साफ किया कि बागी सांसदों की तरफ से अभी तक उन्हें लिखित में ऐसा कुछ भी नहीं मिला है।

क्या कहता है दल-बदल विरोधी कानून?

टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) दोनों ही पार्टियों का तर्क है कि बागी सांसदों को अयोग्य ठहराया जाना चाहिए। दोनों दलों के नेताओं का कहना है कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत दल-बदल कानून से राहत केवल तभी मिल सकती है, जब पूरी मूल राजनीतिक पार्टी के कम से कम दो-तिहाई हिस्से का किसी दूसरी पार्टी में विलय (मर्जर) हो जाए। केवल सांसदों या विधायकों का एक समूह अलग होकर किसी दूसरी पार्टी में शामिल नहीं हो सकता, भले ही उनके पास दो-तिहाई बहुमत क्यों न हो। ऐसे में सांसदों के इस अलग गुट के विलय को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती।

डीएमके भी कांग्रेस से अलग बैठेगी, बदला समीकरण

इस बीच आगामी मॉनसून सत्र को देखते हुए लोकसभा सचिवालय सांसदों के बैठने की नई व्यवस्था तय करने में जुट गया है। टीएमसी और शिवसेना के बागी सांसदों के अलावा, डीएमके (DMK) ने भी संसद में कांग्रेस से अलग बैठने की जगह मांगी है। दरअसल, डीएमके ने कांग्रेस के साथ अपना पुराना गठबंधन तोड़ दिया है और अब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (TVK) से हाथ मिला लिया है। इस नए राजनीतिक समीकरण के कारण संसद के भीतर बैठने की व्यवस्था और विपक्षी एकजुटता में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बाइक सवार बदमाशों का आतंक, महिला से झुमकी लूटकर हुए फरार

0

जबलपुर। संस्कारधानी के अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत महाराजपुर में बेखौफ बदमाशों द्वारा लूटपाट करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक बरसी कार्यक्रम से अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर घर लौट रही महिला को दो अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। बुधवार की शाम कमानिया गेट के समीप चलती बाइक पर आए लुटेरों ने महिला के कान पर झपट्टा मारकर सोने की झुमकी खींच ली और पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए। झटका इतना तेज था कि पीड़िता का दाहिना कान पूरी तरह फट गया और वह लहूलुहान हो गईं।

बाजू में बाइक लगाकर मारी झपटी; करीब 35 हजार रुपये आंकी जा रही कीमत

अधारताल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, संजय नगर निवासी आरती रजक ने थाने पहुंचकर इस वारदात की शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने बताया कि वह अपने पति शैलेंद्र रजक के साथ मोटरसाइकिल पर पीछे बैठकर गौरा हरदुआ में आयोजित एक बरसी कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। वहां से वापस लौटते समय, शाम करीब 7:30 बजे जैसे ही वे महाराजपुर कमानिया गेट के पास पहुंचे, तभी पीछे से एक बाइक पर सवार होकर दो अज्ञात युवक आए। बदमाशों ने उनकी चलती बाइक के बिल्कुल नजदीक अपनी गाड़ी लगाई और जबरन आरती के कान से सोने की झुमकी खींचकर भाग निकले। लूटी गई सोने की झुमकी की कीमत लगभग 35 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस ने दर्ज किया केस; सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी टीमें

पीड़िता के कान से अत्यधिक खून बहने के कारण उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया गया। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद इलाके के लोगों में सुरक्षा को लेकर काफी आक्रोश है। अधारताल थाना पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हुलिए के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, साथ ही वारदात स्थल और उसके आसपास के रूट पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाशों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

एक्सप्रेस-वे पर फिर मौत का तांडव, ट्रक में जा घुसी कार; चार लोगों की मौके पर मौत

0

मंदसौर। दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें हताहत हुए लोगों की पहचान पूरी तरह साफ हो गई है। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के अंतर्गत तितरोद के समीप हुए इस भयानक एक्सीडेंट ने चार हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए उजाड़ दीं। एक्सप्रेस-वे पर दौड़ रही एक अत्यधिक तेज रफ्तार कार अपने आगे चल रहे एक ट्रक में पीछे से बेहद ताकत के साथ जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार चार व्यक्तियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

प्राप्त विवरण के अनुसार, इस वीभत्स हादसे के शिकार हुए सभी लोग महाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और उसके आस-पास के इलाकों के निवासी थे। मृतकों की पहचान सचिन गंगाधर, संदीप बोरसे, राजेंद्र कोवडे और रविंद्र काले के रूप में की गई है। वहीं, इस दुर्घटना में अब्दुल खलील और उमर जागीरदार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में इलाज के लिए मंदसौर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

व्यापारिक काम से दिल्ली जा रहे थे कार सवार

हादसे के संबंध में बताया जा रहा है कि कार में सवार सभी छह लोग औरंगाबाद से दिल्ली की तरफ जा रहे थे। उनका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के बाजारों से मोबाइल इक्विपमेंट और उससे संबंधित अन्य व्यापारिक सामग्रियां खरीदना था। यात्रा के दौरान जैसे ही उनकी कार सीतामऊ इलाके के तितरोद के पास पहुंची, तभी अचानक तेज रफ्तार के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सीधे आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें बैठे लोग मलबे के बीच ही बुरी तरह फंस गए, जिन्हें बाद में काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

परिजनों के आने के बाद होगा शवों का पोस्टमार्टम

स्थानीय पुलिस प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद मृतकों के पास से मिले दस्तावेजों के आधार पर उनकी शिनाख्त की और महाराष्ट्र में रह रहे उनके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है। शोक संतप्त परिजनों के गुरुवार देर रात या शुक्रवार की सुबह तक मंदसौर पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के यहां पहुंचने और उनके द्वारा पहचान की पुष्टि के बाद ही शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल चारों मृतकों के शवों को सुरक्षा के लिहाज से सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शवगृह (मोर्चरी) में रखवाया गया है, वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जिला अस्पताल में दोनों घायलों की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रही है।

तेज रफ्तार के कारण एक्सप्रेस-वे पर बढ़ीं दुर्घटनाएं

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हाल के दिनों में लगातार हो रहे इन बड़े सड़क हादसों ने एक बार फिर वाहनों की बेलगाम रफ्तार और एक्सप्रेस-वे पर सड़क सुरक्षा के इंतजामों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। स्थानीय थाना पुलिस ने इस दुर्घटना के संबंध में वैधानिक मामला दर्ज कर लिया है और तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक, कार की अत्यधिक गति और चालक द्वारा अचानक संतुलन खो देना ही इस भीषण दुर्घटना की मुख्य वजह नजर आ रही है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए है और परिजनों के आगमन की प्रतीक्षा की जा रही है।

Join Whatsapp Group
Join Our Whatsapp Group