पटना: जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने अपनी जीत को बिहार की राजनीति के लिए एक मील का पत्थर करार दिया है। उन्होंने कहा कि बांकीपुर का जनादेश बिहार की जनता द्वारा भाजपा और एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व को राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करने का स्पष्ट संदेश है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आचरण और चेहरे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
'बांकीपुर का फैसला- बिहार को मिले सक्षम और शिक्षित मुख्यमंत्री'
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर की जनता ने भाजपा को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बिहार को एक बेहतर और चरित्रवान मुख्यमंत्री की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते समय किए गए वादों, रोजगार, शिक्षा और पलायन जैसे मूल मुद्दों पर अब काम होना चाहिए। प्रशांत किशोर ने अपराध नियंत्रण के नाम पर 'आधे-अधूरे एनकाउंटर' और जातिगत आधार पर दिए जाने वाले बयानों पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
सम्राट चौधरी पर बोला तीखा हमला
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिस 'जंगलराज' के खिलाफ भाजपा वर्षों तक चुनाव लड़ती रही, उसी राजनीति का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को भगवा चादर ओढ़ाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नवंबर में जनता ने भाजपा को 51 हजार से अधिक मतों से जिताया था, तो अब ऐसा क्या बदल गया? बदलाव सिर्फ नेतृत्व का है, जिसे बिहार के लोग स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह से नेतृत्व बदलने की अपील
राज्य में सरकार गिरने की अटकलों को खारिज करते हुए प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि एनडीए के पास 202 विधायकों का पूर्ण बहुमत है और सरकार पूरे चार साल चलेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे बिहार के हालात पर ध्यान दें और राज्य को एक सक्षम, शिक्षित और स्वच्छ छवि वाला मुख्यमंत्री दें, ताकि प्रदेश में विकास, रोजगार और शिक्षा के एजेंडे पर काम हो सके।








