नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के अगले ही दिन ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कम से कम तीन ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। इसके साथ ही कुवैत और ईरान की सीमा से लगे इराक के बसरा प्रांत में भी कई बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
ओमान तट के पास व्यापारिक जहाज पर हमला
समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) ने जानकारी दी है कि ओमान के खसाब तट से लगभग 20 समुद्री मील दूर एक कमर्शियल कार्गो शिप पर संदिग्ध मिसाइल या प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। एजेंसी ने क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। हालांकि, इस तनाव के बीच यह खबर भी आई है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षित नौवहन व्यवस्था को लेकर ओमान और ईरान के बीच जल्द ही एक समझौते की घोषणा हो सकती है।
ट्रंप के दावों को ईरान ने खारिज किया
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है और तेहरान को समझौते के लिए यह "आखिरी मौका" दिया गया है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है। ईरान द्वारा वार्ता के दावों को खारिज करने और सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं।









