चाय मीटिंग से पहले विपक्ष ने भरी हुंकार, मोदी सरकार को लेकर किया बड़ा दावा

0
12

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा इंडिया गठबंधन के नेताओं को चाय पर आमंत्रित किए जाने के बाद उनके आवास पर नेताओं का जुटना शुरू हो गया है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रखने का स्पष्ट संकेत दिया है।

भूपेश बघेल का बयान: सरकार ने खोया जनविश्वास

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज देश भर के नागरिक सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मोदी सरकार के पास अब गिने-चुने दिन ही शेष बचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस जन-आंदोलन को बदनाम करने और इसके वास्तविक प्रभाव को जनता की नजरों से छिपाने के लिए हरसंभव हथकंडे अपना रही है, लेकिन अब देश की जनता का इस सरकार से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है।

शशि थरूर की दो टूक: लोकतंत्र और मतदान अधिकार की सुरक्षा सर्वोपरि

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि विपक्ष का एकमात्र और मुख्य उद्देश्य देश के संविधान, गणतंत्र तथा लोकतंत्र की रक्षा करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों के संवैधानिक मतदान अधिकार को किसी भी कीमत पर छीना नहीं जाना चाहिए। यह पूछे जाने पर कि यह विरोध प्रदर्शन कब तक जारी रहेगा, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव कराने वाली निष्पक्ष संस्थाओं पर जनता का भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। देश की चुनावी प्रक्रिया तभी विश्वसनीय मानी जाएगी जब निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर लोगों के मन में पूरा विश्वास होगा।

 

कार्ति चिदंबरम ने उठाए एसआईआर और फॉर्म 6-7 पर सवाल

कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने बैठक की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दल मिलकर इस आंदोलन की आगामी रणनीति तय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग पर लगातार दबाव बनाए रखेगा और आयोग के भीतर की कथित अनियमितताओं से देश की जनता को जागरूक करता रहेगा। उन्होंने एसआईआर लागू करने के तौर-तरीकों और एकतरफा फैसलों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि इसे गलत तरीके से लागू किए जाने के कारण फॉर्म 6 और फॉर्म 7 से जुड़ी गंभीर व जटिल समस्याएं पैदा हो गई हैं।

दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा की जनता का जताया आभार

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पिछले दिनों निकाले गए ऐतिहासिक मार्च का जिक्र करते हुए उसमें शामिल हुए सभी नागरिकों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने विशेष तौर पर हरियाणा प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में इस मार्च में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई और इस आंदोलन को अभूतपूर्व मजबूती दी। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि जब तक देश में एक स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव आयोग और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया की पूर्ण बहाली नहीं हो जाती, तब तक उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

जॉन ब्रिटास की चेतावनी: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक नहीं पीछे हटेंगे

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद जॉन ब्रिटास ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्षी दल अपनी पूर्व-निर्धारित रणनीति के तहत इस आंदोलन को लगातार जारी रखेंगे और किसी भी परिस्थिति में एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अब यह सरकार को तय करना है कि वह कब तक उन्हें बचाने का प्रयास करती है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इसी तरह मुख्य चुनाव आयुक्त का समर्थन करती रही, तो इसका भारी राजनीतिक खामियाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले राजनीतिक खेमे को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से आत्ममंथन करने की पुरजोर अपील की।