रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और धांधली के खिलाफ युवाओं का विरोध प्रदर्शन अब अपने सोलहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच लंबी चली वार्ताओं के बेनतीजा साबित होने के बाद अभ्यर्थियों ने आज राजधानी में विधानसभा का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन की कमान संभाल रहे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और उनके साथियों का अनशन लगातार जारी है, जिनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए चिकित्सकों की एक विशेष टीम लगातार निगरानी रख रही है।
रांची में जुटा युवाओं का बड़ा जनसैलाब
भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों से आक्रोशित हजारों की संख्या में छात्र राज्य के विभिन्न जिलों से चलकर रांची पहुंच चुके हैं। इन प्रदर्शनकारी युवाओं ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम समेत पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के आसपास डेरा डाल रखा है। भीड़ के लगातार बढ़ने के कारण आयोजकों को यहां व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं करनी पड़ी हैं, जिससे शहर के कई हिस्सों में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
पांच घंटे चली मैराथन बैठक और मांगों पर गतिरोध
रविवार को राज्य सरकार के मंत्रियों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में लगभग पांच घंटे तक लंबी बातचीत हुई। इस दौरान सरकार की ओर से दावा किया गया कि छात्रों की लगभग अठारह प्रतिशत से अधिक मांगों को स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें कुछ प्रमुख परीक्षाओं को रद्द करना और परीक्षा प्रणालियों में सुधार के लिए विशेषज्ञ समितियों का गठन करना शामिल था। इसके बावजूद अभ्यर्थी अपनी प्रमुख मांग पर अड़े रहे और वे इस मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सहमति न बन पाने के कारण यह दौर भी असफल रहा।
झारखंड लोक सेवा आयोग में प्रशासनिक फेरबदल
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। हाल ही में जांच के सिलसिले के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग के तीन सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसे राज्यपाल द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। आयोग के शीर्ष पदों के रिक्त होने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं में हलचल तेज हो गई है, और इन हालातों के बीच शासन स्तर पर लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री का बयान और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसी भी समस्या का समाधान आपसी बातचीत से ही संभव है और इसके लिए अनावश्यक तनाव की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने के साथ-साथ यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस स्थिति का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए रांची जिला प्रशासन और पुलिस बल ने विधानसभा क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है।







