नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान लगातार दूसरे दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला, जिसके चलते उच्च सदन (राज्यसभा) की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा। गुरुवार को दोपहर पूर्व करीब 11:30 बजे कार्यवाही बाधित होने के बाद जब 12 बजे दोबारा सदन की बैठक शुरू हुई, तो विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबे के बीच लगभग आधा घंटा प्रश्नकाल चलने के बाद पीठ ने कार्यवाही को दोपहर 2:15 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
राहुल गांधी के कार्यक्रम रद्द होने पर भड़का विपक्ष
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयागराज स्थित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति अचानक रद्द किए जाने पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की बढ़ती पहुंच से सत्ता पक्ष में डर का माहौल है और इसी वजह से अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल की अनुमतियां खारिज की जा रही हैं।
मेटा विवाद पर सरकार और स्थायी समिति का रुख
दूसरी तरफ, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'मेटा' द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को हटाए जाने के मामले में मांगी गई माफी का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारतीय संसद और संविधान की प्रभुसत्ता की जीत बताते हुए कहा कि भारत में कारोबार करने वाली हर टेक कंपनी को देश के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन करना ही होगा।
राम मंदिर में कथित अनियमितता पर संसद में तकरार
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित वित्तीय गड़बड़ियों और विरोध-प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। जहां समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने गृह मंत्री से जवाब की मांग की, वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों पर राम मंदिर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा बारिश के बीच संसद परिसर से रवाना होते दिखे।









