बुमराह ने तीनों प्रारूपों में छोड़ी अमिट छाप, म्हाम्ब्रे ने की जमकर तारीफ

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे ने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि बुमराह खेल के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज हैं। म्हाम्ब्रे का मानना है कि साल 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के जरिए सुर्खियों में आने के बाद से बुमराह ने अपनी गेंदबाजी में जो सुधार और धार दिखाई है, वह वाकई अद्भुत है और इसका पूरा श्रेय खुद बुमराह की कड़ी मेहनत को जाता है। गौरतलब है कि भारतीय टीम को टी20 विश्व कप का चैंपियन बनाने में भी बुमराह का योगदान सबसे अहम रहा था।

मैचों की संख्या से नहीं, बल्कि प्रभाव से होती है महान खिलाड़ियों की पहचान

पारस म्हाम्ब्रे ने बुमराह की कार्यशैली पर बात करते हुए कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर खेल के प्रति उनका समर्पण और इरादा असाधारण है। वे अपने खेल को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं और अपनी कमियों को बखूबी समझते हैं। खुद को लगातार बेहतर बनाने की यही भूख उन्हें विश्व क्रिकेट में शीर्ष पर बनाए रखती है। पूर्व कोच ने जोर देकर कहा कि किसी भी खिलाड़ी की महानता का अंदाजा सिर्फ उसके खेले गए मैचों की संख्या से नहीं, बल्कि मैदान पर उसके द्वारा छोड़े गए प्रभाव से लगाया जाना चाहिए। बुमराह इस पैमाने पर पूरी तरह खरे उतरते हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी रफ्तार, सटीक यॉर्कर और लाइन-लेंथ से तीनों ही फॉर्मेट में दुनिया के बड़े से बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर किया है।

टेस्ट क्रिकेट खेलने का है गहरा जुनून

क्रिकेट इतिहास में ऐसे गिने-चुने गेंदबाज ही हुए हैं जिन्होंने खेल के तीनों प्रारूपों में अपना ऐसा खौफ और दबदबा कायम किया हो। म्हाम्ब्रे के मुताबिक, बुमराह के शानदार रिकॉर्ड्स उनकी लगन, अथक प्रयास और क्रिकेट की गहरी समझ का जीता-जागता सबूत हैं। वे उन चुनिंदा आधुनिक गेंदबाजों में से हैं जिन्हें आज के दौर में भी टेस्ट क्रिकेट खेलना सबसे ज्यादा पसंद है। वे मैदान पर आसानी से घुटने नहीं टेकते और आखिरी गेंद तक लड़ते रहते हैं। साल 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद से बुमराह ने बेहद कम समय में खुद को भारत के सर्वकालिक महान तेज गेंदबाजों की कतार में खड़ा कर लिया है।