न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से यशस्वी बाहर, अश्विन ने दी प्रतिक्रिया

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चेन्नई। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को न्यूजीलैंड दौरे के लिए एकदिवसीय (ODI) टीम में शामिल न किए जाने पर तीखी नाराजगी व्यक्त की है। अश्विन का मानना है कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद लगातार नजरअंदाज किए जाने से इस युवा खिलाड़ी का मनोबल और आत्मविश्वास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम का ऐलान किया था।

चयन प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल

अश्विन ने चयनकर्ताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शुभमन गिल शुरुआती या शुरुआती मुकाबलों में नहीं खेल रहे हैं, तो उनकी जगह यशस्वी जायसवाल को प्लेइंग इलेवन में प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वे शुभमन गिल और केएल राहुल जैसे सीनियर और स्थापित खिलाड़ियों की स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं जो टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं, लेकिन यशस्वी को लगातार बेंच पर बैठाए रखना और खेलने का मौका न देना एक उभरते हुए खिलाड़ी के भविष्य के लिए ठीक नहीं है।

बल्लेबाजी शैली और आत्मविश्वास पर असर

अश्विन ने यशस्वी के हालिया खेल में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बाहर बैठने से खिलाड़ी की स्वाभाविक शैली और मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा, मुझे लग रहा है कि इससे उसका आत्मविश्वास टूट रहा है। यदि आप उसकी बल्लेबाजी तकनीक और रवैये को देखें, तो वह अब वैसी आक्रामक बल्लेबाजी नहीं कर पा रहा है जैसी वह दो-तीन साल पहले किया करता था। लगातार डगआउट में बैठे रहने से युवा खिलाड़ियों का नेचुरल गेम प्रभावित होता है।

शानदार प्रदर्शन का दिया हवाला

यशस्वी के समर्थन में बोलते हुए अश्विन ने उनके हालिया आंकड़ों और पारियों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि इसी साल जून महीने में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई एकदिवसीय सीरीज के अंतिम मुकाबले में यशस्वी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मात्र 86 गेंदों में नाबाद 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी। विराट कोहली के चोटिल होने के कारण उन्हें उस दौरे पर मौका मिला था और उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित करते हुए उस अवसर का पूरा लाभ उठाया था।

अश्विन ने अंत में टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं को सलाह दी कि वे इस होनहार युवा खिलाड़ी की प्रतिभा को समझें और उसे पर्याप्त मौके दें, ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को और अधिक निखार सके।