पुष्कर मेला में 60 किलोमीटर घुड़सवारी और महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड

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जयपुर। इस वर्ष प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेला में नवाचार और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। पहली बार मेला में अरावली की तलहटी में 60 किलोमीटर की एंड्योरेंस राइडिंग (लंबी दूरी की घुड़सवारी) का आयोजन किया जा रहा है, जो पर्यटकों और पशुपालकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।
इस कठिन स्पर्धा में घुड़सवार और उनके घोड़े 20-20 किलोमीटर के तीन लूप्स में कुल 60 किलोमीटर की दूरी तय करने वाले है। हर पड़ाव पर घोड़ों के स्वास्थ्य, हृदय गति, डिहाइड्रेशन और समग्र फिटनेस की गहन जांच की जाएगी। राइडर का स्टेमिना भी परखा जाएगा और चिकित्सकीय रूप से अनुपयुक्त होने पर घोड़े को प्रतियोगिता से बाहर किया जाएगा। पशुपालन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नवीन परिहार ने बताया कि यह राइडिंग घोड़ों की सहनशक्ति और घुड़सवार के तालमेल की असली परीक्षा होगी। मोतीसर रोड पर पुराने हेलीपैड से शुरू होकर यह प्रतियोगिता अरावली के कच्चे रास्तों और पिचोलिया की गोचर भूमि से गुजरेगी, जिसका समापन भी मोतीसर रोड पर ही होगा।
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2026 को महिला किसान वर्ष घोषित करने की थीम पर आधारित महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड मेला का एक और खास आकर्षण होगी। यह पहल बैलगाड़ी चलाने वाली महिला किसानों को प्रोत्साहित करने और उनकी पहचान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। मारवाड़ी घोड़ों की विशेष रेवाल चाल प्रतियोगिता भी पहली बार होगी, जिसमें 1 किलोमीटर की दूरी घोड़े को बिना थकावट तय करनी होगी। साथ ही, ट्रिक राइडिंग में घुड़सवार अपने घोड़ों के साथ विभिन्न करतब दिखाएंगे, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले है। मेले में हर साल की तरह गाय और ऊंटों से संबंधित पारंपरिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। डॉ. परिहार ने बताया कि इस बार भैंस और गौवंश की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिए राजस्थान के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों के पशुपालकों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वे अपने पशु लेकर मेले में आएं।