आरएसी परिसर में हेड कांस्टेबल ने फंदा लगाकर दी जान, पुलिस ने शुरू की जांच

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टोंक। राजस्थान के टोंक जिला मुख्यालय स्थित राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) नौवीं बटालियन परिसर से एक दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां रविवार तड़के तैनात एक हेड कांस्टेबल ने संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही आरएसी परिसर और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक जवान की पहचान झुंझुनूं जिले के खेतड़ी थाना क्षेत्र स्थित दुदवा निवासी 54 वर्षीय हीरालाल के रूप में हुई है, जो टोंक में आरएसी नौवीं बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

बटालियन परिसर के पेड़ से लटका मिला हेड कांस्टेबल का शव

रविवार सुबह करीब 6:30 बजे जब आरएसी के अन्य जवान उठे तो उन्होंने हीरालाल को परिसर में स्थित एक पेड़ पर गले में रस्सी का फंदा लगाकर लटके हुए देखा। साथियों ने तुरंत घटना की जानकारी अपने कमांडेंट को दी, जिन्होंने बिना देरी किए स्थानीय कोतवाली पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंजय मिश्रा और कोतवाली थाना प्रभारी भंवर लाल वैष्णव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव को फंदे से नीचे उतरवाया और सआदत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट और बैरक का माहौल

आरएसी नौवीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट महेश चंद और थाना अधिकारी भंवर लाल वैष्णव ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल की गहन जांच की गई है, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। साथी जवानों के अनुसार हीरालाल बीती रात बैरक में अपने अन्य साथियों के साथ सामान्य रूप से सोए थे और किसी प्रकार का तनाव जाहिर नहीं किया था। सुबह अचानक उठाए गए इस खौफनाक कदम से उनके साथ कार्यरत सभी जवान और अधिकारी स्तब्ध हैं।

परिजनों को दी गई सूचना और पोस्टमार्टम की तैयारी

पुलिस और आरएसी बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना की दुखद खबर झुंझुनूं में रह रहे मृतक के परिजनों को दे दी है। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवार में उनके दो बेटे हैं। परिजनों के टोंक पहुंचने के बाद ही सआदत अस्पताल की मोर्चरी में रखे शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा और इसके पश्चात पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

आत्महत्या के कारणों की गहन जांच में जुटी कोतवाली पुलिस

हेड कांस्टेबल द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव या कोई अन्य विभागीय कारण है, इसका अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। टोंक पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों, विभागीय रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा तथा तदनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।