नालंदा। बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चंडी थाना क्षेत्र में एक 40 वर्षीय विधवा महिला को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस दिल दहला देने वाली घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और तत्परता दिखाते हुए बुधवार तड़के ही वारदात में शामिल तीनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस फिलहाल पीड़िता की सुरक्षा और मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में बुलाया
शुरुआती जांच और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नगरनौसा थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की जान-पहचान लक्ष्मी बिगहा के रहने वाले विकास कुमार नाम के व्यक्ति से थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। मंगलवार की शाम विकास ने झांसा देकर महिला को मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे अपने वाहन में बैठाकर लक्ष्मी बिगहा-रामपुर के पास एक बेहद सुनसान और वीरान खंधा इलाके में ले गया, जहां उसने वारदात की साजिश रची थी।
विरोध करने पर मक्के के खेत में सामूहिक ज्यादती
सुनसान जगह पर पहुंचने के बाद आरोपी विकास की नीयत खराब हो गई और उसने फोन करके अपने दो अन्य दोस्तों, शैलेश कुमार और नीतीश कुमार को भी मौके पर बुला लिया। जब महिला ने खतरे को भांपते हुए वहां से भागने और उनका विरोध करने की कोशिश की, तो तीनों आरोपियों ने जबरन उसे दबोच लिया। आरोपी उसे खींचते हुए पास के एक मक्के के खेत में ले गए, जहां तीनों ने उसके साथ बारी-बारी से इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और तड़पती हालत में छोड़कर फरार हो गए।
राहगीर की संवेदनशीलता से मिली मदद
इस हैवानियत के बाद जब बदहवास और सहमी हुई हालत में पीड़िता किसी तरह मुख्य सड़क की तरफ आई, तो रामपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक राहगीर की नजर उस पर पड़ी। राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए महिला की मदद की और तुरंत आपातकालीन डायल-112 पुलिस टीम को इस बात की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तुरंत पीड़िता को सुरक्षित चंडी थाने पहुंचाया, जहां उसकी लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर तड़के ही छापेमारी कर तीनों दरिंदों को गिरफ्तार कर लिया।








