पिता की शिकायत के बाद आयुष का वीडियो सामने आया, संपत्ति के आरोपों से किया इनकार

0
5

शामली| शहर के बहुचर्चित आयुष धर्मांतरण प्रकरण में बृहस्पतिवार को आयुष मलिक का सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। सामने आए इस वायरल वीडियो में आयुष यह कहते हुए साफ दिखाई दे रहा है कि वह जहाँ भी है, पूरी तरह खुश है और उसे अपनी पारिवारिक संपत्ति का किसी भी प्रकार का कोई लालच नहीं है।

प्रॉपर्टी को लेकर वायरल वीडियो में आयुष के दावे

वीडियो में आयुष ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पारिवारिक संपत्ति उसके पिता की थी, आज भी उन्हीं की है और आगे भी उन्हीं की ही रहेगी। उसने यह भी कहा कि यदि उसे भविष्य में किसी भी प्रकार की कोई समस्या या दिक्कत होगी, तो वह स्वयं इसकी सूचना पुलिस को दे देगा। वायरल वीडियो में आयुष का यह भी दावा है कि उसने घटना से लगभग पाँच दिन पहले ही अपनी माता को यह बता दिया था कि उसके अपहरण जैसी कोई झूठी बात नहीं है। इसके साथ ही, वीडियो में उसने अपने पिता पर भी कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि वह अभी खुद को संभालने के लिए थोड़ा समय ले रहा है।

पिता द्वारा पुलिस में दी गई थी शिकायत

इस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में आयुष के पिता देवराज मलिक ने कुछ दिन पूर्व स्थानीय पुलिस को एक औपचारिक शिकायती पत्र सौंपा था। अपनी इस शिकायत में उन्होंने कुछ अज्ञात लोगों पर उनके पुत्र आयुष को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का गंभीर आरोप लगाया था। पिता का कहना था कि इस घटना के बाद से आयुष का उनके संपर्क से बाहर हो गया था और उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जाँच कर रही है।

संपत्ति हड़पने के आरोप और कानूनी कार्रवाई

शहर के जाने-माने दवा कारोबारी देवराज मलिक ने गत 6 जून को शहर कोतवाली में एक आपराधिक मामला दर्ज कराया था। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेशकीमती संपत्ति को हड़पने के शातिर षड्यंत्र के तहत शहर निवासी चांदनी कुरैशी ने उनके पुत्र आयुष मलिक को अपने प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद युवती ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कथित तौर पर उसका जबरन धर्मांतरण कराया।

इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन स्थानीय मौलवियों सहित कुल आठ नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चांदनी कुरैशी, उसके पिता समेत तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया था, जो बाद में स्थानीय न्यायालय से जमानत पाकर रिहा हो गए थे।

पुलिस अधीक्षक का बयान और वायरल वीडियो की जाँच

इस मामले में नवनिर्वाचित या वर्तमान पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस नए वीडियो के संबंध में अभी आधिकारिक रूप से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वायरल वीडियो की सत्यता की पूरी तकनीकी और वैधानिक जाँच कराई जाएगी, और जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही इस प्रकरण में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

माननीय उच्च न्यायालय का पूर्व आदेश और आयुष के बयान

उल्लेखनीय है कि पूर्व में आयुष को बंधक बनाए जाने और गैर-कानूनी तरीके से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए माननीय उच्च न्यायालय (High Court) में एक याचिका दायर की गई थी। अदालत के निर्देश पर सुनवाई के दौरान आयुष और उसके पिता देवराज मलिक दोनों को न्यायालय में तलब किया गया था। न्यायालय के समक्ष आयुष ने अपने स्वतंत्र बयान में कहा था कि उसने अपनी मर्जी और स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया है तथा अपनी इच्छा से चांदनी कुरैशी के साथ विवाह किया है। इन बयानों के आधार पर उच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी थी कि चूँकि आयुष एक बालिग (वयस्क) नागरिक है, इसलिए उसे देश के संविधान के तहत अपनी पसंद का धर्म अपनाने और अपनी मर्जी से विवाह करने की पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त है।