नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, उदयपुर में 3 लक्जरी बसें जब्त, लाखों का जुर्माना

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उदयपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर में अवैध और अनधिकृत रूप से मॉडिफाई की गई लक्जरी व स्लीपर बसों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया है। बुधवार को रेती स्टैंड और प्रतापनगर चौराहे पर अचानक की गई इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली 3 बसों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि 6 अन्य बसों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए करीब 1.10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह सख्त कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाने के लिए उठाया गया है।

सुरक्षित सफर और नियमों की पालना के लिए कड़े निर्देश

यह औचक निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के सदस्य सचिव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। साथ ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश गुप्ता के विशेष दिशा-निर्देशों पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित परिवहन का अधिकार दिलाना और मोटर वाहन अधिनियम के सख्त प्रावधानों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों से किसी की जान को खतरा न हो।

औचक निरीक्षण में खुली पोल और भारी जुर्माना

परिवहन और प्रशासनिक टीम ने जब रेती स्टैंड और प्रतापनगर थाना क्षेत्र में अचानक घेराबंदी कर 15 बसों की सघन जांच की, तो बड़े पैमाने पर कमियां सामने आईं। कई बसों में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और AIS-119 के नियमों का उल्लंघन करते हुए अनधिकृत रूप से बनावट में बदलाव (स्ट्रक्चरल मॉडिफिकेशन) किए गए थे। इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने तुरंत एक्शन लिया और मौके पर ही 6 बसों का चालान काटकर 1.10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया, जबकि सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुईं 3 बसों को तुरंत जब्त कर लिया गया।

मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला

सड़कों पर कानून का राज कायम करने के लिए इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान कई आला अधिकारी खुद मैदान में उतरे। अभियान का नेतृत्व अपर जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र दंतसुलिया, अजय पुरोहित और सुनील चौधरी सहित परिवहन व प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम ने किया। अधिकारियों की मौजूदगी के कारण बस संचालक किसी भी प्रकार का दबाव बनाने में नाकाम रहे और पूरी पारदर्शिता के साथ कानूनी कार्रवाई को पूरा किया गया।

सड़क सुरक्षा से समझौता नहीं और आगे भी जारी रहेगा एक्शन

प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि लक्जरी और स्लीपर बसों में किया जाने वाला अवैध मॉडिफिकेशन सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा टाइम बम है। इस तरह के बदलावों के कारण अक्सर भयानक हादसे होते हैं और निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों को ताक पर रखने वाले बस संचालकों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही प्राधिकरण ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और सुरक्षित सफर के लिए प्रशासन के इस अभियान में अपना सहयोग दें।