गोपालगंज। जिले के भोरे थाना इलाके के छठियाव गांव से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ रात में सो रही एक 17 साल की लड़की की सांप के काटने से जान चली गई। तबियत बिगड़ने पर घरवाले उसे आनन-फानन में कई अस्पतालों में लेकर भटके, लेकिन आखिरकार पटना के पीएमसीएच पहुँचने से ठीक पहले रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृत किशोरी की पहचान रामपुकार राम की बेटी गायत्री कुमारी के रूप में हुई है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
चारपाई पर सोते समय सांप ने काटा
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, गायत्री रोजाना की तरह रात को अपने घर में चौकी पर सोई हुई थी। इसी बीच एक विषैले सांप ने उसकी गर्दन पर डस लिया। जहर फैलने की वजह से कुछ ही देर में लड़की की हालत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गई। जैसे ही घरवालों को इस बात का पता चला, घर में चीख-पुकार मच गई और वे तुरंत उसे लेकर अस्पताल की तरफ भागे।
एक से दूसरे अस्पताल रेफर करते रहे डॉक्टर्स
बेहद नाजुक हालत में परिजन सबसे पहले गायत्री को स्थानीय भोरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर गए। वहाँ के डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज तो किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उसे सदर अस्पताल भेज दिया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी काफी कोशिश की, पर स्थिति में सुधार न होता देख उसे बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया गया।
पटना पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
परिजन एम्बुलेंस से गायत्री को लेकर पटना के लिए निकले ही थे कि रास्ते में उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल की दहलीज तक पहुँचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पीएमसीएच के डॉक्टरों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत की खबर सुनते ही माता-पिता और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
गाँव वालों ने की पुख्ता इलाज और एंटी-वेनम की मांग
इस दर्दनाक हादसे से गुस्साए और दुखी ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण इलाकों में सांप के काटने के इलाज (एंटी-स्नेक वेनम) और इमरजेंसी मेडिकल सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर स्थानीय अस्पतालों में ही समय पर सही इलाज मिल जाए, तो ऐसी असमय मौतों को रोका जा सकता है।









