सरकारी कर्मचारियों को मिला बड़ा विकल्प, 31 जुलाई तक कर सकेंगे वेतनमान का चयन

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के हजारों शासकीय सेवकों (कर्मचारियों) के हित में एक बेहद ही महत्वपूर्ण और बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सरकार ने पात्र सरकारी कर्मचारियों को समयमान वेतनमान (Time Scale Pay Scale) और पदोन्नति वेतनमान (Promotion Pay Scale) में से किसी एक लाभकारी योजना का चयन करने के लिए अतिरिक्त समय देने की घोषणा की है।

इस संबंध में राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा एक आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी किए गए नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब सभी पात्र अधिकारी और कर्मचारी आगामी 31 जुलाई 2026 तक अपनी पसंद का विकल्प चुनकर विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। शासन ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि विकल्प जमा करने की यह समय सीमा केवल एक बार के लिए ही बढ़ाई जा रही है, इसके बाद कोई अन्य मौका नहीं दिया जाएगा।

विभिन्न कर्मचारी और अधिकारी संगठनों की पुरजोर मांग पर राज्य सरकार ने झुकाया सिर

रायपुर: प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह फैसला पूरी तरह से कर्मचारी संगठनों के दबाव और उनकी जायज मांगों का परिणाम है:

  • लगातार हो रही थी मांग: पूर्व में निर्धारित की गई समय सीमा बेहद कम होने के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न कर्मचारी संघों और राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशनों ने सरकार के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था। संगठनों का कहना था कि कम समय होने के कारण बहुत से दूर-दराज के क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी इस जटिल प्रक्रिया को ठीक से समझ नहीं पाए हैं और अपना विकल्प फॉर्म जमा नहीं कर सके हैं।

  • एक महीने की बंदिश से मिली राहत: इन सभी व्यावहारिक कठिनाइयों और कर्मचारी संघों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बाद मुख्यमंत्री और सामान्य प्रशासन विभाग ने अंतिम तिथि को आगे बढ़ाने पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी। इससे पहले के नियमों के तहत कर्मचारियों को आदेश जारी होने के महज एक महीने के भीतर ही अपना अंतिम विकल्प चुनकर जमा करना अनिवार्य किया गया था।

इन चार प्रमुख संवर्गों के शासकीय कर्मचारियों को मिलेगा इस सरकारी फैसले का सीधा लाभ

रायपुर: सरकार के इस नए आदेश से छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के कर्मचारी प्रभावित नहीं होंगे। यह विशेष रियायत केवल उन्हीं शासकीय सेवकों को मिलेगी जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से पहले पूरी हो चुकी थी। इस दायरे में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों के कर्मचारी शामिल हैं:

  • सहायक शिक्षक (शिक्षक संवर्ग): शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत सहायक शिक्षक, जो लंबे समय से अपनी वेतन विसंगतियों और पदोन्नति को लेकर मांग कर रहे थे।

  • सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी: पशुपालन विभाग के तकनीकी संवर्ग के कर्मचारी।

  • विभिन्न निर्माण विभागों के उप अभियंता (सब-इंजीनियर): पीडब्ल्यूडी (PWD), पीएचई (PHE) और जल संसाधन विभाग जैसे प्रमुख निर्माण विभागों में पदस्थ उप अभियंता।

  • वन विभाग के वनक्षेत्रपाल (रेंजर): वन विभाग के अंतर्गत मैदानी स्तर पर काम करने वाले वनक्षेत्रपाल।

इन सभी श्रेणी के कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों और भविष्य के वित्तीय लाभों का आकलन करते हुए समयमान वेतनमान या पदोन्नति वेतनमान में से किसी एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन खुद करना होगा।

9 जून के पुराने परिपत्र में किया गया था यह ऐतिहासिक बदलाव; समाहित हुई थीं वेतन प्रणालियां

रायपुर: इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि को देखें तो सामान्य प्रशासन विभाग ने बीते 9 जून 2026 को एक बेहद ही महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया था। उस ऐतिहासिक आदेश के तहत कई सरकारी विभागों में सालों से चली आ रही पुरानी और जटिल पदोन्नति वेतनमान व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया था।

उस पुरानी व्यवस्था को वित्त विभाग की वर्तमान में प्रचलित और अधिक व्यावहारिक 'समयमान वेतनमान प्रणाली' में समाहित (मर्ज) करने का बड़ा फैसला लिया गया था। चूंकि इस बदलाव से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर सीधा असर पड़ने वाला था, इसलिए सरकार ने पात्र कर्मचारियों को इन दोनों ही प्रणालियों में से किसी एक को स्वेच्छा से चुनने की आजादी दी थी, जिसकी समय सीमा अब बढ़ाई गई है।

कर्मचारी ध्यान दें: 31 जुलाई 2026 के बाद दोबारा नहीं खुलेगा विंडो, अन्य विभागों पर लागू नहीं होंगे नियम

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने ताजा आदेश में कड़े शब्दों में यह चेतावनी भी जारी की है कि कर्मचारी इस तारीख को अंतिम और पत्थर की लकीर मानें:

  • आगे नहीं बढ़ेगी तारीख: इस विशेष आदेश के तहत बढ़ाई गई समय सीमा 31 जुलाई 2026 तक ही वैध रहेगी। इस तिथि के बीत जाने के बाद विभाग किसी भी परिस्थिति में तारीख आगे नहीं बढ़ाएगा और न ही कर्मचारियों को अपना विकल्प बदलने या संशोधित करने का कोई दूसरा अवसर दिया जाएगा।

  • पुरानी शर्तें रहेंगी यथावत: 9 जून 2026 को जारी मूल परिपत्र में निर्धारित की गई अन्य सभी तकनीकी शर्तें, नियम और अर्हताएं पूरी तरह से पूर्ववत (जैसी की तैसी) ही लागू रहेंगी।

  • केवल चुनिंदा संवर्गों के लिए: विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह आदेश केवल ऊपर बताए गए निर्धारित संवर्गों के पात्र शासकीय सेवकों पर ही लागू होगा। राज्य सरकार के अन्य विभागों या अन्य संवर्गों के शासकीय कर्मचारी इस विशेष छूट और आदेश के दायरे में शामिल नहीं माने जाएंगे।