जयपुर। राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल की गंभीर लापरवाही के चलते छठी कक्षा के छात्र की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि आपात स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता न मिलने और परिजनों के इंतजार में वक्त गंवाने के कारण बच्चे ने अपनी जान गंवा दी।
लंच के दौरान बिगड़ी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंच टाइम के दौरान पेटीज खाते समय उसका एक हिस्सा छात्र प्रिंस (11) की श्वास नली में अटक गया। सांस रुकने के कारण छात्र वहीं अचेत होकर गिर पड़ा। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन स्कूल प्रशासन ने त्वरित फैसला लेने में भारी ढिलाई दिखाई।
अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों का इंतजार
छात्र के परिजनों का गंभीर आरोप है कि प्रिंस के बेहोश होने के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाने के बजाय स्कूल प्रशासन करीब आधे घंटे तक परिजनों के पहुंचने का इंतजार करता रहा। जब परिजन बदहवास स्थिति में स्कूल पहुंचे और छात्र को अस्पताल ले गए, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
परिजन और ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। परिजनों और स्थानीय निवासियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और लापरवाही बरतने वाले स्टाफ पर मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रशासन के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।









