लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अपनी ताकत को संगठित करने और संगठन का विस्तार करने में पूरी गंभीरता से जुट गई है। इसी कड़ी में पार्टी ने पुराने और दिग्गज चेहरों को दोबारा अपने पाले में लाना शुरू कर दिया है। पूर्व राज्य मंत्री अशोक गौतम की बसपा में घर वापसी हुई है, जिन्हें जिम्मेदारी सौंपते हुए लखनऊ का मुख्य मंडल प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही बुलंदशहर के मुकेश पंडित समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेताओं ने भी बसपा का दामन थाम लिया है। पार्टी ने नोएडा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सतवीर नागर की भी वापसी कराई है और उन्हें मेरठ मंडल के जोनल प्रभारी पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
अन्य दलों के नेताओं का जुड़ाव और चुनावी समीकरण
आजाद समाज पार्टी के आगरा से ताल्लुक रखने वाले नेता महेश चंद्रा ने भी रविवार को औपचारिक रूप से बसपा की सदस्यता ले ली। दूसरी तरफ, मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना में आयोजित एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान पार्टी आलाकमान ने जेके आजाद को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र और मंडल में पुराने चुनावों के दौरान बसपा का मजबूत आधार रहा है। इसी मजबूत पकड़ को बनाए रखने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को सहेजने के लिए बसपा लगातार इन कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सम्मेलनों के जरिए उम्मीदवारी तय करने की अनूठी रणनीति
बसपा द्वारा चुनावी रैलियों और कार्यकर्ता सम्मेलनों के मंच से सीधे प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करने का यह तरीका प्रतिद्वंदी राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। इन आयोजनों में जुटने वाली भारी भीड़ के सामने जब सीधे उम्मीदवार के नाम का ऐलान होता है, तो इससे न केवल स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है बल्कि जनता में भी पार्टी के प्रति भरोसा मजबूत होता है।
आगामी दौरों और प्रत्याशियों के ऐलान की तैयारी
संगठन को धार देने का यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है। बसपा आने वाले दिनों में सहारनपुर और सुल्तानपुर में भी इसी तरह के बड़े कार्यकर्ता सम्मेलनों का आयोजन करने जा रही है। इन आगामी सम्मेलनों को लेकर पार्टी के भीतर तैयारियां तेज हैं, जहां कई और विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा किए जाने की पूरी संभावना है।









