तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद देश में शोक की लहर है। रविवार को आयोजित किए गए उनके अंतिम संस्कार समारोह में खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा तो नजर आए, लेकिन उनके सबसे चर्चित बेटे और संभावित उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई इस पूरे आयोजन से पूरी तरह दूर रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल से जान का गंभीर खतरा होने की वजह से मुजतबा ने सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक रूप से इस अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लिया। इस दौरान पूरी तेहरान नगरी में गम और गुस्से का माहौल देखा गया।
तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, 'किल ट्रम्प' और 'किल बीबी' के लगे नारे
ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान मस्जिद और सड़कों पर इकट्ठा हुए लाखों लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान भीड़ 'किल ट्रम्प' और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ 'किल बीबी' के नारे लगाते हुए पूर्व सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेने की मांग कर रही थी। आज सोमवार को तेहरान की मुख्य सड़कों से खामेनेई की बेहद भव्य अंतिम यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें शहर के प्रमुख मार्गों पर देश के शीर्ष धार्मिक नेता, सरकारी पदाधिकारी और सेना के आला अफसरान मौजूद हैं। इमाम खुमैनी मोसाल्ला ग्रैंड मस्जिद और इस्लामिक रिवोल्यूशन स्क्वायर के आसपास सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ट्रम्प की तीखी टिप्पणी पर ईरान का पलटवार, कहा- अमेरिका के पास सभ्यता नहीं
अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर वैश्विक स्तर पर भी जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि खामेनेई के अंतिम संस्कार के वक्त ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व एक ही जगह मौजूद था और अमेरिका चाहता तो महज एक हमले में पूरी ईरानी लीडरशिप को खत्म कर सकता था, लेकिन बातचीत की गुंजाइश रखने के लिए ऐसा नहीं किया गया। ट्रम्प के इस दावे पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने बेहद कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि इंसानों को मारा जा सकता है लेकिन उनके विचारों को नहीं, और अमेरिका के पास न तो कोई सभ्यता है, न इतिहास और न ही कोई सम्मान।
भीषण गर्मी में फायर ब्रिगेड ने छिड़का पानी, सेना ने दी खुली चुनौती
तेहरान में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होने के बावजूद अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए लाखों की भीड़ डटी रही। लोगों को हीटस्ट्रोक से बचाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की बौछारें की गईं, साथ ही जगह-जगह ठंडे पेय पदार्थ और तरबूज बांटे गए। इस बीच ईरानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमिनिया ने अमेरिका और इजराइल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि सीजफायर के इस दौर का इस्तेमाल ईरानी सेना अपनी ताकत को कई गुना बढ़ाने के लिए कर रही है और किसी भी दुस्साहस का बेहद करारा जवाब दिया जाएगा।
रूस का बड़ा बयान, होर्मुज जलडमरूमध्य को बताया ईरान का 'परमाणु हथियार'
इस पूरे घटनाक्रम और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है। मेदवेदेव ने कहा कि 'होर्मुज स्ट्रेट' (जलडमरूमध्य) असल में ईरान का सबसे बड़ा 'परमाणु हथियार' है। उनका मानना है कि दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग पर पूरी तरह नियंत्रण रखकर ईरान जब चाहे तब वैश्विक तेल व्यापार और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को अपने दबाव में ले सकता है।









