लखनऊ | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के ऐलान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही दिशा में है, लेकिन इसका समय चुनावी लाभ से प्रेरित ज्यादा प्रतीत होता है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षक भर्ती के लिए धरना दे रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और प्रदेश में बंद किए गए हजारों स्कूलों को दोबारा शुरू करने की जोरदार अपील की है।
मायावती द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु
सरकारी नौकरियों और बैकलॉग पर जोर: सरकार द्वारा आगामी छह महीनों यानी विधानसभा आम चुनाव तक एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर मायावती ने कहा कि यह कदम भले ही देरी से उठाया गया हो, लेकिन यदि नियुक्तियां पूरी तरह से पेपर लीक और भ्रष्टाचार मुक्त होकर समय पर पूरी होती हैं, तो यह जनता के लिए राहत भरा होगा। साथ ही, उन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षित पदों के बैकलॉग को भरने की मांग भी उठाई है।
69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की सुध ले सरकार: 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के विवाद को लेकर पिछले काफी समय से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे 6,800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इन युवाओं की सुध लेनी चाहिए और इन्हें न्याय दिलाना चाहिए।
बंद पड़े 30 हजार स्कूलों को दोबारा सक्रिय करने की मांग: स्कूली शिक्षा की बदहाली पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो लगभग 30 हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं, सरकार को उन्हें बिना किसी देरी के दोबारा पूरी क्षमता के साथ सक्रिय करना चाहिए ताकि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि: बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा जरूरी यह है कि महिलाओं को हर क्षेत्र में हो रहे शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न से बचाया जाए तथा उनकी वास्तविक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं।
यूपी में गर्माता जा रहा सियासी माहौल
जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की ओर से महिला मतदाताओं को रिझाने के लिए लगातार नई-नई योजनाओं और घोषणाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगामी छह माह में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे पर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।









