निवेश का झांसा देकर हड़पे 20 लाख, रिश्तेदारों ने दिया धोखा

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जबलपुर। शहर के मदनमहल थाना इलाके में रिश्तों को तार-तार करने वाला धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ रहने वाले एक व्यक्ति को उसके ही तीन रिश्तेदारों ने झांसा देकर कार रेंटल (गाड़ी किराए पर देने) के व्यवसाय में निवेश कराया और करीब 20 लाख रुपये ऐंठ लिए। मुनाफा तो दूर, मूल रकम डूबने और रिश्तेदारों के फोन बंद कर गायब होने के बाद पीड़ित ने अब पुलिस की शरण ली है।

पारिवारिक रिश्तों का फायदा उठाकर ऐंठे लाखो रुपये

मदनमहल पुलिस के अनुसार, राइट टाउन के रहने वाले अनूप गिर्दोनिया ने मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने बताया कि गोटेगांव निवासी उनके तीन करीबी रिश्तेदार—अमिष तिवारी, आयुष तिवारी और तन्यय तिवारी उनके पास आए थे। तीनों ने मिलकर अनूप को कार रेंटल बिजनेस में पैसा लगाने का लालच दिया। करीबी पारिवारिक संबंध होने के कारण अनूप उनकी बातों में आ गए और उन्होंने जनवरी 2025 से मई 2025 के बीच अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन और कैश के जरिए कुल 20 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

दबाव बनाने पर दिया बाउंस चेक, फिर मोबाइल बंद कर हुए फरार

पैसे लेने के बाद आरोपियों ने अनूप को न तो कोई मुनाफा दिया और न ही रकम लौटाई। लगातार दबाव बनाने पर आरोपियों ने जैसे-तैसे 6 लाख रुपये वापस किए और बाकी रकम के बदले 5 लाख रुपये का एक चेक थमा दिया, जो क्लियर नहीं हुआ। बकाया राशि देने का झांसा देते-देते अचानक 1 फरवरी 2026 से तीनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और भूमिगत हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों के परिवार ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है, जिसे पीड़ित पुलिस को गुमराह करने की एक सोची-समझी साजिश बता रहा है।

गाड़ियाँ गिरवी रखकर दूसरों को भी ठगने का आरोप

पीड़ित अनूप ने पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में आरोपियों के काले कारनामों का भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ये तीनों आरोपी पहले गाड़ी मालिकों को भारी-भरकम किराए का लालच देकर उनकी महंगी कारें अपने पास रखवाते थे। इसके बाद उन गाड़ियों को अवैध तरीके से दूसरे लोगों के पास गिरवी रखकर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।

आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, भोपाल में भी मामला दर्ज

जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी करने वाले ये तीनों आरोपी शातिर और पेशेवर किस्म के हैं। इनमें से एक आरोपी आयुष तिवारी के खिलाफ भोपाल के कमला नेहरू नगर थाने में भी इसी तरह की धोखाधड़ी का एक पुराना मामला दर्ज है। पीड़ित का कहना है कि ये लोग पहले भी कई अन्य मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुके हैं। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।