भोपाल: राजधानी में कमर्शियल लाइसेंस फीस को लेकर कारोबारियों का असंतोष सड़कों पर आ गया है। बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में शहर भर के व्यापारी संगठनों ने आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय के समक्ष जोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस दौरान कारोबारियों ने निगम प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और इस अतिरिक्त शुल्क को अविलंब निरस्त करने की मांग उठाई।
शुल्क को लेकर नाराजगी का कारण
धरने पर बैठे व्यापारी प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि वे कई वर्षों से इस टैक्स का भुगतान करते आ रहे हैं, जबकि राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में ऐसा कोई कमर्शियल लाइसेंस शुल्क लागू नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की नीति पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि जब मध्य प्रदेश के शेष जिलों में व्यवसायियों को इस व्यवस्था से मुक्त रखा गया है, तो केवल भोपाल के व्यापारियों पर ही यह अतिरिक्त वित्तीय दबाव क्यों बनाया जा रहा है।
राजधानी के व्यापारियों ने उठाई राहत की मांग
व्यापारिक संगठनों का कहना है कि भोपाल राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसके बावजूद स्थानीय व्यापारियों के साथ यह असमानता बर्दाश्त से बाहर है। कारोबारियों ने स्पष्ट किया कि यदि पूरे प्रदेश में बिना इस शुल्क के व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकती हैं, तो भोपाल में इसकी वसूली का कोई ठोस औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने निगम प्रशासन से नीति पर तुरंत पुनर्विचार कर राहत प्रदान करने का आग्रह किया है।
मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शुल्क वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा व्यापारी संगठनों के साथ संवाद कायम कर सर्वमान्य समाधान ढूंढने का अनुरोध किया गया है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने उनकी मांगों को अनदेखा किया, तो वे अपने विरोध को और अधिक तीव्र करने के लिए बाध्य होंगे।









