जबलपुर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने छतरपुर जिले से एक नाबालिग बच्ची के लापता होने के मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई है। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने छतरपुर के बड़ामलहरा क्षेत्र से पिछले 41 दिनों से गायब स्कूली छात्रा के मामले में पुलिस की ढीली कार्रवाई पर जवाब तलब किया है। अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए छतरपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) और बड़ामलहरा के थाना प्रभारी को इस पूरे मामले में तत्काल स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का हुक्म दिया है।
बच्ची के मिलते ही सीधे अदालत में पेश करने का सख्त निर्देश
उच्च न्यायालय ने पुलिस प्रशासन को दो टूक निर्देश दिया है कि जैसे ही लापता नाबालिग बच्ची को बरामद किया जाए, उसे किसी और जगह ले जाने के बजाय सबसे पहले माननीय अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इस संवेदनशील मामले में पीड़ित मां की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों की टीम, जिसमें अधिवक्ता आलोक जैन, नितिन जैन, अभय सोहगौरा, सृजन नारंग, सुजीत चक्रवर्ती और अंकिता अग्रवाल शामिल थे, ने कोर्ट के सामने पुलिस की लापरवाही का पूरा ब्यौरा रखा। उन्होंने दलील दी कि कानून व्यवस्था को लेकर जमीन पर कोई ठोस काम नहीं हो रहा है।
परीक्षा देने गई कक्षा 9वीं की छात्रा 5 जून से लापता
स्कूल से गायब हुई मासूम: अदालत को बताया गया कि पीड़ित नाबालिग बच्ची बीते 5 जून को अपने घर से सीएम राइज स्कूल में कक्षा 9वीं की सप्लीमेंट्री (पूरक) परीक्षा देने के लिए निकली थी।
घर नहीं लौटी बच्ची: परीक्षा खत्म होने के बाद भी जब बच्ची देर शाम तक वापस घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। सुराग न मिलने पर उसी दिन थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी।
मजबूरी में खटखटाया कोर्ट का दरवाजा: पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि छतरपुर पुलिस अधीक्षक को कई बार लिखित आवेदन और गुहार लगाने के बाद भी जब पुलिस ने बच्ची को ढूंढने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, तो थक-हारकर उन्हें न्याय के लिए हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
शासन को नोटिस जारी, अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता राजवर्धन दत्त पधरिया कोर्ट रूम में मौजूद रहे। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस केस से जुड़े सभी निजी प्रतिवादियों (संदिग्धों) को भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब छतरपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और लापता छात्रा की तलाश के लिए टीमें सक्रिय कर दी गई हैं।









