मेडिकल वेस्ट निस्तारण में लापरवाही पर नगर निगम सख्त, अस्पतालों पर होगी कार्रवाई

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भोपाल: राजधानी भोपाल के भीतर संचालित होने वाले तमाम अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश सामने आया है। भोपाल नगर निगम द्वारा शहर में बायो मेडिकल वेस्ट के खुलेआम गलत निस्तारण पर अब एक बहुत बड़ी और सख्त कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। निगम प्रशासन अब उन स्वास्थ्य संस्थानों और चिकित्सा केंद्रों पर सीधे स्पॉट फाइन यानी मौके पर ही भारी जुर्माना लगाने जा रहा है, जो बायो मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने के बजाय खुले में फेंक देते हैं या उसे सामान्य कचरे के साथ मिला देते हैं।

साढ़े चार लाख रुपये तक का लगाया जाएगा भारी जुर्माना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों के तहत अब यदि कोई अस्पताल या क्लीनिक खुले में ऐसा कचरा फेंकता पकड़ा जाता है, तो उस पर चार लाख पांच हजार रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस तरह के गंभीर मामलों में अधिकतम बीस हजार रुपये तक की ही दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान था। नगर निगम का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल कचरे का इस प्रकार खुले में फेंका जाना न केवल खतरनाक संक्रमण फैलाने का मुख्य कारण बनता है, बल्कि यह आम नागरिकों के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी एक अत्यंत गंभीर खतरा पैदा करता है।

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद निगम आयुक्त के सख्त निर्देश

राजधानी के विभिन्न इलाकों और रिहायशी क्षेत्रों से लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही थीं कि वहां खुले स्थानों पर अस्पतालों का मेडिकल कचरा लावारिस हालत में पड़ा मिल रहा है। इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए भोपाल नगर निगम ने अपने सभी सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और चौकसी बढ़ाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर तुरंत शिकंजा कसने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि चिकित्सा कचरे को खुले में फेंकने वाले किसी بھی संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध नियमानुसार अत्यंत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सामान्य शुल्क से डेढ़ सौ गुना तक वसूला जाएगा दंड

नए और संशोधित बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के मुताबिक, चिकित्सा कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के लिए निर्धारित मानक शुल्क दो हजार सात सौ रुपये प्रति टन तय किया गया है। यदि कोई भी अस्पताल, पैथोलॉजी लैब या क्लीनिक इस निर्धारित नियम को ताक पर रखकर मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकता है या उसे नगर निगम के सामान्य कचरे में मिला देता है, तो संबंधित संस्थान पर इस तय सामान्य शुल्क का पूरा 150 गुना तक जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन के इस कड़े कदम से शहर की चिकित्सा संस्थाओं में हड़कंप मच गया है और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।